चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने हाल ही में देश के नेशनल पीपल्स कांग्रेस (NPC) के छह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ कुल 13 सदस्यों को उनके पदों से सीधा बर्खास्त कर दिया है. जिनपिंग की यह कार्रवाई ऐसे समय पर सामने आई है कि जब राष्ट्रपति चीन की सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ लगातार एक्शन मोड में है.

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नेशनल पीपल्स कांग्रेस (NPC) की तरफ से इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है, लेकिन अधिसूचना में पदों पर से बर्खास्त किए गए अधिकारियों के खिलाफ विस्तृत रूप से कारण नहीं बताए गए हैं. हालांकि, ऐसे माना जा रहा है कि यह कार्रवाई राष्ट्रपति शी जिनपिंग की ओर से चीन में लंबे समय से चलाए जा रहे भ्रष्टाचार विरोधी अभियान का एक हिस्सा है.

किन-किन अधिकारियों पर चला जिनपिंग का चाबूक

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NPC की तरफ से जारी अधिसूचना के मुताबिक, राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने जिन छह वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों को उनके पदों से बर्खास्त किया है, उनमें जनरल शू श्वेचियांग, जनरल ली फेंगबियाओ, जनरल गुओ पुशियाओ, वांग कांगपिंग, झांग मिंगहुआ और यिन होंगशिंग का नाम शामिल है. इनमें से कई अधिकारी पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के विभिन्न थिएटर कमांड, साइबर स्पेस फोर्स और इक्विपमेंट डेवलपमेंट डिपार्टमेंट जैसे बेहद महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 

हालांकि, इन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की गतिविधियों को लेकर लंबे वक्त से सवाल उठ रहे थे. इसके अलावा, ये सभी काफी समय से कई अहम सार्वजनिक कार्यक्रमों से गैरमौजूद रहते थे. ऐसे में यह कहा जा रहा है कि इनकी अप्रत्याशित गतिविधियों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रपति शी जिनपिंग की तरफ से इनके खिलाफ बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है.

चीन में टॉप अधिकारियों पर आखिर क्यों हो रही कार्रवाई?

दरअसल, साल 2012 में चीन की सत्ता का भार अपने हाथों में लेने के बाद राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश भर में व्यापक रूप से एक भ्रष्टाचार विरोधी अभियान चलाया और इस अभियान के तहत अब तक हजारों अधिकारियों, जिसमें चीनी सेना के कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं, के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें उनके पदों से सीधे बर्खास्त तक कर दिया है.

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