<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>chhattisgarh</title><atom:link href="https://www.abplive.com/chhattisgarh/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Mon, 28 Sep 2026 16:10:36 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[PM मोदी ने की छत्तीसगढ़ के 'हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा' अभियान की सराहना: CM साय]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-cm-vishnu-deo-sai-listen-pm-narendra-modi-mann-ki-baat-program-in-kanker-3194518</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-cm-vishnu-deo-sai-listen-pm-narendra-modi-mann-ki-baat-program-in-kanker-3194518#respond</comments><pubDate>Sun, 27 Sep 2026 19:56:04 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी छत्तीसगढ़ डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-cm-vishnu-deo-sai-listen-pm-narendra-modi-mann-ki-baat-program-in-kanker-3194518</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज कांकेर जिले के अंतागढ़ विकासखंड के ग्राम लामकन्हार स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम &amp;lsquo;मन की बात&amp;rsquo; की 138वीं कड़ी का श्रवण किया. प्रधानमंत्री मोदी द्वारा कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के &amp;lsquo;हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा&amp;rsquo; अभियान का उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री &amp;nbsp;नरेंद्र मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जनभागीदारी से हो रहे सकारात्मक बदलावों और नवाचारों को &amp;lsquo;मन की बात&amp;rsquo; के माध्यम से राष्ट्रीय मंच प्रदान करते हैं. छत्तीसगढ़ के प्रयासों का उनके द्वारा लगातार उल्लेख किया जाना प्रदेशवासियों के परिश्रम और सहभागिता का सम्मान है. इससे हमारे स्थानीय प्रयासों को नई पहचान मिलने के साथ ही बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-highcourt-verdict-calling-husband-fat-or-dark-complexioned-is-not-grounds-for-divorce-3193188&quot;&gt;&lt;strong&gt;पति को मोटा या सांवला कहना तलाक का आधार नहीं, हाईकोर्ट का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि &amp;lsquo;हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा&amp;rsquo; अभियान कुपोषण के विरुद्ध छत्तीसगढ़ की लड़ाई को जनभागीदारी से और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. मुनगा सहज उपलब्ध होने के साथ पोषण का महत्वपूर्ण स्रोत है. इसके पत्ते, फल और फूल भोजन में उपयोग किए जाते हैं तथा इनमें आयरन सहित अनेक पोषक तत्व पाए जाते हैं. उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों और विद्यार्थियों से अपने घरों में मुनगा का पौधा लगाने तथा इसके पोषण संबंधी लाभों के प्रति अन्य लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रधानमंत्री ने विभिन्न विषयों पर किया संवाद&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने &amp;lsquo;मन की बात&amp;rsquo; की 138वीं कड़ी में आतंकवाद के खिलाफ भारत की दृढ़ नीति, जनगणना में नागरिकों की भागीदारी, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नशामुक्ति, खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन तथा &amp;lsquo;वोकल फॉर लोकल&amp;rsquo; सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर देशवासियों से संवाद किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रधानमंत्री ने सितंबर माह को कुपोषण के विरुद्ध लड़ाई को समर्पित पोषण माह के रूप में रेखांकित करते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में पोषण को लेकर किए जा रहे प्रयासों का उल्लेख किया. इसी क्रम में उन्होंने छत्तीसगढ़ में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित &amp;lsquo;हर घर मुनगा-घर-घर मुनगा&amp;rsquo; अभियान की चर्चा की. इस अभियान के माध्यम से लोगों को पौष्टिक मुनगा अर्थात मोरिंगा को दैनिक खान-पान का हिस्सा बनाने और इसके पौधे लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'छत्तीसगढ़ के नवाचारों की मन की बात में लगातार हो रही चर्चा'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह प्रदेश के लिए गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी &amp;lsquo;मन की बात&amp;rsquo; में छत्तीसगढ़ के जनभागीदारी आधारित प्रयासों और नवाचारों को लगातार स्थान दे रहे हैं. इससे पहले बस्तर पंडुम, बस्तर ओलंपिक, मल्हार में प्राप्त ऐतिहासिक ताम्रपत्र और कोरिया जिले के &amp;lsquo;5 प्रतिशत जल संचय मॉडल&amp;rsquo; जैसे प्रयासों की प्रधानमंत्री द्वारा सराहना की जा चुकी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया जिले का &amp;lsquo;5 प्रतिशत जल संचय मॉडल&amp;rsquo; स्थानीय आवश्यकता और जनभागीदारी से निकला एक प्रभावी समाधान है. इसके अंतर्गत किसान अपने खेत के पांच प्रतिशत हिस्से में जल संचयन की व्यवस्था करते हैं. इससे आवश्यकता के समय फसलों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होता है और भूजल स्तर बढ़ाने में भी सहायता मिलती है. ऐसे नवाचार बताते हैं कि स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी से किए गए छोटे-छोटे प्रयास भी व्यापक बदलाव का आधार बन सकते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी &amp;lsquo;मन की बात&amp;rsquo; में ऐसे कार्यों को देश के सामने लाकर उनसे जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन करते हैं. साथ ही देश के अन्य क्षेत्रों के लोगों को भी अपने गांव, शहर और समाज में सकारात्मक परिवर्तन के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'नक्सलवाद के प्रभाव से निकलकर विकास की नई राह पर आगे बढ़ रहा क्षेत्र'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर के साथ कांकेर का यह क्षेत्र भी लंबे समय तक नक्सलवाद से प्रभावित रहा है. प्रधानमंत्री &amp;nbsp;नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री &amp;nbsp;&lt;a title=&quot;अमित शाह&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/amit-shah&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;अमित शाह&lt;/a&gt; की दृढ़ इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के जवानों के अदम्य साहस और स्थानीय जनता के सहयोग से छत्तीसगढ़ नक्सलवाद से मुक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में कभी भय और असुरक्षा का वातावरण था, वहां अब शांति, विश्वास और विकास की नई तस्वीर दिखाई दे रही है. शांति और सुरक्षा का वातावरण मजबूत होने के साथ दूरस्थ अंचलों में विकास के नए अवसर भी निर्मित हो रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने कहा कि बस्तर अंचल दशकों तक विकास की मुख्यधारा से अपेक्षाकृत दूर रहा, लेकिन अब सरकार का संकल्प है कि विकास का लाभ अंतिम गांव और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे. शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, संचार, रोजगार और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से किया जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से छत्तीसगढ़ को निरंतर सहयोग मिल रहा है. राज्य सरकार भी पूरी प्रतिबद्धता के साथ क्षेत्र में शांति के साथ समृद्धि और विकास को गति देने में जुटी है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;लामकन्हार के विकास के लिए 85 लाख रुपए की सौगात&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर ग्राम लामकन्हार में शिक्षा, अधोसंरचना और सामुदायिक सुविधाओं के विस्तार के लिए कुल 85 लाख रुपए के विभिन्न विकास कार्यों की घोषणा की.