नीतीश सरकार के मंत्री ने माना-बिहार के 20 जिले गंभीर पानी की समस्या का सामना कर रहे हैं
सार्वजनिक स्वास्थ्य और इंजीनियरिंग विभाग (PHED) के मंत्री विनोद नारायण झा ने माना है कि राज्य के कम से कम 20 जिलों में जल स्तर में गिरावट के कारण गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने कहा सरकार इससे निपटने के लिए तैयार है.

नई दिल्ली: दिल्ली समेत देश के कई हिस्सों में गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है. तेज गर्मी के बाद कई राज्यों में कम बारिश का अनुमान रहने की वजह से सूखे की आशंका भी जताई जा रही है. मई के महीने में उत्तर भारत में गर्मी पड़ती है और उस वक्त बिहार में सामान्य तौर पर 51.0 मिलीमीटर बारिश हो जाती है. लेकिन इस साल अब तक सिर्फ 32.9 मिलीमीटर बारिश ही हुई है. ऐसे में राज्य में सूखा पड़ने की आशंका है जिसके लिए बिहार सरकार ने कमर कस ली है.
राज्य के लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के मंत्री विनोद नारायण झा ने शुक्रवार को स्वीकार किया कि राज्य के कम से कम 20 जिलों में जल स्तर में गिरावट के कारण गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ रहा है. हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार संकट से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है.
विनोद नारायण झा ने माना कि पिछले साल भी सूखा पड़ जाने के कारण और इस साल भी अपेक्षित बारिश न होने के कारण ही पेयजल की समस्या बनी है. हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी तैयारी पहले भी थी और आज भी है. इस वर्ष नल-जल योजना के तहत घरों तक पेयजल पहुंचाने का काम किया जा रहा है और जहां पेयजल नहीं पहुंच सकता वहां टैंकरों से पानी पहुंचाया जा रहा है. सूखे की आशंका को देखते हुए विभाग कई योजनाओं पर कार्य कर रही है.
नारायण झा ने कहा कि सरकार ने पहले ही हैंड पंपों की मरम्मत शुरू कर दी है और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में पानी के टैंकर भेजने का काम किया जा रहा है. जल संकट से निपटने के लिए ट्रैक्टरों और अन्य वाहनों पर लदे कंटेनरों से प्रभावित क्षेत्रों में पानी पहुंचाया जा रहा है. पिछले दिनों बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग, ऊर्जा विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग से संभावित सूखे की स्थिति से निपटने के संबंध में समीक्षा बैठक भी की थी.
यह भी देखें
Source: IOCL

























