पटना: बिहार के विरोधी दल नेता तेजस्वी यादव के पीए मणि प्रकाश यादव की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. मणि प्रकाश यादव के खिलाफ देह व्यापार के मामले में हुए मुकदमें की स्पीडी ट्रायल की मांग को लेकर जेडीयू महिला प्रवक्ताओं ने बाकायदा डीजीपी से मुलाकात की. डीजीपी से मिलने के बाद जेडीयू नेता अंजुम आरा ने कहा कि 2011 में इनफॉर्मल ट्रैफिकिंग एक्ट के तहत घटनाएं घटित हुई थी. इस मामले को लेकर गांधी मैदान थाने में कांड संख्या 134/2011 के तहत मामला दर्ज किया गया था. वहीं मणि यादव के मुद्दे पर आरजेडी के वरिष्ठ नेता रघुवंश प्रसाद सिंह ने कहा कि मैं किसी मणि यादव को नहीं जाता. अगर सरकार के पास कोई सबूत है, तो वह कार्रवाई कर सकती है.

अंजुम आरा ने कहा कि इसमें एक्साइज एक्ट के भी सेक्शन लगे थे. केस 2011 में दर्ज हुआ था और 2013 में पुलिस ने चार्जशीट सबमिट किया था. करीब सात-आठ साल बीत गए लेकिन अभी तक इस केस में संतोषजनक कार्यवाही नहीं हूई है. इस केस में 17-18 लोग आरोपी हैं, उसमें से जो एक है वो राजनीतिक तौर पर मजबूत आदमी है. इस बात की प्रबल संभावना है कि केस प्रभावित होगा. इसलिए हमलोगों ने डीजीपी से इस केस की स्पीडी ट्रायल कराया जाए, ताकि समय पर न्याय मिल सके. अंजुम ने बताया कि डीजीपी से मिलकर पेटीशन दिया तो, उन्होंने इस चीज को सकारात्मक तरीके से लिया.

डीजीपी से मिले आश्वासन पर जेडीयू प्रवक्ता भारती मेहता ने कहा, ''महिला होने के नाते ये हमारा कर्तव्य बनता है कि इस तरह के महिला उत्पीड़न के मामले हमलोग के पास आएं तो हमलोग लगातार संघर्षरत रहें. जो मामला 2011/134 का देह व्यापार अधिनियम से जुड़ा मामला है. इसमें जो आरोपी है वो राजनीतिक तौर पर काफी मजबूत माना जाता है. हमारा मानना है कि माननीय नीतीश कुमार जी का जो काम करने का तरीका रहा है कि देर हो सकती है लेकिन जो दोषी है उसे सजा मिलेगी. जो पीड़ित महिलाएं हैं उनको न्याय मिल सके, इसलिए हम डीजीपी के पास आये थे. उन्होंने आश्वासन दिया है कि तुरंत स्पीडी ट्रायल कराया जाएगा.''