India-Canada Relations: कनाडा की खुफिया एजेंसी CSIS (Canadian Security Intelligence Service) ने बुधवार (18 जून 2025) एक रिपोर्ट जारी कि है, जिसमें उन्होंने भारत पर गंभीर आरोप लगाते हुए जहर उगला है. रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत की गतिविधियों में अंतरराष्ट्रीय दमन एक केंद्रीय भूमिका निभाता है. कनाडा में भारतीय एजेंट, उनके प्रॉक्सी और अधिकारी ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं, जो कनाडा की नीतियों को भारत के हितों के साथ मिलाने की कोशिश करते हैं. ये बयान तब सामने आया है, जब महज 1 दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने G7 सम्मेलन में एक दूसरे के साथ संबंध सुधारने की बात की थी.
CSIS ने रिपोर्ट में कई सारी बातों को शामिल किया गया है. रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत कनाडा में दमन का प्रयास कर रहा है. विशेषकर उन लोगों के खिलाफ जो खालिस्तान का समर्थन करते हैं. उन्होंने चीन को सबसे बड़ा खुफिया खतरा बताया, लेकिन साथ में CSIS ने भारत, रूस, ईरान और पाकिस्तान का नाम भी लिया. कनाडाई खुफिया एजेंसी ने आरोप लगाया कि भारतीय एजेंट और प्रॉक्सी, कनाडा की राजनीति और समुदायों को प्रभावित करने की रणनीति अपनाते हैं.
भारत की प्रतिक्रिया और रुखहालांकि इस रिपोर्ट के बाद नई दिल्ली की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन भारत का स्थायी रुख रहा है कि कनाडा में खालिस्तान समर्थक संगठन और रैलियां भारत की संप्रभुता के विरुद्ध हैं. कनाडा सिख अलगाववादियों को खुली छूट देता है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में बार-बार तनाव आता है.
खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्याभारत और कनाडा के बीच तनावपूर्ण संबंध खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के बाद से बन गए. 18 जून 2023 को हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में हत्या हुई थी. मामले पर कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या के लिए भारत सरकार को जिम्मेदार ठहराया था. भारत ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया और कनाडा पर खालिस्तानी गतिविधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया. इस घटना के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के शीर्ष राजनयिकों को निष्कासित कर दिया और संबंध बुरी तरह से प्रभावित हुए.