पटना: केंद्रीय मंत्री और आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा शनिवर को नीतीश सरकार के खिलाफ धरने पर बैठेंगे. बिहार के औरंगाबाद जिले में केंद्रीय विद्यालय के लिए नीतीश सरकार की तरफ से जमीन नहीं उपलब्ध कराने को लेकर ये धरना देंगे. कुशवाहा की पार्टी आरएलएसपी तरफ से पोस्टर भी जारी किया गया है जिसमें लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की गई है.
दरअसल बिहार की सियासत इन दिनों दिलचस्प दौड़ से गुजर रही है. उपेंद्र कुशवाहा को लेकर ये कयास लगाए जा रहे हैं कि वे एनडीए का साथ छोड़ सकते हैं. हालांकि उन्होंने इस तरह का कोई एलान तो नहीं किया है लेकिन जेडीयू के साथ-साथ वे बीजेपी पर भी निशाना साध रहे हैं.
गुरुवार को मोतिहारी में पार्टी के खुले अधिवेशन में उन्होंने कहा कि 'अब याचना, नहीं रण होगा.' उन्होंने कहा कि मंत्री पद से बर्खास्त करने का अधिकार सिर्फ प्रधानमंत्री के पास है. इससे पहले उन्होंने कहा था कि अगले लोकसभा चुनाव तक वे मंत्री पद पर बने रहेंगे. ऐसे में जब कुशवाहा एनडीए से अलग नहीं हुए है और बीजेपी-जेडीयू दोनों पर निशाना भी साध रहे हैं, इसको लेकर सहयोगी दल नाराज हैं.
दरअसल कुशवाहा की सारी नाराजगी सीटों की संख्या को लेकर है. एनडीए में फिलहाल सीटों की संख्या का कोई आधिकारिक एलान नहीं हुआ है लेकिन कहा जा रहा है कि कुशवाहा को दो से ज्यादा सीटें नहीं मिलेंगी और ये उन्हें मंजूर नहीं है. अब ये देखना होगा कि कुशवाहा का अगला कदम क्या होगा, वो एनडीए में बने रहेंगे या इससे बाहर निकलेंगे. फिलहाल नीतीश कुमार से कुशवाहा की नाराजगी इस कदर बढ़ चुकी है कि अब वे धरना पर बैठने जा रहे हैं.