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने लामकन्हार में शीतला मंदिर के पास सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 15 लाख रुपए, प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवन निर्माण के लिए 37 लाख रुपए, छोटे पारा में सीसी रोड निर्माण के लिए 18 लाख रुपए तथा एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय लामकन्हार में पुस्तकालय एवं प्रयोगशाला के लिए 15 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा की.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा तथा बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है. बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है. लामकन्हार में घोषित इन विकास कार्यों से ग्रामीणों के साथ ही विद्यार्थियों को भी बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;lsquo;एक पेड़ मां के नाम&amp;rsquo; के तहत लगाया अमरूद का पौधा&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;lsquo;मन की बात&amp;rsquo; कार्यक्रम के पश्चात मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय परिसर में &amp;lsquo;एक पेड़ मां के नाम&amp;rsquo; अभियान के अंतर्गत अमरूद का पौधा लगाया. उन्होंने उपस्थित लोगों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाने के साथ उनकी नियमित देखभाल और संरक्षण का भी आह्वान किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्यावरण का संरक्षण सरकार के साथ समाज के प्रत्येक व्यक्ति की साझा जिम्मेदारी है. आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण की नींव मजबूत करेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने भी प्रधानमंत्री &amp;nbsp;&lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; के &amp;lsquo;मन की बात&amp;rsquo; कार्यक्रम का श्रवण किया. इस अवसर पर सांसद &amp;nbsp;भोजराज नाग, अंतागढ़ विधायक &amp;nbsp;विक्रम उसेंडी &amp;nbsp;सहित जनप्रतिनिधिगण, अधिकारी-कर्मचारी, स्कूली छात्र-छात्राएं एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-heavy-rainfall-in-rajnandgaon-rivers-and-streams-in-spate-alert-issued-ann-3193751&quot;&gt;&lt;strong&gt;छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तेज बारिश, उफान पर नदी-नाले, अलर्ट जारी&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/27/5f53e54cee8a2c7f9b54732d0b83d6301790518421774898_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में तेज बारिश, उफान पर नदी-नाले, अलर्ट जारी]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-heavy-rainfall-in-rajnandgaon-rivers-and-streams-in-spate-alert-issued-ann-3193751</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-heavy-rainfall-in-rajnandgaon-rivers-and-streams-in-spate-alert-issued-ann-3193751#respond</comments><pubDate>Fri, 25 Sep 2026 19:34:21 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-heavy-rainfall-in-rajnandgaon-rivers-and-streams-in-spate-alert-issued-ann-3193751</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में दो दिन से हो रही लगातार तेज बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. एक तरफ बलदेव बाग में एक विशाल पेड़ जड़ से उखड़कर बिजली के तार पर गिर गया, जिससे कई घंटे से बिजली बंद है, तो दूसरी तरफ नदी-नाले उफान पर हैं. शिवनाथ नदी तेज बहाव के साथ पुल के ऊपर बह रही है, जिससे प्रशासन ने अलर्ट जारी किया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बलदेव बाग में लगातार बारिश से जमीन गीली होने के कारण पेड़ की जड़ें कमजोर हो गईं और पेड़ भरभराकर बिजली के तार पर गिर गया. गनीमत रही कि हादसे के वक्त वहां कोई नहीं था, नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था. सूचना पर बिजली विभाग की टीम मरम्मत में जुटी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-highcourt-verdict-calling-husband-fat-or-dark-complexioned-is-not-grounds-for-divorce-3193188&quot;&gt;&lt;strong&gt;पति को मोटा या सांवला कहना तलाक का आधार नहीं, हाईकोर्ट का फैसला&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रशासन ने लोगों से की ये अपील&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं लगातार बारिश से शिवनाथ नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है. नदी पुल के ऊपर से बह रही है, जिससे कई गांवों का संपर्क टूटने की आशंका है. नदी-नाले उफान पर होने से प्रशासन ने लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है. वहीं शुक्रवार को राजनांदगांव में गणेश विसर्जन की झांकी का भी आयोजन किया जाना था, इस आयोजन को लेकर भी श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने की भी आशंका है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मौसम विभाग की ओर से बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. साथ ही सुरक्षित स्थान पर रहने के लिए कहा गया है. बता दें कि राजनांदगांव में इस साल मानसून के बाद जून से लेकर अब तक सभी तहसीलों में 5919 मिमी के करीब बारिश दर्ज की गई है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इंद्रावती नदी का भी बढ़ रहा जलस्तर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारी बारिश के कारण इंद्रावती नदी का जलस्तर भी बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है. नदी का जलस्तर कई इलाकों में खतरे के निशान तक पहुंच गया है. शुक्रवार को भी &lt;a title=&quot;मौसम&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/weather&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;मौसम&lt;/a&gt; विभाग ने बारिश जारी रहने की उम्मीद जताई है. इस संभावना के बाद नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर सकता है. स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार क्षेत्रों में जाकर निरीक्षण कर रहे हैं. साथ ही अधिकारियों द्वारा हर स्थिति पर नजर रखी जा रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-changing-face-of-bastar-new-path-to-development-through-tourism-cm-vishnu-deo-sai-3193036&quot;&gt;&lt;strong&gt;छत्तीसगढ़: बस्तर की बदलती तस्वीर, पर्यटन से विकास की नई राह&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/25/d27ba1ce8cb6477c24ecc9fed8bf68ff17903447709231174_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[पति को मोटा या सांवला कहना तलाक का आधार नहीं, हाईकोर्ट का फैसला]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-highcourt-verdict-calling-husband-fat-or-dark-complexioned-is-not-grounds-for-divorce-3193188</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-highcourt-verdict-calling-husband-fat-or-dark-complexioned-is-not-grounds-for-divorce-3193188#respond</comments><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 