US Israel Iran War Live: पाकिस्तान नहीं आएगा अमेरिकी डेलीगेशन, ईरान पहले ही कर चुका सीधी बातचीत से इनकार
US Israel Iran War News Live: व्हाइट हाउस ने बताया था कि युद्ध खत्म करने के प्रयासों के तहत दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ईरानी प्रतिनिधिमंडल के साथ सीधी बातचीत के लिए शनिवार को पाकिस्तान जाएंगे.

बैकग्राउंड
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बयान जारी किया है. इसमें कहा है कि उन्होंने ईरान वार्ता के लिए अमेरिकी अधिकारियों की पाकिस्तान यात्रा रद्द कर दी है. ईरान का...More
पाकिस्तान पहुंचा ईरान का डेलीगेशन अब हाई लेवल मीटिंग्स करने के बाद इस्लामाबाद से रवाना हो गया है. उसने पाकिस्तानी नेताओं को अमेरिका और इजरायल युद्ध को समाप्त करने के लिए अपनी मांगों की ऑफिशियल सूची सौंप दी है. यह जानकारी अलजजीरा न्यूज एजेंसी की तरफ से दी गई है.
इस्लामाबाद में अराघची और शरीफ की मुलाकात खत्म हो गई है. एक पाकिस्तानी अधिकारी ने अलजजीरा को अरबी में बताया कि अराघची और पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ के बीच इस्लामाबाद में हुई मुलाकात खत्म हो गई है.
लेबनान सरकार और हिजबुल्लाह के बीच इजरायल के साथ होने वाली संभावित शांति वार्ता को लेकर मतभेद गहरा गए हैं. सरकार कूटनीति के जरिए समाधान चाहती है, वहीं हिजबुल्लाह इसे देश के लिए खतरनाक बता रहा है.
लेबनान के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री अमेरिका में राजदूत स्तर पर हो रही बैठकों को आगे बढ़ाने के पक्ष में हैं. उनका मानना है कि इजरायली सेना की वापसी और लेबनान की संप्रभुता बनाए रखने का यही एकमात्र तरीका है. राष्ट्रपति ने साफ किया है कि वह लेबनान को ईरान और इजरायल के बीच 'क्षेत्रीय सौदेबाजी का मोहरा' नहीं बनने देना चाहते. दूसरी ओर, हिजबुल्लाह और उसके संसदीय गुट के नेता मोहम्मद राद का तर्क है कि बिना ईरानी समर्थन और सैन्य दबाव के लेबनान के पास इजरायल के खिलाफ कोई मजबूरी (Leverage) नहीं है. हिजबुल्लाह ने चेतावनी दी है कि पूर्ण सैन्य युद्धविराम के बिना किसी भी वार्ता का नतीजा 1983 के समझौते जैसा होगा, जिसने देश को गृहयुद्ध की ओर धकेल दिया था. उनका कहना है कि ईरानी हमलों का डर ही इजरायल को पीछे हटने पर मजबूर कर सकता है.
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, दक्षिणी कस्बे याहमोर अल-शाकीफ पर इजरायल के दो हवाई हमलों में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। गुरुवार को इजरायल और लेबनान के बीच तीन हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा के बावजूद, इजरायल ने देश के दक्षिणी हिस्सों पर हमले जारी रखे हैं।
इजरायली सेना बलों ने दक्षिणी लेबनान के बिंत जुबैल शहर में इमारतों को ध्वस्त कर दिया है। आज सुबह भी इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में अपने हमले जारी रखे। अल जज़ीरा अरबी के मुताबिक, इजरायली सैनिकों ने बिंत जुबैल शहर में कई इमारतों को विस्फोट कर उड़ा दिया।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शनिवार को इस्लामाबाद में पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से मुलाकात की. यह मुलाकात ऐसे समय हुई जब इस्लामाबाद अमेरिका और ईरान के बीच संबंधों को सुगम बनाने के अपने प्रयासों को जारी रखे हुए है. ईरानी दूतावास द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक वीडियो के अनुसार, बैठक में ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकाई और ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोघदम भी उपस्थित थे. दूतावास ने वीडियो कैप्शन में कहा कि अराघची ने मुनीर से मुलाकात की. इसने चर्चा के बारे में और अधिक जानकारी नहीं दी.
करीब दो महीने तक ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच तनाव के बाद अब तेहरान से कमर्शियल उड़ानें दोबारा शुरू हो गई हैं. शनिवार को इमाम खामेनेई इंटरनेशनल एयरपोर्ट से पहली बार फ्लाइट्स उड़ीं, जो इस्तांबुल, मस्कट और मदीना के लिए रवाना हुईं.
पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के बड़े हिस्सों में पिछले एक हफ्ते से कड़ी सुरक्षा तैनात है. अमेरिका और ईरान के बीच संभावित दूसरे दौर की बातचीत को लेकर अनिश्चितता के बीच शहर के मुख्य रास्ते बंद कर दिए गए हैं, जबकि रेड जोन पूरी तरह सुरक्षा घेरे में है. ब्लू एरिया जैसे व्यावसायिक इलाकों में बाजार खाली पड़े हैं, कैफे में सप्लाई की कमी है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट ठप होने से बस अड्डे बंद हैं, जिससे आम लोग काफी परेशान हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा युद्धविराम को दो हफ्ते बढ़ाने के बावजूद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही बुरी तरह घट गई है. पिछले 24 घंटों में सिर्फ 5 जहाज इस रास्ते से गुजरे, जबकि युद्ध से पहले रोज करीब 130 जहाज निकलते थे और इसमें एक भी बड़ा तेल टैंकर शामिल नहीं था. इस बाधा के चलते तेल की कीमतों में तेजी आई है, जहां ब्रेंट क्रूड इस हफ्ते करीब 16% तक बढ़ गया है.
काहिरा ने बताया कि मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलट्टी और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने अमेरिका और ईरान के बीच राजनयिक संबंध को आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए फोन पर बातचीत की.
अमेरिका ने चीन में स्थित एक रिफाइनरी और ईरान के तेल कारोबार से जुड़े कई जहाजों पर प्रतिबंध लगा दिए हैं. इसका मकसद ईरान की तेल से होने वाली कमाई पर दबाव बढ़ाना है.ट्रेजरी विभाग ने कहा कि उसके 'ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल' (विदेशी संपत्ति नियंत्रण कार्यालय) ने 'हेंगली पेट्रोकेमिकल (डालियान) रिफाइनरी कंपनी लिमिटेड' को निशाना बनाया है. विभाग के अनुसार, यह कंपनी ईरान से कच्चा तेल और पेट्रोलियम उत्पाद खरीदने वालों में सबसे बड़ी कंपनियों में से एक है.
रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दावा किया है कि ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई तेल संसाधनों पर नियंत्रण पाने की इच्छा से प्रेरित है. एक इंटरव्यू में लावरोव ने कहा कि वाशिंगटन अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता देता है और प्राकृतिक संसाधनों तक पहुंच सुरक्षित करने के लिए तख्तापलट या विदेशी नेताओं को निशाना बनाने जैसे उपायों का इस्तेमाल करने को तैयार है.
ईरान-अमेरिका जंग के बीच पाकिस्तान में महंगाई बम फूटा है. पाकिस्तान की शहबाज सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की है. शहबाज सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम 26 रुपये 77 पैसे बढ़ा दिए हैं. जिसके बाद अब पेट्रोल का नया रेट 393 रुपये 35 पैसे प्रति लीटर है, वहीं डीजल 380 रुपये 19 पैसे प्रति लीटर है.
स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ का कहना है कि ईरान पर अमेरिका-इजरायल युद्ध की शुरुआत के बाद से फॉसिल ईंधन के आयात की लागत में लगभग 24 अरब यूरो (28 अरब डॉलर) की वृद्धि हुई है.
इजरायल ने लेबनान के साथ सीजफायर फिर तोड़ दिया है. इजरायल के फाइटर जेट्स ने साउथ लेबनान के खिरबेट सेल्म शहर पर एयरस्ट्राइक की है, जो सीजफायर का एक और उल्लंघन है.
अमेरिका और ईरान के बीच अगर सीजफायर विफल होता है तो अमेरिकी सेना होर्मुज स्ट्रेट के आसपास ईरान के रक्षा ठिकानों पर हमला करने की योजना बना रही है. यूएस आर्मी के टारगेट में छोटी अटैकिंग बोट, माइंस बिछाने वाले जहाज, मिसाइलें और ड्रोन शामिल हो सकते हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान जलमार्ग पर कंट्रोल के लिए करता है. सीएनएन के मुताबिक, अमेरिका ईरान के ऊर्जा ठिकानों और नेताओं को भी टारगेट कर सकता है.
अमेरिकी नेवी के एक्टिंग सेक्रेटरी हंग काओ ने बुधवार को नौसेना सचिव जॉन सी. फालेन को पद से हटाए जाने के बाद पदभार संभालने के बाद अपना पहला बयान जारी किया, जिसमें उन्होंने कहा कि उनकी तात्कालिक प्राथमिकताएं नौसैनिकों और मरीन सैनिकों की देखभाल करना, जहाज निर्माण पहलों को आगे बढ़ाना और संयुक्त राज्य अमेरिका की रक्षा सुनिश्चित करना है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ईरान पर परमाणु हथियार से हमला करने से इनकार कर दिया, जबकि इससे पहले उन्होंने ईरानी सभ्यता को पूरी तरह नष्ट करने की धमकी दी थी. ट्रंप ने व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'नहीं, मैं इसका इस्तेमाल नहीं करूंगा.'
उन्होंने पूछा, 'जब हमने पारंपरिक तरीकों से बिना परमाणु हथियार के उन्हें पूरी तरह से नष्ट कर दिया है तो मैं परमाणु हथियार का इस्तेमाल क्यों करूंगा?'
एक्सियोस ने एक अमेरिकी अधिकारी और इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सोर्स के हवाले से बताया कि ईरान की IRGC नेवी ने इस हफ़्ते होर्मुज स्ट्रेट में और माइंस बिछाई हैं. रिपोर्ट में कहा गया कि अमेरिका को पता है कि ईरान ने कितनी नई माइंस लगाई हैं, लेकिन उसने संख्या बताने से मना कर दिया.
अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इजरायल के संयुक्त राष्ट्र दूत डैनी डैनन ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान के साथ सीजफायर को तीन सप्ताह बढ़ाने का ऐलान किया है, लेकिन ये 100 फीसदी गारंटी नहीं है.
ईरान के साथ दूसरे दौर की बातचीत की संभावनाओं के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के नेता आपस में ही कुत्ते-बिल्लियों की तरह लड़ रहे हैं कि देश को कंट्रोल कौन करेगा. उन्होंने कहा कि हमने ईरान के लिए सच में बहुत गड़बड़ कर दी है.
