<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>jammu-and-kashmir</title><atom:link href="https://www.abplive.com/jammu-and-kashmir/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Wed, 30 Sep 2026 14:50:34 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[जम्मू कश्मीर: सरकारी गाड़ी गई, बाइक से विधानसभा पहुंचे AAP विधायक मेहराज मलिक]]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/aap-mla-mehraj-malik-rides-motor-cycle-to-jammu-kashmir-assembly-session-3195756</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/aap-mla-mehraj-malik-rides-motor-cycle-to-jammu-kashmir-assembly-session-3195756#respond</comments><pubDate>Wed, 30 Sep 2026 12:22:27 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/aap-mla-mehraj-malik-rides-motor-cycle-to-jammu-kashmir-assembly-session-3195756</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जम्मू कश्मीर विधानसभा सत्र में शामिल होने के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मेहराज मलिक मोटर साइकिल चलाकर पहुंचे. आप विधायक ने आरोप लगाया है कि जम्मू कश्मीर पुलिस ने ना सिर्फ उनकी सरकारी गाड़ी वापस ले ली, बल्कि उनके PSO को भी हटा लिया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मेहराज मलिक ने आज विधानसभा में इस बारे में बात करनी चाही और मौका ना मिलने पर वेल में जाने की कोशिश की. इसके बाद स्पीकर ने आप विधायक को मार्शल के जरिए सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया. सरकार ने मेहराज मलिक के आरोप पर कोई जवाब अभी तक नहीं दिया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/aap-mla-mehraj-malik-claims-full-security-withdrawn-ahead-of-j-k-assembly-session-alleges-dgp-role-ann-3195639&quot;&gt;&lt;strong&gt;कश्मीर: विधानसभा सत्र से पहले AAP विधायक की सुरक्षा हटाने का दावा, DGP पर आरोप&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिना एस्कॉर्ट और ड्राइवर वाले अकेले MLA&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीते दिन मंगलवार, 29 सितंबर को मेहराज मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए जानकारी दी थी कि विधानसभा सत्र से पहले उनकी एस्कॉर्ट और ड्राइवर को हटा लिया गया था. इसके बाद श्रीनगर से उनके लिए तैनात 2 PSO को भी वापस बुला लिया गया. मेहराज ने बताया कि जम्मू कश्मीर से वह अकेले ऐसे विधायक हैं जिनके पास न तो एस्कॉर्ट है, न ही ड्राइवर और न PSO.&lt;/p&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot;&gt;
&lt;p dir=&quot;ltr&quot; lang=&quot;en&quot;&gt;The DG J&amp;amp;K after taking away my escort said, there is no threat in J&amp;amp;K and now today he has now taken away my PSO's&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;According to him every MLA in j&amp;amp;K has threat except me. So if anything happens to me he along with LG &lt;a href=&quot;https://x.com/manojsinha_?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;@manojsinha_&lt;/a&gt; &lt;br /&gt;shall be held respsonsible for that.&amp;hellip;&lt;/p&gt;
&amp;mdash; Mehraj Malik (@MehrajMalikAAP) &lt;a href=&quot;https://x.com/MehrajMalikAAP/status/2104985625317499208?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;September 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;p&gt;
&lt;script src=&quot;https://platform.x.com/widgets.js&quot; async=&quot;&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;'कुछ हुआ तो मनोज सिन्हा होंगे जिम्मेदार'&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके बाद, जम्मू कश्मीर पुलिस को टैग करते हुए मेहराज मलिक ने लिखा कि डीजी ने उनकी एस्कॉर्ट को हटाने के बाद कहा था कि जम्मू कश्मीर में कोई खतरा नहीं है. इसके बाद विधायक के पीएसओ हटा दिए गए. पुलिस के मुताबिक, J&amp;amp;K में हर MLA को खतरा है, लेकिन मेहराज मलिक को नहीं. इसलिए अगर उनके साथ कुछ भी होता है, तो इसके लिए जम्मू कश्मीर पुलिस के डीजी और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा जिम्मेदार होंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें:&amp;nbsp;&lt;/strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jibe-at-bjp-says-local-body-elections-will-be-held-at-right-time-ann-3195591&quot;&gt;&lt;strong&gt;'आप राज्य का दर्जा सही...', CM उमर अब्दुल्ला का BJP पर तंज&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/30/7a096beb9713a1d452ecbd1f03f8abe31790751061654584_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[कश्मीर: विधानसभा सत्र से पहले AAP विधायक की सुरक्षा हटाने का दावा, DGP पर आरोप]]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/aap-mla-mehraj-malik-claims-full-security-withdrawn-ahead-of-j-k-assembly-session-alleges-dgp-role-ann-3195639</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/aap-mla-mehraj-malik-claims-full-security-withdrawn-ahead-of-j-k-assembly-session-alleges-dgp-role-ann-3195639#respond</comments><pubDate>Wed, 30 Sep 2026 09:31:09 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/aap-mla-mehraj-malik-claims-full-security-withdrawn-ahead-of-j-k-assembly-session-alleges-dgp-role-ann-3195639</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;डोडा से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मेहराज मलिक ने अपनी सुरक्षा को लेकर बड़ा दावा किया है. मलिक का कहना है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा के ऑटम सेशन की आखिरी बैठक से ठीक एक दिन पहले उनकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था हटा दी गई. हालांकि, इन दावों की अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. बुधवार को विधानसभा में यह मुद्दा उठाए जाने की बात कही जा रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मेहराज मलिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कई पोस्ट कर अपनी सुरक्षा व्यवस्था हटाए जाने का दावा किया. उन्होंने कहा कि पहले उनका एस्कॉर्ट हटाया गया, फिर विधानसभा सत्र से पहले उनका आधिकारिक ड्राइवर भी वापस बुला लिया गया. इसके बाद उन्हें दिए गए दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर्स (PSO) को भी श्रीनगर से वापस बुला लिया गया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;'आप राज्य का दर्जा सही...', CM उमर अब्दुल्ला का BJP पर तंज&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jibe-at-bjp-says-local-body-elections-will-be-held-at-right-time-ann-3195591&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;'आप राज्य का दर्जा सही...', CM उमर अब्दुल्ला का BJP पर तंज&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मलिक ने अपने पहले पोस्ट में कहा, &quot;मेरा एस्कोर्ट हटाने के बाद विधानसभा सत्र से पहले मेरा ड्राइवर हटा लिया गया और आज मुझे दिए गए 2 PSO भी श्रीनगर से वापस बुला लिए गए. मैं J&amp;amp;K का अकेला विधायक हूं जिसके पास न तो एस्कॉर्ट है, न ड्राइवर और न ही PSO.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot;&gt;
