China Support Pakistan During Operation Sindoor: चीन ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता यानी Techinical Assistance दिया था. यह खुद बीजिंग ने स्वीकार किया है. ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे हो चुके हैं. ऐसे में बीजिंग के साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए सीसीटीवी जारी किए हैं. उन्होंने एविएशन इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना के चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन और रिसर्च इंडस्ट्री के इंजीनियर्स के इंटरव्यू दिखाए हैं. यह संस्थान चीन के मॉर्डन फाइटर जेट और ड्रोन के डिजाइन के डेवलपर हैं. 

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इंजीनियर्स झांग हेंग ने चार दिन तक चले इस ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करने की बात को स्वीकार किया है. झांग ने कहा कि सपोर्ट बेस पर हम लगातार फाइटर जेट्स की गड़गड़ाहट और हवाई हमलों के सायरन की तेज आवाजें सुनते रहते थे. उन्होंने कहा कि सुबह देर तक टेम्प्रेचर 50 डिग्री के करीब पहुंच जाता था. यह शारीरीक और मानसिक रूप से थकाने वाला होता था. 

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ऐसे में यह बयान चीन की तरफ से पहला ऑफिशियल संकेत माना जा रहा है कि उसके कर्मचारी पाकिस्तान की सेना के ऑपरेशन में सीधे तौर पर मदद कर रहे थे.  झांग ने बताया कि टीम का मुख्य उद्देश्य एयरक्राफ्ट और उससे जुड़े सिस्टम को सुचारू रूप से काम कर सकें. पाकिस्तान की वायुसेना चीन में बना J-10CE फाइटर जेट उड़ाती है. यह J-10C का मल्टीरोल फाइटर जेट का वर्जन है. 

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7 मई 2025 को भारतीय सेना की तरफ से चलाए गए पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर का लक्ष्य पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर तबाह करना था. इस दौरान 100 आतंकियों भारतीय सेना ने मार गिराया था. इधर, चीन हमेशा भारतीय सैन्य ऑपरेशन के दौरान पाकिस्तान की सेना की मदद की बात को कम आंकता रहा है. 

भारत के लेफ्टिनेंट जनरल ने चीन के सहयोग को लेकर किया था दावा

बीजिंग ने भारतीय सेना के डिप्टी चीफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल आर सिंह के उन दावों पर आधिकारिक तौर पर कभी कोई जवाब नहीं दिया. इन बयानों में चीन की भूमिका पर सवाल उठाए गए थे. तब लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने कहा था कि ऐसा लगता है कि चीन ने भारतीय सेना की तैनाती पर नजर रखने के लिए अपने सैटेलाइट नेटवर्क का इस्तेमाल किया. कथित तौर पर DGMO-स्तर की बातचीत के दौरान भी पाकिस्तान को रियल-टाइम इनपुट मिलते रहे.

सेना प्रमुख ने अपने बयान में चीन के रवैये की तुलना प्राचीन चीनी सिद्धांत 36 stratagems यानी 36 रणनीतियों से की थी. इसका मतलब उधार की छुरी लेकर हमला करना है. बीजिंग ने भारत पर प्रेशर बनाने के लिए पाकिस्तान को प्रॉक्सी के तौर पर उपयोग किया. 

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