अमेरिका और ईरान के बीच हस्ताक्षरित डील को लेकर घोषणा हो गई है. डोनाल्ड ट्रंप अपनी इस सफलता को लेकर एक तरफ जी7 समिट में कई तरह के दावे कर रहे हैं, जिनमें हॉर्मुज में फिर से सुचारु संचालन और ईरान के पास परमाणु हथियार न होने के दावे शामिल हैं. हालांकि, इसके बावजूद डिप्लोमेसी के स्तर पर सफलता के बाद ग्राउंड पर हकीकत कुछ और है. 

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इजरायल ने पहले इस डील से खुद को अलग किया, वहीं दक्षिणी लेबनान पर हमला किया है, तो इधर हॉर्मुज पर स्थिति सामान्य नहीं है. यहां कर्मिशियल जहाजों की आवाजाही फिलहाल सामान्य स्तर से नीचे बनी हुई है.

15 जून तक कितने जहाज हॉर्मुज से सफलता पूर्वक गुजरे 

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न्यूज Website डीप साइट ने Kplr के हवाले से दावा किया है कि 15 जून तक केवल सफलता पूर्व पांच जहाज ही गुजरे हैं. इनमें मुख्य रूप से कम जोखिम वाली आवाजाही, सीमित स्तर के सीक्रेट नौसेनिक गतिविधि और डीपीपी स्टील कार्गो से लदे कमर्शियल जहाज शामिल रहे. 

स्थिति स्थिर, लेकिन फिलहाल कई सवाल अनसुलझे

वेबसाइट के मुताबिक, सार्वजनिक रिपोर्ट्स से जानकारी मिली है कि अमेरिका और ईरान सीजफायर की टाइमलाइन बढ़ाने और वॉटरवेज यानी जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए शुरुआती समझौते पर पहुंचे जरूर हैं. वह अभी भी हॉर्मुज में जहाजों की आवाजाही के दौरान सुरक्षा, जहाजों का लगने वाली ड्यूटी और सुरक्षित रास्ते जैसे व्यवस्था मुद्दे अनसुलझे हैं. 

10 जून के बाद से किसी जहाज पर हमले की खबर नहीं

हालांकि, 10 जून के बाद से किसी भी जहाज पर हमले की खबर नहीं है. ऐसे में जोखिम की स्थिति स्थिर तो महसूस होती है, लेकिन मार्केट फिलहाल एक वेलिड सर्टिफाइट आदेश का इंतजार कर रहा है. 

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