&lt;p dir=&quot;ltr&quot; lang=&quot;en&quot;&gt;After taking away my escort, my driver was taken away before assembly session and Today the 2 PSO's i was provided have also been withdrawn from srinagar. &lt;br /&gt;i am the only MLA in J&amp;amp;K, without escort, Driver and PSO's&lt;a href=&quot;https://x.com/OfficeOfLGJandK?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;@OfficeOfLGJandK&lt;/a&gt; &lt;a href=&quot;https://x.com/OmarAbdullah?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;@OmarAbdullah&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&amp;mdash; Mehraj Malik (@MehrajMalikAAP) &lt;a href=&quot;https://x.com/MehrajMalikAAP/status/2104962512580166129?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;September 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;p&gt;
&lt;script src=&quot;https://platform.x.com/widgets.js&quot; async=&quot;&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;DGP नलिन प्रभात पर लगाया आरोप&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके करीब एक घंटे बाद मेहराज मलिक ने एक और पोस्ट किया. इस बार उन्होंने सीधे जम्मू-कश्मीर पुलिस के DGP नलिन प्रभात पर सुरक्षा हटाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि अगर उन्हें कुछ होता है तो इसके लिए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और DGP को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मलिक ने कहा, &quot;मेरा एस्कोर्ट हटाने के बाद J&amp;amp;K के DG ने कहा था कि J&amp;amp;K में कोई खतरा नहीं है और अब आज उन्होंने मेरे PSO भी हटा लिए हैं. उनके मुताबिक J&amp;amp;K में हर विधायक को खतरा है, सिवाय मेरे. इसलिए अगर मुझे कुछ होता है तो इसके लिए वे और LG मनोज सिन्हा जिम्मेदार होंगे.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;धीरे-धीरे कम होती गई सुरक्षा&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मेहराज मलिक के मुताबिक, जेल से रिहा होने के कुछ समय बाद ही उनकी आधिकारिक एस्कॉर्ट गाड़ी और उसके साथ चलने वाली टीम को हटा दिया गया था. इसके बाद उनका आधिकारिक ड्राइवर भी वापस बुला लिया गया. अब मलिक का दावा है कि उनके साथ मौजूद आखिरी दो PSO को भी वापस बुला लिया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot;&gt;
&lt;p dir=&quot;ltr&quot; lang=&quot;en&quot;&gt;The DG J&amp;amp;K after taking away my escort said, there is no threat in J&amp;amp;K and now today he has now taken away my PSO's&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;According to him every MLA in j&amp;amp;K has threat except me. So if anything happens to me he along with LG &lt;a href=&quot;https://x.com/manojsinha_?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;@manojsinha_&lt;/a&gt; &lt;br /&gt;shall be held respsonsible for that.&amp;hellip;&lt;/p&gt;
&amp;mdash; Mehraj Malik (@MehrajMalikAAP) &lt;a href=&quot;https://x.com/MehrajMalikAAP/status/2104985625317499208?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;September 29, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;p&gt;
&lt;script src=&quot;https://platform.x.com/widgets.js&quot; async=&quot;&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस तरह, उनके मुताबिक उनकी सुरक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे कम होते हुए पूरी तरह खत्म कर दी गई है. मलिक का कहना है कि वह जम्मू-कश्मीर के 90 चुने हुए प्रतिनिधियों में अकेले ऐसे विधायक हैं, जिन्हें आतंकवाद से प्रभावित और बेहद संवेदनशील इलाके से बिना किसी सुरक्षा घेरे के सफर करना पड़ रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हाई कोर्ट तक पहुंचा मामला&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सुरक्षा में कटौती को लेकर मेहराज मलिक ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाई कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है. उनके वकीलों ने अदालत में कहा है कि किसी जनप्रतिनिधि की सुरक्षा का फैसला खतरे के आकलन के आधार पर होना चाहिए, न कि राजनीतिक सोच के आधार पर.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वकीलों की दलील है कि मेहराज मलिक एक सक्रिय विधायक हैं और संवेदनशील सीमावर्ती इलाकों में उनका लगातार सार्वजनिक दौरा होता है. ऐसे में उनकी सुरक्षा को लेकर उचित व्यवस्था जरूरी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मलिक की याचिका पर हाई कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर गृह विभाग और पुलिस को निर्देश दिया था कि उनके मामले को सुरक्षा समीक्षा समन्वय समिति यानी SRCC के सामने रखा जाए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अदालत ने अधिकारियों से खतरे का औपचारिक आकलन करने और उसके आधार पर मेहराज मलिक को उचित सुरक्षा स्तर तय करने को कहा था. अब मलिक का दावा है कि सुरक्षा की समीक्षा के बजाय उनकी पूरी सुरक्षा व्यवस्था ही हटा दी गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;J&amp;amp;K: अली खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन के बाद लगा PSA, अब NC विधायक ने कर दी बड़ी मांग&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/nc-mla-tanvir-sadiq-demand-to-withdraw-psa-from-students-over-ali-khamenei-death-protest-ann-3195564&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;J&amp;amp;K: अली खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन के बाद लगा PSA, अब NC विधायक ने कर दी बड़ी मांग&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;PSA के तहत हिरासत में लिए गए थे मलिक&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मेहराज मलिक और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के बीच सुरक्षा का यह विवाद उनकी पुरानी कानूनी लड़ाई से भी जुड़ा हुआ है. उन्हें अपने निर्वाचन क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं पैदा करने के आरोप में पब्लिक सेफ्टी एक्ट यानी PSA के तहत हिरासत में लिया गया था.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बाद में हाई कोर्ट ने उनकी हिरासत को पूरी तरह रद्द कर दिया था. अदालत ने राज्य की कार्रवाई को सामान्य कानून को दरकिनार करने वाला अनुचित शॉर्टकट बताया था.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मलिक की रिहाई के बाद उनकी पहले वाली सुरक्षा व्यवस्था बहाल नहीं हुई. इसके बाद सुरक्षा को लेकर विवाद बढ़ता गया और मामला अदालत तक पहुंचा. अब विधानसभा सत्र से ठीक पहले मलिक के ताजा दावे ने इस पूरे मामले को फिर चर्चा में ला दिया है.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/30/dec1240e69a3d0f1995a88e2ca93e0d217907400079401278_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA['आप राज्य का दर्जा सही...', CM उमर अब्दुल्ला का BJP पर तंज]]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jibe-at-bjp-says-local-body-elections-will-be-held-at-right-time-ann-3195591</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jibe-at-bjp-says-local-body-elections-will-be-held-at-right-time-ann-3195591#respond</comments><pubDate>Wed, 30 Sep 2026 06:31:34 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jibe-at-bjp-says-local-body-elections-will-be-held-at-right-time-ann-3195591</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जम्मू-कश्मीर में मंगलवार को विधानसभा में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने BJP के ही राजनीतिक बयानों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि सरकार रुके हुए स्थानीय निकाय चुनाव सही समय पर कराएगी. जम्मू-कश्मीर म्युनिसिपल एक्ट (संशोधन) बिल पर सदन में हो रही बहस के दौरान, मुख्यमंत्री ने J&amp;amp;K का राज्य का दर्जा बहाल करने में केंद्र सरकार की लंबी देरी को लेकर विपक्षी BJP का मजाक उड़ाया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;स्थानीय पंचायत और शहरी निकाय चुनावों के लिए सही समय बताने की BJP विधायकों की आक्रामक मांग का जवाब देते हुए CM उमर अब्दुल्ला ने कहा, &quot;आप राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए 'सही समय' की बात करते हैं, हम पंचायत चुनावों के लिए भी वही कहेंगे.