‘भारत-बांग्लादेश के रिश्ते एक मुद्दे पर बंधे नहीं...’, तारिक रहमान के शपथ ग्रहण से पहले शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर बोली BNP
India-Bangladesh Relations: बीएनपी नेता मिर्जा फखरूल इस्लाम ने कहा कि नई दिल्ली और ढाका के संबंध किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है या कोई एक मुद्दा दोनों के रिश्तों को प्रभावित नहीं कर सकते हैं.

बांग्लादेश में हाल ही में हुए संसदीय चुनावों में प्रचंड जीत दर्ज करने वाली बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) मंगलवार (17 फरवरी, 2026) को देश में नई सरकार बनाने वाली है. देश की पूर्व प्रधानमंत्री और बीएनपी की प्रमुख खालिदा जिया के निधन के बाद पार्टी की कमान संभालने वाले उनके बेटे तारिक रहमान देश के अगले प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले हैं, लेकिन उनके शपथ ग्रहण से मात्र एक दिन पहले बीएनपी ने पूर्व पीएम शेख हसीना के प्रत्यर्पण और भारत-बांग्लादेश के संबंधों को लेकर बड़ा बयान दिया है.
दोनों देशों के संबंधों पर नहीं पड़ेगा असरः आलमगीर
बीएनपी के वरिष्ठ नेता और महासचिव मिर्जा फखरूल इस्लाम आलमगीर ने भारत-बांग्लादेश के संबंधों को लेकर स्पष्ट किया कि नई दिल्ली के साथ ढाका के संबंध सिर्फ किसी एक मुद्दे तक सीमित नहीं है या कोई एक मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित नहीं कर सकते हैं. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश की अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की भारत में मौजूदगी के बावजूद दोनों देशों के व्यापक संबंधों पर इसका नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा.
देश की जनता हसीना को सजा दिलाना चाहती हैः आलमगीर
ढाका के गुलशन स्थित पार्टी मुख्यालय में द हिंदू से बातचीत में आलमगीर ने कहा कि बीएनपी की अगली सरकार भारत के साथ विकास साझेदारी को और मजबूत करेगी और जिन परियोजनाओं में बांग्लादेश का हित है, उन्हें तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश का मानना है कि शेख हसीना पर गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के आरोप हैं और देश की जनता उन्हें सजा दिलाने की मांग कर रही है. इसलिए हमारा मानना है कि भारत को शेख हसीना को बांग्लादेश के हवाले कर देना चाहिए.
हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर भारत शेख हसीना को नहीं सौंपता है, तब भी इससे दोनों-देशों के व्यापक संबंधों, खासकर व्यापार और आर्थिक सहयोग, पर कोई असर नहीं पड़ेगा. आलमगीर ने इस बात पर जोर देते हुए कहा, ‘हम भारत के साथ और बेहतर संबंध बनाना चाहते हैं. दोनों देशों के रिश्ते किसी एक मुद्दे के बंधे नहीं होने चाहिए.’
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