ट्रंप ने कहा, 'वे एक डील करना चाहते हैं. हम उनसे बात कर रहे हैं, लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता कि देश को कौन लीड कर रहा है. वे परेशान हैं. इसलिए हमने सोचा कि हम उन्हें अपनी परेशानी को थोड़ा कम करने का थोड़ा मौका दें.'
इजरायल ने बड़ा बयान दिया है. इसमें कहा है कि ईरान को पाषाण युग में लौटाने के लिए इजरायल को अमेरिका की हरी झंडी का इंतजार है. इजरायल के रक्षामंत्री काट्ज ने कहा कि इजरायल ईरान के खिलाफ युद्ध फिर से शुरू करने के लिए तैयार है. उनका देश ईरान को पाषाण युग में लौटाने के लिए संयुक्त राज्य अमेरिका से हरी झंडी मिलने का इंतजार कर रहा है.
ईरान ने दावा किया है कि युद्ध के दौरान इजरायल के हमलों के बावजूद एकता बरकरार है. विदेश मंत्री अराघची ने कहा कि ईरान के सरकार संस्थान लगातार काम कर रहे हैं. यह युद्ध के दौरान इजरायल की हत्या की कोशिशों की नाकामी को दिखाता है. युद्ध का मैदान और कूटनीति एक ही युद्ध के पूरी तरह से आपस में जुड़े मोर्चे हैं. ईरानी लोग पूरी तरह से एकजुट हैं. पहले से कहीं ज्यादा.
तेहरान के कुछ हिस्सों में Air Defence बैटरियां एक्टिव कर दी गई थीं. ईरान की नूर न्यूज़ और मेहर न्यूज़ एजेंसी ने बताया है कि तेहरान के कुछ हिस्सों में एयर डिफेंस बैटरियां एक्टिव कर दी गई थीं. उन्होंने इसके कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी और न ही किसी घटना की रिपोर्ट की.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हॉर्मुज में बारूदी सुरंगे बिछाने वाली किसी भी नाव को गोली मारकर मार डालने का आदेश दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि उन्होंने अमेरिकी नौसेना को आदेश दिया है कि हॉर्मुज के पानी में बारूदी सुरंगे बिछाने वाले किसी भी जहाज को गोली मारकर मार डाला जाए.
अमेरिका में लेबनान और इजरायल की वार्ता से पूर्व संध्या पर इजरायल के पत्रकार अमल खलील की हत्या एक युद्ध अपराध है. यह बयान लेबनान की एक सांसद ने जारी किया है. लेबनान की तरफ से कहा गया है कि यह पूरी बातचीत प्रक्रिया को कमजोर करती है. लेबनान की सांसद नजात आउन सलीबा ने कहा कि इजरायल ने कोई सदभावना नहीं दिखाई. अमल खलील की हत्या और जैनब फराज के घायल होने घटना इसका सबूत है.
भारतीय जहाज देश गरिमा ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पार कर लिया है. भारतीय नौसेना ने एस्कॉर्ट देश गरीमा को एस्कॉर्ट किया है. 97 हजार मीट्रिक टन कच्चा तेल कर जहाज बुधवार को मुंबई पहुंचा है.
ईरान के निर्वासित राजकुमार रज़ा पहलवी ने बर्लिन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि ईरानी स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची व्यावहारिक नहीं हैं, ना वे सुधारक हैं और न ही पर्दे के पीछे आईआरजीसी के हिट-मैन हैं. वे एक ही मशीन के अलग-अलग चेहरे हैं.पहलवी ने ईरान के साथ किसी भी तरह की डील का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि जब तक यह शासन सत्ता में है, आप इन खतरों का सामना करते रहेंगे और ये केवल और बिगड़ेंगे. कोई समझौता इसे हल नहीं करेगा. कोई बातचीत इसे हल नहीं करेगी. यह उनके डीएनए में है.
महान एयर ने गुरुवार को घोषणा की कि वह ईरान और चीन के बीच यात्री उड़ानें फिर से शुरू करेगी. 26 अप्रैल, 2026 से महान एयर ईरान और चीन के बीच यात्री उड़ानों का संचालन धीरे-धीरे फिर से शुरू करेगी. 26 अप्रैल से 25 मई तक की उड़ान अनुसूची पहले ही जारी कर दी गई है और आगे की उड़ानों की जानकारी अलग से घोषित की जाएगी. जैसा कि उसके आधिकारिक वीचैट अकाउंट पर जारी एक बयान में बताया गया है.
पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग के बीच बड़ा बयान दिया है. इस्लामाबाद की ओर से कहा गया है कि संघर्ष का स्थायी समाधान निकालने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच राजनयिक संबंध बनाए रखना आवश्यक है.
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने उन खबरों को खारिज किया है, जिनमें पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को बताया गया है. पोस्ट में कहा गया है, 'पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की खबरें आ रही हैं. यह स्पष्ट किया जाता है कि सरकार के समक्ष ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है. ऐसी खबरें नागरिकों में भय और दहशत फैलाने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं और ये दुर्भावनापूर्ण एवं भ्रामक हैं. वास्तव में, भारत एकमात्र ऐसा देश है जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि नहीं हुई है. भारत सरकार और सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने भारतीय नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय कीमतों में होने वाली तीव्र वृद्धि से बचाने के लिए निरंतर कदम उठाए हैं.'
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप की ओर से बढ़ाए गए सीजफायर पर तंज कसा है. हैदराबाद में ईरानी दूतावास ने ट्रंप का एक एआई वीडियो पोस्ट किया है, जिसमें ट्रंप को गुस्से में दिखाया गया है.
अमेरिका ने चेतावनी दी है कि होर्मुज स्ट्रेट से समुद्री बारूदी सुरंगें हटाने में छह महीने तक का समय लग सकता है.
IRGC ने जिन दो जहाजों पर अटैक करने के बाद बंधक बनाने का वीडियो जारी किया है, उसमें जिन छोटी बोट्स से IRGC के लड़ाकों ने हमला किया, उन्हें ‘हैदर-110’ नाम से जाना जाता है. ये बोट्स करीब 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से समंदर में दौड़ती हैं. ये दुनिया की सबसे फास्ट अटैक क्राफ्ट (बोट्स) में से एक हैं.
अमेरिकी सीनेटर क्रिस मर्फी ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ ट्रंप के युद्ध से होने वाला नुकसान और भी बदतर हो सकता है क्योंकि युद्ध को समाप्त करने से इनकार करने के कारण तेहरान का होर्मुज पर नियंत्रण बना हुआ है और तेल की कीमतें भयावह रूप से ऊंची बनी हुई हैं.
ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने मंगलवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलना तब तक संभव नहीं होगा जब तक कि समुद्री नाकाबंदी नहीं हटाई जाती और सीजफायर उल्लंघन के मामलों को नहीं सुलझाया जाता.
X पर एक पोस्ट में गालिबाफ ने कहा कि सीजफायर तभी सार्थक होगा, जब नाकाबंदी जैसी कार्रवाइयों से इसे कमजोर न किया जाए, जिसके कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है.
होर्मुज स्ट्रेट में ईरान की हैदर-110 बोट्स ने बवाल मचाया हुआ है. ये वही बोट्स हैं, जो जहाजों और तेल टैंकरों पर हमले करती हैं. होर्मुज में कम से कम 30 बोट्स एक साथ तेज स्पीड से दौड़ रही हैं. अटैक करने के बाद वो तुरंत टनल में जाकर छिप जाती हैं.
(इनपुट- नीरज राजपूत)
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ बातचीत फिर से शुरू करने के लिए कोई समय का दबाव नहीं है, जबकि 12 अप्रैल को वार्ता विफल होने के बाद से बातचीत ठप पड़ी है. फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने सीजफायर के अल्पकालिक विस्तार के सुझावों को खारिज करते हुए, तीन से पांच दिन के दावों को नकार दिया.
नाटो प्रमुख मार्क रूटे का कहना है कि NATO हमेशा तुर्किए की रक्षा करेगा. उन्होंने कहा, 'हम गठबंधन में शामिल अपने सदस्यों की रक्षा के लिए जो भी जरूरी होगा करेंगे, जिसमें तुर्किए भी शामिल है.' पिछले कुछ हफ्तों में ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को तुर्किए के हवाई क्षेत्र में रोका गया.
अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, लेबनान के राष्ट्रपति ने कहा है कि सीजफायर को बढ़ाने के लिए बातचीत जारी है. उन्होंने चेतावनी दी है कि किसी भी पक्ष को सुरक्षा उपायों में बाधा डालने या स्थिरता को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जाएगी.
आईआरजीसी का कहना है कि उसने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो जहाजों को जब्त किया है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक ईरानी नौसेना ने दोनों जहाज को ईरान के तट की ओर ला रही है. IRGC ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में व्यवस्था और सुरक्षा को बाधित करना ईरान के लिए लक्ष्मण रेखा माना जाता है.
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह ईरान युद्ध में युद्धविराम को बढ़ाने और राजनीतिक और राजनयिक चैनलों के माध्यम से मतभेदों को सुलझाने के लिए संबंधित पक्षों के प्रयासों का समर्थन करता है.
अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के प्रमुख ग्रोसी ने ट्रंप की ओर से किए गए एकतरफा सीजफायर पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा, 'तेहरान और वाशिंगटन के बीच युद्ध समाप्त करने का प्रयास एक जटिल प्रक्रिया है और इस प्रक्रिया को जारी रखने के लिए निरंतरता की अनुमति देना महत्वपूर्ण है. मेरा मानना है कि शांति का अवसर देना अत्यंत महत्वपूर्ण है.'
ईरानी विदेश मंत्री अराघची और इटली के विदेश मंत्री ताजानी ने फोन पर बातचीत की. इस दौरान क्षेत्रीय घटनाक्रम की नवीनतम स्थिति के साथ-साथ युद्धविराम और कूटनीति से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की और विचारों का आदान-प्रदान किया.
ईरान ने अमेरिका पर बड़ा आरोप लगाया है. संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि तेहरान को ऐसा संकेत मिला है कि अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर घेराबंदी तोड़ने के लिए तैयार है.
ईरान ने सीजफायर उल्लंघन का हवाला देते हुए अमेरिका की ओर से लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी को बातचीत की शर्त बना दिया है. राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा एकतरफा युद्धविराम विस्तार के बावजूद, तेहरान अभी भी संशय में है. होर्मुज स्ट्रेट अभी भी बंद है, जिससे दुनिया के एनर्जी मार्केट में खतरा बना हुआ है, जबकि इस्लामाबाद में दूसरे दौर की बातचीत की उम्मीद है.
निकारागुआ के राष्ट्रपति डैनियल ओर्टेगा ने कहा है कि डोनाल्ड ट्रंप ने अपना दिमाग खो दिया है. ओर्टेगा ने घोषणा की कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस्लामी गणराज्य ईरान के खिलाफ 'पूर्ण युद्ध' शुरू करके 'अपना दिमाग खो दिया है.'
