पटना: पटना मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (पीएमसीएच) के आठ डॉक्टरों को अस्पताल के कोविड-19 पृथक वार्ड में काम करने से मना करने और अशांति पैदा करने के लिए शनिवार को सस्पेंड कर दिया गया. पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ बिमल कुमार कारक ने बताया कि रेडियोलोजी विभाग में मास्टर्स के छात्र आठ डॉक्टरों को शोर मचाने और कोविड-19 के मरीजों के लिए बने विशेष वार्ड में काम करने से इनकार करने के लिए सस्पेंड कर दिया गया है.
अधीक्षक ने कहा कि डॉक्टरों को महामारी अधिनियम के तहत ड्यूटी करने से मना करने और कुछ सीनियर डॉक्टरों के साथ अभद्रता करने के लिए दंडित किया गया है. उन्होंने बताया कि इस संबंध में कालेज के प्रधानाध्यापक डॉ विद्यापति चौधरी से अनुमति ली गई है. उन्होंने कहा कि विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार को डॉक्टरों को सस्पेंड किए जाने के फैसले से अवगत करा दिया गया है. कारक ने कहा कि सस्पेंड किए गए डॉक्टरों ने ड्यूटी में रियायत दिए जाने की मांग की थी जिसके बाद करक ने उन्हें चिकित्सा विभाग के अध्यक्ष डॉ एम पी सिंह के पास भेजा. डॉक्टरों ने एम पी सिंह और डॉ एपीएन झा के साथ अभद्र व्यवहार किया जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया.
बिहार में कोरोना वायरस की मौजूदा स्थिति
2 मई तक बिहार में कुल 25724 सैम्पल की जांच हुई है. भी तक 476 केस पॉजिटिव पाए गए हैं और कुल 107 मरीज ठीक हुए हैं. राजधानी पटना में कोरोना वायरस के अब तक 43 मामले सामने आए हैं. इसमें से नौ मरीज इलाज के बाद ठीक हो चुके हैं. सबसे ज्यादा मामले मुंगेर में हैं. यहां 95 मामले सामने आए हैं. इसके अलावा रोहतास और बक्सर में 52-52 मामले हैं. नालंदा में 36, सिवान में 30, कैमूर में 26, गोपालगंज में 18, मधुबनी में 18, भोजपुर में 18, बेगूसराय में 11, औरंगाबाद में आठ, सारण में सात, सीतामढ़ी में छह, गया में छह मामले सामने आए हैं.
इसके अलावा भागलपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, दरभंगा और लखीसराय में पांच-पांच मामले सामने आए हैं. इसके अलावा अरवल, नवादा और जहानाबाद में चार-चार मामले सामने आए हैं. बांका और वैशाली में तीन-तीन, मधेपुरा और कटिहार में दो-दो तो वहीं पूर्णिया, शेखपुरा और अररिया में एक-एक मामले सामने आए हैं.
