नई दिल्ली: मध्य प्रदेश में भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी व खंडवा की कलेक्टर तन्वी सुन्द्रियाल आज समाज के उन लोगों के लिए मिसाल बन गई हैं, जो अपने बच्चों को निजी और बड़े नाम वाले स्कूलों में पढ़ाने को अपनी शान समझते हैं. जिलाधिकारी तन्वी सुन्द्रियाल ने सरकारी सिस्टम पर भरोसा जताते हुए अपनी डेढ़ साल की बेटी पंखुड़ी का घर से 2 किमी. दूर आंगनबाड़ी में दाखिला कराया है.
कलेक्टर की बेटी पंखुड़ी आंगनबाड़ी में पढ़ने जाती है. तन्वी सुन्द्रियाल का कहना है की जिले के समस्त आंगनबाडियों के गुणवत्ता में सुधार लाने का काम जल्द शुरू किया जाएगा. इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आंगनवाड़ियों को स्कूल रिडेशन मॉडल के रूप में नए शिक्षण सत्र में तैयार किए जाएंगे, ताकि यहां बच्चों को बेसिक ज्ञान मिल सके.
पंखुड़ी सामान्य बच्चों की तरह आंगनबाड़ी में बैठकर पढ़ाई करती है. आंगनबाड़ी में हर वो चीज सीख रही है जो दूसरे बच्चे सीख रहे हैं. आंगनबाड़ी में वह सभी बच्चों के साथ-साथ कार्यकर्ता और सहायिका के साथ भी घुल मिल गई है. बहरहाल लोक सेवक के रूप में कलेक्टर के इस पहल की जनचेतना के रूप में हर ओर सराहना हो रही है.
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