प्रयागराज: यूपी की योगी सरकार प्रयागराज के कुंभ मेले में देश के कोने-कोने से आने वाले श्रद्धालुओं को नये साल पर बड़ा तोहफा देने जा रही है. योगी सरकार ने पीएम मोदी के एलान पर अमल करते हुए पौराणिक महत्व के अक्षयवट को मेले से चार दिन पहले दस जनवरी से ही आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी कर ली है. इसके लिए अकबर द्वारा बनवाए गए किले से नया रास्ता भी तैयार किया जा रहा है. दस जनवरी को सबसे पहले यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ पूजा-अर्चना करेंगे. उसके बाद ही अक्षयवट को आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा. देश की आज़ादी के बाद से ही अक्षयवट को आम लोगों के दर्शन के खोलने की मांग लगातार उठ रही थी. अक्षयवट जिस किले में हैं, उस पर सेना का कब्ज़ा है, इसी वजह से सुरक्षा के मद्देनज़र यहां आम लोगों के आने पर पाबंदी थी. पीएम मोदी ने बीते सोलह दिसम्बर को संगम में पूजा-अर्चना के बाद अक्षयवट को आम लोगों के लिए जल्द ही खोले जाने का एलान किया था. मेला प्राधिकरण और सेना की साझा टीमें दिन-रात काम करते हुए दस जनवरी से पहले ही सभी ज़रूरी तैयारियां पूरी करने की कवायद में जुटी हुई हैं.
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के मुताबिक़ दस जनवरी को यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ प्रयागराज आकर अक्षयवट को आम लोगों के लिए खोले जाने की तैयारियों को देखेंगे. वह खुद भी पूजा -अर्चना करेंगे और उसी दिन से इसे आम लोगों के लिए भी खोल दिया जाएगा. डिप्टी सीएम केशव के मुताबिक़ किले में अक्षयवट के पास ही विद्या की देवी सरस्वती की मूर्ति भी लगाई जा रही है. सीएम योगी दस जनवरी को ही इस मूर्ति का लोकार्पण भी करेंगे. प्रयागराज मेला प्राधिकरण के एडीएम दिलीप कुमार त्रिगुणायत के मुताबिक़ अक्षयवट को आम श्रद्धालुओं के लिए खोलने को यमुना नदी के किनारे से नया रास्ता बनाया जा रहा है. आने व जाने के रास्ते अलग-अलग होंगे. रास्तों को इस तरह से तैयार किया जा रहा है, जिससे किले में सेना की गोपनीयता व सुरक्षा को कोई खतरा न पैदा हो. अक्षयवट के बारे में पौराणिक मान्यता है कि यह एक ऐसा पेड़ है, जिस पर भगवान विष्णु साक्षात विद्यमान हैं. पौराणिक ग्रंथों के मुताबिक़ अक्षयवट का नाश प्रलय आने पर भी नहीं होगा. हिन्दू धर्म में अक्षयवट का ख़ासा महत्व है. तकरीबन साढ़े चार सौ साल पहले मुग़ल बादशाह अकबर ने यमुना किनारे इसके चारों तरफ किला बनवा कर इसे कैद कर दिया था. देश की आज़ादी के बाद भी अक्षयवट आम लोगों के दर्शन के लिए नहीं खुल सका था. पीएम मोदी ने इस बारे में एलान कर करोड़ों श्रद्धालुओं की बरसों पुरानी चाहत पूरी करने का काम किया है.