सीजफायर हो गया... अब होर्मुज खोलने के लिए 30 से ज्यादा देश होंगे इकट्ठे, लंदन में मीटिंग, भारत होगा शामिल?
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है. इसी के चलते आज लंदन में 30 से अधिक देशों के मिलिट्री प्लानर्स की अहम बैठक होने जा रही है.

दुनिया के लिए सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनातनी जारी है. अमेरिकी नौसेना की नाकांबदी के चलते ईरान ने फिर से होर्मुज को बंद कर दिया है. ऐसे में होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित होने की वजह से कई देशों में एनर्जी क्राइसिस (ऊर्जा संकट) पैदा हो गया है. इस रास्ते को खुलवाने के लिए अब 30 से ज्यादा देश एक साथ आए हैं.
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की अगुवाई में बैठक
जानकारी के मुताबिक, होर्मुज में जहाजों की आवाजाही दोबारा शुरू कराने के लिए बुधवार (22 अप्रैल) से 30 से अधिक देशों के मिलिट्री प्लानर्स लंदन में एक अहम बैठक में शिरकत करने जा रहे हैं. ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय की अगुवाई में इस बैठक का आयोजन किया जा रहा है, जिसका मकसद ठोस सैन्य रणनीति बनाना है, ताकि हालात सामान्य होने पर समुद्री मार्ग को सुरक्षित किया जा सके.
किन-किन मुद्दों पर होगी चर्चा
ब्रिटेन के रक्षा मंत्री जॉन हीली ने बताया कि लंदन में होने वाली बैठक का मुख्य उद्देश्य कूटनीतिक सहमति को जमीनी कार्रवाई में बदलना है. उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य इस सहमति को संयुक्त योजना में बदलना है, ताकि होर्मुज में नेविगेशन की स्वतंत्रता सुनिश्चित हो सके और स्थायी सीजफायर को समर्थन मिल सके." अधिकारियों के मुताबिक इस बैठक में सैन्य क्षमताओं, कमांड, कंट्रोल इन्फ्रास्ट्रक्चर और क्षेत्र में सैनिकों की तैनाती की संभावित रणनीतियों पर चर्चा होगी.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले 1 दर्जन से ज्यादा देशों ने इस प्रस्तावित मिशन में शामिल होने की इच्छा जताई है. यह मिशन ब्रिटेन और फ्रांस के नेतृत्व में चलाया जाएगा, जिसका मकसद इस अहम जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है. इस योजना को उस समय गति मिली, जब पिछले हफ्ते यूरोप, एशिया और मिडिल ईस्ट के करीब 50 देशों ने एक वर्चुअल बैठक में हिस्सा लिया. इसे वैश्विक स्तर पर सामूहिक पहल के रूप में देखा जा रहा है. इस बीच अमेरिका ने ईरान संग सीजफायर की अवधि को बढ़ाने का ऐलान कर दिया है. हालांकि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपनी नाकेबंदी हटाने की कोई घोषणा नहीं की.
30 देशों में कौन-कौन शामिल होगा इनके नाम सार्वजनिक रूप से नहीं बताए गए हैं. हालांकि संभावित लिस्ट में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीरदलैंड, स्वीडन, नार्वे, फिनलैंड, डेनमार्क, पोलैंड, बेल्जियम हो सकते हैं. इसके अलावा, जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड के शामिल होने की भी बात कही जा रही है. बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात, कनाडा और अन्य खाड़ी देश भी इसका हिस्सा हो सकते हैं. भारत और पाकिस्तान इसमें शामिल होगा या नहीं इसका भी खुलासा नहीं हुआ है.
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Source: IOCL



























