पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर का ये कहना कि यह देश इस्लाम के नाम पर बना है और इसके ऑरिजन उद्देश्य को पूरा करने का वक्त आ गया है, आखिर क्या है इसका मतलब. इस बारे में आईआईएमसी के प्रोफेसर शिवाजी सरकार ने बताया कि पाकिस्तान इस्लाम के नाम पर ही बना, इस्लाम के नाम पर डूबा और अब फिर से इस्लाम की ओर लौटता दिख रहा है. 

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प्रोफेसर ने बताया कि पाकिस्तान के इस्लाम से पहले पहले भारत में जो मुस्लिम लीग का इस्लाम रहा है, वो उसने जो एक चीज तैयार की वो है भारतीय उपमहाद्वीप में पार्टीशन सिंड्रम. जिसका नतीजा भारत के अलावा पाकिस्तान और बांग्लादेश आज तक भुगत रहे हैं. आसिम मुनीर इस्लाम के नाम पर जो शांति की बात कर रहे हैं उसका मतलब ही है कत्लेआम. पिछले 80 सालों से लगातार (बंटवारे के पहले से अभी तक) पाकिस्तान और बांग्लादेश के इलाकों में हिंदुओं का कत्लेआम होता आ रहा है. 

'अमेरिका के एजेंट की तरह काम कर रहे मुनीर'प्रोफेसर शिवाजी सरकार ने कहा कि आसिम मुनीर के इस बयान का अचानक क्या मतलब है, क्या वो अमेरिका के एक एजेंट की तरह इस क्षेत्र में अपनी एक अलग तरह की राजनीति शुरू करना चाहते हैं. जिस तरह अमेरिका ने पूरे मिडिल ईस्ट में ईराक से लेकर लीबिया और सूडान हर जगह तक कत्लेआम का जो सिलसिला शुरू किया और आज वो ईरान के साथ करने की कोशिश कर रहे हैं. दूसरी तरफ इजरायल जो गाजा पट्टी में कर रहा है अगर वही काम वो करना चाहते हैं तो क्या आसिम मुनीर भी कुछ इसी तरह करना चाहते हैं क्या. वो करना क्या चाहते हैं, ये समझ से परे है.

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ऑपरेशन सिंदूर से अमेरिका क्यों हिलाप्रोफेसर शिवाजी ने बताया कि हमने देखा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत ने जिस तरह किराना हिल्स पर मिसाइलें दागी उससे ना सिर्फ पाकिस्तान बल्कि अमेरिका तक हिल गया. पाकिस्तान में जो वॉर हैंड्स हैं वो अमेरिका के हैं. वहां पर सीधे हमले से ये सारे वॉर हैंड्स खत्म हो जाते. हिंदुस्तान ने थोड़ी जल्दबाजी में सीजफायर स्वीकार कर लिया नहीं तो पाकिस्तान का वजूद ही अपने आप में खत्म हो जाना था. 

'हिंदुस्तान की वजह से इंडियन सबकॉन्टिनेंट में अमन-चैन'प्रोफेसर ने पाकिस्तानी आर्मी चीफ को चेताते हुए कहा कि आसिम मुनीर ये जान लें कि अगर इंडियन सबकॉन्टिनेंट में अमन-चैन कायम है तो वो सिर्फ हिंदुस्तान की वजह से ही है. हमारा देश असल मायनों में सेक्युलरिज्म को मानता है. हिंदुस्तान की आर्मी कभी किसी आम नागरिक को ना परेशान करती है ना उनके खिलाफ किसी तरह की कोई कार्रवाई करती है जैसे कि पाकिस्तानी आर्मी करती आई है.

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