अफगानिस्तान के अटैक से तिलमिला उठा पाकिस्तान, कंधार से लेकर स्पिन बोल्डक तक दागे ड्रोन
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच सीमा पर तनाव बढ़ गया है. एयरस्ट्राइक के बाद भी अफगान मीडिया ने पाकिस्तान की तरफ से सीजफायर उल्लंघन का दावा किया गया है.

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच शनिवार (11 अक्तूबर) को भारी तनाव देखने को मिला. दोनों देशों के बीच एयरस्ट्राइक में कई जवानों की मौत हो गई. इसके कुछ समय बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर लागू हुआ था, लेकिन पाकिस्तान ने रविवार (12 अक्तूबर) को लगभग 12 घंटे बाद फिर से सीजफायर का उल्लंघन किया. अफगान मीडिया के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने स्पिन बोल्दक बॉर्डर, कंधार में ड्रोन स्ट्राइक की. इस हमले को अफगान अधिकारियों ने सीमा की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है.
अफगान मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, स्पिन बोलदक बॉर्डर, कंधार में पाकिस्तानी सेना की ड्रोन स्ट्राइक में एक अफगान नागरिक की मौत हुई और पांच लोग घायल हुए हैं. स्थानीय लोग भय और दहशत में हैं. हालांकि, घटना की पूरी पुष्टि और विस्तृत जानकारी अभी आना बाकी है.
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने क्या कहा?
अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि बीती रात हुई झड़पों के बाद दोनों पक्षों ने कुछ समय के लिए संघर्ष रोकने का प्रयास किया था, लेकिन पाकिस्तान ने इसका पालन नहीं किया. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान फिर से अफगान सीमा का उल्लंघन करता है तो अफगान सुरक्षा बल कड़ा जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है.
जबीउल्लाह मुजाहिद ने काबुल में प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि बीती रात (11 अक्टूबर) अफगान सुरक्षा बलों और पाकिस्तानी सेना के बीच हुई झड़प में पाकिस्तान के 58 सैनिक मारे गए और 30 घायल हुए. अफगान अधिकारियों के अनुसार, उनके लगभग 20 सदस्य भी शहीद या घायल हुए. इस ऑपरेशन में अफगान बलों ने कई हथियार भी कब्जे में लिए.
मुजाहिद ने पाकिस्तानी सेना और सरकार पर ISKP (इस्लामिक स्टेट–खुरासान प्रांत) के आतंकवादियों को प्रशिक्षण देने और उन्हें अपने देश में पनाह देने का गंभीर आरोप लगाया. उनका कहना था कि ये आतंकवादी कराची और इस्लामाबाद के हवाई अड्डों से सीधे प्रशिक्षण प्राप्त कर अफगानिस्तान भेजे जाते हैं. उन्होंने यह भी दावा किया कि तेहरान और मॉस्को में हुए आतंकवादी हमलों की योजना भी पाकिस्तान में इन केंद्रों से बनाई गई थी.
मुजाहिद ने पाकिस्तान से अपील की है कि जो प्रमुख ISKP नेता और सदस्य वहां छिपे हुए हैं, उन्हें या तो अफगान अधिकारियों के हवाले किया जाए या पाकिस्तान की जमीन से निर्वासित कर दिया जाए. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो इसके गंभीर और अप्रत्याशित परिणाम सामने आ सकते हैं. रक्षा मंत्रालय ने भी साफ कहा है कि अगर कोई पक्ष फिर से अफगानिस्तान की सीमा का उल्लंघन करता है तो अफगान सशस्त्र बल पूरी तैयारी के साथ सीमा की रक्षा करेंगे और कड़ा जवाब देंगे.
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Source: IOCL
