अमेरिका की डेमोक्रेटिक सांसद यासमीन अंसारी ने ईरान युद्ध का विरोध किया था, जिसके बाद उन्हें धमकियों का सामना करना पड़ रहा है. यासमीन को एक दर्जन से अधिक डेमोक्रेटिक सांसदों का साथ मिला है. सांसद ग्रेगरी मीक्स ने एक्स पर पोस्ट कर यासमीन, उनके परिवार और कर्मचारियों के खिलाफ नफरत भरी भाषा की निंदा की. मीक्स ने आगे कहा, 'ईरान में ट्रंप का चुना हुआ युद्ध बेहद अलोकप्रिय और अनुचित है.अमेरिकी लोगों को इसके खिलाफ बोलने का अधिकार है.'
होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कंटेनर वेसल पर ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमला किया है. UKMTO ने बताया कि आईआरजीसी की बोट ने वेसल पर फायरिंग की है. इसमें जहाज को नुकसान पहुंचा है. क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं.
होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे एक कंटेनर वेसल पर ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने हमला किया है. UKMTO ने बताया कि आईआरजीसी की बोट ने वेसल पर फायरिंग की है. इसमें जहाज को नुकसान पहुंचा है. क्रू मेंबर्स सुरक्षित हैं.
ईरान ने अपने एक नागरिक को इजरायल के लिए जासूसी करने में एक्शन लिया है. रॉयटर्स के मुताबिक, मुस्लिम देश ने उसे फांसी पर लटका दिया है.
ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह तबाह हो चुकी है. वो होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलना चाहते हैं. उन्हें एक दिन में 500 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है. पुलिस और सेना के जवान ये शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें सैलरी नहीं मिल रही है.
अमेरिकी पेंटागन की खुफिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान अभी भी अपने प्रमुख सैन्य क्षमताओं को बरकरार रखे हुए हैं. पेंटागन की ये रिपोर्ट ट्रंप के उस दावे को खारिज करती है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ईरान की नेवी-एयरफोर्स तबाह हो चुके हैं. उनकी मिसाइल बनाने की क्षमता भी खत्म हो चुकी है.
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने बताया कि ईरान ने संकेत दिया है कि अमेरिका अपनी नौसैनिक नाकाबंदी को लेकर तनाव कम करने की तैयारी कर रहा है. प्रेस टीवी के अनुसार, इरावानी ने कहा कि तेहरान को संकेत मिले हैं कि वाशिंगटन नाकाबंदी समाप्त करने के लिए तैयार हो सकता है. उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से अमेरिका पर दबाव डालने का भी आग्रह किया कि वह ईरानी वाणिज्यिक जहाज 'तौस्का' को उसके चालक दल सहित तुरंत रिहा करे और ओमान सागर में इसे जब्त करना एक शत्रुतापूर्ण और गैरकानूनी कृत्य बताया.
डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर के ऐलान के साथ ही ये भी क्लीयर कर दिया है कि जब तक ईरान युद्ध खत्म करने के लिए ठोस प्रस्ताव नहीं देता है, तब तक होर्मुज से अमेरिका की नाकेबंदी नहीं हटेगी. यानी ये क्लीयर है कि अब होर्मुज से जहाजों की आवाजाही बंद ही रहेगी.
अमेरिका के साथ बातचीत रद्द होने के बाद ईरान में देर रात कट्टरपंथियों ने बैलिस्टिक मिसाइलों के साथ रैली निकाली, जिनमें से एक में बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चर भी लाए गए.सरकारी टीवी द्वारा प्रसारित फुटेज में तेहरान में कलाश्निकोव शैली की राइफलें लिए हुए लोग काद्र बैलिस्टिक मिसाइल जैसी दिखने वाली एक मिसाइल पर सवार दिखाई दिए.ये मिसाइलें क्लस्टर बम गिराने में सक्षम हैं, जिनका इस्तेमाल ईरान ने पहले भी इजरायल पर हमलों के दौरान किया है.
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में होने वाली बातचीत फिलहाल स्थगित हो गई है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी राष्ट्रपति जेडी वेंस का पाकिस्तान दौरा भी टल गया है.
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होगी या नहीं, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. हालांकि इस बीच इस्लामाबाद में कल फिर से पूरा रेड जोन ब्लॉक करने का आदेश दिया गया है. पाकिस्तान की केंद्र सरकार के सभी मंत्रालय और सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे और सभी केंद्र सरकार के अधिकारी घर से ही काम करेंगे.
अमेरिकी सेना ड्रोन, हवाई सुरक्षा और लड़ाकू विमानों पर खर्च बढ़ाना चाहती है. ट्रंप की 2027 के बजट में रक्षा खर्च को बढ़ाकर 1.5 ट्रिलियन डॉलर करने की मुहिम के तहत पेंटागन ड्रोन और उससे जुड़ी टेक्नोलॉजी पर खर्च को तीन गुना बढ़ाकर 74 बिलियन डॉलर से ज्यादा करना चाहता है और 30 बिलियन डॉलर से ज्यादा रकम जरूरी गोला-बारूद में लगाना चाहता है.
जेडी वेंस अभी भी वॉशिंगटन में ही हैं. वे व्हाइट हाउस में आज एक खास मीटिंग में हिस्सा लेने वाले हैं. अहम बात यह है कि अमेरिका के कई विमान पाकिस्तान पहुंच गए हैं, लेकिन अब ईरान से बातचीत की संभावना काफी कम रह गई है.
अमेरिका और ईरान की बातचीत पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं. स्टीव विटकॉफ और जेरेड क्रुशनर का प्लेन भारतीय समय के मुताबिक शाम 4 बजे अमेरिका से इस्लामाबाद के लिए उड़ना था, लेकिन अभी तक प्लेन नहीं उड़ा है.
पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्री अताउल्लाह तरार ने अमेरिका-ईरान बातचीत के मामले पर अहम उपडेट दिया है. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद शांति वार्ता में शामिल होने वाले डेलीगेशन को लेकर ईरान की तरफ से अभी तक पुष्टि नहीं हुई है. मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान, ईरानियों के साथ लगातार संपर्क में है और कूटनीति तथा बातचीत के रास्ते पर आगे बढ़ रहा है.
पाकिस्तानी विदेश मंत्री इशाक डार अमेरिकी दूतावास पहुंचे हैं. उन्होंने अमेरिकी चार्ज डी अफेयर्स नतालिए बेकर से मुलाकात की. इसके बाद पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा की इशाक डार ने अमेरिकी राजदूत से कहा कि दोनों देशों को सीजफायर बढ़ाना चाहिए.
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका अब काफी मजबूत स्थिति में है और ईरान के पास कोई विकल्प नहीं बचा है. उन्होंने कहा, 'हम ईरान के साथ जल्द ही डील खत्म करेंगे.' ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका युद्ध के लिए भी पूरी तरह तैयार है. उन्होंने कहा, युद्धविराम से पहले की तुलना में हम अब कहीं अधिक शक्तिशाली हैं. हमने युद्धविराम का उपयोग अपने हथियारों को फिर से भरने के लिए किया और शायद उन्होंने भी थोड़ा स्टॉक जमा किया होगा.'
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका जल्द ही ईरान के साथ एक अच्छी डील साइन करेगा. उन्होंने सीएनबीसी से बात करते हुए कहा कि अमेरिका इस समय मजबूत स्थिति में है.
एक ईरानी अधिकारी ने राष्ट्रपति ट्रंप को कड़ी चेतावनी देते हुए संकेत दिया है कि अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी लगाकर "बातचीत की टेबल को समर्पण की टेबल में बदलने" की कोशिश की है, जिसके बाद अब उनका शासन 'युद्ध के मैदान में नए पत्ते खोलने' के लिए तैयार है. संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने कहा, 'हम धमकियों के साये में बातचीत स्वीकार नहीं करते.'
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. एपी की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका-ईरान दोनों ही बातचीत के लिए तैयार हैं. पाकिस्तान की तरफ से भी यह कहा गया है कि यूएस-ईरान का डेलीगेशन जल्द ही इस्लामाबाद पहुंच सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर फिर सीजफायर तोड़ने का आरोप लगाया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ पर लिखा कि ईरान ने कई बार सीजफायर का उल्लंघन किया है.
ईरान आर्मी ने कहा है कि अमेरिका की धमकियों के बावजूद उसके टैंकर देश की सीमा में घुस चुके हैं. यूएस नेवी ने होर्मुज में नाकेबंदी कर रखी है और वह लगातार धमकी दे रही थी.
अमेरिका और इजरायल के हमलों से ईरान अभी तक उबर नहीं पाया है. देश में करीब 53 दिनों से इंटरनेट बंद है. इसकी वजह से लोगों का बाहरी दुनिया से कनेक्शन पूरी तरह टूट चुका है. अहम बात यह भी है कि फिलहाल इंटरनेट शुरू होने को लेकर किसी तरह का अपडेट नहीं मिला है.
ईरान अमेरिका के बीच बातचीत और ट्रंप के आने ना आने की अनिश्चितता के बीच रावलपिंडी प्रशासन ने बंदी सिर्फ इस्लामाबाद की तरफ जाने वाली सड़कों तक सीमित कर दी है. पेशावर की तरफ जाने वाली सड़क पर स्थित बस स्टैण्ड को खोलने का रावलपिंडी प्रशासन ने ऐलान किया है.
पाकिस्तानी सूत्रों का कहना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता बुधवार को शुरू होने की राह पर है. नाम न छापने की शर्त पर सूत्र ने बताया कि वार्ता में शामिल एक पाकिस्तानी सूत्र ने कहा है कि अमेरिका-ईरान वार्ता का दूसरा दौर बुधवार से शुरू होने की संभावना बढ़ रही है. सूत्र ने आगे कहा, "बातचीत आगे बढ़ रही है और कल वार्ता शुरू होने की पूरी संभावना है." सूत्र ने यह भी बताया कि अगर समझौता हो जाता है तो ट्रंप व्यक्तिगत रूप से या वर्चुअल माध्यम से वार्ता में शामिल हो सकते हैं.
रूस ने ईरान और खाड़ी देशों के बीच तनाव कम करने के लिए मध्यस्थता की पेशकश की है. सर्गेई लावरोव ने क्षेत्र में संघर्ष को बढ़ने से रोकने और युद्धविराम बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया. ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से गुजरने वाले रूसी जहाजों के लिए सुरक्षित मार्ग की गारंटी भी दोहराई.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से फोन पर बातचीत की. ईरानी समाचार एजेंसी इसना के अनुसार, अराघची ने कहा कि अमेरिका का “गैरकानूनी व्यवहार” और उसके नेताओं के “विरोधाभासी बयान” कूटनीति के अनुरूप नहीं हैं. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा के लिए उचित निर्णय लेगा.