14:52:36 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ राहुल सांकृत्यायन ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-highcourt-verdict-calling-husband-fat-or-dark-complexioned-is-not-grounds-for-divorce-3193188</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने तलाक के एक मामले की सुनवाई करते हुए कहा है कि पति को 'मोटे शरीर का' या 'सांवले रंग का' कहना तलाक का आधार नहीं हो सकता है. अदालत के अनुसार पति ने क्रूरता के जो आरोप पत्नी पर लगाए हैं, वह उसे साबित नहीं कर पाया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और सचिन सिंह राजपूत की पीठ ने पाया कि 28 वर्षीय पुरुष के परिजनों ने उसकी 25 वर्षीय पत्नी को जबरदस्ती मायके भेज दिया. अदालत ने पाया कि पति यह साबित करने में नाकाम रहा कि उसकी पत्नी उसे छोड़ना चाहती है. अदालत ने यह भी कहा कि एक गर्भपात के बाद महिला को उसके मायके भेजा गया.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अगस्त 2024 में एक परिवार अदालत के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका की सुनवाई करते हुए अदालत ने न सिर्फ तलाक की अर्जी खारिज कर दी बल्कि यह भी कहा कि पत्नी के मायके से जो गिफ्ट मिले वो भी 1 महीने के भीतर लौटाए जाएं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पति बोला- बीवी ने बनाया बंधक&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अदालत ने फैसले में कहा कि पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसे सांवले रंग या मोटे शरीर का बताती थी लेकिन यह तलाक की याचिका को मंजूरी देने के लिए यह उचित आधार नहीं है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दंपति का विवाह मार्च 2019 में हुआ था. इसके बाद महिला, पति और उसके परिजनों के साथ 2-3 महीने थी. पति के मुताबिक इन 2-3 महीनों में पत्नी ने उसे बंधक बनाकर रखा और उसे फर्जी मामलों में फंसाने की धमकी दी. साथ ही वह अक्सर अपने मायके जाती थी. बाद में वह कथित तौर पर जुड़वा बच्चों की मां बनने वाली थी लेकिन गर्भपात का शिकार हो गई.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पत्नी ने क्या आरोप लगाए?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उधर पत्नी ने आरोप लगाया कि उसके पति का किसी और महिला के साथ अफेयर था और जब उसे यह पता चला तो शराब पीकर, शख्स उसे गाली देता और उसके साथ मारपीट करता था. पत्नी ने आरोप लगाया कि गर्भावस्था में पति उसे उचित इलाज नहीं दिला सका.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पत्नी ने यह भी दावा किया कि बीमारी के दौरान उसकी मां &amp;nbsp;इलाज के लिए मायके लेकर चलीं गईं. जब वह ठीक हो गई तो उसके पति से कहा गया कि वह उसे लेकर जाए लेकिन वह उसे अपने साथ घर लेकर नहीं आया. बाद में साल 2020 की फरवरी में महिला की मां ने अदालत का रुख किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;परिवार अदालत में चार साल चले मामले के बाद अगस्त 2024 में न्यायालय ने तलाक की याचिका खारिज कर दी जिसके बाद पति ने हाईकोर्ट का रुख किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पति ने अदालत के समक्ष दावा किया था कि वह अपनी पत्नी से दिसंबर 2019 से ही अलग रह रहा था. वह अपनी पत्नी के साथ रहना चाहता था लेकिन महिला ने रिश्ता जारी नहीं रखना चाहा. वहीं पत्नी ने कोर्ट से कहा कि वह परिवार अदालत के फैसले से सहमत है और हाईकोर्ट में भी याचिका खारिज करने की अपील की.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/16/7699f363c39278a194c52bbc7895b6e81789566690567957_original.jpeg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़: बस्तर की बदलती तस्वीर, पर्यटन से विकास की नई राह]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-changing-face-of-bastar-new-path-to-development-through-tourism-cm-vishnu-deo-sai-3193036</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-changing-face-of-bastar-new-path-to-development-through-tourism-cm-vishnu-deo-sai-3193036#respond</comments><pubDate>Thu, 24 Sep 2026 10:16:02 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-changing-face-of-bastar-new-path-to-development-through-tourism-cm-vishnu-deo-sai-3193036</guid><description><![CDATA[&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ का बस्तर अब अपनी नई पहचान गढ़ रहा है. कभी नक्सलवाद और हिंसा के संदर्भ में चर्चा में रहने वाला यह क्षेत्र आज अपनी प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध जनजातीय संस्कृति, कला, परंपराओं और आतिथ्य के कारण पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है. बदलते वातावरण के साथ बस्तर में पर्यटन, इको-टूरिज्म, ग्रामीण पर्यटन और स्थानीय उद्यमिता के नए अवसर आकार ले रहे हैं.&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर की सबसे बड़ी विशेषता यहां प्रकृति और संस्कृति का अद्भुत संगम है. चित्रकोट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान, कुटुमसर एवं कैलाश गुफाएं, मां दंतेश्वरी मंदिर, दलपत सागर और बस्तर पैलेस जैसे स्थल पर्यटकों को प्रकृति, रोमांच, अध्यात्म और इतिहास का अनूठा अनुभव देते हैं. यहां आने वाला पर्यटक केवल दर्शनीय स्थल नहीं देखता, बल्कि स्थानीय जीवन, पारंपरिक खान-पान, हस्तशिल्प, लोकनृत्य और संगीत से भी जुड़ता है. यही कारण है कि बस्तर को केवल पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि अनुभव आधारित पर्यटन के एक विशिष्ट क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है.&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कनेक्टिविटी से खुल रहे विकास के नए रास्ते&lt;/h3&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पर्यटन के विस्तार के लिए बेहतर कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण आधार है. बस्तर में सड़क, रेल और हवाई संपर्क को मजबूत करने के प्रयास पर्यटन की संभावनाओं को नई गति दे रहे हैं. &amp;lsquo;बस्तर 2.0&amp;rsquo; ब्लूप्रिंट में 228 नई सड़कों और 267 पुलों के निर्माण का प्रस्ताव दूरस्थ क्षेत्रों तक संपर्क बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है.&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी एयरपोर्ट बस्तर को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. वर्तमान में रायपुर और हैदराबाद के लिए हवाई संपर्क उपलब्ध है. वहीं रावघाट-जगदलपुर रेल परियोजना जैसी योजनाएं भविष्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की संभावनाएं रखती हैं. बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ केवल पर्यटकों को ही नहीं मिलेगा. इससे स्थानीय उत्पादों को बाजार, ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर संपर्क और युवाओं को पर्यटन आधारित रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं.