पटना: बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने सहारा समूह को चेतावनी दी है कि वह अपने उन जमाकर्ताओं का भुगतान 15 दिनों के अंदर सुनिश्चित करे जिनकी अवधि (मैच्योरिटी पीरियड) पूरी हो गई है. ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ राज्य में जमाकर्ताओं के हित संरक्षण कानून बीपीआईडी-2002 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी.

सुशील मोदी की अध्यक्षता में पिछले दिनों सचिवालय स्थित उनके कार्यालय कक्ष में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान सहारा समूह को यह चेतावनी दी गई. डिप्टी सीएम ने कहा कि सहारा समूह की तरफ से मल्टी स्टेट को-आपरेटिव सोसाइटी के जरिए राशि जमा करा कर जमाकर्ताओं को समय से भुगतान नहीं कर जमा अवधि बढ़ाने का दबाव बनाया जा रहा है उसके खिलाफ जांच के लिए सहकारिता विभाग भारत सरकार को पत्र लिखेगा.

बैठक में बताया गया कि सहारा समूह दर्जनों नामों से जमा की योजनाएं चलाती है. सरकार के पास 350 से ज्यादा जमाकर्ताओं की शिकायतें आई हैं कि परिपक्वता के बावजूद उनकी राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है. कंपनी की तरफ से उनपर रिन्यूअल कराने और अवधि विस्तार का दबाव बनाया जा रहा है.

बैठक में सहारा समूह को निर्देश दिया गया कि अलग-अलग योजनाओं के अन्तर्गत जितने जमाकर्ताओं की परिपक्वता पूरी हो चुकी है उसकी सूची सरकार को उपलब्ध करायें और 15 दिन के अंदर उनकी जमा राशि का ब्याज सहित भुगतान सुनिश्चित करें. सहारा समूह को चेतावनी देते हुए कहा गया है कि अगर वह भुगतान नहीं करता है तो बीपीआईडी एक्ट के तहत उसकी परिसम्पतियों को सरकार अधिग्रहित करने की कार्रवाई करेगी. साथ ही आम लोगों से अपील की गई कि वे अपनी बचत राशि नन बैंकिंग कम्पनियों की जगह अधिसूचित बैंकों में जमा करें.

बैठक में आर्थिक अपराध इकाई के अपर महानिदेशक जे एस गंगवार, पटना के जिलाधिकारी रवि कुमार, वरीय पुलिस अधिकारी मनु महाराज, आरबीबाई की उपनिदेशक (गैर बैंकिंग) श्रुति गौतम आदि उपस्थित थीं.