पटनाः CAA-NRC पर नीतीश कुमार ने विधानसभा सत्र के दौरान बड़ा बयान देते हुए कहा कि NRC बिहार में लागू नहीं होगा. उन्होंने CAA पर कहा कि अगर सभी चाहेंगे तो सदन में चर्चा करने की बात केंद्र सरकार को कही जाएगी. नीतीश कुमार के इस बयान पर विपक्षियों को हमला करने का एक बार फिर मौक़ा दे दिया है.

कांग्रेस ने कहा- 'बहुत देरी कर दी'

बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदन मोहन झा ने सीएम नीतीश कुमार के बयान पर कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने देरी कर दी. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार को विरोध करना था तो उन्हें लोकसभा और राज्यसभा में विरोध करना चाहिए था. प्रशांत किशोर पर तंज कसते हुए मदन मोहन झा ने कहा कि पीके मुख्यमंत्री को समझाने में थोड़ी देर कर दी. इससे पहले ही उन्हें करना चाहिए था. लेकिन, अभी ठीक है.

दूसरी तरफ़ कांग्रेस नेता और बिहार प्रभारी शक्ति सिंह गोहिल केंद्र सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि मज़हब के नाम पर इस क़ानून को लाने की ज़रूरत क्या थी जिसे हमारा संविधान इजाज़त नहीं देता. शक्ति सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि CAA लाने की क्या ज़रूरत थी.

उन्होंने कहा कि आप तीन देश का चयन करते है और दूसरे देश के हिंदुओ को भी छोड़ देते हो, तो ये सिर्फ और सिर्फ ये न राम के हैं ये न रहीम के. ये सिर्फ अपने वोट बैंक पॉलिटिक्स के है. देश संभल नही रहा था. युवा का बेरोजगारी का प्रतिशत 45 साल का रिकॉर्ड टूट गया था. ये सिर्फ देश की अटेंशन को डाइवर्ट करने के लिए एक्ट लाया गया है.

अदनान सामी का दिया उदाहरण

शक्ति सिंह गोहिल ने कहा कि हमारा सिटिज़न एक्ट तो था ही, आप अदनान सामी को सिटिज़न बनाना चाहते थे तो बना दिया. श्रीलंका से 95 हज़ार जो हिन्दू है, उनके लिए सिटिज़न एक्ट में कोई प्रावधान नहीं है.

आरजेडी और महागठबंधन में बढ़ी दूरी पर कांग्रेस नेता शक्ति सिंह ने कहा कि जब पार्टियां मिलती है तो अपना-अपना एजेंडा होता है. हम चाहते है कि लाइक माइंडेड पार्टी साथ रहें. सभी मेहनत में लगे है. सभी सीटों पर मेहनत किया जाएगा. सहयोगी आएंगे तो उन्हें भी फायदा मिलेगा और जबरन किसी के साथ किसी प्रकार का समझौता नही होगा. विचारधारा का मेल है मैं जरूर मानता हूं कि सब साथ लड़ेंगे.

CAA, NRC और NPR के मामले में तलवार की धार पर नीतीश, क्या ये कानून उनके लिए बन गया है गले की फांस?