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;J&amp;amp;K: अली खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन के बाद लगा PSA, अब NC विधायक ने कर दी बड़ी मांग&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/nc-mla-tanvir-sadiq-demand-to-withdraw-psa-from-students-over-ali-khamenei-death-protest-ann-3195564&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;यह भी पढ़ें: J&amp;amp;K: अली खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन के बाद लगा PSA, अब NC विधायक ने कर दी बड़ी मांग&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;चुनाव कराने का किया दावा&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ये बातें विधानसभा में जम्मू-कश्मीर म्युनिसिपल एक्ट (संशोधन) बिल पर बहस के दौरान कहीं गईं. इस बिल का मकसद DC को वोटर लिस्ट बनाने, वार्ड तय करने और सदस्यों की कम से कम संख्या 7 तय करने की शक्तियां देना था. उमर ने कहा कि चुनावों के लिए कोई तय समयसीमा नहीं है, लेकिन उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि चुनाव ज़रूर होंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बिल को लेकर जताई गई चिंताओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका मकसद कन्फ्यूजन पैदा करना नहीं, बल्कि उसे दूर करना है. धारा 10(1)(c) का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस प्रावधान में साफ़ तौर पर कहा गया है कि एक नया म्युनिसिपल निकाय बनाया जाएगा. उमर ने कहा, &quot;म्युनिसिपल चुनाव कराने का हमारा इरादा बिल्कुल वैसा ही है जैसा राज्य का दर्जा बहाल करने का BJP का इरादा है. वह सही समय पर होगा.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीजेपी पर दोहरे मापदंड का आरोप&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने BJP की मांगों में दोहरे मापदंड की ओर इशारा करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने बार-बार सही समय पर राज्य का दर्जा बहाल करने का वादा किया है, लेकिन कभी यह साफ़ नहीं किया कि इसका क्या मतलब है या यह कैसे तय होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हालांकि उन्होंने कहा कि कोई तय तारीख नहीं है, लेकिन अब्दुल्ला ने साफ किया कि संशोधन बिल का मकसद कानूनी कन्फ्यूजन को दूर करना था, और वादा किया कि ज़मीनी स्तर पर स्थानीय निकाय चुनाव जरुर होंगे.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;BJP ने इस मजाक को हल्के में नहीं लिया&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मीडिया से बात करते हुए विपक्ष के नेता (LoP) सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री के बयानों की कड़ी आलोचना की और उन्हें जनता को गुमराह करने के लिए किया गया एक खोखला 'चुनावी स्टंट' बताया. शर्मा ने दावा किया कि बीजेपी-विरोधी बयानबाज़ी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के लिए अपनी शासन-व्यवस्था की कमियों और विधानसभा चुनाव के घोषणापत्र में किए गए वादों को पूरा न कर पाने की अपनी नाकामी को छिपाने का बस एक जरिया बन गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;CM उमर अब्दुल्ला का तंज, 'ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देकर राष्ट्रपति बना दें'&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jammu-kashmir-cm-attack-on-sir-process-cec-gyanesh-kumar-3195487&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;यह भी पढ़ें: CM उमर अब्दुल्ला का तंज, 'ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देकर राष्ट्रपति बना दें'&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/30/fc6c6a0d11d1d093e53b275de697625517907295043641262_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[J&K: अली खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन के बाद लगा PSA, अब NC विधायक ने कर दी बड़ी मांग]]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/nc-mla-tanvir-sadiq-demand-to-withdraw-psa-from-students-over-ali-khamenei-death-protest-ann-3195564</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/nc-mla-tanvir-sadiq-demand-to-withdraw-psa-from-students-over-ali-khamenei-death-protest-ann-3195564#respond</comments><pubDate>Tue, 29 Sep 2026 22:47:36 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/nc-mla-tanvir-sadiq-demand-to-withdraw-psa-from-students-over-ali-khamenei-death-protest-ann-3195564</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायक तनवीर सादिक ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों में शामिल बच्चों पर दर्ज 'पब्लिक सेफ्टी एक्ट' (PSA) के मामलों को तुरंत वापस लेने की मांग की है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मंगलवार को जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 'जीरो आवर' के दौरान बोलते हुए सादिक ने सरकार से सहानुभूति दिखाने और उन युवाओं को रिहा करने की अपील की, जिनमें PSA के तहत बुक किए गए बच्चे भी शामिल हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विरोध करने आए बच्चों पर दर्ज हुए थे PSA के मामले&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सदन में बोलते हुए, सादिक ने अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद हालिया हालात का जिक्र किया और कहा कि कुछ बच्चे विरोध प्रदर्शन के लिए बाहर आए थे और उनके खिलाफ PSA के तहत मामले दर्ज किए गए थे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सादिक ने लद्दाख में अधिकारियों द्वारा लिए गए फैसले का जिक्र किया, जहां सरकार ने बाद में उन युवाओं के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले वापस ले लिए थे जो सरकार विरोधी प्रदर्शनों में शामिल थे. इन प्रदर्शनों में 4 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई थी, 84 लोग घायल हुए थे और 25 लोगों के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि लद्दाख में बच्चों के खिलाफ मामले बाद में वापस ले लिए गए थे और सरकार से जम्मू-कश्मीर में भी ऐसा ही कदम उठाने की अपील की. उन्होंने कहा, &quot;अगर वहां ऐसा हो सकता है, तो यहां क्यों नहीं? अगर हम ऐसा कर सकते हैं, तो हमारे बच्चों को भी जेलों से रिहा किया जाना चाहिए.