लखनऊ: उत्तर प्रदेश की हमीरपुर विधानसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव के लिए आज वोट डाले जा रहे हैं. सुबह 7 बजे शुरू हुआ मतदान शाम 6 बजे तक चलेगा और नतीजों की घोषणा 27 सितंबर को की जाएगी. इस उपचुनाव में कुल 9 प्रत्याशी मैदान में हैं. बीजेपी की ओर से युवराज सिंह, कांग्रेस के हर दीपक निषाद, एसपी के मनोज कुमार प्रजापति, बीएसपी के नौशाद अली और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के आलम मंसूरी मुख्य रूप से शामिल हैं.
शुरुआत में बारिश और ईवीएम की खराबी ने रफ्तार थामने की कोशिश की लेकिन बाद में मतदाता बूथों पर पहुंच रहे हैं और 11 बजे तक यहां पर 14 प्रतिशत तक मतदान रिकॉर्ड किया गया. वहीं दोपहर 1 बजे तक 22.9 प्रतिशत मतदान हुआ. संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी रमेश चन्द्र राय ने बताया, "सुबह बारिश की वजह से मतदान शुरुआत में धीमा हो गया था, लेकिन जैसे ही बारिश थमने लगी तो लोग आने लगे. यहां पर 11 बजे तक 14 प्रतिशत मतदान हो गया है." सोमवार सुबह पांच बजे से हो रही बारिश ने मतदाता की राह में रोड़े अटकाने का काम किया था. काफी देर तक बूथों पर सन्नाटा नजर आया. इसके अलावा यहां बाढ़ के कारण भी मतदान प्रभावित हो रहा है. वहीं शुरुआती दौर में 14 बूथों पर ईवीएम में खराबी के चलते उन्हें बदला गया. इसके अलावा बूथों पर छह कंट्रोल यूनिट, 8 वीवीपैट भी बदले गए. इसके चलते इन केंद्रों में मतदान देरी से शुरू हो सका. बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में हालांकि मतदान को लेकर परेशानियां बनी हैं लेकिन प्रशासन ने मतदाताओं को बूथों तक लाने के लिए नाव के इंतजाम किए हैं. बारिश थमने के बाद मतदान की गति बढ़ने की उम्मीद है. बाढ़ की चपेट में आए बूथ में पानी उतरने से दलदल सी स्थिति में वोटर जाने से कतराते नजर आए. बूथों पर कुछ अंतराल में एक दो मतदाता पहुंच रहे हैं. चार गांवों में ग्रामीणों ने विकास कार्यों की मांग करते हुए मतदान का बहिष्कार कर दिया तो अफसर उन्हें मनाने में जुटे हैं.इस उपचुनाव के लिए कुल 257 मतदान केंद्र और 476 मतदान स्थल बनाए गए हैं. मतदान में 401497 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. मतदान के लिए 572 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और 619 वीवीपैट मशीनें लगाई गई हैं.
मतदान को स्वतंत्र और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए एक सामान्य प्रेक्षक, एक व्यय प्रेक्षक, 36 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 4 जोनल मजिस्ट्रेट और 35 माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किए गए हैं. मतदान भयमुक्त माहौल में कराने के लिए पर्याप्त बल तैनात किया गया है.
हमीरपुर सीट से बीजेपी विधायक अशोक कुमार सिंह चंदेल को 22 साल पहले 1997 में हुए हत्याकांड के मामले में 19 अप्रैल को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी. उम्र कैद की सजा के बाद उनकी विधायकी भी चली गई. चंदेल की सदस्यता 19 अप्रैल को ही खत्म हो गई थी.
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