गोरखपुर/देवरियाः नई दिल्‍ली जा रही वैशाली सुपरफास्‍ट एक्‍सप्रेस के एसी कोच की कपलिंग देवरिया में दो बार टूट गई. ये हादसा देवरिया और बैतालपुर जंक्‍शन पर दो बार हुआ. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ और बड़ा हादसा टल गया. लेकिन, इंजन एसी कोच और गार्ड के डिब्‍बे को छोड़कर 600 मीटर तक आगे निकल गया. जोरदार झटका लगने के कारण एसी कोच में बैठे यात्रियों में हड़कंप मच गया. जैसे-तैसे कोच को गोरखपुर जंक्‍शन पर लाया गया. वहां पर एसी-1 और एसी-2 के कोच को बदलकर दूसरा कोच लगाया गया. उसके बाद ट्रेन निर्धारित समय से 4 घंटा 20 मिनट की देरी से रात 9 बजकर 20 मिनट पर नई दिल्‍ली के लिए रवाना हुई.

बरौनी से चलकर नई दिल्‍ली को जाने वाली 12553 वैशाली सुपरफास्‍ट एक्‍सप्रेस निर्धारित समय पर शाम 3.28 बजे देवरिया जंक्‍शन पहुंची. एचए-1 कोच में बैठे यात्री सौरभ ने बताया कि वे समस्‍तीपुर से नई दिल्‍ली जा रहे थे. देवरिया से जब ट्रेन चला, तो ट्रेन को झटका लगा. एचए-1 और गार्ड की बोगी पीछे रह गई और ट्रेन अन्‍य बोगियों को लेकर लगभग 20 फिट आगे निकल गई. उसके बाद बैतालपुर जंक्‍शन के पास भी ऐसा ही हुआ और इंजन इस कोच को छोड़कर 600 मीटर तक आगे चला गया. दोबारा कपलिंग को जोड़ा गया और जैसे-तैसे ट्रेन तीन घंटे की देरी से रात 8 बजे गोरखपुर जंक्‍शन पर पहुंची. यहां पर दोनों एसी कोच को बदलकर उसे नई दिल्ली के लिए रवाना किया गया.

ट्रेन के एचए-1 कोच में ही सफर करने वाली सुधा कुमारी ने बताया कि वे सीवान से नई दिल्‍ली जाने के लिए ट्रेन में सवार हुईं थी. कपलिंग अचानक से टूटने से लोगों के बीच अफरा-तफरी हो गई. वे खुद दो बच्‍चों को लेकर अकेले सफर कर रही हैं. दो-दो बार कपलिंग टूटने से ये हादसा हुआ. उनका कहना है कि मुश्किल से ट्रेन में टिकट मिलता है. कपलिंग पहले से टूटी हुई नहीं थी. अगर टूटी थी, तो उसकी जांच कर ही ट्रेन को आगे रवाना करना चाहिए था. सीवान से चलने वाले विकास कुमार गुप्‍ता ने बताया कि ट्रेन चलने के बाद देवरिया में ये हादसा हुआ. उनका शरीर अभी तक कांप रहा है. सभी लोग डर गए थे. कुछ लोग डर के मारे देवरिया में उतर गए हैं.

पूर्वोत्‍तर (नार्थ-इस्‍टर्न) रेलवे के मुख्‍य जनसम्‍पर्क अधिकारी संजय यादव ने बताया कि बरौनी से नई दिल्‍ली को जाने वाली 12553 वैशाली सुपरफास्‍ट एक्‍सप्रेस ट्रेन के एसी-1 और एसी-2 कोच के बीच की कपलिंग देवरिया जंक्‍शन से गोरखपुर आने के दौरान खुल गया. इस कारण पीछे लगा एसी कोच एचए-1 पीछे छूट गया. उसके बाद उसे दोबारा जोड़कर आगे बढ़ाया गया, तो बैतालपुर जंक्‍शन के पास दोबारा कपलिंग खुल जाने के कारण इंजन आगे चला गया. उसे फिर से क‍पलिंग कर गोरखपुर जंक्‍शन पर लाया जा रहा है. यहां से दोनों एसी कोच को बदलकर दूसरा कोच लगाकर ट्रेन को रवाना किया जाएगा. उन्‍होंने बताया कि इससे आमतौर पर कोई बड़ा हादसा नहीं होता है. लेकिन, कपलिंग खुलने से ट्रेन लेट होती है.