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विधायक ने दिया ये तर्क&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विधायक ने तर्क दिया कि इन बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने और उन्हें अपनी पढ़ाई-लिखाई में लौटने का मौका देने के लिए नरम रवैया अपनाना जरूरी है. हालिया विरोध प्रदर्शनों के अलावा सादिक ने प्रशासन से उन अन्य राजनीतिक या सुरक्षा से जुड़े कैदियों के खिलाफ लंबे समय से चल रहे मामलों की समीक्षा करने और उन्हें वापस लेने का भी आग्रह किया, जिन्हें अलग-अलग जेलों में रखा गया है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कश्मीर घाटी के कई इलाकों में हुआ था प्रदर्शन&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद कश्मीर घाटी के कई इलाकों में ईरान के समर्थन में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे. जहां NC नेतृत्व और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने पहले एकजुटता दिखाई थी और सैन्य कार्रवाई की निंदा की थी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं उपराज्यपाल के नेतृत्व में कानून लागू करने वाले अधिकारियों ने प्रदर्शनों पर सख्ती बरती थी. उन्होंने FIR दर्ज कीं और पत्थरबाजी या हिंसक प्रदर्शन करने वाले कई लोगों, जिनमें नाबालिग भी शामिल थे. उनको सख्त निवारक हिरासत कानूनों के तहत बुक किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jammu-kashmir-cm-attack-on-sir-process-cec-gyanesh-kumar-3195487&quot;&gt;&lt;strong&gt;CM उमर अब्दुल्ला का तंज, 'ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देकर राष्ट्रपति बना दें'&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/29/9bdafbaad5f4f1b5171297f11fc8da0017907016429871174_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[CM उमर अब्दुल्ला का तंज, 'ज्ञानेश कुमार को भारत रत्न देकर राष्ट्रपति बना दें']]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jammu-kashmir-cm-attack-on-sir-process-cec-gyanesh-kumar-3195487</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jammu-kashmir-cm-attack-on-sir-process-cec-gyanesh-kumar-3195487#respond</comments><pubDate>Tue, 29 Sep 2026 18:28:56 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ अजीत कुमार, स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-jammu-kashmir-cm-attack-on-sir-process-cec-gyanesh-kumar-3195487</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;SIR विवाद के बीच जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा कि ये ऐसे ही नहीं कि सारे विपक्षी दल मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हैं. चुनाव आयोग को थोड़ा आत्म निरीक्षण करना चाहिए. सबूत किसी राजनीतिक दल ने नहीं लाया. सबूत एक अखबार की इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट में सामने आया है. चुनाव आयोग को अपने कामकाज के तरीके में सुधार करना चाहिए. कोशिश करनी चाहिए कि इस तरह की हरकत न हो.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पश्चिम बंगाल बीजेपी चीफ समेक भट्टाचार्य ने कहा था कि ज्ञानेश कुमार को पद्म भूषण मिलना चाहिए. इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सीएम उमर अब्दुल्ला ने तंज भरे लहजे में कहा, &quot;पद्म भूषण क्यों, भारत रत्न दे दें. इसके बाद उन्हें राष्ट्रपति बना दें. अब इतना कुछ बीजेपी के लिए किया है. तोहफे में उन्होंने बीजेपी को पश्चिम बंगाल दिया है. वो पद्म भूषण की बात कर रहे हैं, मुझे तो लगता है कि ये बहुत बड़ा अन्याय है. पहले भारत रत्न दे दो और दो साल बाद राष्ट्रपति भवन में बैठा दो.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;2029 चुनाव को लेकर क्या बोले सीएम उमर अब्दुल्ला?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जब उनसे पूछा गया कि साल 2029 में यहां विधानसभा के चुनाव होने वाले हैं, इस पर सीएम उमर अब्दुल्ला ने कहा, ''2029 बहुत दूर है. हम 2026, 2027, 2028 निकाल लें फिर 2029 की बात करेंगे.''&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत-चीन रिश्ते को लेकर विदेश मंत्री के बयान पर क्या बोले CM?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जब उनसे पूछा गया कि भारत-चीन रिश्ते को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि जो 2024-25 के रिलेशन हैं उससे बेहतर अब 2026 में देखने को मिल रहे हैं. इस सवाल पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा, ''जयशंकर साहब गलत नहीं कह रहे हैं. कहां वो रिश्ते गलवान के बाद नजर ही नहीं आ रहे थे. लोगों को कहा जा रहा था कि अपने घर के बालकनियों से चाइनीज टीवी फेंको. आज कम से कम हम न सिर्फ एक दूसरे से मिल रहे हैं बल्कि ठीक-ठाक बातचीत कर रहे हैं और रहना भी ऐसे ही चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने आगे कहा, ''हमने हमेशा कहा है कि पड़ोसियों के साथ और दूसरे मुल्कों के साथ जितने हमारे ताल्लुकात बेहतर हों उतना हमारे लिए अच्छा है. अब चीन जैसे मुल्क के साथ ताल्लुकात ठीक रहें, इससे मुल्क को फायदा है, लेकिन अकेले चीन के साथ ही नहीं, बहुत से और मुल्क हैं जिनके साथ हमारे ताल्लुकात कुछ अच्छे नहीं हैं. हमारे पड़ोस में बांग्लादेश देख लीजिए, और भी मुल्क हैं जिनकी हम बात कर सकते हैं.''&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;J&amp;amp;K: BJP की आपत्ति के बाद उमर अब्दुल्ला का यू-टर्न, विधेयकों का भत्ता बढ़ाने वाले बिल वापस&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jamma-kashmir-omar-abdullah-government-withdrew-bill-to-hike-mlas-salaries-after-bjp-objections-ann-3195445&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;J&amp;amp;K: BJP की आपत्ति के बाद उमर अब्दुल्ला का यू-टर्न, विधेयकों का भत्ता बढ़ाने वाले बिल वापस&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/29/08238a4b5d0a684d479acf6cee9985f81790686619341957_original.jpeg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[J&K: BJP की आपत्ति के बाद उमर अब्दुल्ला का यू-टर्न, विधेयकों का भत्ता बढ़ाने वाले बिल वापस]]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jamma-kashmir-omar-abdullah-government-withdrew-bill-to-hike-mlas-salaries-after-bjp-objections-ann-3195445</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jamma-kashmir-omar-abdullah-government-withdrew-bill-to-hike-mlas-salaries-after-bjp-objections-ann-3195445#respond</comments><pubDate>Tue, 29 Sep 2026 17:17:12 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jamma-kashmir-omar-abdullah-government-withdrew-bill-to-hike-mlas-salaries-after-bjp-objections-ann-3195445</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बीजेपी के विरोध के बाद मुख्यमंत्री, मंत्रियों के वेतन और विधायकों के भत्तों में वृद्धि से संबंधित तीन विधेयक मंगलवार (29 सितंबर) को वापस ले लिए. सीएम उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को मुख्यमंत्री, मंत्रियों के वेतन और विधायकों के भत्तों में वृद्धि से संबंधित तीन विधेयक पेश किए थे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रस्तावित संशोधनों में मुख्यमंत्री की मासिक सैलरी 70,000 से बढ़ाकर 95,000 करने और मंत्री की सैलरी 65,000 से बढ़ाकर 85,000 करने की बात कही गई थी, जबकि विधायकों की मासिक सैलरी और भत्ते ₹1.65 लाख करने का प्रस्ताव था. एक अलग प्रस्तावित संशोधन के तहत, विधायकों की मासिक सैलरी और भत्ते मौजूदा ₹1.30 लाख से बढ़कर ₹1.65 लाख हो जाते, यानी कुल मिलाकर ₹35,000 प्रति माह की बढ़ोतरी होती.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;J&amp;amp;K: राज्य के दर्जे पर फंसा 'प्रशासनिक पेच', जानें क्यों घिरी उमर सरकार?&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/opposition-slams-omar-abdullah-over-j-k-statehood-resolution-know-details-3195256&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;J&amp;amp;K: राज्य के दर्जे पर फंसा 'प्रशासनिक पेच', जानें क्यों घिरी उमर सरकार?