प्रयागराज: संगम के शहर प्रयागराज में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले लगने जा रहे कुंभ मेले में सियासी पार्टियों का शक्ति प्रदर्शन भी होगा. बीजेपी जहां कुंभ मेले के भव्य आयोजन के बहाने हिंदुत्व के मुद्दे को और धार देने की तैयारी में है, वहीं उद्धव ठाकरे की पार्टी शिवसेना ने कुंभ मेले में संत समागम नाम से कार्यक्रम करने का एलान किया है. ख़ास बात यह है कि शिवसेना का यह संत समागम मेले के पहले ही दिन पंद्रह जनवरी को होगा.
पार्टी इस संत समागम में देश भर के प्रमुख संतों का सम्मान करेगी तो साथ ही राम मंदिर के मुद्दे पर चर्चा कराकर उनकी राय भी जानने की कोशिश करेगी. शिवसेना इस समागम के ज़रिये अयोध्या के साथ ही काशी और मथुरा का भी मुद्दा उठाने की तैयारी में है.
दरअसल शिवसेना की मंशा संतों की राय के बहाने मंदिर मुद्दे को गरमाने और उस पर कोई आंदोलन खड़ा करने की है. शिवसेना मेले के पहले ही दिन संत समागम का आयोजन कर रही है. दूसरी ओर विश्व हिन्दू परिषद 25 नवम्बर को उद्धव ठाकरे के कार्यक्रम के दिन ही रैली कर रही है.
कुंभ मेले में वीएचपी की धर्म संसद इकतीस जनवरी से शुरू हो रही है. शिवसेना उसकी धर्म संसद से पहले ही संत समागम कर वीएचपी को पीछे छोड़ मंदिर व हिंदुत्व के मुद्दे पर बाजी मारने की कोशिश ज़रूर करेगी.
पार्टी की यूपी इकाई के अध्यक्ष ठाकुर अनिल सिंह के मुताबिक़ अभी यह तय नहीं है कि शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे इस संत समागम में शामिल होंगे या नहीं, लेकिन पार्टी के दूसरे सभी बड़े नेता इसमें ज़रूर हिस्सा लेंगे. ठाकुर अनिल सिंह के मुताबिक़ कुंभ मेले में संत समागम का उद्देश्य देश भर के संतों से मंदिर के साथ ही हिंदुत्व के दूसरे मुद्दों पर राय लेकर देश भर से आए श्रद्धालुओं के बीच उसका संदेश फैलाना है.
