प्रयागराज: यूपी के प्रयागराज में घर की छत पर सो रहे पति-पत्नी की ईंट-पत्थरों से कुचलकर बेरहमी से मौत के घाट उतारे जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मौत के घाट उतारे गए दंपत्ति के साथ ही उनके तीन बच्चे भी सोए हुए थे, लेकिन हमलावरों ने उन्हें कोई नुकसान नहीं पहुंचाया. घर का सारा सामान बिखरा पड़ा हुआ है. डबल मर्डर की इस सनसनीखेज वारदात को किसने और क्यों अंजाम दिया, फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है.

पहली नज़र में मामला लूट का समझ आ रहा है, लेकिन परिवार वालों ने आपसी रंजिश का शक जताते हुए गांव के ही कुछ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है. हालांकि साथ सो रहे बच्चों को कोई नुकसान न पहुंचाना और मौत के घाट उतारी गई महिला के शरीर पर मंगलसूत्र व दूसरे गहने मौजूद होना कई सवाल खड़े कर रहा है.

डबल मर्डर की यह वारदात फिलहाल मिस्ट्री बनी हुई है, जिसे सुलझाना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती है. वारदात के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अफसरों का कहना है कि इस मामले में लूट और रंजिश के साथ ही कई दूसरे एंगल पर भी छानबीन की जाएगी.

दिल दहला देने वाली यह सनसनीखेज वारदात प्रयागराज के सोरांव थाना इलाके के लाल सरांय गांव की है. यहां रहने वाले तकरीबन पैंतीस साल के नागेंद्र भूषण तिवारी पेशे से किसान थे. नागेंद्र रात को पत्नी मनोरमा व तीनों बच्चों के साथ घर की छत पर सोये हुए थे. बच्चे दो साल, चार साल और सात साल की उम्र के थे. नागेंद्र और मनोरमा अलग अलग चारपाइयों पर किनारे की तरफ लेटे थे, जबकि तीनों बच्चे बीच में दो चारपाइयों पर सोए हुए थे.

सुबह बच्चों की जब आंख खुली तो माता - पिता की खून से लथपथ लाश देखकर उनकी चीख निकल पड़ी. कुछ ही देर में पुलिस भी मौके पर पहुंची. छत पर ही धारदार हथियार और खून सने ईंट - पत्थर पड़े हुए थे. घर का दरवाजा व आलमारी टूटी हुई थी और सारे सामान बिखरे पड़े हुए थे.

हालांकि मौत के घाट उतारी गई मनोरमा के शरीर का मंगलसूत्र व दूसरे गहने मौजूद थे. बच्चों को न तो कोई नुकसान पहुंचाया गया था और न ही उन्हें देर रात किसी वक्त हुई वारदात के बारे में जानकारी मिली. मौके पर पुलिस के तमाम अफसर भी पहुंचे लेकिन हत्यारों के बारे में कोई सुराग नहीं मिल सका. अफसरों का दावा है कि इस मामले में कई एंगल पर छानबीन की जा रही है और जल्द ही कातिलों का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी की जाएगी.