&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रस्तावित संशोधित ढांचे में विधायक की सैलरी 60,000 से 80,000, निर्वाचन क्षेत्र भत्ता 60,000 से 70,000 और चिकित्सा भत्ता 10,000 से 15,000 करने का प्रस्ताव भी शामिल था. ये बदलाव 'जम्मू-कश्मीर राज्य विधानमंडल के सदस्यों की सैलरी और भत्ते अधिनियम, 1960' में संशोधन के तहत किए जाने थे.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीजेपी ने किया था विरोध&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पूर्व विधायकों की पेंशन भी बढ़ाकर 60,000 करने का प्रस्ताव था, और एक अन्य बिल में पूर्व विधायकों की मासिक पेंशन 50,000 से बढ़ाकर 60,000 करने का प्रस्ताव दिया गया था. हालांकि, जैसे ही बिल पेश किया गया, BJP विधायकों ने इस कानून का कड़ा विरोध किया. उनका तर्क था कि सरकार को चुने हुए प्रतिनिधियों की सैलरी बढ़ाने को प्राथमिकता देने के बजाय कम वेतन पाने वाले दिहाड़ी मजदूरों के कल्याण और उन्हें नियमित करने पर ध्यान देना चाहिए.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बीजेपी विधायक श्याम लाल शर्मा ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि बिल की बातें पहले ही लीक हो चुकी हैं और लोग विधायकों की सैलरी कथित तौर पर 3 लाख रुपये तक बढ़ाने के लिए उनकी आलोचना कर रहे हैं. शर्मा ने अपने भाषण में कहा, &quot;हम इस बिल का विरोध करते हैं और चाहते हैं कि इस पैसे का इस्तेमाल एडहॉक कर्मचारियों को रेगुलर करने और विरोध कर रहे दूसरे कर्मचारियों की सैलरी देने में किया जाए.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सीएम ने राजनीतिकरण का लगाया आरोप&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आलोचनाओं का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि बीजेपी विधायक की अध्यक्षता वाली हाउस कमेटी ने ये सिफारिशें की थीं और शुरू में बीजेपी सहित किसी भी पार्टी की ओर से कोई असहमति नहीं जताई गई थी. उमर अब्दुल्ला ने तीनों बिल वापस लेने का प्रस्ताव रखा और विपक्ष पर मामले का &quot;राजनीतिकरण&quot; करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार सदन की आम सहमति के बिना &quot;सैलरी बढ़ाने वाला बिल&quot; पास नहीं करेगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कई नेताओं ने की पुनर्विचार की मांग&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उमर अब्दुल्ला ने कहा, &quot;वे (बीजेपी) खुशी-खुशी बढ़ी हुई सैलरी लेंगे, लेकिन बाहर राजनीति करेंगे और दावा करेंगे कि उन्होंने सदन में सैलरी बढ़ाने का विरोध किया था. इसीलिए, मैं तीनों बिल वापस लेने का प्रस्ताव रखता हूं.&quot; हालांकि, एनसी विधायक मीर सैफुल्ला, कांग्रेस चीफ व्हिप निजामुद्दीन भट और अन्य विधायकों ने मुख्यमंत्री से पेंशन बिल वापस लेने के फैसले पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया. उन्होंने कहा कि पूर्व सदस्यों को आज की राजनीति के लिए सजा नहीं मिलनी चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;ये भी पढ़ें: &lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;School Timings Changed: जम्मू में बदला स्कूलों का समय! जानें कब से लागू होगी नई टाइमिंग&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/school-timings-changed-in-jammu-division-find-out-when-new-schedule-comes-into-effect-3195120&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;School Timings Changed: जम्मू में बदला स्कूलों का समय! जानें कब से लागू होगी नई टाइमिंग&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/25/6f510c5d52c9aecc1ac66620db3e4d9017903314915751174_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[J&K: राज्य के दर्जे पर फंसा 'प्रशासनिक पेच', जानें क्यों घिरी उमर सरकार?]]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/opposition-slams-omar-abdullah-over-j-k-statehood-resolution-know-details-3195256</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/opposition-slams-omar-abdullah-over-j-k-statehood-resolution-know-details-3195256#respond</comments><pubDate>Tue, 29 Sep 2026 14:23:09 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/opposition-slams-omar-abdullah-over-j-k-statehood-resolution-know-details-3195256</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उमर अब्दुल्ला की अगुवाई वाली जम्मू-कश्मीर सरकार के लिए मुश्किलें अभी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. भले ही उसने राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग वाला एक और प्रस्ताव सफलतापूर्वक पास कर लिया हो, लेकिन विपक्ष इस प्रस्ताव के कमजोर होने का आरोप लगा रहा है. वहीं, उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन ने सोमवार को चर्चा से पहले इस प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की. इसकी जानकारी जब उमर अब्दुल्ला को हुई तो उन्होंने इसपर नाराजगी जताई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हालांकि, इसपर विधानसभा अध्यक्ष ने चर्चा को जारी रखने का फैसला सुनाया और ये पास भी हो गया, लेकिन अब विपक्ष के निशाने पर सरकार आ गई है. विपक्ष अब नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व पर न केवल भारत सरकार को प्रस्ताव के बारे में बताने के लिए कमजोर पत्र लिखने का आरोप लगा रहा है, बल्कि इसे 'आत्मसमर्पण' भी कह रहा है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;div class=&quot;story-title&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jammu-kashmir-bjp-sunil-sharma-on-proposal-to-restore-statehood-cm-omar-abdullah-ann-3195049&quot;&gt;जम्मू कश्मीर: नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा का ऐलान, बोले- 'पूर्ण राज्य के दर्जे...'&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/div&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मामला क्या है?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दरअसल, &amp;nbsp;उमर अब्दुल्ला ने विधानसभा में 25 सितंबर को राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए पहली बार प्रस्ताव पेश किया था. इसपर हंगामे के कारण विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव पर विस्तार से चर्चा के लिए 28 सितंबर का दिन तय कर दिया था. सोमवार (28 सितंबर) की सुबह ही सदन के शुरू होने से पहले उपराज्यपाल के नेतृत्व वाले प्रशासन की तरफ से एक हरकत हुई जिससे एक बड़े प्रशासनिक टकराव की स्थिति बन गई. &amp;nbsp;J&amp;amp;K के मुख्य सचिव अटल डुल्लू और कानून सचिव अचल सेठी ने स्पीकर को औपचारिक पत्र भेजकर राज्य का दर्जा बहाल करने वाले प्रस्ताव को नामंजूर करने को कहा और तर्क दिया &amp;nbsp;कि ये मामला कोर्ट में है इसलिए इसपर चर्चा न की जाए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सत्र शुरू होने पर सीएम उमर अब्दुल्ला को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इसपर आपत्ति जताई. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोमवार को विधानसभा में अपने भाषण में इस पत्र को इस बात का बड़ा उदाहरण बताया कि राज्य का दर्जा क्यों जरूरी था. उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव और कानून सचिव ने स्पीकर अब्दुल रहीम राथर को लिखा था कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा देने की मांग करने वाले किसी भी प्रस्ताव को विधानसभा में चर्चा या पारित करने के लिए स्वीकार न किया जाए, क्योंकि उनके अनुसार यह मामला 'न्यायाधीन' (sub judice) था.