बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को लेकर पड़ोसी मुल्की के तेवर ढीले नहीं हुए हैं. ढाका में भारत विरोधी बयानबाजी जोर पकड़ने लगी है. विपक्षी नेशनल सिटीजन पार्टी के सांसद नाहिद इस्लाम ने भारत से माफी की मांग की है. उनका कहना है कि शेख हसीना की अत्याचारी सरकार का 16 सालों तक समर्थन करने के लिए नई दिल्ली को ढाका से माफी मांगनी चाहिए.
बांग्लादेश की संसद में 2026-27 के प्रस्तावित राष्ट्रीय बजट पर चर्चा के दौरान रविवार (28 जून) को नाहिद इस्लाम ने कहा कि बांग्लादेश में भारत के नए उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी को ढाका से माफी मांगनी चाहिए थी. उन्होंने आगे कहा कि ये माफी पिछले 16 सालों में अवामी लीग सरकार को भारत के प्रत्यक्ष समर्थन के लिए होनी चाहिए थी.
नाहिद इस्लाम ने इसके अलावा शरीफ उस्मान हादी की हत्या के आरोपियों को पनाह देने के लिए भी भारत पर उंगली उठाई. संसद में इस्लाम ने कहा कि भारत के नए उच्चायुक्त बांग्लादेश आए. उन्होंने यहां साझा आसमान और जमीन के बारे में मीठी-मीठी बातें कीं, लेकिन हम पिछले 16 सालों को भूले नहीं हैं. इन बातों के बजाय भारतीय राजदूत को यह बताना चाहिए था कि नई दिल्ली सम्मान और समानता के आधार पर बांग्लादेश के साथ नए संबंध कैसे बनाना चाहती है.
बॉर्डर पर 10 बांग्लादेशियों की हत्या की गई- इस्लाम नेशनल सिटीजन पार्टी के सांसद नाहिद इस्लाम ने आरोप लगाया कि लोगों को अवैध बांग्लादेशी बताकर भारत की तरफ से बांग्लादेश में धकेलने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने ये भी आरोप लगाया कि तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी सरकार के सत्ता में आने के बाद से बॉर्डर पर अबतक 10 बांग्लादेशियों की हत्या की गई है.
नाहिद इस्लाम ने कहा कि रहमान सरकार की बांग्लादेश फर्स्ट की नीति केवल बातों से नहीं बल्कि कामों के जरिए भी दिखनी चाहिए. विदेश नीति को संभालने और पड़ोसी देशों के साथ सम्मानजनक रिश्ते बनाने की जिम्मेदारी सरकार की है.
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