व्हाइट हाउस के एक अधिकारी के मुताबिक, अमेरिकी मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि अमेरिका के राष्ट्रपति के ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम को बढ़ाने की संभावना बहुत कम है, जो कल समाप्त होने वाला है.
ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. AXIOS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के सुप्रीम लीडर (Supreme Leader) ने आखिरकार ईरानी प्रतिनिधिमंडल को पाकिस्तान जाने और वार्ता में शामिल होने की आधिकारिक इजाजत दे दी है. सूत्रों के हवाले से किए गए दावे के मुताबिक, ईरानी टीम काफी समय से सुप्रीम लीडर के 'ग्रीन सिग्नल' का इंतजार कर रही थी. यह मंजूरी सोमवार रात को दी गई, जिसके बाद अब ईरानी दल के पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद जाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है.
डोनाल्ड ट्रंप के बारे में द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि वे युद्धविराम की अवधि बढ़ाने के पक्ष में नहीं हैं.
ईरान ने राजधानी तेहरान में स्थित इमाम खोमेनी और मेहराबाद हवाई अड्डों को फिर से खोल दिया है.
दक्षिणी लेबनान के नबातियेह जिले के क़स्बे क़ाकाआइत अल-जिस्र पर इज़रायली हवाई हमले में छह लोग घायल हो गए हैं. राज्य संचालित नेशनल न्यूज़ एजेंसी (एनएनए) के अनुसार, यह हमला ऐसे समय हुआ है जब शुक्रवार से लागू युद्धविराम के बावजूद इज़राइल द्वारा हमले जारी हैं.
एक पाकिस्तानी सूत्र के अनुसार, “वॉशिंगटन और तेहरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत मंगलवार दोपहर से शुरू होने की उम्मीद है. ईरानी और अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल मंगलवार सुबह लगभग एक ही समय पर पहुंच सकते हैं.”
जेडी वेंस मंगलवार को ईरान से जुड़े मुद्दों पर बातचीत के लिए पाकिस्तान का दौरा करेंगे. यह जानकारी Axios ने अमेरिकी सूत्रों के हवाले से दी है. इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कहा “वे बातचीत करेंगे और अगर ईरान के लोग नहीं करेंगे, तो उन्हें ऐसी समस्याओं का सामना करना पड़ेगा, जैसा उन्होंने पहले कभी नहीं देखा होगा.”
अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की चर्चा चल रही है. दूसरी ओर इजरायल ने लेबनान पर अटैक कर दिया है. NNA की रिपोर्ट के मुताबिक 10 दिन के सीजफायर के बावजूद हाल के घंटों में इजराइली हमलों ने लेबनान के दक्षिण के कई शहरों को निशाना बनाया है.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को लेकर अभी तक सस्पेंस बना है. एपी की रिपोर्ट की जेडी वेंस अभी भी व्हाइट हाउस में हैं, न कि वे पाकिस्तान के लिए रवाना हुए हैं. इससे पहले कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि वे पाकिस्तान के लिए निकल चुके हैं.
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने एक्स पोस्ट में लिखा, किसी भी बातचीत को सही दिशा में ले जाने के लिए जरूरी है कि वादों को निभाया जाए. अमेरिकी सरकार के बर्ताव और उसके कामकाज के इतिहास को लेकर ईरान में गहरा अविश्वास है. वे चाहते हैं कि ईरान उनके सामने घुटने टेक दे, लेकिन ईरान के लोग किसी भी तरह के दबाव के आगे नहीं झुकेंगे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से ईरान को धमकाया है. उन्होंने कहा कि ईरान के साथ सीजफायर बढ़ने की संभावना बहुत कम है. ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक ट्रंपने कहा, ईरान के साथ सीजफायर को आगे बढ़ाने की संभावना 'बहुत कम' है, जो इस हफ्ते खत्म होने वाला है. ट्रंप ने यह भी कहा कि होर्मुज की नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी, जब तक अमेरिका और ईरान युद्ध को लेकर किसी समझौते पर नहीं पहुंच जाते हैं.
अमेरिकी सेना ने अभी तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पकड़ बनाकर रखी है. उसने ईरानी बंदरगाहों से आने वाले और जाने वाले जहाजों पर रोक लगा रखी है. अमेरिकी नौसेना ने अभी तक 27 जहाजों को वापस भेजा है. अहम बात यह भी है कि अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने वीडियो भी जारी किया है.
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार से फोन पर बातचीत की है. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने अमेरिका के साथ ईरान की बातचीत को लेकर चल रहे मौजूदा डेवलपमेंट्स पर बात की.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ी बात कही है. उन्होंने ट्रूथ पर एक पोस्ट के जरिए कहा, 'मुझे इजरायल ने कभी ईरान के साथ युद्ध के लिए नहीं उकसाया. 7 अक्टूबर के नतीजों ने मेरी इस जीवन भर की राय को और पक्का कर दिया कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकता.'
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस एक बार फिर से पाकिस्तान जाएंगे. अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक जेडी वेंस के साथ अमेरिकी डेलीगेशन कुछ ही घंटों में इस्लामाबाद पहुंचेगा.
ईरान की राजधानी तेहरान में करीब डेढ़ महीने के बाद दो एयरपोर्ट खोले गए हैं. मेहराबाद एयरपोर्ट डोमेस्टिक के लिए और खौमेनी एयरपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों के लिए खुला है. ये सभी एयरपोर्ट 28 फरवरी से बंद थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा दावा किया है. ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा, ईरान के साथ समझौते पर आज ही पाकिस्तान में हस्ताक्षर हो जाएंगे. अमेरिका की तरफ से कई वीवीआईपी एयरक्राफ्ट नूरखान एयरबेस पहुंचे हैं.
वॉशिंगटन स्थित 'इंस्टीट्यूट फॉर द स्टडी ऑफ वॉर' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान की सत्ता पर अब कट्टरपंथी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC का कब्जा है. इस बदलाव के बाद IRGC कमांडर अहमद वाहिदी और उनके करीबियों ने नेतृत्व संभाल लिया है. रिपोर्ट के मुताबिक IRGC के कमांडर वाहिदी ने ईरान की 'सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल' के सचिव मोहम्मद बाघर का समर्थन हासिल कर लिया है, जिससे सैन्य और रणनीतिक अभियानों पर उनकी पकड़ और मजबूत हो गई है.
अमेरिका-ईरान बातचीत की चर्चा के बीच एक और अहम खबर सामने आई है. इजरायली चैनल 15 की रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल और लेबनान के बीच वॉशिंगटन में गुरुवार को बातचीत होगी.
न्यूज एजेंसी एपी की रिपोर्ट के मुताबिक एक पाकिस्तानी अधिकारी ने दावा किया है कि ईरान अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार हो गया है. दो पाकिस्तानी अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि ईरानी अधिकारियों ने इस हफ़्ते इस्लामाबाद में बातचीत के दूसरे दौर के लिए एक प्रतिनिधिमंडल भेजने की इच्छा जाहिर की है.
पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर अब तक अमेरिकी वायुसेना के 9 C-17 विमान लैंड हो चुके हैं. 2 विमानों में अमेरिकी डेलीगेशन की गाड़ियां आई हैं, बाकी 7 विमानों में जैमर, संपर्क के यंत्र और सुरक्षा उपकरण एवं हथियार आए हैं. साथ ही एक 'एयरफोर्स 2' वीवीआईपी विमान भी लैंड हुआ है.
पाकिस्तान के गृहमंत्री मोहसिन नकवी ने ईरानी दूतावास जाकर पाकिस्तान में ईरानी राजदूत रेजा अमीरी मोघदम से बातचीत की. उन्होंने इस्लामाबाद में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जानकारी दी.
अमेरिका का वीवीआई विमान पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर लैंड कर चुका है, हालांकि विमान में कौन है, इसकी जानकारी फिलहाल नहीं आई है.
अमेरिका का एक वीवीआई विमान पाकिस्तान के नूरखान एयरबेस पर जल्द ही लैंड करने वाला है. इस विमान में कौन-कौन मौजूद है, इसको लेकर फिलहाल किसी तरह की जानकारी नहीं मिली है.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा, अमेरिका से अगले दौर की बातचीत का फिलहाल कोई प्लान नहीं है और यह भी स्पष्ट नहीं है कि कब और कहां अमेरिका के साथ समझौते पर चर्चा होगी.
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात की. मुनीर ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नाकाबंदी ईरान के साथ बातचीत में दिक्कत बन रही हैं. ट्रंप ने मुनीर से कहा कि वे इसको लेकर विचार करेंगे.
इंटरनेट निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स का कहना है कि ईरान में इंटरनेट बंद 1224 घंटे बाद 52वें दिन में प्रवेश कर चुका है. जनवरी की शुरुआत में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के फिर से शुरू होने के बाद ये प्रतिबंध लगाए गए थे और फरवरी के अंत में ईरान पर अमेरिका-इजराइल युद्ध शुरू होने के बाद ये और भी तीव्र हो गए. इस इंटरनेट बंद से पूरे देश में रोजगार और कारोबार प्रभावित हुए हैं.
ईरान के फॉरेंसिक चिकित्सा संगठन के प्रमुख ने कहा कि युद्ध में मरने वालों की संख्या कम से कम 3,375 हुई. न्यूज एजेंसी एपी ने यह जानकारी दी.
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान के कफरकेला पर बमबारी की है। ऐसे में सवाल उठ रही है कि क्या इसराइल दूसरे दौर की बातचीत को फेल करना चाहता है ?
ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक होर्मुज जलडमरूमध्य पर लगी नाकेबंदी खत्म नहीं होती, तब तक वह किसी भी बातचीत में हिस्सा नहीं लेगा। इस बीच, अमेरिकी डेलीगेशन आज शाम पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद पहुंचने वाला है, जहां क्षेत्रीय मुद्दों पर अहम बातचीत होने की संभावना है।
इस बीच भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने सऊदी अरब का दौरा किया. उन्होंने वहां ऊर्जा मंत्री और विदेश मंत्री सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की. बैठक में भारत और सऊदी अरब के रिश्तों, क्षेत्रीय स्थिति और ऊर्जा सुरक्षा पर चर्चा हुई.
अमेरिकी अधिकारियों ने कतर के साथ भी बातचीत की है. इसमें ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव को कम करने पर चर्चा हुई. अमेरिका ने कहा है कि उसका मकसद भविष्य में ईरान के किसी भी हमले को रोकना और ऊर्जा बाजार को स्थिर रखना है.
ईरान ने साफ कहा है कि वह अमेरिकी कार्रवाई का जल्द ही जवाब देगा. ईरान का कहना है कि अमेरिका द्वारा उसके जहाज को जब्त करना “आक्रामक कार्रवाई” है और इसका जवाब दिया जाएगा.