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आपत्ति के बावजूद पारित हुआ प्रस्ताव&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इन आपत्तियों के बावजूद, जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने 28 सितंबर को प्रस्ताव सफलतापूर्वक पारित कर दिया. BJP को छोड़कर सभी दलों ने न केवल प्रस्ताव का समर्थन किया, बल्कि मुख्यमंत्री और स्पीकर के अनुरोध पर आसानी से पारित कराने के लिए सभी संशोधनों को भी वापस ले लिया.&amp;nbsp;हालांकि, विधानसभा सचिवालय द्वारा मुख्य सचिव को 'राज्य का दर्जा बहाल करने' के प्रस्ताव के पारित होने की घोषणा करने वाला अंतिम पत्र सामने आने के बाद एक बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विपक्ष ने प्रस्ताव को कमजोर क्यों कहा?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विधानसभा सचिव मनोज पंडित ने मुख्य सचिव को प्रस्ताव भेजते समय बहुत ही दब्बू भाषा का इस्तेमाल किया- &quot;कृपया जानकारी और आवश्यक कार्रवाई के लिए&quot;. सचिव मनोज पंडित ने इस तरह कोई निर्देश या आदेश लिखने से परहेज किया, जिसमें स्पष्ट रूप से यह कहा गया हो कि इसे (पारित प्रस्ताव को) आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए भारत सरकार को भेजा जाना चाहिए.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस दस्तावेज की विपक्ष और राजनीतिक विश्लेषकों दोनों ने कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इसमें महत्वपूर्ण राजनीतिक बातों को शामिल न करने के कारण इसे 'कमजोर' और 'समझौता' करार दिया है. अब जब मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने न केवल यह प्रस्ताव पास करवा लिया है, बल्कि कानून मंत्री (CM) की जानकारी और मंजूरी के बिना लॉ सेक्रेटरी के पत्र भेजे जाने पर सवाल भी उठाए हैं, तो सबकी नजरें इस बात पर हैं कि क्या मुख्य सचिव अटल डुल्लू इस प्रस्ताव को भारत सरकार को भेजेंगे या रोक लेंगे.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अंतिम प्रस्ताव में क्या है?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नई दिल्ली भेजे गए अंतिम प्रस्ताव में क्षेत्रीय स्वायत्तता की मांगों और राज्य का दर्जा बहाल करने की स्पष्ट अपील के बीच संतुलन बनाया गया है. इसमें कहा गया है, &quot;इस सदन द्वारा 26 जून 2000 और 6 नवंबर 2024 को पारित प्रस्तावों के अलावा, सदन भारत सरकार से जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा तुरंत और तत्काल बहाल करने का आग्रह करता है और संकल्प लेता है कि इस प्रस्ताव को भारत सरकार को भेजा जाए. &quot;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विपक्षी दलों को अंतिम प्रस्ताव पर क्या आपत्ति है?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जहां सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस का कहना है कि यह प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर की खास पहचान को वापस पाने की दिशा में एक मजबूत कदम है. वहीं, आलोचक प्रस्ताव में 5 अगस्त 2019 के उस केंद्रीय फैसले (आर्टिकल 370) का जिक्र न करने और केंद्र शासित प्रदेश के ही शीर्ष नौकरशाहों के आंतरिक विरोध को कमजोर राजनीतिक रुख का संकेत मान रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) जैसे विपक्षी दल, सरकार का समर्थन करने वाले कई निर्दलीय सदस्य और राजनीतिक विश्लेषक तर्क देते हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नई दिल्ली की नजर में अच्छा बने रहने के लिए अपने वैचारिक रुख से समझौता किया है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;चूंकि केंद्र सरकार को भेजे गए अंतिम प्रस्ताव में जानबूझकर अनुच्छेद 370 या अनुच्छेद 35A का कोई सीधा जिक्र नहीं किया गया है, इसलिए आलोचक इसे पार्टी के उन ऐतिहासिक चुनावी वादों से साफ पीछे हटना मानते हैं, जिनमें 2019 के केंद्रीय बदलावों का पुरजोर विरोध करने की बात कही गई थी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पार्टी के अंदर से भी दबाव&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दबाव केवल बाहर से ही नहीं है, दस विधायकों से भी है, जिनमें सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस खेमे के आठ विधायक शामिल थे. सभी ने अनुच्छेद 370 और उसके बाद के बदलावों को वापस लेने की स्पष्ट मांगों को ज़ोर-शोर से शामिल करने के लिए औपचारिक संशोधन पेश किए. &amp;nbsp;हालांकि, अंतिम 'वॉयस वोट' (मौखिक मतदान) से पहले इस कदम को क्षेत्रीय गठबंधन के कुछ हिस्सों ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य नैरेटिव (मूल मुद्दे) को कमजोर करने वाला मानते हुए गहरी निराशा जताई. &amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उमर ने इसपर क्या सफाई दी?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं, प्रस्ताव के अंतिम ड्राफ्ट का बचाव करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा था कि आर्टिकल 370 को शामिल करने से बीजेपी को इस प्रस्ताव को पूरी तरह से खारिज करने और पटरी से उतारने का एक बढ़िया बहाना मिल जाता.&amp;nbsp; NC का तर्क है कि वो सबसे जरूरी और हासिल किए जा सकने वाले लक्ष्य, यानी विधानसभा के लिए पूरे कार्यकारी अधिकार वापस पाने के लिए जोर-शोर से काम कर रही है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हालांकि, इस प्रस्ताव में जानबूझकर साल 2000 के स्वायत्तता प्रस्ताव और नवंबर 2024 के विशेष दर्जे की घोषणा का जिक्र किया गया है, ताकि J&amp;amp;K के अलग राजनीतिक इतिहास को इस मांग से जोड़ा जा सके. इसके बावजूद विरोधी अब मुख्यमंत्री पर 'दबाव में झुकने' का आरोप लगाकर उन्हें घेरने की कोशिश करेंगे. उन्हें 28 सितंबर को पारित राज्य के दर्जे वाले प्रस्ताव के फाइनल टेक्स्ट को लेकर दोनों तरफ से तीखी आलोचना का सामना करना पड़ सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/school-timings-changed-in-jammu-division-find-out-when-new-schedule-comes-into-effect-3195120&quot;&gt;जम्मू में बदला स्कूलों का समय! जानें कब से लागू होगी नई टाइमिंग&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/29/5ca4508151285d3de9aa8dc21c6e7f9c17906669370321399_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[School Timings Changed: जम्मू में बदला स्कूलों का समय! जानें कब से लागू होगी नई टाइमिंग]]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/school-timings-changed-in-jammu-division-find-out-when-new-schedule-comes-into-effect-3195120</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/school-timings-changed-in-jammu-division-find-out-when-new-schedule-comes-into-effect-3195120#respond</comments><pubDate>Tue, 29 Sep 2026 09:43:09 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ अजय बाचलू ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/school-timings-changed-in-jammu-division-find-out-when-new-schedule-comes-into-effect-3195120</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जम्मू के स्कूल शिक्षा निदेशालय (DSEJ) ने जम्मू डिवीजन में हायर सेकेंडरी लेवल तक के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों के लिए नए समय की घोषणा की है. ये नियम 1 अक्टूबर से लागू होंगे. नए आदेश के तहत ग्रीष्मकालीन (समर जोन) और शीतकालीन (विंटर जोन) के लिए स्कूल का अलग-अलग समय तय किया गया है. DSEJ ने सभी संबंधित संस्थानों को जारी किए गए आदेश का सख्ती से पालन करने के लिए कहा है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रीष्मकालीन (समर जोन) के स्कूल सुबह 9:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक चलेंगे, जबकि शीतकालीन (विंटर जोन) &amp;nbsp;के स्कूलों का समय सुबह 9:30 बजे से दोपहर 3:30 बजे तक होगा. ये आदेश सरकारी और मान्यता प्राप्त दोनों ही स्कूलों के लिए जारी किए गए हैं. निदेशक ने चेतावनी दी है कि तय समय-सारणी का पालन न करने पर नियमों के तहत दोषी पाये जाने वाले संस्थान के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jammu-kashmir-bjp-sunil-sharma-on-proposal-to-restore-statehood-cm-omar-abdullah-ann-3195049&quot;&gt;जम्मू कश्मीर: नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा का ऐलान, बोले- 'पूर्ण राज्य के दर्जे...'