<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>chhattisgarh</title><atom:link href="https://www.abplive.com/chhattisgarh/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Sat, 15 Aug 2026 20:40:37 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़: बस्तर के 92 ऐसे गांव, पहली बार फहराया जाएगा तिरंगा]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/independence-day-2026-chhattisgarh-bastar-92-maoist-villages-to-hoist-tricolor-first-time-3175214</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/independence-day-2026-chhattisgarh-bastar-92-maoist-villages-to-hoist-tricolor-first-time-3175214#respond</comments><pubDate>Fri, 14 Aug 2026 23:04:25 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ पीटीआई- भाषा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/independence-day-2026-chhattisgarh-bastar-92-maoist-villages-to-hoist-tricolor-first-time-3175214</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के इतिहास में इस वर्ष का 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) बेहद खास और ऐतिहासिक होने जा रहा है. राज्य के नक्सल प्रभावित बस्तर संभाग के जिन इलाकों को कभी माओवादियों का अभेद्य गढ़ माना जाता था, वहां आजादी के दशकों बाद पहली बार शान से तिरंगा फहराया जाएगा. राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया है कि ऐसे 92 गांव चिन्हित किए गए हैं, जहां यह ऐतिहासिक क्षण देखने को मिलेगा. इसके साथ ही, राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस समारोह की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अधिकारियों के मुताबिक, हाल के वर्षों में सात जिलों वाले बस्तर संभाग के अति सुदूर और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा बलों के नए शिविर (कैंप) स्थापित किए गए हैं. इन सुरक्षा शिविरों की स्थापना के बाद ही इन इलाकों में ऐसा सुरक्षित माहौल बन पाया है कि अब वहां के निवासी निर्भय होकर राष्ट्रीय पर्व मना सकेंगे. 31 मार्च को राज्य के कई इलाकों को माओवादी खतरे से मुक्त घोषित किए जाने के बाद यह एक बड़ी उपलब्धि है. जिन 92 गांवों में पहली बार राष्ट्रीय ध्वज फहरेगा, उनमें बीजापुर जिले के 33, सुकमा के 50 और नारायणपुर जिले के 9 गांव शामिल हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि मुख्यधारा का विकास अब बस्तर के अंदरूनी जंगलों तक पहुंच रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/CEf5rxGRiFM?si=fmpuFJ8pca0jvbdo&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;जिन कदमों ने कभी पकड़ी थी नक्सल की राह,उन्हीं ने अब रैंप पर रची नई दास्तां&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/surrendered-naxalite-women-showcase-the-sheen-of-kosa-silk-on-the-ramp-3175044&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;जिन कदमों ने कभी पकड़ी थी नक्सल की राह,उन्हीं ने अब रैंप पर रची नई दास्तां&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री रायपुर में, तो डिप्टी सीएम बस्तर में फहराएंगे झंडा&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;स्वतंत्रता दिवस के मुख्य समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में ध्वजारोहण करेंगे और सुरक्षा बलों की विभिन्न टुकड़ियों से &amp;lsquo;गार्ड ऑफ ऑनर&amp;rsquo; की सलामी लेंगे. इसके अलावा, राज्य विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह राजनांदगांव में, उपमुख्यमंत्री अरुण साव दुर्ग में और दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा बस्तर जिले के मुख्यालय जगदलपुर में तिरंगा फहराएंगे. केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बिलासपुर में आयोजित मुख्य समारोह में शामिल होकर ध्वजारोहण करेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मस्जिदों और मदरसों के लिए वक्फ बोर्ड का सख्त निर्देश&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस बीच, छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड ने भी एक कड़ा और स्पष्ट निर्देश जारी किया है, जिसकी काफी चर्चा हो रही है. बोर्ड ने राज्य की सभी मस्जिदों, मदरसों, दरगाहों और खानकाहों में 15 अगस्त को अनिवार्य रूप से राष्ट्रध्वज फहराने का आदेश दिया है. वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज ने स्पष्ट किया कि सभी मुतवल्लियों (वक्फ संपत्तियों के प्रबंधकों) को पत्र भेजकर केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करने को कहा गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;निर्देशों के अनुसार, मस्जिदों और इमामबाड़ों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत भी गाए जाएंगे. डॉ. सलीम राज ने चेतावनी देते हुए कहा, &quot;जो लोग इन निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. जो लोग हमारे राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे का सम्मान नहीं कर सकते, उन्हें इस देश में रहने का कोई अधिकार नहीं है; वे पाकिस्तान या जहां चाहें, वहां जाने के लिए स्वतंत्र हैं. भारत में रहना है तो कानून का पालन करना ही होगा.