नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव से ठीक पहले प्रियंका गांधी की राजनीति में औपचारिक रूप से एंट्री हो चुकी है. कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए प्रियंका गांधी को पार्टी महासचिव बनाने के साथ ही पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया है. प्रियंका गांधी को अध्यक्ष के बाद सबसे ताकतवर पद महासचिव से नवाज़ा गया है. बीजेपी ने इसको लेकर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस एक परिवार की पार्टी है. वहीं जेडीयू उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने प्रियंका गांधी को बधाई दी है. बता दें कि प्रशांत किशोर, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ काम कर चुके हैं.
प्रशांत किशोर ने ट्वीट किया, ''राजनीति में बहुप्रतीक्षित एंट्री अंतत: हो गई है. हालांकि लोग इसकी टाइमिंग, भूमिका और पद को लेकर बहस कर सकते हैं लेकिन मेरे लिए ये खबर है कि उन्होंने आखिरकार फैसला ले लिया है. प्रियंका गांधी को शुभकामनाएं और बधाई.''
प्रियंका गांधी के आने से कांग्रेस कार्यकर्ता खुश
कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता काफी लंबे समय से प्रियंका गांधी को सक्रिय राजनीति में उतारने की मांग कर रहे थे. प्रियंका गांधी अभी तक सिर्फ रायबरेली में अपनी मां और अमेठी में अपने भाई के लिए प्रचार करती रही हैं. नई जिम्मेदारी मिलने के बाद से ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जोश बढ़ा है. कांग्रेस के मुख्यालय में कांग्रेस समर्थकों ने एबीपी न्यूज़ से बात करते हुए कहा कि उनके आने से हमारी ताकत दोगुनी हुई है. हमें उनमें इंदिरा गांधी की छवि दिखती है.
प्रियंका गांधी को जानिए
प्रियंका गांधी वाड्रा गांधी-नेहरू परिवार से हैं, फिरोज़ गांधी और इंदिरा गांधी की पोती हैं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और यूपीए चेयरपर्सन सोनियां गांधी की बेटी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की बहन हैं. अभी तक प्रियंका गांधी चुनावी राजनीति में नहीं थीं, चुनाव के दौरान कांग्रेस की जीत के लिए अहम रोल अदा करती रहीं हैं. वे पर्दे के पीछे रहकर भी एक नेता की तरह काम करती रहीं और महत्वपूर्ण रणनीतियां बनाती हैं.
गरीब और महिलाओं के बीच खासकर प्रियंका गांधी जाती हैं और पार्टी पर उनको भरोसा दिलाती हैं. 2012 में प्रियंका गांधी ने रायबरेली और अमेठी में विधानसभा चुनाव के दौरान भी प्रचार किया था. प्रियंका गांधी ने रॉबर्ट वाड्रा से 1997 में शादी की थी. कुछ चुनावी रैलियों में वाड्रा भी प्रियंका के साथ नजर आ चुके हैं.
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