इलाहाबाद: गंगा चौपाल में केंद्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने गंगा को लेकर तीन घंटे तक लोगों से संवाद किया. उन्होंने एक बार फिर से कहा कि वह 2019 में लोकसभा का चुनाव नहीं लड़ेंगी. उन्होंने 122 गांवों के प्रधान और लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाई.
उमा भारती ने इस मौके पर गंगा को लेकर अपना दर्द बयां किया तो दूसरी तरफ यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ़ भी की.
उन्होंने कहा कि वह योगी की क्षमता व योग्यता से वह बखूबी वाकिफ हैं और उन्हें इस बात का पूरा यकीन है कि योगी की अगुवाई में बीजेपी यूपी कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा उपचुनाव में न सिर्फ एकतरफा जीत हासिल करेगी बल्कि अगले साल होने वाले लोकसभा के उपचुनाव में भी पिछली बार का प्रदर्शन बरकरार रखने में कामयाब रहेगी.
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उन्होंने कहा कि योगी की अगुवाई में यूपी में बीजेपी को पिछले बार से भी ज़्यादा कामयाबी मिलेगी. हालांकि उमा भारती ने इस मौके पर मोहम्मद अली जिन्ना पर चुप्पी साधे रखी और कहा कि कुछ लोग जनता से जुड़े मुद्दों से ध्यान भटकाने वाले बेवजह इस तरह का विवाद पैदा करते हैं.
केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती ने मंगलवार को इलाहाबाद के झूंसी में गंगा की स्वच्छता और निर्मलता को लेकर गंगा चौपाल लगायी. गंगा चौपाल में गंगा किनारे बसे गावों के हजारों ग्राम प्रहरियों से उमा भारती ने सीधा संवाद किया. उन्होंने लोगों को गंगा और स्वच्छता का महत्व समझाते हुए लोगों से गंगा की अविरलता और निर्मलता बनाये रखने के लिए जनसहयोग की भी अपील की.
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इस मौके पर उमा भारती से नमामि गंगे का मंत्रालय वापस लिए जाने का भी दर्द साफ तौर पर झलका. अपने भाषण के दौरान उमा भारती ने कई बार कहा कि गंगा का मंत्रालय अब उनके पास नहीं है और यह मंत्रालय अब नितिन गडकरी के पास है. हांलाकि वे ये भी कहने से नहीं चूंकी कि अभी भी वे गंगा को लेकर कोई भी बात केन्द्रीय मंत्री नितिन गडकरी और प्रधानमंत्री से कहकर अपनी बात मनवा सकती है.
इस मौके पर उमा भारती ने जनवरी 2019 में प्रयाग की धरती पर लगने जा रहे कुम्भ मेले में अपने मंत्रालय की ओर से राज्य सरकार को पूरा सहयोग देने की भी कही. उमा भारती ने कहा कि नमामि गंगे का मंत्रालय रहते हुए गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए दो योजनाओं पर उन्होंने कार्य किया था जिस पर अब नितिन गडकरी अमल कर रहे हैं.
