Bangladesh Election 2026: तारिक रहमान ने की धांधली? बांग्लादेश चुनाव में 40 फीसदी सीटों पर गड़बड़ी, रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा
Bangladesh Election 2026: बांग्लादेश बीएनपी की बड़ी जीत के बाद जारी एक रिपोर्ट में गड़बड़ी का दावा किया जा रहा है. खुलासे के बाद देश में माहौल गर्म हो चुका है.

बांग्लादेश में 12 फरवरी को हुए आम चुनावों के नतीजों के बाद राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है. इस चुनाव में Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) को बड़ी जीत मिली, जबकि कट्टरपंथी इस्लामिक दल Jamaat-e-Islami Bangladesh ने रिकॉर्ड 68 सीटें जीतकर दूसरा स्थान हासिल किया. अंतरिम सरकार के प्रमुख Muhammad Yunus ने चुनाव को स्वतंत्र और निष्पक्ष बताया था, लेकिन अब इस पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.
भ्रष्टाचार विरोधी संस्था Transparency International Bangladesh (TIB) की ताजा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि लगभग 40 प्रतिशत संसदीय सीटों पर किसी न किसी प्रकार की अनियमितता देखने को मिली. रिपोर्ट के अनुसार 28.6 प्रतिशत सीटों पर उम्मीदवारों ने स्वयं गड़बड़ी की शिकायत दर्ज कराई. इससे यह स्पष्ट होता है कि आरोप केवल अनुमान नहीं, बल्कि सीधे चुनावी प्रतिभागियों की ओर से लगाए गए हैं.
चुनाव आयोग की भूमिका पर उठे सवाल
TIB की रिपोर्ट में सबसे गंभीर आरोप चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर लगाए गए हैं. कहा गया है कि चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में ऐसे संगठनों और व्यक्तियों को मान्यता दी गई, जिनका संबंध राजनीतिक दलों से रहा है. इससे चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर संदेह पैदा हुआ है. रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि एक अनुभवी संस्था ने कई बार आवेदन करने के बावजूद पर्यवेक्षक के रूप में पंजीकरण नहीं पाया, जबकि अंतरिम सरकार के सलाहकारों से जुड़े दो संस्थानों को मंजूरी दे दी गई. इस प्रकार के फैसलों ने पारदर्शिता को लेकर चिंता बढ़ा दी है.
विदेशी पर्यवेक्षकों को भुगतान पर आलोचना
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि चुनाव आयोग ने विदेशी पर्यवेक्षकों को भुगतान किया. आलोचकों का तर्क है कि जिस संस्था की निगरानी की जानी है, उसी से भुगतान लेने से हितों का टकराव उत्पन्न होता है. इससे चुनावी वैधता पर प्रश्नचिह्न लग सकता है.
राजनीतिक दलों की नाराजगी और हलफनामों पर सवाल
बांग्लादेश की विभिन्न राजनीतिक पार्टियों ने चुनाव चिह्नों के आवंटन को लेकर भी असंतोष जताया है. टीआईबी ने उम्मीदवारों द्वारा दाखिल हलफनामों की जांच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए हैं. रिपोर्ट में पूछा गया है कि क्या उम्मीदवारों की आय और संपत्ति के स्रोतों का सही तरीके से सत्यापन किया गया था और क्या वे कानूनी रूप से अर्जित थे. इन आरोपों के सामने आने के बाद बांग्लादेश में चुनाव की निष्पक्षता को लेकर बहस तेज हो गई है. हालांकि सरकार की ओर से अभी तक रिपोर्ट पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन विपक्षी दल इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए गंभीर चुनौती बता रहे हैं.
Source: IOCL

