&lt;/div&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;होमस्टे से गांवों तक पहुंचेगा पर्यटन का लाभ&lt;/h3&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर में ग्रामीण और जनजातीय होमस्टे पर्यटन विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बन है. छत्तीसगढ़ होमस्टे नीति 2025-30 के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय परिवारों के साथ रहकर ग्रामीण जीवन, जनजातीय संस्कृति, स्थानीय कला, हस्तशिल्प और पारंपरिक खान-पान का अनुभव देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं.&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;होमस्टे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पर्यटन का आर्थिक लाभ सीधे स्थानीय परिवारों तक पहुंच रहा है. पर्यटकों के ठहरने के साथ भोजन, स्थानीय गाइड, परिवहन, हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से आसपास के अन्य परिवारों के लिए भी आय के अवसर बन रहे हैं.&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर में नए कमरे के निर्माण पर प्रति कमरा 1 लाख रुपये और पूर्व से निर्मित कमरे के नवीनीकरण पर प्रति कमरा 50 हजार रुपये की सहायता का प्रावधान है. न्यूनतम एक से अधिकतम नौ कमरों तक सहायता की व्यवस्था से ग्रामीण परिवार अपनी क्षमता के अनुसार पर्यटन गतिविधियों से जुड़ सकते हैं. वर्तमान में 85 हितग्राहियों को अनुदान हेतु बैंको को प्रस्ताव भेजी जा चुका है तथा 27 होमस्टे पूर्व से छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के साथ पंजीकृत हैं.&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;संस्कृति बनी पर्यटन की सबसे बड़ी ताकत&lt;/h3&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर की जनजातीय संस्कृति उसकी सबसे बड़ी विशिष्टताओं में शामिल है. बेलमेटल और धातु शिल्प, लकड़ी एवं बांस की कला, पारंपरिक आभूषण, नृत्य, संगीत और खान-पान देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र हैं. बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इस सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच दे रहे हैं. वर्ष 2026 के बस्तर पंडुम में जनजातीय संस्कृति की 12 विधाओं को मंच मिला और लगभग 55 हजार आदिवासी लोगों की सहभागिता हुई. राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति में आयोजित इस कार्यक्रम ने बस्तर की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का अवसर दिया.&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आस्था से लेकर एडवेंचर तक पर्यटन की विविध संभावनाएं&lt;/h3&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर में धार्मिक, सांस्कृतिक, इको और एडवेंचर पर्यटन की संभावनाएं एक साथ मौजूद हैं. मां दंतेश्वरी मंदिर और बस्तर दशहरा आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक पर्यटन को आधार देते हैं, वहीं कांगेर घाटी और धुड़मारास जैसे क्षेत्र प्रकृति एवं रोमांच आधारित पर्यटन के लिए नए अवसर प्रस्तुत करते हैं.&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;धुड़मारास में एडवेंचर पर्यटन, ग्लास ब्रिज और कैनोपी वॉक जैसी सुविधाओं की योजना तथा गांव का यूएन टूरिज्म बेस्ट टूरिज्म विलेज डेवलपमेंट प्रोग्राम के लिए चयन ग्रामीण पर्यटन की संभावनाओं को नई पहचान दे रहा है.&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पर्यटन से रोजगार और स्थानीय समृद्धि&lt;/h3&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर के पर्यटन विकास का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इसका लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे. होमस्टे संचालक, पर्यटन गाइड, स्थानीय ड्राइवर, भोजन सेवा, हस्तशिल्प विक्रेता, सांस्कृतिक कलाकार और साहसिक पर्यटन से जुड़े युवा इस नई पर्यटन अर्थव्यवस्था का हिस्सा बन रहे हैं.&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर के पर्यटन रोडमैप के अंतर्गत 45 युवाओं को पर्यटन प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है. यह संकेत है कि पर्यटन को केवल दर्शनीय स्थलों के विकास तक सीमित न रखकर स्थानीय कौशल, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने की दिशा में भी काम हो रहा है.&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर की नई तस्वीर&lt;/h3&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर का पर्यटन ऐसे मॉडल में से एक है, जिसमें प्रकृति सुरक्षित रहे, जनजातीय संस्कृति की मौलिकता बनी रहे और पर्यटन से पैदा होने वाली आय का लाभ स्थानीय समुदाय तक पहुंचे. सड़कें बस्तर को जोड़ रही हैं, हवाई संपर्क दूरी कम कर रहा है, रेल कनेक्टिविटी की संभावनाएं विस्तार पा रही हैं, होमस्टे गांवों को पर्यटन अर्थव्यवस्था से जोड़ रहे हैं और बस्तर पंडुम जैसे आयोजन इसकी सांस्कृतिक पहचान को देश के सामने ला रहे हैं.&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;nbsp;&lt;/div&gt;
&lt;div style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर अब केवल अतीत की कहानी नहीं है. यह संभावनाओं का नया अध्याय है, जहां जंगलों की हरियाली, जलप्रपातों की सुंदरता, जनजातीय संस्कृति की जीवंतता और स्थानीय लोगों की मेहमाननवाजी मिलकर छत्तीसगढ़ के पर्यटन को नई दिशा दे रही है. बस्तर की नई पहचान अब उसके अतीत से नहीं, बल्कि शांति, प्रकृति, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय विकास की नई संभावनाओं से लिखी जा रही है.&lt;/div&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/24/6e22497305011df1a9ca94f854a0942f1790225134121304_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[बिलासपुर में ‘आशीर्वाद का दीया’ से जगमगाया बिलासपुर, अरुण साव ने भी लिया हिस्सा]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/bilaspur-illuminated-by-aashirwad-ka-diya-10-arun-sao-also-participated-ann-3190680</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/bilaspur-illuminated-by-aashirwad-ka-diya-10-arun-sao-also-participated-ann-3190680#respond</comments><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 18:25:49 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/bilaspur-illuminated-by-aashirwad-ka-diya-10-arun-sao-also-participated-ann-3190680</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर सेवा संकल्प अभियान के तहत आज (18 सितंबर) छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया. जिला स्तरीय मुख्य कार्यक्रम पुलिस परेड ग्राउंड में उप मुख्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री अरुण साव के मुख्य आतिथ्य में आयोजित हुआ. यहां एक साथ 1 लाख 25 हजार दीप प्रज्वलित किए गए शाम 7 बजे जिलेभर में एक साथ लगभग 10 लाख दीप प्रज्वलित किए गए शहरों से लेकर गांवों तक दीपों की रोशनी से बिलासपुर जगमगा उठा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उप मुख्यमंत्री अरूण साव ने उत्साह के साथ दीप प्रज्जवलित कर 'आशीर्वाद का दीया' अभियान में सहभागिता निभाई सेवा, समर्पण, सुशासन और जनभागीदारी की भावना से आयोजित इस कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों ने बढ चढ़कर हिस्सा लिया दीपों की रोशनी से पुलिस परेड ग्राउंड का पूरा परिसर जगमगा उठा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;25 वर्षों की जनसेवा को बताया पीएम के कार्यों की विशेषता&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 