ईरान ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा कोई मुफ्त सेवा नहीं है. ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा अरेफ ने कहा कि जब तक ईरान के तेल निर्यात पर रोक रहेगी, तब तक दूसरों को भी मुक्त सुरक्षा नहीं मिलेगी. उन्होंने साफ कहा कि विकल्प दो ही हैं- या तो सभी के लिए खुला तेल बाजार हो या फिर सभी को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़े. ईरान का कहना है कि वैश्विक तेल कीमतें तभी स्थिर रह सकती हैं जब उस पर लगे आर्थिक और सैन्य दबाव को खत्म किया जाए.
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखा है. रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमतों में लगभग 8% तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है. होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के कुल तेल व्यापार का करीब एक-चौथाई हिस्सा गुजरता है, इसलिए यहां की स्थिति पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम है.
अमेरिकी रिपोर्ट के मुताबिक, USS Abraham Lincoln (CVN 72) के उड़ान डेक से एक F/A-18E सुपर हॉर्नेट को लॉन्च किया गया. यह ऑपरेशन उस समय हुआ जब अमेरिका ने क्षेत्रीय समुद्री इलाके में नौसैनिक नाकेबंदी की कार्रवाई शुरू की. इसके अलावा USS Spruance (DDG 111) नाम के गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर ने ईरानी झंडे वाले जहाज M/V Touska को रोका. बताया गया कि यह जहाज ईरान के बंदर अब्बास की ओर जा रहा था. अमेरिकी सेना ने कई बार चेतावनी दी कि यह जहाज नाकेबंदी का उल्लंघन कर रहा है. लगभग छह घंटे तक चेतावनी देने के बाद जब जहाज नहीं रुका, तो अमेरिकी नौसेना ने उसके इंजन रूम पर फायरिंग कर दी, जिससे उसका इंजन बंद हो गया. बाद में अमेरिकी मरीन ने जहाज को अपने कब्जे में ले लिया. अमेरिकी सेना का कहना है कि इस दौरान 25 से ज्यादा व्यापारिक जहाजों को वापस लौटने के लिए कहा गया.
ईरान ने अमेरिका के साथ दूसरे दौर की बातचीत के लिए राजी होने से इनकार कर दिया है. इसके पीछे वॉशिंगटन की तरफ से की गई ईरान से मांग है. ईरान ने वार्ता से इनकार कर दिया है. इससे अमेरिका ने दावा किया था कि यह कल यानी सोमवार को होने वाली है.
लेबनानी सेना ने दक्षिणी लेबनान में सड़क रोक रहे इजरायली बैरियर को हटा दिया है. देश की सेना ने X पर एक पोस्ट में बताया कि सेना की एक विशेष टुकड़ी एक मिट्टी के बैरियर को हटाने का काम कर रही है. इसे इज़राइली सेना ने कल दक्षिणी लेबनान के टायर शहर में एक सड़क पर लगाया थां. सेना ने यह भी बताया कि पास में ही एक निगरानी चौकी भी बनाई गई थी.
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने ताजा बयान में कहा है कि रक्षा और चिंताओं के कारण उपराष्ट्रपति जेडी वैंस पाकिस्तान में ईरान के साथ नई बातचीत के लिए अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नहीं करेंगे. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी दूत माइक वॉल्ट्ज और ऊर्जा सचिव क्रिस राइट, दोनों ने संकेत दिया था कि वैंस सोमवार से इस्लामाबाद में होने वाली बातचीत के दौर का नेतृत्व करेंगे.
उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार ने रविवार को दोपहर ईरान के विदेश मंत्री महामहिम अब्बास अराघची से बात की. डार ने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्र और उससे बाहर शांति और स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए, मौजूदा मुद्दों को जल्द से जल्द हल करने हेतु निरंतर बातचीत और जुड़ाव बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है. दोनों नेता आपस में लगातार संपर्क में रहने पर सहमत हुए. साथ ही उन्होंने आज बाद में ईरान के राष्ट्रपति और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बीच फोन पर बातचीत होने पर भी सहमति जताई.
इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज का कहना है कि अगर लेबनान की सरकार सीजफायर के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं का पालन नहीं करती है, तो सेना कार्रवाई करेगी. लेबनान में गुरुवार शाम को 10 दिन का सीज़फ़ायर लागू हो गया. इस समझौते के तहत, लेबनान ने हिज्बुल्लाह समेत अन्य गैर-सरकारी सशस्त्र समूहों द्वारा इजरायल के ठिकानों पर हमलों, ऑपरेशन्स और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को रोकने का वादा किया है.
प्रेसिडेंट मसूद पेजेशकियन ने बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि ईरान जंग नहीं चाहता है. वह सिर्फ US और इजरायल के हमले के खिलाफ सेल्फ डिफेंस में काम कर रहा है. उन्होंने शांति और इलाके में स्थिरता के लिए अपने देश के कमिटमेंट पर जोर दिया है. उन्होंने साथ ही यूएस और सिविलियन इन्फ्रास्ट्रक्चर को टारगेट करने का आरोप लगाया है. इसके अलाव इस तरह की कार्रवाई को इंटरनेशनल कानून का उल्लंघन और ह्यूमन राइट्स का दोहरे स्टैंडर्ड का सबूत बताया है.
अलजजीरा के मुताबिक फिलिस्तीनी न्यूज एजेंसी वफा ने बताया कि उत्तरी गाजा के जबालिया में इजरायली सेना ने एक युवक को मार डाला है. मेडिकल सोर्स के हवाले से वफा ने बताया कि इजरायली सेना शहर के हलावा कैंप में फिलिस्तीनी पर गोलियां चलाई. जिसमें वो घायल हो गया, और उसकी मौत हो गई. यह घटना देर रात दक्षिणी गाजा पट्टी में राफा के उत्तर-पश्चिम घटी है.
भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फतहाली को शनिवार (18 अप्रैल, 2026) को शाम 6:30 बजे विदेश मंत्रालय के कार्यालय में बैठक के लिए बुलाया गया. ईरानी राजदूत के सामने भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय टैंकर पर गोलीबारी की घटना को लेकर विरोध जताया. ईरानी बलों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास से गुजर रहे भारतीय झंडे वाले एक तेल टैंकर की गोलीबारी की गई है.
दिल्ली में भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली विदेश मंत्रालय से रवाना हुए. इसका एक वीडियो भी सामने आया है.
हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव के बीच दो भारतीय जहाजों को रास्ता बदलकर वापस लौटना पड़ा. एक पोत-ट्रैकिंग कंपनी के मुताबिक, यह फैसला तब लिया गया जब ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा गोलीबारी की खबरें सामने आईं. TankerTrackers.com ने बताया कि इन जहाजों में एक भारतीय झंडे वाला सुपर टैंकर भी शामिल है, जो करीब 20 लाख बैरल इराकी तेल लेकर जा रहा था. रिपोर्ट्स के अनुसार, क्षेत्र में सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं और कई जहाजों को हॉर्मुज जलडमरूमध्य पार करने से पहले अपने रूट बदलने या रुकने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है.
ब्रिटिश सेना के हवाले से एपी ने दी जानकारी, ईरान की ‘गनबोट’ ने होर्मुज स्ट्रेट में एक टैंकर पर गोलीबारी की.
पाकिस्तान के रक्षा बलों के प्रमुख फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की ईरान की तीन दिवसीय यात्रा संपन्न हो गई है. मुनीर की यह यात्रा अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को सुलझाने के पाकिस्तान के प्रयासों के तहत हुई. ईरान की यात्रा के दौरान मुनीर ने एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया. मुनीर बुधवार को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे और आठ अप्रैल को ईरान एवं अमेरिका के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम समझौते पर सहमति बनने के बाद देश का दौरा करने वाले वह पहले विदेशी सैन्य नेता बन गए.
ईरान ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज स्ट्रेट सभी कमर्शियल जहाजों के लिए ‘‘पूरी तरह से खुला’’ है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची की यह घोषणा ऐसे समय में आई है, जब एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने लेबनान और इज़राइल के बीच 10 दिन के युद्धविराम की घोषणा की थी. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘लेबनान में हुए युद्धविराम के मद्देनजर, होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले सभी कमर्शियल जहाजों के लिए मार्ग युद्धविराम की शेष अवधि के लिए पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है.’’
ईरान-अमेरिका युद्ध से जुड़ी खबरों के बीच यूनाइटेड किंगडम ने होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा के लिए बहुराष्ट्रीय मिशन में ‘व्यापक सैन्य योगदान’ देने का ऐलान किया है. अल जजीरा के मुतिबाक, वॉशिंगटन में ब्रिटेन के राजदूत क्रिश्चियन टर्नर ने यह जानकारी दी. वॉशिंगटन में एक कार्यक्रम के दौरान टर्नर ने कहा कि फ्रांस और ब्रिटेन के नेतृत्व में चल रहे इस मिशन में UK अहम भूमिका निभाएगा.
डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ जल्द बातचीत हो सकती है और अंतिम समझौते की स्थिति में वह पाकिस्तान की यात्रा भी कर सकते हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20 फीसदी गुजरता है. ऐसे में यहां किसी भी तरह का तनाव वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर सीधा असर डालता है.
ईरान की घोषणा के बाद ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने को लेकर ईरान का आभार जताया है. बकायदा इससे जुड़ा पोस्ट उन्होंने सोशल मीडिया ट्रुथ पर किया. ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अभी अभी घोषणा की है कि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज पूरी तरह से खुला है. वह पूर्ण आवागमन के लिए तैयार है. धन्यवाद.
ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोल दिया है. सीजफायर तक इस जलमार्ग को खोलने का फैसला ईरान की सरकार की तरफ से लिया गया है. विदेश मंत्री अराघची ने इसकी घोषणा की है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि लेबनान में लागू युद्धविराम की वजह से हॉर्मुज से सभी जहाजों के आवागमन को युद्धविराम की बची हुई अवधि तक के लिए पूरी तरह से खोला जाता है.
ईरान की तरफ से सीजफायर को लेकर बड़ा बयान दिया है. ईरान के उप विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने की मांग की है. उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा है कि हम किसी भी अस्थायी संघर्ष विराम को स्वीकार नहीं कर रहे हैं. युद्ध पूरी तरह से समाप्त होना चाहिए.
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की तरफ से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को खुलवाने के लिए कॉन्फ्रेंस से पहले पेरिस में ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर का स्वागत किया. कॉन्फ्रेंस के जरिए इसमें 40 से ज्यादा देश हिस्सा लेंगे. इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस वीडियो कॉल से पहले पेरिस में ब्रिटेन के PM स्टार्मर का स्वागत किया. ब्रिटेन के पीएम स्टार्मर ने इस रास्ते को खोलने के लिए वैश्विक जिम्मेदारी बताया था.
इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन का संघर्ष विराम लागू हो गया है. अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इससे ईरान के साथ शांति वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है. स्थिति अभी भी अस्थिर बनी हुई है.
अमेरिकी के पूर्व राजदूत इमैनुएल ने ट्रंप की विदेश नीति पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि हमने भारत के बजाय पाकिस्तान को चुना. अमेरिका के चार अलग-अलग राष्ट्रपतियों ने भारत को अमेरिका के करीब लाने में सालों लगाए. लेकिन ट्रंप प्रशासन ने भारत को पूरी तरह से खारिज कर दिया. रहम इमैनुएल ने कहा कि ट्रंप सरकार की विदेश नीतियों ने भारत और अन्य दीर्घकालिक सहयोगियों को अलग-थलग कर दिया है.
उनकी यह टिप्पणी तब आई है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान का दौरा करने की संभावना जताई और ईरान युद्ध के बीच मध्यस्थ के रूप में काम करने के लिए पाकिस्तान की तारीफ की.
पाकिस्तानी सिक्योरिटी सोर्स ने रॉयटर्स को बताया, US-ईरान डील करीब है, बातचीत अपने आखिरी फेज में है और टेक्निकल टीमें सीधे मीटिंग कर रही हैं.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, 'मैं लेबनान में युद्धविराम की घोषणा का स्वागत करता हूं, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के नेतृत्व में किए गए साहसिक और दूरदर्शी राजनयिक प्रयासों के माध्यम से संभव हुआ है और उम्मीद करता हूं कि यह स्थायी शांति का मार्ग प्रशस्त करेगा. पाकिस्तान लेबनान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का समर्थन करता है और क्षेत्र में स्थायी शांति के उद्देश्य से किए जा रहे सभी प्रयासों का समर्थन करना जारी रखेगा.'
पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने की उम्मीद के बीच शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में करीब 2 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई. यह गिरावट 28 फरवरी से शुरू हुए संघर्ष के खत्म होने की उम्मीदों के कारण आई है. ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 97.99 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जो शुरुआती कारोबार में दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया और इसमें 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई.
अमेरिका का वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी करीब 2 प्रतिशत गिरकर 92.91 डॉलर के इंट्रा-डे लो तक पहुंच गया. हालांकि, इससे पहले के कारोबारी सत्र में ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट करीब 5 प्रतिशत की तेजी के साथ 99.39 डॉलर पर बंद हुआ था. इसी तरह, अमेरिकी डब्ल्यूटीआई भी 2 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 93.32 डॉलर पर बंद हुआ था. घरेलू बाजार में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली, जहां यह 2.6 प्रतिशत तक गिरकर 8,625 रुपए तक आ गया।ट्रेडर्स को उस समय राहत मिली जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिन के युद्धविराम (सीजफायर) की घोषणा की.
भारत ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के दौरान कॉमर्शियल जहाजों को निशाना बनाए जाने को निंदनीय बताया और होर्मुज स्ट्रेट के माध्यम से निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार को जल्द बहाल किए जाने की मांग की है. संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने गुरुवार (16 अप्रैल) को कहा, 'भारत के लिए ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय होर्मुज स्ट्रेट से होकर गुजरने वाले कॉमर्शियल जहाज हैं.'
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने युद्धविराम कराने में पाकिस्तान की मध्यस्थता की सराहना की है. ईरानी राष्ट्रपति ने इस्लामाबाद के प्रयासों को प्रभावी और जिम्मेदार बताया. साथ ही क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता के लिए तेहरान की अडिगता को दोहराया.
इजरायल और लेबनान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आखिरकार राहत की खबर सामने आई है. शुक्रवार को दोनों देशों के बीच 10 दिनों का युद्धविराम लागू हो गया. इस सीजफायर की घोषणा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही कर दी थी. इस कदम का मकसद पिछले एक महीने से जारी हिंसक संघर्ष को रोकना है, जिसमें 2,000 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. जैसे ही युद्धविराम लागू हुआ, अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इसका स्वागत किया और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की. संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि हम उन सभी कदमों का स्वागत करते हैं जो 'ब्लू लाइन' के दोनों ओर हिंसा और पीड़ा को समाप्त करने में मदद करें उन्होंने संबंधित पक्षों से इस युद्धविराम का पूरी तरह पालन करने की अपील भी की.
बहरीन के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लेबनान और इजरायल के बीच सीजफायर के ऐलान का स्वागत किया है और समझौते को कराने में अमेरिका के नेतृत्व में किए गए प्रयासों की तारीफ की.
न्यूज एजेंसी ANI के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हुई बातचीत के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'मेरी उनसे बहुत अच्छी बातचीत हुई. वे भारत से मेरे मित्र हैं और बहुत अच्छे हैं. हमारी बहुत अच्छी बातचीत हुई.'
तेहरान से जुड़े एक सूत्र के मुताबिक, ईरान अमेरिका के साथ बातचीत में अपने प्रस्तावों के तहत होर्मुज स्ट्रेट के ओमान की ओर से जहाजों को बिना किसी हमले के खतरे के गुजरने की परमिशन देने पर विचार कर सकता है, बशर्ते कि नए सिरे से संघर्ष को रोकने के लिए कोई समझौता हो जाए. ईरान के साथ अमेरिका-इजरायल युद्ध के चलते, ईरान के स्ट्रेट से ट्रैफिक बाधित करने के कारण वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति में अब तक की सबसे बड़ी बाधा पैदा हुई है. यह स्ट्रेट दुनिया के लगभग 20 फीसदी तेल और एलपीजी सप्लाई को कंट्रोल करता है.
मिडिल ईस्ट संकट के चलते दुनिया में गहराए तेल संकट के बीच अमेरिका ने रूस और ईरान से तेल खरीदने की छूट दी थी, जो अब खत्म हो चुकी है. यूएस ने इसे आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया है.
व्हाइट हाउस का कहना है कि अमेरिका-ईरान वार्ता का अगला दौर संभवतः पाकिस्तान के इस्लामाबाद में होगा. व्हाइट हाउस ने कहा, 'इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पाकिस्तान ने मध्यस्थ की भूमिका बेहद शानदार ढंग से निभाई है. हम उनकी दोस्ती और उनके प्रयासों की सराहना करते हैं. इन वार्ताओं में वे ही एकमात्र मध्यस्थ हैं.'
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, 'अमेरिकी स्वभाव से ही धोखेबाज होते हैं. मैदान में मौजूद लोग तुरंत ट्रिगर दबाने वाले होते हैं, ऐसे में राजनयिकों को भी सतर्क रहना चाहिए.'
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी तसनीम न्यूज के मुताबिक आसिम मुनीर और मोहसिन नकवी वाले डेलीगेशन से मुलाकात के बाद ईरान की सरकार पहले आकलन करेगी और फिर अगले दौर की अमेरिका के साथ वार्ता के लिए फैसला करेगी.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि ईरान अपने यूरेनियम एनरिचमेंट के टाइप और लेवल पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन उनके देश को अपनी जरूरतों के हिसाब से एनरिचमेंट जारी रखना होगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एबीसी न्यूज से बात करते हुए कहा, 'मुझे नहीं लगता कि सीजफायर को आगे बढ़ाने की कोई खास जरूरत है.' उन्होंने कहा कि इसका नतीजा कुछ भी हो सकता है, लेकिन मुझे लगता है कि कोई समझौता होना बेहतर रहेगा.
अमेरिका और ईरान को लेकर एक अहम खबर सामने आई है. 'द वॉल स्ट्रीट जनरल' की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका-ईरान बातचीत के लिए फिर से तैयार हो गए हैं, लेकिन अभी तक लोकेशन कंफर्म नहीं हुई है.
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ एक हाई लेवल डेलीगेशन के साथ सऊदी अरब की आधिकारिक यात्रा पर जेद्दा पहुँच गए हैं. शरीफ सऊदी क्राउन प्रिंस और प्रधानमंत्री प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान बिन अब्दुलअजीज अल-सऊद के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे. इस बैठक में पाकिस्तान-सऊदी अरब साझेदारी को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्र की व्यापक स्थिति पर भी चर्चा होगी.
अमेरिका-ईरान की इस्लामाबाद में बातचीत के बाद पाकिस्तान का डेलीगेशन तेहरान पहुंचा है. पाकिस्तानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ आसिम मुनीर समेत कई अन्य अधिकारी तेहरान में लैंड हो चुके हैं.
अमेरिका-ईरान के बाद अब इजरायल और लेबनान में भी सीजफायर की घोषणा हो सकती है. सूत्रों के मुताबिक लेबनान-इजरायल जल्द ही एक हफ्ते के लिए सीजफायर की घोषणा कर सकते हैं.
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत को आगे बढ़ाने और ईरान व अमेरिका के विचारों पर विस्तार से चर्चा करने के लिए आज एक पाकिस्तानी प्रतिनिधिमंडल के तेहरान आने की उम्मीद है. उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि रविवार से अब तक पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के साथ कई बार बातचीत हुई है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त होने के बाद तेल की कीमतों में “भारी गिरावट” आएगी. ट्रंप ने रविवार को ‘फॉक्स न्यूज’ की संवाददाता मारिया बार्टिरोमो के साथ साक्षात्कार में कहा था कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी कांग्रेस (संसद) के चुनावों तक तेल-गैस की कीमतें समान रह सकती हैं या “शायद थोड़ी बढ़ सकती हैं.”
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया - "चीन बहुत खुश है कि मैं होर्मुज स्ट्रेट को हमेशा के लिए खोल रहा हूं. मैं यह उनके लिए भी कर रहा हूं - और दुनिया के लिए भी. ऐसी स्थिति फिर कभी नहीं होगी. वे ईरान को हथियार न भेजने पर सहमत हो गए हैं..."
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन का कहना है कि उनका देश जंग नहीं बल्कि बातचीत चाहता है. आईआरएनए न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति ने चेतावनी दी है कि अमेरिका की अपनी मर्जी थोपने या ईरान को सरेंडर करने के लिए मजबूर करने की कोई भी कोशिश नाकाम होगी.
इजरायली सेना ने दक्षिणी लेबनान में ज़हरानी नदी के दक्षिण में रहने वाले निवासियों के लिए निकासी की चेतावनी जारी की है. उसके प्रवक्ता ने X पर चेतावनी दी कि 'हवाई हमले जारी हैं' क्योंकि इजरायली सेना 'क्षेत्र में भारी बल के साथ कार्रवाई कर रही है'. 'ज़हरानी नदी के दक्षिण में रहना आपके और आपके परिवार के जीवन के लिए खतरा हो सकता है.'
