लखनऊ: जहां एक तरफ योगी सरकार मुगलसराय जंक्शन का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय करने के बाद काफी खुश है वहीं उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर थोड़े असंतुष्ट नजर आ रहे हैं. राजभर का कहना है कि मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलने से ट्रेन समय पर नहीं आने लगेगी, पहले रेलव में कुप्रबंधन को सही करना चाहिए था, नाम बदलने से विकास नहीं आएगा. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को मुगलसराय रेलवे स्टेशन के नए नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय रेलवे स्टेशन का लोकार्पण किया.
बता दें कि ईस्ट इंडिया कंपनी के जमाने में उत्तर प्रदेश में बने मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम बदलने की प्रक्रिया रविवार 5 अगस्त को पूरी हो गई. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह और रेल मंत्री पीयूष गोयल ने चंदौली जिले में स्थित मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम पंडित दीन दयाल उपाध्याय के नाम पर रखे जाने की आधिकारिक घोषणा की.
सन 1862 में दिल्ली-हावड़ा रेलमार्ग बनाए जाते समय मुगलसराय रेलवे स्टेशन वजूद में आया था. यह स्टेशन अब ''एकात्म मानवतावाद'' के पुरोधा माने जाने वाले पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन के नाम से जाना जाएगा.
इस कार्यक्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के अलावा रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा, उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और अन्य वरिष्ठ भाजपा नेता भी मौजूद रहे. चंदौली का मुगलसराय स्टेशन डेढ़ सौ साल पुराने मुग़लसराय जक्शन का नाम हमेशा के लिए इतिहास बन गया.
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस साल जून में मुगलसराय रेलवे स्टेशन का नाम दीनदयाल उपाध्याय के नाम पर रखने का फैसला किया था. मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी के बाद इस प्रस्ताव को रेल मंत्रालय के पास भेजा गया था.