&quot;&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;हथकरघा हमारी संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान - CM विष्णुदेव साय&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/handloom-is-a-strong-identity-of-our-culture-employment-and-self-reliance-cm-vishnudev-sai-3175036&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;हथकरघा हमारी संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान - CM विष्णुदेव साय&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/14/2d63e38d3a5764065d79395f67031b9d1786728823740129_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[जिन कदमों ने कभी पकड़ी थी नक्सल की राह,उन्हीं ने अब रैंप पर रची नई दास्तां]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/surrendered-naxalite-women-showcase-the-sheen-of-kosa-silk-on-the-ramp-3175044</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/surrendered-naxalite-women-showcase-the-sheen-of-kosa-silk-on-the-ramp-3175044#respond</comments><pubDate>Fri, 14 Aug 2026 15:10:41 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/surrendered-naxalite-women-showcase-the-sheen-of-kosa-silk-on-the-ramp-3175044</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं का रैंप वॉक आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा. कभी बंदूक और हिंसा के साए में जीवन बिताने वाली इन महिलाओं ने अब आत्मविश्वास के साथ रैंप पर कदम रखा और छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा सिल्क एवं हैंडलूम परिधानों का प्रदर्शन किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह फैशन शो केवल पारंपरिक परिधानों का प्रदर्शन नहीं था, बल्कि बदलते बस्तर और मुख्यधारा से जुड़कर नई जिंदगी शुरू कर रही महिलाओं की प्रेरक कहानी भी सामने लेकर आया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रैंप पर दिखा आत्मविश्वास, तालियों से गूंजा सभागार&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;स्वदेशी फैशन शो में आत्मसमर्पित महिलाओं ने पूरे आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया. उन्होंने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और कोसा सिल्क से तैयार आकर्षक परिधानों को प्रदर्शित किया. उनके रैंप पर आते ही सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा. इन महिलाओं की प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के बाद सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन की नई शुरुआत संभव है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/handloom-is-a-strong-identity-of-our-culture-employment-and-self-reliance-cm-vishnudev-sai-3175036&quot;&gt;&lt;strong&gt;हथकरघा हमारी संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान - CM विष्णुदेव साय&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि रैंप वॉक करने वाली लगभग सभी महिलाएं पहली बार रायपुर पहुंची थीं. उनके लिए यह अनुभव बेहद खास और यादगार रहा. पारंपरिक परिधानों में रैंप पर चलती महिलाओं के चेहरे पर आत्मविश्वास और उत्साह साफ नजर आया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बढ़ाया हौसला&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भी आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया और उनका उत्साह बढ़ाया. उन्होंने महिलाओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह फैशन शो सरकार की पुनर्वास नीति के तहत मुख्यधारा में लौट रहे लोगों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और नए अवसरों की दिशा में एक सकारात्मक संदेश के रूप में सामने आया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&amp;lsquo;लोकल टू ग्लोबल&amp;rsquo; की ओर छत्तीसगढ़ का कदम&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के मौके पर आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के कोसा और पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया. इसी अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड &amp;lsquo;कोशल फैब&amp;rsquo; का शुभारंभ किया.&lt;br /&gt;रैंप पर कोसा सिल्क पहनकर उतरीं आत्मसमर्पित महिलाओं ने एक तरफ छत्तीसगढ़ की समृद्ध हथकरघा परंपरा की झलक दिखाई, वहीं दूसरी ओर बदलते बस्तर की एक ऐसी तस्वीर पेश की, जिसमें बंदूक की जगह हुनर और हिंसा की जगह आत्मनिर्भरता नजर आई.