लखनऊ: यूपी में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से ही जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है. सीएम योगी के कड़े निर्देश की वजह से प्रशासन एक्शन में नजर आ रहा है. दो हफ्तों में योगी सरकार ने ताबड़तोड़ कई फैसले किए हैं.

यूपी में गद्दी संभालते ही सीएम आदित्यनाथ योगी ने साफ कर दिया कि वो सबको साथ लेकर चलेंगे. ऐसा उन्होंने शायद इसलिए कहा क्योंकि वो जानते हैं कि उनकी सरकार बनने के बाद कई लोगों के मन में ये सवाल उठा है. चूंकि उनकी छवि कट्टर हिंदूवादी नेता की रही है ऐसे में उनके विरोधियों ने पहली शंका यही जताई थी.

आदित्यनाथ के सीएम बनते ही सबसे पहला सवाल यही उठा कि यूपी में मुस्लिम समुदाय बीजेपी से क्या उम्मीद रखे लेकिन चुनाव जीतने के बाद मंत्रीमंडल में उन्होंने मुस्लिम चेहरे के तौर पर मोहसिन रजा को शामिल किया है. मुस्लिम समुदाय का मुद्दा इसलिए अहम है क्योंकि यूपी में 19 फीसदी मुस्लिम समुदाय के लोग हैं. यानि कि 22 करोड़ की जनसंख्या में करीब 4 करोड़ मुस्लिम हैं.

ऐसे में सीएम बनने के बाद योगी आदित्यनाथ मुस्लिम समुदाय की चिंताएं दूर करने के लिए कई बार कोशिश करते दिखे. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने सूर्य नमस्कार के आसनों को नमाज जैसा बताया था. योगी के इस बयान का मुस्लिम धर्मगुरुओं ने स्वागत किया. यूपी की राजनीति में जातीय समीकरण सही बिठाना भी बड़ी चुनौती है. समाजवादी पार्टी के हारने के बाद ये सवाल उठा कि क्या अब यादवों से भेदभाव होगा. इस सब चिंताओं के बीच में योगी सरकार पिछले दो हफ्तों में पूरे एक्शन में दिखी. उनकी सरकार ने धड़ाधड़ 150 से ज्यादा फैसले ले लिए. खास तौर पर बीजेपी ने जो चुनाव से पहले वादे पूरे किए थे उनपर वो अमल करते दिखे. योगी सरकार के बड़े फैसले

• यूपी में अवैध बूचड़खानों पर लगातार कार्रवाई चल रही है.

• 19 मार्च को सरकार बनने के अगले दिन ही यूपी में एंटी रोमियो दल हरकत में आ गया.

• यूपी में 15 जून तक गड्ढे भरने की डेडलाइन दे दी गई.

• सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर बैन लगाया गया.

• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान को आगे बढ़ाते हुए योगी आदित्यनाथ ने हर शुक्रवार को थानों की सफाई का निर्देश जारी किया.

• यूपी में अखिलेश यादव की फोटो वाले राशन कार्ड की जगह नए स्मार्टकार्ड देने का आदेश दिया है.

• इसके अलावा 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में नकल करनेवालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है.

आदित्यनाथ योगी ने कई बार कहा है कि वो किसी एक धर्म या जाति के तुष्टिकरण की राजनीति के खिलाफ हैं. वो सबके विकास की बात करते हैं. अब देखना ये है कि योगी सरकार अपने वादे पर पूरा उतरती है या नहीं.