वाराणसी/लखनऊ: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी सोनभद्र के उम्भा गांव पहुंच गई हैं. यहां वे अपने उस वादे को निभाने के लिए पहुंची हैं जो उन्होंने पीड़ित परिवारों से किया था. उन्होंने पीड़ितों को आश्वासन दिया था कि वे उम्भा आएंगी. दरअसल पुलिस प्रशासन ने उन्हें हत्याकांड के बाद उम्भा जाने से रोक दिया था. तब प्रियंका धरने पर बैठ गई थीं और प्रशासन ने गेस्टहाउस में ही पीड़ितों को प्रियंका से मिलवाया गया था.

प्रियंका करीब 10 बजे वाराणसी के लालबहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर पहुंचीं. बाद में वह सड़क मार्ग से सोनभद्र के लिए रवाना हो गईं. इस दौरान उन्होंने ट्वीट कर कहा 'चुनार के किले पर मुझसे मिलने आये उभ्भा गांव के पीड़ित परिवारों के सदस्यों से मैंने वादा किया था कि मैं उनके गांव आऊंगी. आज मैं उभ्भा गांव के बहनों—भाइयों और बच्चों से मिलने, उनका हालचाल सुनने—देखने, उनका संघर्ष साझा करने सोनभद्र जा रही हूं.'

कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक प्रियंका सोनभद्र के उभ्भा गांव में उन 10 गोंड आदिवासियों के परिवारों से मुलाकात करेंगी, जो पिछले महीने 17 जुलाई को जमीन के विवाद को लेकर हुई गोलीबारी में मारे गये थे. प्रियंका प्रभावित परिवारों से विकास कार्यों के बारे में बात करेंगी और घटना के बाद उनकी सुरक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाए कदमों की जानकारी लेंगी.

गौरतलब है कि सोनभद्र के घोरावल थाना क्षेत्र स्थित इलाके में 17 जुलाई को जमीन के एक टुकड़े को लेकर हुए संघर्ष में 10 ग्रामीणों की हत्या कर दी गई थी और 28 अन्य घायल हो गए थे. मारे गए लोगों के परिजनों से मिलने 19 जुलाई को जा रहीं प्रियंका को मिर्जापुर जिला प्रशासन ने बीच में ही रोक लिया था. उनके धरने पर बैठने पर उन्हें हिरासत में ले लिया गया था. बाद में उन्हें चुनार गेस्ट हाउस ले जाया गया था. अगली सुबह गोलीकांड के पीड़ित कुछ परिवारों ने गेस्ट हाउस आकर प्रियंका से मुलाकात की थी.

इस बीच यूपी के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है और प्रियंका के उम्भा पहुंचने को राजनीतिक स्टंट बताया है.