नई दिल्ली: कल मोदी सरकार-2 का शपथ ग्रहण समारोह होना है. ऐसे में नई सरकार में कौन मंत्री होगा इसपर सबकी नजरे हैं. बीजेपी की ओर से तय किए गए नए फॉर्मूले के तहत 15-20 लोकसभा सांसद पर एक कैबिनेट मंत्री और एक राज्य मंत्री देने का मानक तय किया गया है. अब इस फॉर्मूले के तहत बिहार से जेडीयू के हिस्से एक कैबिनेट और एक राज्य मंत्री का पद मिल सकता है.
नीतीश कुमार पहले से ही संकेत दे चुके हैं कि केंद्र सरकार में उनकी पार्टी की भूमिका होगी. दिल्ली में जेडीयू की बैठक जारी है. इस बार जेडीयू के जो 16 सांसद चुने गए हैं उसमें बांका से जेडीयू के गिरधारी यादव, भागलपुर से अजय कुमार मंडल, गया से विजय कुमार, गोपालगंज से डॉ आलोक कुमार सुमन, जहानाबाद से चंदेश्वर प्रसाद, झंझारपुर से रामप्रीत मंडल, काराकाट से महाबली सिंह, कटिहार से दुलाल चंद्र गोस्वामी, वाल्मीकि नगर से वैद्नाथ प्रसाद महतो, सुपौल से दिलेश्वर कामैत, सीवान से कविता सिंह, सीतामढ़ी से सुनील कुमार पिंटू, पूर्णिया से संतोष कुमार, नालंदा से कौशलेंद्र कुमार, मुंगेर से ललन सिंह और मधेपुरा से दिनेश चंद्र यादव ने जीत दर्ज की है. नीतीश जेडीयू के किस नेता को कैबिनेट में भेजने के लिए चुनते हैं ये देखना दिलचस्प होगा.
हालांकि सूत्रों के मुताबिक नीतीश कुमार के करीबी और जेडीयू से राज्यसभा सांसद आरसीपी सिंह का नाम सबसे आगे है. सूत्रों के मुताबिक उनके पास फोन तक जा चुका है. ऐसी चर्चा है कि रेल मंत्रालय जैसी बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है. इस बार के चुनाव में जेडीयू के चुनाव प्रचार अभियान की कमान आरसीपी सिंह ही संभाल रहे थे. हालांकि नीतीश कुमार ने कहा कि अभी मंत्रालय को लेकर कोई फैसला नहीं किया गया है. बिहार सरकार में मंत्री और नीतीश के करीबी ललन सिंह को भी दिल्ली भेजा जा सकता है. ललन सिंह को मंत्री पद देकर भूमिहार समुदाय के बीच नीतीश सकारात्मक संदेश देना चाहेंगे. भूमिहार वोट बैंक पर नीतीश कुमार की पकड़ मजबूत मानी जाती है.