उन्नाव/लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सीएम आवास के सामने खुदकुशी की कोशिश करने वाली गैंगरेप पीड़िता के पिता की जेल में संदिग्ध हालात में मौत के बाद सूबे की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. मामले के तूल पकड़े जाने के बाद पुलिस हरकत में है. प्रशासन ने इस मामले में थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया है. इस केस में आरोपी सत्ताधारी बीजेपी के विधायक कुलदीप सेंगर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है. हालांकि, उनके 4 समर्थकों को गिरफ्तार किया गया है.

इस पूरे मामले पर सूबे के सबसे बड़े पुलिस अधिकारी यानी डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा.

आपको बता दें कि पीड़ित ने विधायक पर जेल में हत्या कराने का आरोप लगाया है. मामले की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिये गये हैं.

कैसे हुई मौत?

पुलिस सूत्रों का कहना है कि भाजपा विधायक सेंगर पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली लड़की के पिता को रविवार रात को जेल में पेट दर्द के साथ खून की उल्टियां शुरू हुई थीं. उसके बाद उन्हें तुरंत जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया. मगर तड़के लगभग तीन बजे उसकी मौत हो गयी. उसकी उम्र करीब 50 वर्ष थी. लड़की माखी थाना क्षेत्र की रहने वाली है. इस घटना के बाद अब शासन-प्रशासन में हड़कम्प मच गया है.

ज़रूर पढ़ें इसी मामले से जुड़ी यह बड़ी खबर- उन्नाव गैंगरेप मामले में थाना प्रभारी समेत 6 पुलिसवाले निलंबित

क्या हैं आरोप?

पीड़िता और उनके परिजनों ने विधायक सेंगर पर जेल में पिता की हत्या कराने का आरोप लगाया है. उनका इल्जाम है कि मुकदमा वापस ना लेने पर गत तीन अप्रैल को विधायक के भाई अतुल सिंह ने पीड़िता के पिता को मारापीटा था. गम्भीर रूप से घायल होने के बाद पीड़ित माखी थाने में मुकदमे की तहरीर देने गया तो पुलिस ने पांच अप्रैल को उसी के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेज दिया.

राज्य सरकार के प्रवक्ता ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने लखनऊ में संवाददाताओं से कहा कि पीड़ित पक्ष के आरोप अगर सही हैं तो यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित कराने के लिये तफ्तीश को उन्नाव से लखनऊ स्थानान्तरित कर दिया गया है. उन्होंने पीड़ित पक्ष के प्रति पूरी सहानुभूति व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार न्याय दिलाने के लिये संकल्पबद्ध है.

अब तक क्या कार्रवाई हुई है?

पुलिस अधीक्षक पुष्पांजलि का कहना है कि मामले के चार नामजद अभियुक्तों सोनू, बउवा, विनीत और शैलू को गिरफ्तार कर लिया गया है. वहीं, माखी के थाना प्रभारी अशोक कुमार को निलम्बित कर दिया गया है. विधायक पर जेल में हत्या कराये जाने के आरोप के बारे में पूछे जाने पर पुलिस अधीक्षक ने कहा कि इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता. मामले की मजिस्ट्रेट से जांच के आदेश दिये गये हैं.

जिलाधिकारी रवि कुमार एनजी ने कहा कि जब दोनों पक्षों की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था तो एक पक्ष को ही जेल क्यों भेजा गया, इसकी जांच करायी जायगी. साथ ही मृतक का डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने के आदेश दिये गये हैं.

इस बीच, हालात के मद्देनजर जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस के साथ-साथ जिले के चौराहों और पीड़ित परिवार के माखी थाना क्षेत्र स्थित घर पर भी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है.

मालूम हो कि माखी थाना क्षेत्र निवासी 18 वर्षीय एक युवती ने उन्नाव के बांगरमऊ से विधायक कुलदीप सेंगर और उनके भाइयों पर पिछले साल सामूहिक बलात्कार का आरोप लगाया था. अदालत के आदेश पर इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था.

आरोपियों के बजाय अपने पिता के खिलाफ कार्रवाई किये जाने से क्षुब्ध होकर कथित बलात्कार पीड़ित युवती ने कल मुख्यमंत्री आवास के पास आत्मदाह का प्रयास किया था. हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसे रोक लिया था.