लेबनान और इजरायल के बीच सीधी बातचीत पर सहमति बनने के बाद भी हमले जारी हैं. लेबनान की सरकारी समाचार एजेंसी नेशनल न्यूज एजेंसी ने बताया कि बुधवार (15 अप्रैल) को बेरूत से करीब 20 किलोमीटर दक्षिण में सादियात में इजरायली हमले में एक वाहन को निशाना बनाया गया.
भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. इस क्षेत्र में नौसेना के युद्धपोतों की तैनाती ने भारतीय नाविकों और समुद्री व्यापार को सुरक्षा का भरोसा दिया है. यह जानकारी स्वयं नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने दी. उन्होंने पश्चिम एशिया में जारी अस्थिरता और उसके कारण समुद्री यातायात पर पड़ने वाले प्रभावों को गंभीर चुनौती बताया है.
उन्होंने कहा कि आज के समय में सुरक्षा आपस में जुड़ी हुई, यह एक निरंतर और कठोर वास्तविकता बन चुकी है. यहां किसी संघर्ष की भौगोलिक दूरी उसके प्रभाव से दूरी नहीं दर्शाती. इसके साथ ही भारतीय नौसेना की क्षमता का जिक्र करते हुए नौसेना प्रमुख ने बताया कि इस वर्ष 15 से अधिक स्वदेशी प्लेटफॉर्म को नौसेना में शामिल करने की योजना है. दिल्ली में भारतीय नौसेना के टॉप कमांडर की एक महत्वपूर्ण कांफ्रेंस में नौसेना प्रमुख ने यह बात कही.
ईरान और अमेरिका में जारी भीषण तनाव के बीच इजरायल और लेबनान में भी बातचीत हो रही है. लगभग 33 सालों में पहली बार लेबनान और इजरायल के बीच ये सीधी वार्ता है. इजरायल-लेबनान में वार्ता ऐसे समय में हो रही है, जब ईरान के साथ अमेरिका के संघर्ष जारी हैं और पहले राउंड की बातचीत बेनतीजा रही. मौजूदा हालात के बीच इजरायल और लेबनान की इस वार्ता को एक बड़े कूटनीतिक कदम के तौर पर देखा जा रहा है. खास बात यह है कि दोनों देशों के बीच इस बातचीत की मध्यस्थता अमेरिका कर रहा है.
इजरायली सेना ने दावा किया है कि बुधवार (15 अप्रैल) की सुबह हिज़्बुल्लाह ने इजरायल पर करीब 30 रॉकेट दागे. ये हमले वाशिंगटन में इज़रायल और लेबनान के बीच पहली सीधी वार्ता की मेजबानी के कुछ घंटों बाद हुए.
चीन ने ईरान को सैन्य सहायता देने के दावों को खारिज किया है. कहा कि ये रिपोर्टें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, 'ईरान को सैन्य सहायता प्रदान करने के चीन के आरोपों से संबंधित मीडिया रिपोर्टें पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं. अगर अमेरिका इन आरोपों के आधार पर चीन पर टैरिफ लगाता है, तो चीन जवाबी कार्रवाई करेगा.'
ईरान के साथ छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा, 'अगर मैं अमेरिका का राष्ट्रपति नहीं होता, तो दुनिया टुकड़े-टुकड़े हो जाती.'
भारत का एलपीजी टैंकर 'जग विक्रम' जिसने 11 अप्रैल को होर्मुज स्ट्रेट पार किया था, वो 14 अप्रैल को गुजरात के कांडला बंदरगाह पहुंच गया है. इस टैंकर में करीब 20 हजार 400 मीट्रिक टन एलपीजी लदी हुई है.
अमेरिका का कहना है कि उसने समुद्र के रास्ते ईरान में होने वाले सभी आर्थिक व्यापार को पूरी तरह से रोक दिया है. इससे पहले 12 अप्रैल को ट्रुथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने ऐलान किया था कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज़ स्ट्रेट में आने-जाने की कोशिश करने वाले हर जहाज की नाकाबंदी शुरू करेगी. उन्होंने यह भी जोड़ा कि इसमें दूसरे देश भी शामिल होंगे.
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इजरायल के साथ डिफेंस समझौते को खत्म कर दिया है. जिसके बाद इटली के विपक्ष ने मेलोनी के इस स्टैंड पर तालियां बजाईं.
चीन को लेकर अमेरिका ने सख्त रुख अपनाया है. अमेरिकी वित्त मंत्री का कहना है कि चीन ईरान से तेल नहीं खरीद पाएगा. बेसेंट ने कहा कि नाकाबंदी यह तय करेगी कि किसी भी चीनी या अन्य जहाज को स्ट्रेट से गुजरने की अनुमति न दी जाए. बेसेंट ने कहा, 'इसलिए वे अपना तेल नहीं ले पाएंगे' वे तेल ले सकते हैं, लेकिन ईरानी तेल नहीं.'
रॉयटर्स ने दो अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि मंगलवार (14 अप्रैल) को अमेरिकी नौसेना के एक विध्वंसक पोत ने ईरान से निकलने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकरों को रोका और उन्हें वापस लौटने का आदेश दिया. अधिकारियों ने बताया कि ये पोत ओमान की खाड़ी में स्थित चाबहार बंदरगाह से रवाना हुए थे.
अधिकारियों ने यह भी बताया कि ये पोत उन छह पोतों में शामिल थे, जिन्हें अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने खाड़ी में प्रवेश करने के बाद ईरानी बंदरगाहों की ओर लौटने का निर्देश दिया था.
अमेरिका और ईरान के बीच अगले एक-दो दिन में दूसरे दौर की बातचीत फिर शुरू हो सकती है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसके संकेत दिए हैं. इससे पहले इस्लामाबाद में हुई दोनों पक्षों के बीच हुई पीस टॉक बेनतीजा रही थी.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि संकट का कोई सैन्य समाधान नहीं है. शांति के लिए वार्ता फिर से शुरू की जानी चाहिए. संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय नौवहन अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करने की अपील की है, जिसमें होर्मुज स्ट्रेट भी शामिल है.
संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पोस्ट में कहा, 'मिडिल ईस्ट में संकट का कोई मिलिट्री हल नहीं है। सीरियस बातचीत फिर से शुरू होनी चाहिए। सीजफायर को बनाए रखना चाहिए और जरूरत पड़ने पर इसे बढ़ाना चाहिए. इंटरनेशनल नेविगेशनल अधिकारों और आजादी का सभी पार्टियों को सम्मान करना चाहिए.'
अमेरिका और ईरान के बीच एक सप्ताह के सीजफायर और इस्लामाबाद वार्ता बेनतीजा रहने के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का बड़ा बयान सामने आया है.
उन्होंने कहा, 'ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच निश्चित रूप से बहुत अविश्वास है. आप इस समस्या को रातोंरात हल नहीं कर सकते.
पाकिस्तान इस सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत आयोजित कराने की कोशिश कर रहा है. पाकिस्तान के तीन अधिकारियों के अनुसार, यह पहल हाल ही में इस्लामाबाद में हुई बैठक के बाद तेज हुई है, जिसमें अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गालिबाफ शामिल हुए थे. हालांकि, यह अभी साफ नहीं है कि प्रस्तावित नई वार्ता पहले की तरह उच्च स्तर पर होगी या फिर दोनों पक्षों के बीच मतभेदों को सुलझाने के लिए विशेषज्ञ स्तर की बातचीत कराई जाएगी.
दशकों बाद इजरायल और लेबनान के बीच वॉशिंगटन डीसी में अहम बातचीत शुरू हो गई है. यह बैठक अमेरिकी स्टेट डिपार्टमेंट में चल रही है, जिसमें दोनों देशों के राजदूत आमने-सामने हैं. लेबनान की ओर से राजदूत निदा अमावी और इजरायल की ओर से राजदूत येचिल लिटर इस वार्ता में शामिल हैं. साथ ही अमेरिकी नेता मार्को रूबियो भी इस अहम बैठक में मौजूद हैं.
सऊदी अरब, मिस्र और पाकिस्तान के विदेश मंत्री इस सप्ताह तुर्की में अपने तुर्की समकक्ष के साथ बैठक करेंगे. इस बैठक में ईरान को दिए गए उन प्रस्तावों पर चर्चा होगी, जिनका उद्देश्य होरमुज़ जलडमरूमध्य पर उसकी प्रभावी रोक को खत्म कराना और अमेरिका के साथ स्थायी संघर्षविराम तक पहुंचना है.
यह कूटनीतिक पहल क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और खाड़ी क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास मानी जा रही है. बातचीत का मुख्य फोकस वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए अहम होरमुज़ जलडमरूमध्य को दोबारा खोलना और वॉशिंगटन-तेहरान के बीच लंबे समय के लिए शांति स्थापित करना होगा.
इज़रायल और लेबनान के अधिकारी मंगलवार को वॉशिंगटन में दुर्लभ प्रत्यक्ष वार्ता करने जा रहे हैं. इसी बीच इज़रायल ने हिजबुल्लाह के खिलाफ अपने व्यापक सैन्य अभियान के तहत दक्षिणी लेबनान में नए हमले शुरू कर दिए हैं. इस बढ़ते संघर्ष ने मौजूदा संघर्षविराम को खतरे में डाल दिया है.
यह बैठक दोनों देशों के बीच दशकों में पहली बार आमने-सामने होने वाली बातचीत होगी, क्योंकि इज़रायल और लेबनान के बीच कोई औपचारिक कूटनीतिक संबंध नहीं हैं. इस वार्ता में अमेरिका में तैनात दोनों देशों के राजदूत शामिल होंगे. साथ ही अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी इसमें भाग लेंगे, जैसा कि स्टेट डिपार्टमेंट ने जानकारी दी है.
ANSA के मुताबिक, जॉर्जिया मेलोनी ने एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने इजरायल के साथ अपने रक्षा समझौते के स्वत: रिन्यूअल को रोक दिया है.
इजरायली मीडिया के मुताबिक, डेविड बार्निया ने कहा कि ईरान में मौजूदा कट्टरपंथी शासन के बदलने के बाद ही उनका मिशन पूरा माना जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान पर हमलों के बाद तुरंत अभियान खत्म होने की उम्मीद नहीं थी और पहले से ही योजना थी कि लड़ाई खत्म होने के बाद भी कार्रवाई जारी रखी जाएगी.
चीन ने ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिका की कथित नाकेबंदी को ‘खतरनाक और गैर-जिम्मेदाराना’ करार दिया है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि अमेरिका की इस कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव और टकराव बढ़ेगा.उन्होंने कहा कि अमेरिका ने सैन्य गतिविधियां बढ़ाकर टारगेटेड नाकेबंदी की है, जिससे पहले से ही कमजोर पड़े सीजफायर समझौते पर असर पड़ सकता है.चीन ने यह भी चेतावनी दी कि इस कदम से होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है.
अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के बंदरगाहों की नाकाबंदी शुरू होने के साथ रोजाना करीब 20 लाख बैरल ईरानी तेल के वैश्विक बाजारों से बाहर होने की आशंका है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, इससे वैश्विक सप्लाई पर दबाव बढ़ेगा और पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में और इजाफा हो सकता है.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर जल्द होने की उम्मीद है. शनिवार को अमेरिका और ईरान के बीच हुई 21 घंटे की वार्ता 1979 के बाद अपनी तरह की पहली वार्ता थी, जिसमें दोनों पक्षों के शीर्ष अधिकारियों ने भाग लिया था. हालांकि, सप्ताहांत में पाकिस्तान में हुई इस वार्ता में दोनों पक्ष कोई स्थायी शांति समझौता करने में विफल रहे. आसिफ ने सोमवार को संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत में कहा कि वार्ता के बाद इस बात का थोड़ा संतोष है कि अब तक कोई नकारात्मक घटनाक्रम नहीं हुआ है.
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायली समकक्ष गिदोन सार से फोन पर की बातचीत की। एस जयशंकर ने X पर बताया कि बातचीत के दौरान 'पश्चिम एशिया की स्थिति के तमाम पहलुओं' पर चर्चा की गई.
रॉयटर्स ने एक पाकिस्तानी अधिकारी के हवाले से बताया कि हमने ईरान से बातचीत की है और हमें सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है, जिससे संकेत मिलता है कि वह दूसरे दौर की बातचीत के लिए तैयार है. न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट किया है कि इस्लामाबाद अगले दौर की बातचीत की तारीख को लेकर वाशिंगटन और तेहरान से संपर्क में है.बैठक सप्ताह के अंत में होने की संभावना है.
अमेरिका-ईरान वार्ता में एक बड़ी सफलता मिली है. इस्लामाबाद के सेरेना होटल के मालिक ने 'इस्लामाबाद वार्ता' के बिलों का भुगतान कर दिया है, जबकि पाकिस्तान सरकार ऐसा करने में चार दिन विफल रही थी. यह पाकिस्तान की एक और कूटनीतिक जीत है.
होर्मुज संकट के बीच फिलीपींस ने बड़ा फैसला किया है. फिलीपींस ने अमेरिका से रूसी तेल खरीदने के लिए मंजूरी मांगी है.
ईरान के हैदराबाद स्थित वाणिज्यिक दूतावास ने अमेरिका पर तंज कसते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट कोई सोशल मीडिया नहीं है. अगर आपको कोई ब्लॉक कर देता है तो आप उसे वापस ब्लॉक नहीं कर सकते हैं.
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इजरायल के विदेश मंत्री से फोन पर बात की है. उन्होंने एक्स पर बताया है कि इजरायली विदेश मंत्री से पश्चिम एशिया के हालात और होर्मुज संकट पर भी चर्चा हुई.
अमेरिका और ईरान अगले सप्ताह की सीजफायर की डेडलाइन से पहले बातचीत के विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. पाकिस्तान में हुई पहले दौर की बातचीत बेनतीजा साबित हुई थी.
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि मिडिल ईस्ट में शांति की स्थापना के लिए चीन अपना कंस्ट्रक्टिव रोल निभाने को तैयार है. जिनपिंग की ओर से ये बयान ऐसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान में पहले दौर की बातचीत बेनतीजा हुई. शी जिनपिंग ने संघर्ष के बजाय संवाद को प्राथमिकता देने के चीन के रुख को दोहराया और सरकारी मीडिया ने उनके हवाले से कहा कि देश वार्ता को सुगम बनाने और राजनयिक समाधान का समर्थन करने के प्रयासों को जारी रखेगा.
अमेरिका की होर्मुज में नाकेबंदी से भड़के चीन ने इसे खतरनाक और गैर जिम्मेदाराना बताया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा, 'अमेरिका ने सैन्य अभियान बढ़ा दिए हैं और टारगेटेड नाकाबंदी की कार्रवाई की है, जिससे तनाव और बढ़ेगा और पहले से ही नाजुक सीजफायर समझौते को कमजोर करेगा. होर्मुज से आवागमन की सुरक्षा को और खतरे में डालेगा. यह खतरनाक और गैरजिम्मेदाराना व्यवहार है.'
सऊदी अरब के विदेश मंत्री फैसल बिन फरहान और कतर के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री मोहम्मद अब्दुल रहमान अल थानी ने अमेरिका के नेवल ब्लाकेड शुरू होने के बाद मिडिल ईस्ट की मौजूदा स्थिति पर आपस में बातचीत की. कल इन्हीं दोनों ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची से बातचीत की थी जहां कतर के प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री ने अब्बास अराघची से कहा था कि समुद्री रास्ते की सौदेबाजी के लिए औजार की तरह इस्तेमाल करना गलत है. इसी तरह सऊदी अरब के विदेश मंत्री ने अब्बास अराघची से अमेरिका के साथ वार्ता पर बातचीत की थी.
ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रवक्ता इब्राहीम रेजाई ने अमेरिका को धमकी दी है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि मौजूदा संघर्ष में सीजफायर की अवधि खत्म होना, उसके बढ़ने का कारण नहीं बनना चाहिए. उन्होंने कहा कि या तो ईरान के अधिकारों को मान्यता दी जाए, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण भी शामिल है, या फिर संघर्ष दोबारा शुरू होगा.
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने कहा है कि ईरान-अमेरिका वार्ता का अगला दौर जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है. सोमवार को संसद भवन के बाहर मीडिया से बात करते हुए आसिफ ने कहा कि वार्ता के बाद संतोष का माहौल है क्योंकि अब तक कोई नकारात्मक घटनाक्रम सामने नहीं आया है.
अमेरिका की हॉर्मुज़ नाकेबंदी से सऊदी अरब परेशान है. वो अमेरिका पर दबाव बना रहा है. दरअसल चीन को तेल बेचने वाला सऊदी दूसरा सबसे बड़ा खाड़ी देश है, पहले नंबर पर ईरान है. पहले अमेरिका ने ईरानी हमलों से तबाह कराया अब हॉर्मुज़ रोकने से एक्सपोर्ट तबाह होगा. सऊदी अरब, अमेरिका पर होर्मुज जलमार्ग की नाकाबंदी हटाने का दबाव डाल रहा है क्योंकि उसे डर है कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा इसे बंद करने से ईरान हिंसा बढ़ा सकता है और अन्य महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों को भी बाधित कर सकता है.
हिज़्बुल्ला ने लेबनान से वाशिंगटन में इज़रायल के साथ होने वाली बैठक रद्द करने की अपील की है. हिज्बुल्ला की ये अपील संघर्ष के बढ़ते तनाव के बीच आई है, जिसमें हिज़्बुल्ला के युद्ध में शामिल होने के बाद से लेबनान में इज़राइली हमलों में 2,000 से अधिक लोग मारे गए हैं और दस लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं.
अमेरिकी ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा है कि जब तक होर्मुज स्ट्रेट सामान्य तौर से नहीं खुलेगा, तक तक दुनिया में तेल के दाम बढ़ते रहेंगे.
वाशिंगटन में आज लेबनान और इजरायल के बीच बातचीत होनी है, लेकिन इसमें हिजबुल्ला शामिल नहीं होगा. ईरान के प्रॉक्सी हिजबुल्ला के चीफ नईम कासिम ने इस पर साफ कर दिया है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार को अमेरिकी प्रतिबंधों के तहत एक टैंकर ने होर्मुज स्ट्रेट को पार किया, जबकि वाशिंगटन द्वारा ईरान पर लगाई गई नौसैनिक नाकाबंदी लागू हो चुकी थी. नाकाबंदी लागू होने के बाद से किसी भी जहाज को फारस की खाड़ी में प्रवेश करते हुए नहीं देखा गया है.
अमेरिका-ईरान के बीच दूसरी दौर की बैठक के लिए पाकिस्तान ने आयोजन करने का प्रस्ताव दिया है. पाकिस्तानी अधिकारियों ने एसोसिएट प्रेस को बताया कि पाकिस्तान 27 अप्रैल को खत्म हो रहे सीज़फायर से पहले दोनों देशों की इस्लामाबाद में बैठक करवाने के लिए इच्छुक है और बातचीत कर रहा है. PAK अधिकारियों के मुताबिक इस्लामाबाद में बैठक का प्रस्ताव इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान और अमेरिका पक्ष किसी अन्य स्थान की मांग करते हैं या नहीं.
होर्मुज में नाकेबंदी के बीच चीन में अमेरिका के राजदूत से डोनाल्ड ट्रंप मुलाकात करेंगे. बता दें कि इस नाकेबंदी का सबसे ज्यादा असर चीन पर ही पड़ रहा है. कल वापस हुए तीन में दो टैंकर शिप चीन की ओर जा रहे थे.
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि इस्लामाबाद में चल रही शांति वार्ता के दौरान ईरान ने युद्ध समाप्त करने के लिए अमेरिका की दिशा में कदम बढ़ाया है और वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए अगला कदम तेहरान को ही उठाना होगा.
अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटे चली बातचीत फेल हो गई थी. वाशिंगटन का कहना था कि तेहरान ने परमाणु ईंधन संवर्धन के अपने अधिकार को छोड़ने से इनकार कर दिया है. वेंस ने फॉक्स न्यूज से कहा, 'मैं सिर्फ यह नहीं कहूंगा कि चीजें गलत हुईं. मुझे लगता है कि चीजें सही भी हुईं. हमने काफी प्रगति की है.'
एसोसिएटेड प्रेस ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया है कि अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद या फिर जेनेवा में दूसरे दौर की बातचीत हो सकती है. यह वार्ता 16 अप्रैल यानी दो दिन बाद ही संभव है.
अमेरिका-ईरान जंग के बीच इजरायल और लेबनान के बीच बातचीत होगी. दोनों देशों के बीच वॉशिंगटन में ये बातचीत होगी. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो इस बातचीत में शामिल होंगे. 1993 के बाद पहली बार इजरायल और लेबनान शांति वार्ता करेंगे. इस बातचीत में लेबनान में अमेरिकी राजदूत, अमेरिका में इजरायली राजदूत और अमेरिका में लेबनान की राजदूत शामिल होंगे. भारतीय समय के मुताबिक, रात 8:30 बजे बातचीत होगी.
इस्लामाबाद में हुई वार्ता के दौरान अमेरिका ने ईरान से 20 वर्षों तक यूरेनियम संवर्धन बंद करने और अपने उच्च स्तर के संवर्धित भंडार को देश से हटाने की मांग की, जबकि ईरान ने कम अवधि और नियंत्रित तरीके से उसे कम करने का प्रस्ताव रखा है. इसी मुद्दे पर मतभेद के कारण समझौता नहीं हो सका.
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