मथुरा: अयोध्या में विवादित भूमि राम जन्मभूमि न्यास समेत उसके मूल स्वामियों को लौटाने के मोदी सरकार के कदम पर ब्रजभूमि के संतों की मिश्रित प्रतिक्रिया रही है. इस क्षेत्र में पहाड़ियों के संरक्षण के कार्य को लेकर हाल ही में पद्मश्री के लिए चुने गये संत रमेश बाबा का मानना है कि सरकार के फैसले से कोई ज्यादा फर्क नहीं आएगा.
उन्होंने कहा,"यदि सरकार वाकई इस मुद्दे पर गंभीर है या उसके मन में बहुसंख्य लोगों की भावना के प्रति सम्मान है तो उसे अयोध्या में राममंदिर के निर्माण के लिए अध्यादेश लाना चाहिए."
राममंदिर मामले में केंद्र की याचिका को सकारात्मक पहल करार देते हुए अखंड दयाधाम के महंत भाष्करानंद महाराज ने कहा कि राममंदिर के लिए ठोस जमीनी कार्य किया जा रहा है. उन्होंने कहा,"संत समाज लॉलीपॉप नहीं बल्कि कार्रवाई चाहता है."
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उन्होंने कहा कि यदि इस विषय पर राजनीति दलों द्वारा ठोस कदम नहीं उठाया जाता तो संत समाज आगामी लोकसभा चुनाव का बहिष्कार कर सकते हैं.
उमा शक्ति पीठ वृंदावन के महंत स्वामी राम देवानंद सरस्वती, स्वामी अखंडानंद आश्रम वृंदावन के स्वामी महेशानंद ने भी केंद्र के कदम का स्वागत किया. हालांकि बैरागी आश्रम वृंदावन के हरिबोल महराज ने इसे वोट बटोरने के लिए बहुसंख्यक समुदाय को शांत करने को लक्षित एक राजनीतिक तिकड़म करार दिया है.
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