नई दिल्ली: ईद से ठीक पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की तरफ से इफ्तार पार्टी दी गई. दो सालों बाद कांग्रेस की इस इफ्तार पार्टी में छोटे-बड़े दस दलों के नेता शामिल हुए. हैरान करने वाली बात ये रही कि इसमें समाजवादी पार्टी का कोई नेता या कार्यकर्ता शामिल नहीं हुआ.

वाराणसी : छात्रों को नदी में बहते दिखे 500-1000 के नोट, वायरल हुईं तस्वीरें!

समाजवादी पार्टी के ना आने से कयास ये लगने लगे हैं कि क्या अखिलेश को अब राहुल का साथ पसंद नहीं है! मतलब ये भी निकाले जा रहे हैं कि कांग्रेस और बीएसपी के नजदीक आने से समाजवादी पार्टी नाराज तो नहीं है!

बता दें कि कल बंगला विवाद पर प्रेस कांफ्रेस करते वक्त यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पहले ही ये साफ कर दिया था कि वो 13 जून को कांग्रेस की इफ्तार पार्टी में शामिल नहीं हो पाएंगे. अखिलेश ने कहा था, ''कांग्रेस की इफ्तार पार्टी में मैं तो नहीं जाऊंगा, पर पार्टी के लोग जाएंगे.''

इफ्तार पार्टी में जिस टेबल पर राहुल गांधी बैठे थे, उस पर प्रणब मुखर्जी के अलावा डीएमके नेता कनिमोझी, बीएसपी के सतीश मिश्रा, टीएमसी की तरफ से दिनेश त्रिवेदी और सीपीएम नेता सीताराम येचुरी भी बैठे दिखे. इस पार्टी में झारखंड मुक्ति मोर्चा, एनसीपी, एआईयूडीएफ, जेडीएस और आरजेडी के नेता भी पहुंचे. हालांकि समाजवादी पार्टी का कोई भी नेता इस इफ्तार पार्टी में शरीक नहीं हुआ, जिसकी वजह से भी राहुल की इफ्तार पार्टी चर्चा में रही.

नोएडा: इलेक्ट्रानिक शोरूम के वूंमेंस टॉयलेट में मिला मोबाइल, रिकॉर्डिंग मोड था एक्टिव

खास बात ये है कि इस इफ्तार पार्टी में विदेशी डेलिगेशन को तौर पर रशियन एम्बेसडर भी मौजूद रहे. कांग्रेस के वरिष्ट नेता और देश के पूर्व प्रधानमंत्री डॉक्टर मनमोहन सिंह ने इफ्तार के मौके पर नजर आए.कांग्रेस के दूसरे बड़े नेता जैसे गुलाम नबी आजाद और अशोक गहलोत भी राहुल गांधी की इस पहल का समर्थन करते हुए इफ्तार में शामिल हुए.

बता दें कि राहुल गांधी की प्रधानमंत्री पद पर दावेदारी को लेकर भी अखिलेश यादव साफ-साफ बात कर चुके हैं. ABP न्यूज़ ने जब अखिलेश से सवाल किया था कि आपके मोर्चे का नेता कौन होगा, क्या वो राहुल गांधी को पीएम का उम्मीदवार मानते हैं तो अखिलेश ने कहा, "चुनाव के बाद सब कुछ तय होगा. पूर्व में भी कई बार चुनाव के बाद तय हुआ है कि क्या होगा."