Bangladesh Elections 2026 Voting: 'जबरन कराई जा रही वोटिंग, ये नकली चुनाव...', बांग्लादेश इलेक्शन पर भड़की शेख हसीना की पार्टी, कर डाली ये डिमांड
Bangladesh Election: बांग्लादेश में आज आम चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. इस चुनाव को शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने दिखावटी चुनाव बताते हुए इंटरनेशनल कम्युनिटी से हस्तक्षेप की अपील की है.

बांग्लादेश में आज (12 फरवरी) को आम चुनाव के लिए वोटिंग हो रही है. इस चुनाव को लेकर शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग ने कहा कि बांग्लादेश को टूटने से बचाने के लिए हम इंटरनेशनल कम्युनिटी से अपील करते हैं कि यह दिखावटी चुनाव हैं. नकली पोल के माहौल में लिंचिंग और बेरहमी से टॉर्चर करने वाली भीड़ का आतंक छाया हुआ है.
अवामी लीग का कहना है कि यह दिखावटी चुनाव सिर्फ़ अवामी लीग को बाहर करने के लिए नहीं हैं, बल्कि यह नकली पोल कई ऐसी पॉलिटिकल पार्टियों को बाहर कर रहा है, जो रेडिकल आइडियोलॉजी का विरोध करती हैं और एक लिबरल देश के लिए खड़ी हैं. सिर्फ़ अवामी लीग से जुड़ी अपनी पॉलिटिकल सोच के लिए लाखों वोटर्स को जान से मारने की धमकी दी जा रही है और उन्हें डराने-धमकाने और टॉर्चर करने के लिए सरकार की तरफ से दंगा-फसाद का शिकार बनाया जा रहा है, जिससे वे अपनी मर्ज़ी के खिलाफ़ वोट डालने के लिए मजबूर हो रहे हैं. यह वोटर टर्नआउट बढ़ाने की एक सोची-समझी साज़िश है.
कई पत्रकारों और एक्टिविस्ट को भी भेजा गया जेल
अवामी लीग के मुताबिक इस नकली पोल के माहौल में लिंचिंग और बेरहमी से टॉर्चर करने जैसी भीड़ का आतंक छाया हुआ है. जेलें सिर्फ़ अवामी लीग के सपोर्टर्स से ही नहीं भरी हुई हैं. इसके साथ ही कई पत्रकार, एक्टिविस्ट और एंटी-वॉर क्राइम कैंपेनर्स पर झूठे मर्डर चार्ज लगाकर उन्हें जेल में डाल दिया गया है. इस मज़ाकिया पोल से पहले लाखों माइनॉरिटीज़ को खत्म होने की कगार पर धकेल दिया गया है, क्योंकि उन्हें अवामी लीग का सपोर्टर बताकर हत्या और हिंसा के लिए पूरी छूट दी गई है. महिलाएं जो वोटर्स का आधा हिस्सा हैं, उनका भविष्य बहुत खराब है, क्योंकि डेमोक्रेसी बनाने के नाम पर उन्हें नेशनल पॉलिसी बनाने से भी बाहर रखा गया है, जो बहुत बुरा है.
पुलिस स्टेशन से बड़ी संख्या में हथियार चोरी
शेख हसीना की अवामी लीग का कहना है कि बांग्लादेश में सैंकड़ों पुलिस स्टेशन लूट लिए गए और पुलिस स्टेशन से चोरी हुए हजारों हथियार अभी तक बरामद नहीं हुए हैं, जबकि चुनाव शेड्यूल की घोषणा से पहले ही दोषी मिलिटेंट्स को जेलों से रिहा कर दिया गया. दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी समेत अवामी लीग विरोधी संगठनों को बहुत ज़्यादा और खतरनाक हिंसा करने की खुली छूट दी गई है. रेफरेंडम के नाम पर यूनुस सरकार ने जनता का पैसा बर्बाद किया और 'हां' वोट के लिए कैंपेन किया, जो जनता के फैसले पर भरोसा करने के बजाय नतीजे तय करने का साफ संकेत है. यह रेफरेंडम, जो सेक्युलरिज़्म को खत्म करना चाहता है, एक पूरी तरह से गैर-संवैधानिक काम है, जिसका मकसद उस संविधान को मिटाना है जो लाखों युद्ध नायकों के खून से बना है.
अवामी लीग का कहना है कि हम हम विदेशी ऑब्ज़र्वर और सभी इंटरनेशनल स्टेकहोल्डर से अपील करते हैं कि वे इस काम के पीछे सामने आ रही कमियों और सरासर गलत इस्तेमाल को बिना किसी भेदभाव के बताएं. यूनुस की बड़ी-बड़ी बातों पर भरोसा करके इस काम को सही ठहराना देश को लंबे समय तक अस्थिरता में धकेल देगा.
ये भी पढ़ें
Source: IOCL

























