Afghanistan Earthquake: अफगानिस्तान में सोमवार (01 सितंबर, 2025) को आए तगड़े भूकंप के महज 24 घंटे के भीतर दूसरी बार धरती हिली है. देश के साउथ-ईस्ट हिस्से में मंगलवार (2 सितंबर) को 5.5 तीव्रता का भूकंप आया. एक दिन पहले आए भूकंप ने भारी तबाही मचाई थी, जिसमें 1400 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन हजार से ज्यादा लोग घायल हैं.
भूकंप की वजह से रेस्क्यू पर असर
अफगानिस्तान की नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के प्रवक्ता यूसुफ हमाद ने AP को बताया, 'घायल लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाया जा रहा है इसलिए आंकड़े आगे बढ़ सकते हैं.' अधिकारियों ने बताया कि पहले भूकंप से हुए भूस्खलन ने मुख्य मार्गों को ब्लॉक कर दिया है, जिससे राहत और आपातकालीन टीमें समय पर प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही हैं.
PM मोदी ने जताया दुख
अफगानिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप से जानमाल के नुकसान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं साझा कीं.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने की बात
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी अफगानिस्तान में हुई आपदा पर चिंता जताते हुए वहां के लोगों के साथ भारत की एकजुटता दिखाई और मदद का आश्वासन दिया. जयशंकर ने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी से फोन पर बातचीत की और रविवार रात आए भूकंप में हुई हानि पर संवेदना व्यक्त की. उन्होंने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की और इस दुख की घड़ी में भारत की ओर से पूरा समर्थन देने की बात दोहराई.
भारत ने काबुल को पहुंचाई मदद
भारत ने काबुल में 1,000 परिवारों के लिए टेंट उपलब्ध कराए हैं और भारतीय मिशन ने काबुल से कुनार तक 15 टन खाद्य सामग्री भेजी है. अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने भी जयशंकर और मुत्ताकी के बीच हुई बातचीत की पुष्टि की और मुत्ताकी ने अफगान नागरिकों तक मदद पहुंचाने के लिए भारत का धन्यवाद किया.
यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कही ये बात
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयुक्त वोल्कर टर्क ने पूर्वी अफगानिस्तान में आए विनाशकारी भूकंप पर गहरा दुःख व्यक्त किया. उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, 'इस विनाशकारी भूकंप के बाद अफगानिस्तान के लोगों के साथ मेरी संवेदना और एकजुटता है. यह देश पहले से ही कई कठिनाइयों का सामना कर रहा है.'
यूएन के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने कहा कि अफगानिस्तान में यूएन टीमों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा.
