पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नियोजित शिक्षकों के आंदोलन करने पर कहा कि वह लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं. इसलिए उनके (नीतीश के) खिलाफ जितना नारे लगाना है लगाएं लेकिन आपके (शिक्षकों के) लाभ के लिए जो भी संभव होगा हम करेंगे. नियोजित शिक्षक स्थायी करने की मांग वाली याचिका को हाल में सुप्रीम कोर्ट की तरफ से खारिज करने के बाद आंदोलन कर रहे हैं.

शिक्षक दिवस के मौके पर पटना के एसके मेमोरियल हाल में आयोजित उन्नयन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नीतीश ने नियोजित शिक्षकों के आंदोलन करने पर कहा 'मेरे खिलाफ जितना नारा लगाना है लगाईए मुझे कोई एतराज नहीं . हम तो लोकतंत्र में विश्वास करते हैं और अगर कोई विरोध में भी नारे लगाता है तो उसके प्रति मेरे मन में कोई तकलीफ नहीं. लोकतंत्र में तो सबकों आजादी है. हम आलोचनाओं की चिंता नहीं करते अपना काम करते रहते हैं'.

सीएम ने कहा कि हमारा तो समर्पण लोगों के प्रति है और उनकी सेवा करना ही हमारा धर्म है. नीतीश ने शिक्षकों से कहा 'हमें एक ही बात की तकलीफ होगी जब आप छात्र-छात्राओं को मन से नहीं पढाएंगे . हमारी एक ही इच्छा है कि आप छात्र-छात्राओं को खूब मन और अच्छे ढंग से पढाएं और आपको जो मांग करनी है कीजिए. मेरा हृदय उदार है. हमसे जितना संभव होगा करते रहेंगे'.

मुख्यमंत्री ने नियोजित शिक्षकों से कहा 'आपके मन में क्या है उन बातों में हम नहीं पड़ना चाहते. कहां कहां नहीं गए. क्या फैसला आ गया माननीय सर्वोच्च न्यायालय का यह भी जान लीजिए. देश के नामी वकीलों ने सर्वोच्च न्यायालय में बहस की. अपनी बात जरूर रखनी चाहिए, पर फैसला आ गया है. शिक्षक दिवस पर इतना ही कहना चाहते हैं कि सारी बातें अपनी जगह पर लेकिन आगे भी हम ख्याल रखेंगे. उन्होंने आंदोलनरत शिक्षकों से कहा कि उनके मन में जो आए वे करें, मुझे कोई एतराज नहीं है लेकिन चिंता मत करिएगा, आपके लाभ के लिए जो भी करेंगे हमलोग ही करेंगे.

कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा ने कहा कि नियोजित शिक्षकों की मांग को सुप्रीम कोर्ट की तरफ से खारिज कर दिए जाने के बाद हम क्या कर सकते हैं. कुछ करते हैं जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना हो जाएगी. ऐसे में उन्हें सरकार से वार्ता करनी चाहिए. टकराव का महौल बनाकर हम राज्य का विकास नहीं कर सकते.