उज्जैनः गरीबी किसी इंसान को कितना मजबूर कर सकती है इसका एक विचलित कर देने वाला वीडियो सामने आया है. यह वीडियो मध्य प्रदेश के उज्जैन का है. इसमें एक परिवार सड़क पर बैलगाड़ी पर जाता नजर आ रहा है लेकिन इस बैलगाड़ी को दो बैल नहीं बल्कि उनकी जगह परिवार के दो बेटे खींच रहे हैं.

ये परिवार अपने दो बच्चों के अस्थि कलश लेकर क्षिप्रा नदी में विसर्जित करने जा रहा है. परिवार के सदस्य सुनील ने बताया कि उन्होंने 18000 रुपये में अपने बैलों को बेच दिया. सुनील के साथ उसका एक भाई भी इस बैलगाड़ी को खींच रहा है. इसके अलावा उनका दो भाई बहन और मां साथ है.

मां ने बताया कि दोनों बच्चों की बीमारी से मौत हो गई. उन्होंने बहुत कोशिश की लेकिन नहीं बचा सके. सुनील के मुताबिक 18000 में अपने बैलों को बेचकर उन्होंने एक बहन का अंतिम संस्कार किया. अब यह परिवार इन दोनों बच्चों की अस्थियों को लेकर क्षिप्रा में विसर्जित करने जा रहा है.

परिवार ने बताया कि वे सड़क पर ही रहते हैं, उनका कोई घर नहीं है लेकिन लॉकडाउन के बाद उन्हें बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें कोई भी बीमारी फैलने के डर से सड़क पर रहने नहीं दे रहा है. इसलिए अब वे सब क्षिप्रा नदी में बच्चों की अस्थियां विसर्जित करने जा रहे हैं.