25 वर्षों का सार्वजनिक जीवन जनसेवा के प्रति समर्पण की यात्रा है वे देश के 140 करोड़ लोगों के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत बिलासपुर ने इतिहास रचा है और पुलिस परेड ग्राउंड इस ऐतिहासिक आयोजन का साक्षी बना है साव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब परिवारों को आवास, स्वास्थ्य सुविधाएं और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने का कार्य किया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि सहित विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि करोड़ों लोगों को इनका लाभ मिला है महिला सशक्तीकरण और युवाओं के लिए किए जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के विकास को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया है उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं से प्रधानमंत्री के संवाद तथा उनके उत्साहवर्धन का भी उल्लेख किया साव ने कहा कि जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के इस संकल्प को आगे बढ़ाने में समाज की सहभागिता महत्वपूर्ण है &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; कार्यक्रम इसी सामूहिक सहभागिता और सेवा भावना का प्रतीक है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/tara-coal-block-bhupesh-baghel-challenges-cm-vishnu-deo-sai-open-debate-ann-3190435&quot;&gt;तारा कोल ब्लॉक पर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने CM साय को दिया खुली बहस का चैलेंज&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; सेवा की भावना को करता है अभिव्यक्त&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बेलतरा विधायक शुशांत शुक्ला ने प्रधानमंत्री &lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; के माध्यम से लाखों लोगों ने अपने स्नेह और शुभकामनाओं की अभिव्यक्ति की है उन्होंने आवास, स्वास्थ्य सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने के प्रयासों का उल्लेख किया नगर निगम महापौर पूजा विधानी ने स्वागत भाषण में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव सहित सभी अतिथियों का स्वागत किया उन्होंने कहा कि &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; कार्यक्रम सेवा और जनभागीदारी की भावना को अभिव्यक्त करने वाला आयोजन है उन्होंने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शामिल हुए नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर भी जगमगाए दीप&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्वच्छता कर्मियों का सम्मान किया उन्होंने स्वच्छता कर्मियों द्वारा शहर एवं जिले को स्वच्छ रखने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की सम्मानित स्वच्छता कर्मियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता निभाई इस अवसर पर सेवा और जनभागीदारी के साथ स्वच्छता के महत्व का संदेश भी दिया गया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जिले के प्रमुख धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों पर भी दीप प्रज्वलित किए गए रतनपुर में 11 हजार, बेलपान में 1100, ताला में 1100 तथा मल्हार में 11 हजार दीप जलाए गए जिले के चारों विकासखंडों की चयनित 44 ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत घरों में दीप प्रज्वलित किए गए इसके अलावा प्रत्येक गांव में 100 से अधिक &amp;lsquo;आशीर्वाद के दीये&amp;rsquo; जलाए गए.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जिले के सभी शासकीय भवनों, विद्यालयों पर किए गए दीप प्रज्वलित&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शाम लगभग 7 बजे जिले के सभी शासकीय भवनों, विद्यालयों, पंचायत भवनों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं ग्राम पंचायतों में भी दीप प्रज्वलित किए गए प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों के घरों में भी दीप जलाए गए महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियों ने विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन में सहयोग किया जल जनसेवा संकल्प के तहत जिले के बांध, बैराज, एनीकट एवं नहर शीर्षों पर भी दीप प्रज्वलित किए गए जिलेभर में एक साथ प्रज्वलित लगभग 10 लाख दीपों ने बिलासपुर को रोशनी से जगमगा कर सेवा, संकल्प, सुशासन तथा जनभागीदारी का संदेश दिया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/jhiram-ghati-attack-bastar-nia-court-convicted-10-maoists-and-awarded-them-death-penalty-ann-3189850&quot;&gt;झीरम घाटी की वो खूनी वारदात! 10 माओवादियों को फांसी की सजा&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/18/44f9c572f81ca6c758a23e81b40b972717897267567671301_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[तारा कोल ब्लॉक पर सियासत तेज, भूपेश बघेल ने CM साय को दिया खुली बहस का चैलेंज]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/tara-coal-block-bhupesh-baghel-challenges-cm-vishnu-deo-sai-open-debate-ann-3190435</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/tara-coal-block-bhupesh-baghel-challenges-cm-vishnu-deo-sai-open-debate-ann-3190435#respond</comments><pubDate>Fri, 18 Sep 2026 08:09:39 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/tara-coal-block-bhupesh-baghel-challenges-cm-vishnu-deo-sai-open-debate-ann-3190435</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सीएम &amp;nbsp;विष्णु देव साय को डिबेट का खुला चैलेंज किया है. भूपेश बघेल ने कहा कि हमारी सरकार ने 9 खदानों को नीलामी से बाहर रखने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था. &amp;nbsp;केंद्र सरकार ने 40 खदानों को डी-लिस्ट किया था. &amp;nbsp;इसमें से वर्तमान बीजेपी सरकार ने तारा कोल ब्लॉक की नीलामी कर दी. अब सवाल ये है कि आखिर नीलामी से बाहर होने के बाद भी सरकार ने किसके दवाब में आकर तारा कोल ब्लॉक को नीलाम किया.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने &amp;nbsp;हसदेव क्षेत्र की खदानें कांग्रेस शासन काल में आवंटित किए जाने के भाजपा के आरोपों पर कहा कि वे मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को चैलेंज कर रहे हैं , कि वह डिबेट में आए, और आमने सामने बैठकर मेरे साथ ओपन डिबेट करें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;छत्तीसगढ़ में जले डेढ़ करोड़ से ज्यादा 'आशीर्वाद के दीये', CM साय ने मनाया PM मोदी का बर्थडे&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/pm-modi-birthday-over-15-million-ashirwad-ke-diye-lit-in-chhattisgarh-cm-vishnu-deo-sai-raipur-3190366&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में जले डेढ़ करोड़ से ज्यादा 'आशीर्वाद के दीये', CM साय ने मनाया PM मोदी का बर्थडे&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ की 9 कोल ब्लॉक्स को नीलामी से बाहर करने का किया था आग्रह&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अंबिकापुर में आयोजित कांग्रेस प्रशिक्षण में शामिल होने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि तारा कोल माइंस आवंटित कर दिया गया है. भूपेश ने कहा कि विधानसभा से प्रस्ताव पारित किया गया कि हसदेव क्षेत्र में और खदानों में खनन नहीं किया जाएगा. जिसके बाद भारत सरकार से 9 कॉल ब्लॉक नीलामी से बाहर रखने का हमने पत्र लिखा था.