Israel attacks Iran: मिडिल ईस्ट एक बार फिर युद्ध के कगार पर खड़ा है. ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. हाल के दिनों में दोनों देशों के बीच हमलों और जवाबी हमलों का सिलसिला तेज हो गया है, जिससे हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं. इसी क्रम में शनिवार तड़के इजरायल के ताजा हवाई हमलों में ईरान के दो शीर्ष सैन्य अधिकारियों के मारे जाने की पुष्टि ने संकट को और गहरा कर दिया है. ये घटनाएं इजरायल द्वारा ईरान की परमाणु और सैन्य क्षमताओं पर किए गए अब तक के सबसे बड़े हमले के बाद हुईं, जिसने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा कर दी है.
इजरायली हमलों में दो ईरानी जनरल की मौतशनिवार सुबह ईरान ने पुष्टि की कि इजरायल के ताजा हवाई हमलों में उसके दो वरिष्ठ जनरल मारे गए हैं. ये हमले उस वक्त हुए जब ईरान ने तेहरान से मिसाइल और रॉकेट दागकर तेल अवीव को निशाना बनाया. साथ ही यरुशलम और इजरायल के अन्य हिस्सों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गईं. ईरान की सरकारी मीडिया के अनुसार, मारे गए दो अधिकारियों में जनरल ग़ुलामरेज़ा मेहराबी (इंटेलिजेंस डिप्टी हेड) और जनरल मेहदी रब्बानी (ऑपरेशंस डिप्टी हेड) शामिल हैं. दोनों ईरानी सशस्त्र बलों के अहम पदों पर थे.
द टाइम्स ऑफ इजरायल ने बताया, “फोर्दो संवर्धन स्थल के कुछ हिस्सों को सीमित नुकसान पहुंचा है। हमने पहले ही उपकरणों और सामग्री का एक बड़ा हिस्सा वहां से हटा लिया था, इसलिए कोई ज्यादा नुकसान नहीं हुआ और प्रदूषण को लेकर भी कोई चिंता की बात नहीं है. इजरायल-ईरान संघर्ष: अब तक की 10 बड़ी बातें
ईरान का हमला 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' ईरान ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस' के तहत इजरायल पर मिसाइलें दागीं, जिससे कम से कम 3 लोगों की मौत हुई और 34 से ज्यादा घायल हो गए. इस हमले में इजरायल का आयरन डोम डिफेंस सिस्टम विफल रहा.
इजरायल की जवाबी कार्रवाई 'ऑपरेशन राइजिंग लायन'इजरायल ने शुक्रवार और शनिवार को 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' के तहत ईरान पर हमले किए, जिसमें कम से कम 78 लोगों की जान गई और 320 से ज्यादा घायल हुए. इनमें अधिकतर आम नागरिक थे.
तेहरान में फिर से धमाकेइजरायल ने तेहरान पर एक और दौर का हमला किया. स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, दो मिसाइलें मेहराबाद एयरपोर्ट पर गिरीं, जहां ईरानी वायुसेना का बेस और कई अहम सरकारी इमारतें हैं. वहां आग लगने की खबरें भी आईं.
नेतन्याहू की चेतावनीइजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि “अभी और कुछ बाकी है.” उन्होंने इस अभियान को ईरान के “मौत और अत्याचार के शासन” को खत्म करने की शुरुआत बताया.
ईरान का बदला लेने का ऐलानईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने एक टेलीविजन भाषण में कहा कि “दुश्मन पर भारी प्रहार होगा” और इजरायल को इसके परिणाम भुगतने होंगे.
ट्रंप बोले- अमेरिका शामिल नहीं लेकिन सब कुछ पता थाअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस हमले में सीधे शामिल नहीं है, लेकिन “हमें सब कुछ पहले से पता था.” उन्होंने ईरान से कहा कि अभी भी परमाणु समझौते के लिए देर नहीं हुई है.
परमाणु बातचीत पर ब्रेकईरान ने इजरायली हमलों के बाद कहा कि अब अमेरिका के साथ परमाणु समझौते पर बात करना “बेमतलब” है. अमेरिका इस समय ईरान को समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए मना रहा था.
नवंबर 2024 में ही कर ली गई थी प्लानिंग!इजरायल ने कहा कि यह ऑपरेशन नवंबर 2024 में हिज़बुल्ला प्रमुख हसन नसरल्ला की हत्या के बाद से ही योजना में था. इसके तहत ड्रोन और फाइटर जेट्स पहले ही ईरान में तैनात कर दिए गए थे.
ईरान के तीन शीर्ष सैन्य कमांडर मारे गएशुक्रवार को हुए हमलों में ईरानी सेना प्रमुख जनरल मोहम्मद बाघेरी, रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख जनरल हुसैन सलामी और मिसाइल प्रोग्राम के प्रमुख जनरल अमीर अली हाजीज़ादेह मारे गए.
भारत की चिंता और वैश्विक कूटनीतिइजरायली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की और स्थिति की जानकारी दी. भारत ने इस संघर्ष पर "गंभीर चिंता" जताई और दोनों देशों से तनाव न बढ़ाने की अपील की.