&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्यों किए गए बदलाव?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बता दें कि जम्मू-कश्मीर में हर साल मौसम के बदलाव के साथ गर्मियों और सर्दियों के लिए स्कूल के समय में नियमित बदलाव किये जाते हैं. ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि मौसम के बदलते मिजाज और दिन छोटे होने के साथ बच्चों को कोई परेशानी का सामना न करना पड़े.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रदेश में अक्टूबर की शुरूआत के साथ ही सुबह के तापमान में गिरावट देखने को मिलती है और ठंड का असर दिखाई देने लगता है. गर्मियों के लिए यहां सामान्य तौर पर सुबह 8:00 बजे का समय निर्धारित रहता है और बढ़ती ठंड को देखते हुए इसे 9:00 बजे कर दिया जाता है. यहां छोटे बच्चों और दूर से आने वाले छात्रों को ठंड में भी स्कूल पहुंचने में परेशानी न हो इसलिए ये बदलाव किया जाता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्या है समर और विंटर जोन&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बता दें कि समर जोन वाले इलाके जम्मू संभाग के वो मैदानी और कम उंचाई वाले इलाके हैं जहां गर्मी अधिक पड़ती है और ठंड भी सामान्य रहती है. इसमें सांबा जिला, उधमपुर, रियासी, कठुआ और जम्मू शहर जैसे इलाके आते हैं. ऐसे में यहां सर्दियों के &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; को देखते हुए स्कूल के समय में थोड़ा में बदलाव किया जाता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं, विंटर जोन में डोडा, किश्तवाड़, रामबन, पुंछ, राजौरी के अलावा कठुआ और उधमपुर के ऊपरी पहाड़ी हिस्से आते हैं. यहां ठंड जमा देने वाली पड़ती है और तापमान शून्य से नीचे तक चला जाता है. घने कोहरे और अत्यधिक ठंड को देखते हुए स्कूल के समय में बदलाव किया जाता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/sajjad-lone-speaks-in-assembly-on-j-k-status-1947-should-be-basis-for-discussion-ann-3194931&quot;&gt;&lt;strong&gt;2019 नहीं, 1947 हो चर्चा का आधार, J&amp;amp;K के दर्जे पर विधानसभा में बोले सज्जाद लोन&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/29/39f170eed49bed50456848e464d5f5b517906541301771399_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[जम्मू कश्मीर: नेता प्रतिपक्ष सुनील शर्मा का ऐलान, बोले- 'पूर्ण राज्य के दर्जे...']]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jammu-kashmir-bjp-sunil-sharma-on-proposal-to-restore-statehood-cm-omar-abdullah-ann-3195049</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jammu-kashmir-bjp-sunil-sharma-on-proposal-to-restore-statehood-cm-omar-abdullah-ann-3195049#respond</comments><pubDate>Mon, 28 Sep 2026 23:33:10 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jammu-kashmir-bjp-sunil-sharma-on-proposal-to-restore-statehood-cm-omar-abdullah-ann-3195049</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जम्मू-कश्मीर में विपक्ष के नेता (LoP) और BJP नेता सुनील शर्मा ने घोषणा की है कि BJP मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के राज्य का दर्जा बहाल करने वाले प्रस्ताव का सड़कों पर और J&amp;amp;K विधानसभा के शरद सत्र के बाकी दो दिनों में विरोध करेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सुनील शर्मा ने घोषणा की, &quot;हम आने वाले दिनों में इस राष्ट्र-विरोधी प्रस्ताव के खिलाफ सभी जिलों में विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे और विधानसभा के अंदर भी विरोध जारी रखेंगे.&quot; उन्होंने कहा कि राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए कोई समय-सीमा तय नहीं है और उमर अब्दुल्ला पाकिस्तान का नाम लाकर समय तय नहीं कर सकते.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/sajjad-lone-speaks-in-assembly-on-j-k-status-1947-should-be-basis-for-discussion-ann-3194931&quot;&gt;&lt;strong&gt;2019 नहीं, 1947 हो चर्चा का आधार, J&amp;amp;K के दर्जे पर विधानसभा में बोले सज्जाद लोन&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'J&amp;amp;K का दर्जा बहाल करने का समर्थन, लेकिन अनुच्छेद 370 बहाली का विरोध'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;J&amp;amp;K विधानसभा द्वारा केंद्र सरकार से राज्य का दर्जा जल्द बहाल करने का आग्रह करने वाला &quot;राज्य का दर्जा बहाल करने&quot; का प्रस्ताव पारित करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, LoP सुनील शर्मा ने कहा कि हालांकि BJP राज्य का दर्जा बहाल करने के पूरी तरह समर्थन में है, लेकिन वह ऐसी किसी भी बात का विरोध करेगी जिसमें अनुच्छेद 370 या J&amp;amp;K को स्वायत्तता (1953 से पहले की स्थिति) बहाल करने की बात हो.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'राज्य का दर्ज बहाली पर बीजेपी सरकार के साथ है'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सुनील शर्मा ने कहा, &quot;J&amp;amp;K एक संवेदनशील राज्य है और हमारे दुश्मन इस क्षेत्र को अस्थिर करने की लगातार साजिश रच रहे हैं. हमने खून-खराबा देखा है और आज सरकार की कोशिशों की वजह से शांति है. आज हमें जिस चीज़ की कमी खलती है, वह राज्य का दर्जा है और BJP इस मुद्दे पर सत्ताधारी पार्टी के साथ है.&quot; उन्होंने उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली सरकार को चुनौती दी कि वे विवादास्पद ऐतिहासिक एजेंडे के साथ मिलाने के बजाय केवल राज्य के दर्जे पर एक स्पष्ट प्रस्ताव लाएं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'यह प्रस्ताव धर्मनिरपेक्षता के मूल सिद्धांत के खिलाफ'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'राज्य का दर्जा बहाल करने' वाले प्रस्ताव में दो अन्य प्रस्तावों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि &amp;nbsp;&quot;पार्टी लाइन से ऊपर उठकर हम इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं. प्रस्ताव केवल राज्य के दर्जे के मुद्दे पर होना चाहिए था, लेकिन यह प्रस्ताव भारतीय संविधान के धर्मनिरपेक्षता के मूल सिद्धांत के खिलाफ है,&quot; &amp;nbsp;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सुनील शर्मा ने आरोप लगाया, &quot;2000 का प्रस्ताव 1953 से पहले की स्थिति की मांग करता है और 2024 का प्रस्ताव 370 और 35A की मांग करता है; ये प्रस्ताव संविधान का उल्लंघन करते हैं क्योंकि ये सांप्रदायिक हैं. ये प्रस्ताव भारत के संविधान के खिलाफ हैं क्योंकि इनमें J&amp;amp;K को एक मुस्लिम इलाके और बाकी भारत से अलग दिखाया गया है.