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भूपेश बघेल ने बताया कि कोल &amp;nbsp;मिनिस्टर जोशी छत्तीसगढ़ आए तो मेरी मुलाकात हुई थी, उस वक्त भी हमने आग्रह किया कि था कि यहां घना जंगल है, यहां से कोयला नहीं निकाला जाना चाहिए. यह हसदेव का कैचमेंट एरिया है. हमारा सिंचाई, थर्मल पावर भी &amp;nbsp;प्रभावित होगा, आदिवासी हटाए जाएंगे.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;डी नोटिफाई किया तो फिर कैसे आवत हुई खदान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भूपेश बघेल ने सवाल किया कि भारत सरकार ने खुद 40 खदानों को डी-नोटिफाई किया था. &amp;nbsp;अब सवाल यह है कि विष्णु देव साय ने दिसंबर 2025 में भारत सरकार को किसके स्वार्थ में , किसी दबाव में पत्र लिखकर कहा कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी की जाए ?&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भाजपा के आरोपों पर बघेल ने कहा डिबेट कर लें&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कांग्रेस शासन काल में हसदेव की खजाने आवंटित किए जाने के आरोपी को लेकर भूपेश ने कहा कि विष्णु देव साय बैठ जाएं, पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान मुख्यमंत्री डिबेट कर लेते हैं. भाजपा के तमाम आरोपों का जवाब मुख्यमंत्री के सामने दूंगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;झीरम घाटी की वो खूनी वारदात! 10 माओवादियों को फांसी की सजा&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/jhiram-ghati-attack-bastar-nia-court-convicted-10-maoists-and-awarded-them-death-penalty-ann-3189850&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;यह भी पढ़ें: झीरम घाटी की वो खूनी वारदात! 10 माओवादियों को फांसी की सजा&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/18/48ca8879e249dda0727f4f9758c5ab4417896986105621262_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़ में जले डेढ़ करोड़ से ज्यादा 'आशीर्वाद के दीये', CM साय ने मनाया PM मोदी का बर्थडे]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/pm-modi-birthday-over-15-million-ashirwad-ke-diye-lit-in-chhattisgarh-cm-vishnu-deo-sai-raipur-3190366</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/pm-modi-birthday-over-15-million-ashirwad-ke-diye-lit-in-chhattisgarh-cm-vishnu-deo-sai-raipur-3190366#respond</comments><pubDate>Thu, 17 Sep 2026 21:42:05 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/pm-modi-birthday-over-15-million-ashirwad-ke-diye-lit-in-chhattisgarh-cm-vishnu-deo-sai-raipur-3190366</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 वर्ष की सेवा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आज छत्तीसगढ़ में &amp;lsquo;सेवा संकल्प अभियान&amp;rsquo; के तहत &amp;lsquo;आशीर्वाद के दीये&amp;rsquo; कार्यक्रम का व्यापक आयोजन किया गया. प्रदेशभर में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाते हुए 1.50 करोड़ से अधिक दीये प्रज्वलित किए. गांव से लेकर शहर तक विभिन्न स्थानों पर दीप प्रज्वलन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दीर्घ सार्वजनिक जीवन, सेवा भावना और राष्ट्र निर्माण के संकल्प के प्रति जनभावनाएं व्यक्त की गईं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री &amp;nbsp;नरेंद्र मोदी ने अपना जीवन राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किया है. उनके नेतृत्व में भारत ने विकास, जनकल्याण और राष्ट्रीय स्वाभिमान के क्षेत्र में अनेक अभूतपूर्व और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं. प्रधानमंत्री मोदी दिन-रात 140 करोड़ देशवासियों की सेवा में जुटे हैं और उनके नेतृत्व में आज भारत विकास की नई ऊंचाइयों की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'आशीर्वाद के दीये' कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों ने लिया हिस्सा&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;lsquo;आशीर्वाद के दीये&amp;rsquo; कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया. महिलाओं, युवाओं, किसानों, श्रमिकों, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने सामूहिक रूप से दीये जलाकर प्रधानमंत्री &amp;nbsp;&lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; को शुभकामनाएं दीं. अनेक स्थानों पर दीपों से आकर्षक आकृतियां एवं संदेश भी बनाए गए.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मंदिरों, चौक-चौराहों पर जले दीये&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रदेश के विभिन्न जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में सेवा और जनभागीदारी का विशेष वातावरण देखने को मिला. मंदिरों, चौक-चौराहों, सार्वजनिक स्थलों और प्रमुख मैदानों में बड़ी संख्या में नागरिक एकत्रित हुए और दीप प्रज्वलित किए. कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में सेवा, सहयोग और सकारात्मक बदलाव के संकल्प को आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;17 अक्टूबर तक सेवा संकल्प अभियान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;lsquo;सेवा संकल्प अभियान&amp;rsquo; के तहत छत्तीसगढ़ में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक विभिन्न जनसेवा एवं जनभागीदारी से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं. अभियान का उद्देश्य सेवा और सुशासन की भावना को जन-जन तक पहुंचाना और समाज के विभिन्न वर्गों को रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों से जोड़ना है.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/17/d5d4d9828eb84ca8aead810636ef27621789661457945304_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[झीरम घाटी की वो खूनी वारदात! 10 माओवादियों को फांसी की सजा]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/jhiram-ghati-attack-bastar-nia-court-convicted-10-maoists-and-awarded-them-death-penalty-ann-3189850</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/jhiram-ghati-attack-bastar-nia-court-convicted-10-maoists-and-awarded-them-death-penalty-ann-3189850#respond</comments><pubDate>Wed, 16 Sep 2026 20:04:50 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ मनोज वर्मा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/jhiram-ghati-attack-bastar-nia-court-convicted-10-maoists-and-awarded-them-death-penalty-ann-3189850</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;झीरम घाटी हमले के मामले में NIA की विशेष अदालत ने बुधवार (16 सितंबर) को बड़ा फैसला सुनाते हुए 10 दोषी माओवादी कैडरों को मौत की सजा सुनाई है. अदालत ने 5 सितंबर को ही इन सभी 10 आरोपियों को दोषी करार दिया था. बुधवार को सजा की अवधि पर सुनवाई के बाद फांसी की सजा सुनाई गई.