बांग्लादेश में सत्ता बदलते ही सेना में बड़ा बदलाव, भारत में रुके अफसर को बुलाया वापस और...
Bangladesh: बांग्लादेशी सेना में सत्ता परिवर्तन के साथ ही एक अहम बदलाव की खबर आई है. सेना ने लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान को सीजीएस पद की जिम्मेदारी सौंपी है.

बांग्लादेश में हाल ही में सत्ता परिवर्तन हुआ है. बांग्लादेश राष्ट्रवादी पार्टी के बहुमत हासिल करने के बाद तारिक रहमान ने 17 फरवरी को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. तारिक रहमान के पीएम बनते ही सेना में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. बांग्लादेशी सेना ने नए चीफ ऑफ जनरल स्टाफ (CGS) की नियुक्ति की है. इसके साथ और भी कई अहम बदलाव देखने को मिली है. अहम बात यह भी है कि सेना ने उस शख्स को भी एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है जो कि भारत में बांग्लादेश हाई कमीशन में कार्यरत था.
'ढाका ट्रिब्यून' की रिपोर्ट के मुताबिक, सेना मुख्यालय ने अहम बदलाव किया है. रक्षा मंत्रालय के सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि लेफ्टिनेंट जनरल एम मैनुर रहमान को सीजीएस के पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. वे इससे पहले सेना प्रशिक्षण और सिद्धांत कमान के प्रमुख (जनरल ऑफिसर कमांडिंग) के रूप में कार्यरत थे.
भारत में बांग्लादेश हाई कमीशन के सिक्योरिटी एडवाइजर, ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद हाफिजुर रहमान को मेजर जनरल के उच्च पद और दर्जे के एक पैदल सेना डिवीजन के जीओसी की जिम्मेदारी सौंपी गई है. उन्हें भारत से बुलाया गया है.
नई सरकार को लेकर क्या बोले भारतीय उच्चायुक्त
ढाका में नियुक्त उच्चायुक्त प्रणय वर्मा ने रविवार (22 फरवरी) को कहा कि बांग्लादेश की नई सरकार के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए भारत उत्सुक है. उन्होंने भारत की ओर से ढाका के साथ फिर से सक्रिय रूप से बातचीत को लेकर प्रतिक्रिया दी है. बता दें कि बीएनपी ने चुनाव में दो-तिहाई बहुमत हासिल कर लिया था, जिसके बाद तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली. उनसे पहले मोहम्मद यूनुस करीब 18 महीनों तक अंतरिम सरकार की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. यूनुस के कार्यकाल के दौरान भारत और बांग्लादेश के संबंध उतार-चढ़ाव भरे रहे. इस दौरान दोनों देशों के संबंध 1971 के बाद अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे.
Source: IOCL

