&quot;&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'इन प्रस्तावों के जरिये समय को 70 साल पीछे ले जाना चाहती है NC'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के जरिए NC समय को 70 साल पीछे ले जाना चाहती है. सुनील शर्मा ने कहा कि राज्य का दर्जा (स्टेटहुड) असल में बीजेपी का एजेंडा है जिसे केंद्र सरकार सही समय पर बहाल करेगी. उन्होंने नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) पर आरोप लगाया कि वे 1953 से पहले की संवैधानिक स्थिति और 2000 के खारिज हो चुके ऑटोनॉमी प्रस्ताव का ज़िक्र ज़बरदस्ती लाकर इस प्रक्रिया को &quot;खराब&quot; करने की कोशिश कर रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राज्य का दर्जा बहाल करने में देरी पर उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया था कि अगर यह J&amp;amp;K में सुरक्षा हालात से जुड़ा है, तो यह पाकिस्तान को सत्ता सौंपने जैसा है; इस पर सुनील शर्मा ने उमर पर दुश्मनों के हाथों में खेलने का आरोप लगाया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&quot;NC सदन में पाकिस्तानी एजेंडा आगे बढ़ा रही है, जिसका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. बीजेपी आपके साथ है और हम J&amp;amp;K के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से कहते हैं कि वे सिर्फ़ राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर प्रस्ताव लाएं और हम उसका पूरा समर्थन करेंगे.&quot; उन्होंने कहा कि उमर के दादा शेख अब्दुल्ला ने भी 1953 से पहले की स्थिति को खत्म कर दिया था और उमर उसी पुरानी बात को फिर से ज़िंदा करने की कोशिश कर रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सुनील शर्मा ने विधानसभा में राज्य का दर्जा बहाल करने के प्रस्ताव का समर्थन करने के लिए कांग्रेस पार्टी से सवाल किया और पूछा कि क्या पार्टी J&amp;amp;K में अनुच्छेद 370 और ऑटोनॉमी को बहाल करने का समर्थन करती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&quot;हम कांग्रेस से सवाल करते हैं कि वे अपनी स्थिति साफ़ करें कि वे 1953 से पहले की स्थिति के पक्ष में हैं या नहीं. पार्टी को अपना रुख़ साफ़ करना चाहिए और देश की जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शर्मा ने बताया कि उन्होंने हाल ही में नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री &lt;a title=&quot;अमित शाह&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/amit-shah&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;अमित शाह&lt;/a&gt; से इन घटनाक्रमों पर चर्चा की थी. उन्होंने केंद्र के इस नज़रिए पर ज़ोर दिया कि सत्ताधारी क्षेत्रीय पार्टी J&amp;amp;K को बेवजह ऐतिहासिक ध्रुवीकरण और पुराने टकराव की ओर वापस ले जाने की कोशिश कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jammu-kashmir-legislative-assembly-passes-resolution-demanding-immediate-restoration-of-full-statehood-ann-3194930&quot;&gt;&lt;strong&gt;जम्मू कश्मीर को मिलेगा पूर्ण राज्य का दर्जा? विधानसभा से पास हुआ प्रस्ताव&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/28/584f32ae6474514cee798b280099a0821790616793191898_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[2019 नहीं, 1947 हो चर्चा का आधार, J&K के दर्जे पर विधानसभा में बोले सज्जाद लोन]]></title><link>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/sajjad-lone-speaks-in-assembly-on-j-k-status-1947-should-be-basis-for-discussion-ann-3194931</link><comments>https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/sajjad-lone-speaks-in-assembly-on-j-k-status-1947-should-be-basis-for-discussion-ann-3194931#respond</comments><pubDate>Mon, 28 Sep 2026 17:37:55 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ आसिफ कुरैशी, एबीपी न्यूज़ ]]></dc:creator><category><![CDATA[ जम्मू और कश्मीर ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/sajjad-lone-speaks-in-assembly-on-j-k-status-1947-should-be-basis-for-discussion-ann-3194931</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पीपल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और विधायक सज्जाद लोन ने सोमवार (28 सितंबर) को कहा कि जम्मू-कश्मीर के राजनीतिक दर्जे और भारत के साथ उसके रिश्ते पर किसी भी चर्चा के लिए 1947 में किए गए वादे ही आधार होने चाहिए. जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बोलते हुए लोन ने कहा कि प्रधानमंत्री और सुप्रीम कोर्ट के प्रति उनके मन में 'पूरा सम्मान' है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत में जम्मू-कश्मीर की मौजूदगी 1947 में वहां के लोगों से किए गए वादों पर टिकी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सज्जाद लोन ने कहा, 'मेरे मन में भारत के प्रधानमंत्री और भारत के सुप्रीम कोर्ट के प्रति पूरा सम्मान है. लेकिन अगर हम आज यहां हैं, तो ऐसा प्रधानमंत्री या सुप्रीम कोर्ट द्वारा किए गए किसी वादे की वजह से नहीं है. हम यहां इसलिए हैं क्योंकि 1947 में जम्मू-कश्मीर के लोगों से वादे किए गए थे.'&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'जिस केंद्र सरकार ने हमारा दर्जा घटाया, क्या यह कानूनी है या नहीं?'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि मूल ढांचे में एक ऐसी व्यवस्था की कल्पना की गई थी, जिसमें जम्मू-कश्मीर के लोगों की अपनी सरकार चलाने में सार्थक भूमिका हो और उन्हें स्वायत्तता तथा अपने फैसले खुद लेने की शक्तियां मिलें. जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश में बदलने के केंद्र सरकार के फैसले के संवैधानिक और कानूनी आधार पर सवाल उठाते हुए लोन ने पूछा, 'मुझे बताइए, जिस केंद्र सरकार ने हमारा दर्जा घटाया &amp;mdash; क्या यह कानून के दायरे में है या नहीं?'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र करते हुए लोन ने कहा कि कोर्ट ने उन सभी सवालों का जवाब नहीं दिया है कि क्या ऐसे हालात में किसी राज्य को केंद्र शासित प्रदेश में बदला जा सकता है या नहीं? उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर पर चर्चा करते समय विधानसभा को अपने ऐतिहासिक आधार को नहीं बदलना चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/omar-abdullah-says-jammu-kashmir-statehood-decided-by-pakistan-not-delhi-3194812#google_vignette&quot;&gt;भारत नहीं पाकिस्तान करेगा जम्मू-कश्मीर के पूर्ण राज्य फैसला! उमर अब्दुल्ला ने ये क्या कहा?&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'विधानसभा में चर्चा का आधार 1947 होना चाहिए, न कि 2019'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सज्जाद लोन ने कहा, 'इस विधानसभा में चर्चा का आधार 1947 होना चाहिए, न कि 2019. हम आधार नहीं बदल सकते. हम इतिहास का स्वरूप नहीं बदल सकते.' उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ राजनीतिक दौर और सरकारें बदलती रहेंगी, लेकिन जम्मू-कश्मीर के लोगों से किए गए ऐतिहासिक वादों पर हमेशा ध्यान दिया जाना चाहिए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लोन ने कहा, 'यह एक दौर है. कितने लोग आए और कितने चले गए. वे भी एक दिन चले जाएंगे. आप भी एक दिन चले जाएंगे. हम भी एक दौर से गुजर रहे हैं.' लोन ने कहा, 'हमें रेफरेंस पॉइंट नहीं बदलना चाहिए. रेफरेंस पॉइंट 1947 ही होना चाहिए.'&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/jammu-and-kashmir/jammu-kashmir-assembly-ruckus-bjp-asks-removal-of-speaker-amid-statehood-demand-3194697&quot;&gt;जम्मू कश्मीर विधानसभा में हंगामा, &amp;nbsp;BJP ने रखी स्पीकर को हटाने की मांग&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/28/c9c082022ca40e1f3c18d44b055147e817905971042301301_original.jpg" width="220"/></item></channel></rss>