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;25 मई 2013 को बस्तर में हुई थी घटना&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह मामला 25 मई 2013 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के दरभा इलाके में हुए झीरम घाटी हमले से जुड़ा है. उस समय कांग्रेस की &amp;lsquo;परिवर्तन यात्रा&amp;rsquo; का काफिला NH-221 से गुजर रहा था. एनआईए के मुताबिक, हथियारबंद CPI (Maoist) कैडरों ने काफिले को निशाना बनाकर पहले IED धमाका किया और फिर अंधाधुंध फायरिंग और ग्रेनेड से हमला किया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;झीरम घाटी हमले में 24 लोगों की गई थी जान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हमले में मौके पर 24 नागरिकों और पुलिसकर्मियों की मौत हुई थी, जबकि 35 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. बाद में घायलों में से तीन और लोगों ने दम तोड़ दिया. हमले के बाद माओवादी कैडर मृतकों और घायलों से हथियार, गोलियां, वॉकी-टॉकी, मोबाइल फोन और दूसरी चीजें भी ले गए थे.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;NIA ने 39 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की थी चार्जशीट&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एनआईए ने इस मामले में कुल 39 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. पहली चार्जशीट 25 सितंबर 2014 को 9 आरोपियों के खिलाफ और सप्लीमेंट्री चार्जशीट 28 सितंबर 2015 को 30 आरोपियों के खिलाफ दाखिल की गई थी. इनमें से एक आरोपी की न्यायिक हिरासत के दौरान मौत हो गई थी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;झीरम घाटी हमले में 101 गवाहों के बयान दर्ज&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पहले फेज में 10 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी हुई. इस दौरान 101 गवाहों के बयान दर्ज किए गए. एनआईए की जांच के मुताबिक, प्रतिबंधित संगठन CPI (Maoist) के हथियारबंद कैडरों ने स्थानीय कमेटियों और डिवीजनों के साथ मिलकर कांग्रेस नेताओं और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने की साजिश रची थी. एनआईए ने इसे माओवादियों की टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैंपेन (TCOC) से जोड़कर बताया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;छत्तीसगढ़: Gen Z का नेता कौन PM मोदी या राहुल गांधी? मिला चौंकाने वाला जवाब&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhatisgarh-youth-tells-who-is-gen-z-leaders-from-narendra-modi-and-rahul-gandhi-ann-3189347&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;छत्तीसगढ़: Gen Z का नेता कौन PM मोदी या राहुल गांधी? मिला चौंकाने वाला जवाब&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/16/7699f363c39278a194c52bbc7895b6e81789566690567957_original.jpeg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[CM विष्णुदेव साय का खास अंदाज, काफिला रोक सड़क किनारे महिला से खरीदे दीये]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cm-vishnu-deo-sai-stopped-convoy-bought-earthen-lamps-from-woman-in-raipur-chhattisgarh-3189400</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cm-vishnu-deo-sai-stopped-convoy-bought-earthen-lamps-from-woman-in-raipur-chhattisgarh-3189400#respond</comments><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 21:25:18 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cm-vishnu-deo-sai-stopped-convoy-bought-earthen-lamps-from-woman-in-raipur-chhattisgarh-3189400</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजधानी रायपुर के तेलीबांधा मरीन ड्राइव में सड़क किनारे पसरा लगाकर मिट्टी के दीये बेच रही मीरा के लिए मंगलवार (15 सितंबर) का दिन अचानक बेहद खास बन गया. रोज की तरह वह अपने छोटे से पसरे पर दीये सजाकर ग्राहकों की प्रतीक्षा कर रही थी. इसी बीच मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का काफिला अचानक उसके पसरे के पास जाकर रुक गया.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मीरा के पसरे पर रखे मिट्टी के दीयों को देखा और &amp;lsquo;सेवा संकल्प अभियान&amp;rsquo; के अंतर्गत आयोजित होने वाले &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; कार्यक्रम के लिए वहीं से एक दीया खरीदा. मुख्यमंत्री ने महिला को एक हजार रुपए प्रदान किए. मुख्यमंत्री का यह सहज भाव स्थानीय स्तर पर छोटे व्यवसाय के माध्यम से आजीविका अर्जित करने वाली मीरा के श्रम, स्वाभिमान और स्वावलंबन के सम्मान का सुंदर संदेश भी दे गया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री का सड़क किनारे लगे छोटे से पसरे पर अचानक पहुंचना आसपास मौजूद लोगों के लिए भी सुखद आश्चर्य का अवसर बन गया. बिना किसी औपचारिकता के मुख्यमंत्री ने मीरा से उसके कामकाज और परिवार का हालचाल पूछा.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'मिल रहा सरकारी योजना का लाभ'&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री साय ने मीरा से पूछा कि उसे केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं. मुख्यमंत्री के सवाल पर मीरा ने बताया कि प्रधानमंत्री जनधन योजना के अंतर्गत उसका बैंक खाता खुल चुका है. उसने मुख्यमंत्री को यह भी बताया कि राज्य सरकार की महतारी वंदन योजना के अंतर्गत उसे हर महीने एक हजार रुपए की राशि प्राप्त हो रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;महिला के मुंह से योजनाओं का लाभ मिलने की बात सुनकर मुख्यमंत्री साय ने प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाएं तभी सार्थक होती हैं, जब उनका लाभ जरूरतमंद व्यक्ति तक सीधे पहुंचे, उसे संबल दे और उसके जीवन को बेहतर बनाने में सहायक बने. शासन की प्राथमिकता यही है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पूरी सहजता और पारदर्शिता के साथ पहुंचे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री जनधन योजना ने गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़कर आर्थिक समावेशन का मजबूत आधार तैयार किया है. बैंकिंग व्यवस्था से जुड़ने के कारण आज विभिन्न योजनाओं की राशि सीधे हितग्राहियों के खातों तक पहुंच रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रतिमाह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है. यह राशि उनके छोटे-बड़े दैनिक खर्चों में सहयोग देने के साथ उनमें आर्थिक आत्मविश्वास भी बढ़ा रही है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने कहा कि सड़क किनारे पसरा लगाने वाले छोटे विक्रेता हों, कुम्हार हों, शिल्पकार हों अथवा स्थानीय उत्पाद तैयार करने वाली हमारी माताएं और बहनें - इन सभी के परिश्रम में आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ की शक्ति निहित है. अपने हुनर और मेहनत से आजीविका अर्जित करने वाले ऐसे लोगों को प्रोत्साहित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को अपनाना केवल किसी वस्तु की खरीद नहीं है. उसके पीछे किसी परिवार का श्रम, किसी कारीगर का हुनर और किसी छोटे व्यवसायी के आत्मसम्मान से जुड़ी आजीविका होती है. जब हम स्थानीय विक्रेताओं और कारीगरों से सामान खरीदते हैं तो हमारे इस छोटे से प्रयास से उनके परिवार और उनकी आजीविका को संबल