पाकिस्तान में ग्वादर एयरपोर्ट को क्यों कहा जा रहा सफेद हाथी? एक्सपर्ट बोले- नेपाल जैसा हाल हो जाएगा
PAK delayed airport project : एयरपोर्ट का निर्माण कार्य 2019 में शुरू हुआ. हालांकि, 2009 में हीं इसकी मंजूरी दे दी गई थी. इस तरह मंजूरी के बाद पहली उड़ान शुरू होने में 16 साल लग गए.

Pakistan Gwadar Airport China : पाकिस्तान के दोस्त चीन की मदद से देश का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा ग्वादर एयरपोर्ट शुरू हो गया है. पाकिस्तान की सरकारी एयरलाइंस PIA की पहली कॉमर्शियल फ्लाइट ने सोमवार (20 जनवरी) को ग्वादर एयरपोर्ट पर लैंडिंग की. एयरपोर्ट पर पहली फ्लाइट की अगवानी के लिए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ और चीनी अधिकारी मौजूद थे. बता दें कि ग्वादर एयरपोर्ट पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में बनाया गया है, जो दशकों से अलग देश की मांग करने वाले अलगाववादियों का केंद्र रहा है.
14 अगस्त, 2024 को होनी थी एयरपोर्ट की शुरुआत
उल्लेखनीय है कि बलूचिस्तान के ग्वादर में बने इस बहुचर्चित एयरपोर्ट की शुरुआत पहले 14 अगस्त, 2024 को होनी थी, लेकिन प्रोजेक्ट पर काम कर रहे चीनी नागरिकों पर चरमपंथी और अलगाववादी हमलों में बढ़ोत्तरी के कारण प्रोजेक्ट के पूरा में देरी हो गई. 14 अगस्त, 2024 के बाद एयरपोर्ट की शुरुआत को 10 जनवरी, 2025 तक टाला गया. जिसके बाद सोमवार (20 जनवरी) को इस एयरपोर्ट की शुरुआत की गई. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस एयरपोर्ट को चीन का गिफ्ट बताया है, जिससे पूरे देश को फायदा होगा. लेकिन एक्सपर्ट इस प्रोजेक्ट को सफेद हाथी करार दे रहे हैं, जो भविष्य में पाकिस्तान पर बोझ बनने वाला है.
मंजूरी से लेकर उड़ान शुरू होने में लग गए 16 साल
4 लाख यात्रियों की सालाना क्षमता वाले इस ग्वादर एयरपोर्ट का निर्माण कार्य साल 2019 में शुरू हुआ था. हालांकि, इस प्रोजेक्ट के लिए साल 2009 में हीं मंजूरी दे दी गई थी. इस तरह देखा जाए तो प्रोजेक्ट की मंजूरी मिलने के 10 साल बाद इस पर काम शुरू हुआ और यहां पहली उड़ान शुरू होने में 16 साल लग गए.
CPEC के तहत एयरपोर्ट का किया गया निर्माण
65 अरब अमेरिकी डॉलर की चीन पाकिस्तान इकोनॉमिक कोरिडोर (CPEC) प्रोजेक्ट के तहत पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में ग्वादर एयरपोर्ट का निर्माण किया गया है, जो पाकिस्तान का सबसे बड़ा एयरपोर्ट बताया गया है. लेकिन 4300 एकड़ जमीन में फैले इस एयरपोर्ट अभी से ही सवाल उठने लगे है कि आखिर इस अशांत क्षेत्र के एक छोटे से शहर में बने इतने बड़े एयरपोर्ट का इस्तेमाल कौन करेगा?
लोगों को आशंका है कि पाकिस्तान के इस एयरपोर्ट का हाल भी कहीं नेपाल के पोखरा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसा न हो जाए. नेपाल का पोखरा एयरपोर्ट आज घाटे में चल रहा है और इसके कर्ज के व्याज में लगातार वृद्धि हो रही है.
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