पटना: 2019 से पहले एनडीए में प्रेशर पॉलिटक्स ने दस्तक दे दी है. एनडीए की सहयोगी एलजेपी ने एससी/एसटी एक्ट पर अध्यादेश लाने को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर दवाब बनाया शुरू कर दिया है. रामविलास पासवान के बेटे और एलजेपी सांसद चिराग पासवान ने कहा है कि केंद्र सरकार संसद का सत्र तीन दिन पहले खत्म कर एससीएसटी पर अध्यादेश लाए. चिराग ने 9 अगस्त दलितों के के आंदोलन के रुख को भांप बीजेपी को चेतावनी दी.

वहीं तेजस्वी यादव के ऑफर उन्होंने ठुकराया तो नहीं लेकिन कहा कि लालू परिवार भ्रष्टाचार का पर्याय है इसलिए कोई समझौता नहीं होगा. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ही हमारे मुख्यमंत्री हैं और आगे भी रहेंगे. वहीं बिहार में सीट बंटवारे पर उन्होंने कहा, ''संसदीय अध्यक्ष रहा हूं इसलिए मुझे पता है कि सीट शेयरिंग जैसी बात चुनाव के वक्त सुलझायी जाती है. मुझे लगता है कि नीतीश जी से हमारे व्यक्तिगत सम्बंध अच्छे हैं  31 नहीं बल्कि 40 की 40 सीट पर जीत हो इसलिए संगठन पर ध्यान केंद्रित कर रहा हूं.''

तेजस्वी यादव को दिया धन्यवाद 

कुछ दिनों पहले तेजस्वी यादव ने रामविलास पासवान को महागठबंधन में शामिल होने का ऑफर दिया था. तेजस्वी ने कहा था कि रामविलास पासवान ने कभी धोखा नहीं दिया. इस चिराग पासवान ने कहा कि यह अच्छी बात है कि तेजस्वी यादव ने इस बात स्वीकार किया कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष (रामविलास पासवान) ने कभी धोखा नहीं दिया. जिस भी गठबंधन में हमलोग रहे हैं पूरी ईमानदारी के साथ रहे हैं. उतनी ही ईमानदारी के साथ आज के डेट में हमलोग एनडीए के साथ हैं. तेजस्वी के ऑफर पर अभी चर्चा करने का मतलब ही नहीं है. 2014 में यूपीए गठबंधन से अलग होने का सबसे बड़ा मुद्दा था करप्शन. हमारी पार्टी ने कभी करप्शन के साथ समझौता नहीं किया. आरजेडी की बात करे तो उनके पार्टी के साथ यह मुद्दा (करप्शन) जुड़ा हुआ है.

एनडीए के साथ हैं और एनडीए के साथ रहेंगे: चिराग

चिराग पासवान ने कहा, "हमलोग एनडीए के साथ हैं और एनडीए के साथ रहेंगे. एससी/एसटी के जितने में भी मुद्दे हैं हमलोग लगातार इसे उठाके रहेंगे. खुशी है कि सरकार ने समय-समय पर हमारे सारे मुद्दे को एड्रेस किया. प्रोमोशन में आरक्षण का मामला था, उसमें हमें खुशी है कि सरकार गर्मी की छुट्टियों में न्यायालय गई और वर्डिक्ट लिया. मैं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने बिहार में प्रमोशन में रिज़र्वेशन लागू किया. मेरा विश्वास और गहरा हो जाता है जब हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि SC/ST प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटी एक्ट से जुड़े हुए किसी भी कानून में एक वर्ड, फुल स्टॉप, कॉमा नहीं चेंज होगा.''

दलित आंदोलन पर उन्होंने कहा कि हमसब ने देखा है कि 2 अप्रैल को किस तरह की घटना हुई. देशभर में आगजनी हुई. जानमाल का नुकसान हुआ. ऐसी परिस्थिति सम्भवतः 9 अगस्त को हो सकती हैं. कुछ ऐसे आंदोलनकारी हैं जो हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष से मिलकर अपनी मांगों को रखा, अपनी बातों को रखा. दलित सेना जो हमारे पार्टी की जननी रही है उनका भी आक्रोश है. उनलोगों ने कहा कि अगर SC/ST की मांगों को नहीं रखा गया तो हमलोग सड़कों पर जरूर उतरेंगे.''

SC/ST के लिए सबसे ज्यादा काम मोदी सरकार ने किया: चिराग

एलजेपी सांसद ने कहा कि विपक्ष भ्रमित करने की कोशिश जरूर कर रही है कि एनडीए सरकार दलित विरोधी है. लेकिन सबसे ज्यादा काम अगर किसी सरकार ने किया है SC/ST के लिए तो वो मोदी सरकार ने किया है. 1999 में पहली बार ये कानून बना. 22 प्रावधानों को बढ़ाकर मोदी सरकार ने 47 किया.