मिलता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सेवा और जनभागीदारी का प्रतीक बनेगा &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय द्वारा मीरा से खरीदा गया मिट्टी का यह दीया &amp;lsquo;सेवा संकल्प अभियान&amp;rsquo; के अंतर्गत आयोजित होने वाले &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; कार्यक्रम का हिस्सा बनेगा. इस कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनकल्याण और विकास के प्रति सामूहिक संकल्प को जनभागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में दीया केवल प्रकाश का माध्यम नहीं, बल्कि आशा और सकारात्मक संकल्प का प्रतीक है. मिट्टी का एक छोटा-सा दीया जब जलता है तो अपने आसपास के अंधकार को दूर करता है. इसी तरह समाज का प्रत्येक व्यक्ति जब सेवा का एक छोटा-सा संकल्प लेकर आगे बढ़ता है तो सामूहिक प्रयास से बड़े और सकारात्मक परिवर्तन का मार्ग प्रशस्त होता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; इसी भावना को अभिव्यक्त करता है. यह सेवा और विकास के प्रति हमारे संकल्प तथा जनभागीदारी के सामर्थ्य का प्रतीक है. प्रदेश के नागरिक जब इस भावना से जुड़ेंगे तो सेवा का यह संकल्प घर-घर और जन-जन तक पहुंचेगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सेवा को जन-जन का संकल्प बनाने का अभियान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने कहा कि प्रधानमंत्री &amp;nbsp;&lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; जी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं. प्रधानमंत्री जी के जन्मदिवस 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक &amp;lsquo;सेवा संकल्प अभियान&amp;rsquo; आयोजित किया जा रहा है. यह अभियान सेवा, सुशासन, गरीब कल्याण और विकास के प्रति प्रतिबद्धता को जनभागीदारी के माध्यम से और मजबूत करने का अवसर है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से आह्वान किया कि वे सेवा संकल्प अभियान से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ें. अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता के कार्यों में सहभागी बनें, पर्यावरण संरक्षण के लिए आगे आएं, जरूरतमंदों की सहायता करें और अपनी क्षमता के अनुरूप जनसेवा का कोई न कोई संकल्प अवश्य लें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि सेवा का कोई कार्य छोटा नहीं होता. किसी जरूरतमंद की सहायता, अपने आसपास स्वच्छता, एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करना, स्थानीय कारीगर से कोई वस्तु खरीदना अथवा समाज के हित में किया गया छोटा-सा प्रयास भी जनसेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बन सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक छोटे से दीये में समाया बड़ा संदेश&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;तेलीबांधा मरीन ड्राइव के सड़क किनारे लगे एक छोटे से पसरे से मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय द्वारा खरीदा गया मिट्टी का यह दीया कई मायनों में खास बन गया. इसमें एक ओर मेहनत से आजीविका अर्जित कर रही महिला के श्रम और स्वावलंबन का सम्मान जुड़ा, तो दूसरी ओर सहज बातचीत में जनधन और महतारी वंदन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी पहुंच भी सामने आई. इसके साथ ही यही दीया अब &amp;lsquo;आशीर्वाद का दीया&amp;rsquo; कार्यक्रम के माध्यम से सेवा, जनभागीदारी और विकास के संकल्प का प्रतीक बनेगा.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/15/604645a6214f2833e443871c223562731789487660672304_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़: Gen Z का नेता कौन PM मोदी या राहुल गांधी? मिला चौंकाने वाला जवाब]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhatisgarh-youth-tells-who-is-gen-z-leaders-from-narendra-modi-and-rahul-gandhi-ann-3189347</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhatisgarh-youth-tells-who-is-gen-z-leaders-from-narendra-modi-and-rahul-gandhi-ann-3189347#respond</comments><pubDate>Tue, 15 Sep 2026 19:13:16 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhatisgarh-youth-tells-who-is-gen-z-leaders-from-narendra-modi-and-rahul-gandhi-ann-3189347</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए Gen-Z आंदोलन के बाद देश भर में बहस है कि आखिर देश के युवाओं का नेता कौन है? इसको लेकर एबीपी न्यूज की टीम ने छत्तीसगढ़ में आंदोलन कर रहे Gen- Z के मन की बात जानी. आंदोलन कर रहे युवाओं ने कहा कि वैसे तो उन्हें किसी भी पार्टी या नेता से कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि अभी तक सभी ने युवाओं को लेकर सिर्फ बड़ी बड़ी बातें की हैं युवाओं के लिए किसी ने भी काम नहीं किया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं कुछ आंदोलनकारियों का मानना है कि जिस तरह से राहुल गांधी देश के युवाओं के बीच जा रहे हैं उनसे कुछ उम्मीदें जरूर जाग रही हैं. लेकिन अभी भी युवा किसी भी नेता को अपना पूरा समर्थन देने के मूड में नजर नहीं आ रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/bijapur-eklavya-school-girls-misbehavior-complaint-cm-vishnu-deo-sai-strict-action-3188472&quot;&gt;&lt;strong&gt;बीजापुर के एकलव्य स्कूल में छात्राओं से दुर्व्यवहार की शिकायत, CM साय सख्त&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उमा भारती के बयान पर क्या बोले कांग्रेस के युवा नेता?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दूसरी तरफ मप्र की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के राहुल गांधी को बूढा कहने पर भी सियासत गरमाई हुई है. कांग्रेस के युवा नेता उमा भारती के बयान को हास्यास्पद बता रहे हैं. छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस के सचिव सद्दाम सोलंकी के मुताबिक देश के युवा Gen-Z आज राहुल गांधी के साथ हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दूसरी तरफ बीजेपी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को Gen-Z का सबसे बड़ा पेरोकार बताने में कोई कसर नहीं छोड़ रही. छत्तीसगढ़ बीजेपी के प्रदेश मीडिया प्रभारी हेमंत पनिग्राही की मानें तो देश के युवाओं की आवाज प्रधानमंत्री &lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; ही हैं. वहीं उमा भारती के बयान पर बीजेपी मीडिया प्रभारी ने साफ तौर पर कहा की राहुल गांधी ने युवाओं के लिए ऐसा कुछ किया नहीं है, जिससे उन्हें युवाओं का नेता माना जाए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कुल मिलाकर कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही पार्टियां अपने-अपने नेता को युवा का नेता बताने पर जुटी हुई हैं, लेकिन छत्तीसगढ़ के युवा फिलहाल मोदी और राहुल गांधी दोनों ही नेताओं से निराश नजर आ रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/brics-summit-2026-pahalgam-attack-vikas-upadhyay-congress-bjp-diplomacy-3188173&quot;&gt;&lt;strong&gt;BRICS पर कांग्रेस का वार, कहा- 'सिर्फ प्रचार से नहीं रुकेगा आतंकवाद'&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/09/15/fa636d9e89bbe177c73a3b424e595fda17894793098811174_original.jpg" width="220"/></item></channel></rss>