अमेरिका ने एक बार फिर ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है. उसने पावर प्लांट और वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट पर भी हमला किया है. ईरान ने भी करारा जवाब दिया है. उसने बहरीन और कुवैत को निशाना बनाया. इस बीच ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची का बड़ा बयान आया है. उन्होंने यूएस के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आड़े हाथों लिया है. अराघची का कहना है कि ईरान बदतमीजी का जवाब कार्रवाई करके देता है.

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अब्बास अराघची ने डोनाल्ड ट्रंप की खिंचाई करते हुए एक्स पर एक पोस्ट शेयर की. उन्होंने कहा कि ईरान ईंट का जवाब पत्थर से देता है. अराघची ने लिखा, 'ईरान एक सभ्य और साहसी राष्ट्र है, इसे अपमानजनक भाषा से संबोधित करने से उसकी महानता बिल्कुल भी कम नहीं होगी. ईरान के लोग अपनी शालीनता, संस्कृति और मजबूत नैतिक मूल्यों के लिए जाने जाते हैं. हम अभद्र भाषा का जवाब अभद्रता से नहीं, बल्कि निडर होकर अपने एक्शन से देते हैं.'

'ईरान नहीं देखेगा रेड लाइन'

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इस बीच, ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने उन खाड़ी देशों को चेतावनी दी जिन्होंने ईरान-अमेरिका युद्ध में ट्रंप का साथ किया है. रजाई ने कहा कि उन्हें अपने ऊर्जा वाले ठिकानों को लेकर सतर्क रहना चाहिए. उन्होंने ने कहा, 'खाड़ी के वे देश जो ईरान-अमेरिका जंग में ट्रंप के साथ खड़े रहे हैं, उन्हें अपने तेल और गैस के कुओं का जरूरत से ज्यादा ध्यान रखना चाहिए. ईरान की रक्षा के दौरान हम रेड लाइन नहीं देखेंगे.'

अमेरिका को ईरान की सख्त चेतावनी

ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कहा है कि उसकी नौसेना और वायु सेना ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. ईरान ने मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है. इन हमलों में कुवैत के आरिफजान और अली अल सलेम ठिकानों को, साथ ही बहरीन के जुफैर और शेख ईसा ठिकानों को निशाना बनाया गया. IRGC ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका की ओर से आगे कोई भी हमला होता है, तो दूसरे अमेरिकी ठिकानों के खिलाफ घातक एक्शन होगा.

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