मेरठ: प्रियंका गांधी को कांग्रेस पार्टी की महासचिव और पूर्वी यूपी की प्रभारी बनाये जाने के बाद कांग्रेसियों का जोश देखते ही बन रहा है. पार्टी के क्रांतिकारी कदम के बाद क्रांतिधरा मेरठ में प्रियंका को मेरठ लोकसभा सीट से पार्टी का प्रत्याशी बनाने की मांग की है. कांग्रेस नेता मानते है कि पश्चिमी उत्तर-प्रदेश में लंबे वक्त से हाशिये पर पड़ी कांग्रेस में अगर यह कदम उठाया जाता है तो गठबंधन और लहर वाले राजनैतिक दलों की चुनाव में करारी हार होगी.
मेरठ में आज दोपहर बाद से कांग्रेसियों में जश्न का सिलसिला शुरू हो गया. जिला कांग्रेस कमेटी के जश्न-प्रदर्शन का आयोजन बच्चा पार्क पर किया गया. कांग्रेसियों ने आतिशबाजी जलाई और राहगीरों को लड्डू बांटकर प्रियंका की पार्टी में आमद का जश्न मनाया. कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष इमरान खान ने प्रियंका की कांग्रेस में एंट्री को ऐतिहासिक कदम बताया और पार्टी से मांग की कि प्रियंका गांधी को मेरठ से लोकसभा प्रत्याशी बनाया जाये.
कांग्रेसी नेता इमरान खान ने कहा कि चुनाव से ठीक पहले एक क्रांति पार्टी ने की है और मेरठ की क्रांतिधरा इस क्रांति का स्वागत करते हुए प्रियंका दीदी को मेरठ से चुनाव लड़ने के लिए आमंत्रित करती है. पार्टी हाईकमान से मांग की है कि चुनाव 2019 में प्रियंका गांधी को मेरठ से पार्टी का प्रत्याशी बनाये. उनके चुनाव के लिए कांग्रेसी कार्यकर्ता दिन-रात एक करके उन्हें चुनाव में बड़ी जीत दिलायेगें.
कांग्रेस पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष युसुफ कुरैशी ने कहा कि गठबंधन या लहर कोई भी हो, किसी भी दल की हो..प्रियंका गांधी के आने से यूपी की राजनीति में बड़ा बदलाव आयेगा. प्रियंका गांधी ने अब तक अमेठी और रायबरेली में जनता के बीच रहकर काम किया है. वह जनता की नब्ज जानती है साथ ही जनता की समस्याओं का समाधान कैसे करना है, यह भी उन्हें बखूबी आता है.
क्या है मेरठ लोकसभा में कांग्रेस का सियासी हाल बीते दो-तीन लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी मेरठ में स्थानीय नेता तक पैदा नहीं कर सकी. यही वजह रही कि पहले मोहसिना किदवई और फिर नगमा को पार्टी ने पैराशूट कैन्डीडेट के तौर पर मेरठ में चुनाव के लिए उतारा. दरअसल, संगठन में ज्यादातर नेता बुजुर्ग हैं और जनता के बीच उनकी पैठ लगातार कम होती चली जा रही है. सामान्य धरना-प्रदर्शन के लिए मेरठ जैसे महानगर में सौ, दो सौ कार्यकर्ताओं को जुटाना संगठन को भारी पड़ जाता है. पश्चिमी उत्तर-प्रदेश में बीते लोकसभा और विधानसभा में पार्टी का सूपड़ा-साफ हो चुका है. ऐसे में कांग्रेसियों को उम्मीद है कि प्रियंका गांधी के मेरठ से लोकसभा प्रत्याशी बनने पर हाशिये पर पड़ी पार्टी को जीवन मिल सकेगा. लेकिन जातीय गणित और हालिया समीकरण ऐसे चमत्कार से इनकार करते हैं.
फिलहाल इनकी है प्रत्याशी बनने की चर्चा लोकसभा 2019 के प्रत्याशी की चर्चा होते ही शहर संगठन के नेता दायें-बायें देखने लगते हैं. शहर और जिला संगठन में ऐसा कोई नाम नहीं जो लोकसभा प्रत्याशी के तौर पर पार्टी में अपनी मजबूत दावेदारी रख सके. दशक भर पहले मेरठ से विधान परिषद सदस्य रहे हरेन्द्र अग्रवाल इस लोकसभा सीट से हाईकमान से टिकट मांग रहे हैं. हरेन्द्र अग्रवाल बुलंदशहर में विधानसभा का चुनाव हार चुके हैं और गाजियाबाद में रहते हैं. मेरठ में उनकी आमद कोई बड़ा कार्यक्रम होने पर ही होती है.
मुजफ्फरनगर के पुराने कांग्रेसी के पुत्र और सुप्रीमकोर्ट में वकील विपुल माहेश्वरी का नाम भी दावेदारों की सूची में हैं. माहेश्वरी का मेरठ में कोई जनाधार नहीं है. माना जा रहा है कि राहुल गांधी के करीबी होने का उन्हें फायदा मिल सकता है. इसके अलावा कांग्रेस पार्टी में प्रेस की कमान देखने वाले मेरठ निवासी मनोज त्यागी भी लोकसभा टिकट के लिए समीकरण बिठाने में जुटे हैं. मगर उनके सामने दिक्कत यह है कि पार्टी ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेदारी दे रखी है.