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/14/5d406972c57cddaece05c9de8272fa9a1786700259995369_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[हथकरघा हमारी संस्कृति, रोजगार और आत्मनिर्भरता की सशक्त पहचान - CM विष्णुदेव साय]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/handloom-is-a-strong-identity-of-our-culture-employment-and-self-reliance-cm-vishnudev-sai-3175036</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/handloom-is-a-strong-identity-of-our-culture-employment-and-self-reliance-cm-vishnudev-sai-3175036#respond</comments><pubDate>Fri, 14 Aug 2026 15:06:46 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/handloom-is-a-strong-identity-of-our-culture-employment-and-self-reliance-cm-vishnudev-sai-3175036</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित प्रदेश स्तरीय बुनकर सम्मेलन एवं स्वदेशी प्रदर्शनी में शामिल हुए. इस अवसर पर उन्होंने रेशम, हथकरघा, हस्तशिल्प, खादी एवं माटीकला बोर्ड के विभिन्न हितग्राहियों तथा मेधावी छात्र-छात्राओं को 10 करोड़ 90 लाख रुपये से अधिक की अनुदान एवं पुरस्कार राशि वितरित की. इस दौरान मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' का शुभारंभ करते हुए उसके लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन किया. साथ ही उन्होंने हथकरघा इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का भी शुभारंभ किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों, विशेषकर बुनकरों एवं शिल्पकारों को, राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुभकामनाएँ दीं. उन्होंने कहा कि 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन की स्मृति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2015 में इस दिवस को राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के रूप में मनाने की शुरुआत की.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ का कोसा, बस्तर की बुनाई तथा प्रदेश के पारंपरिक हथकरघा उत्पाद देश-दुनिया में अपनी विशिष्ट पहचान बना रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ के हथकरघा उत्पादों को 'लोकल टू ग्लोबल' की नई पहचान दिलाना है. इसके लिए आधुनिक डिज़ाइन, कौशल उन्नयन, प्रशिक्षण, ब्रांडिंग, विपणन तथा नए बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि उनकी सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत किए गए अधिकांश वादों को राज्य सरकार ने पूरा किया है. प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से लाखों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है. किसानों को धान खरीदी की अंतर राशि का भुगतान, भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता, महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं का आर्थिक सशक्तीकरण तथा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए चरण पादुका योजना का पुनः संचालन सरकार की जनकल्याणकारी सोच का प्रमाण है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के 50 हजार से अधिक श्रद्धालु प्रभु राम के दर्शन कर चुके हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पारदर्शी, जवाबदेह एवं भ्रष्टाचार-मुक्त शासन व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है. ई-ऑफिस व्यवस्था, मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 तथा सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से आम नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और घर बैठे शासकीय सेवाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना तथा आत्मनिर्भर और समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण करना है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार बुनकरों एवं शिल्पकारों के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है. उन्होंने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में 469 आवासविहीन बुनकर परिवारों के लिए बुनकर शेड सह आवास निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है. उन्होंने कहा कि इसी अवधि में आयोजित 47 प्रदर्शनियों के माध्यम से लगभग 10 करोड़ रुपये के हथकरघा उत्पादों की बिक्री हुई, जिससे बुनकरों को बेहतर बाजार उपलब्ध हुआ. मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा क्षेत्र में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसे ध्यान में रखते हुए पिछले ढाई वर्षों में 2,001 महिला स्व-सहायता समूहों को सिलाई पारिश्रमिक के रूप में 68 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा पाँच विक्रय भंडारों तथा केंद्रीय वस्त्रागार के माध्यम से विभिन्न शासकीय विभागों को 93 करोड़ रुपये के वस्त्र उपलब्ध कराए गए हैं. इसके अतिरिक्त बुनकरों द्वारा निर्मित 436 करोड़ रुपये के वस्त्रों की शासकीय खरीदी कर उन्हें आर्थिक संबल प्रदान किया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है. इसी दिशा में देश के पाँच प्रमुख हवाई अड्डों पर छत्तीसगढ़ के हैंडलूम एवं हस्तशिल्प उत्पादों के शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं. वहीं, रायपुर में निर्माणाधीन यूनिटी मॉल स्थानीय उत्पादों को आधुनिक विपणन मंच उपलब्ध कराएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि नवा रायपुर में प्रदेश की पहली गारमेंट इकाई स्थापित की जा रही है, जिससे 4,500 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे. साथ ही नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (निफ्ट) की स्थापना से प्रदेश के युवाओं को डिजाइन एवं टेक्सटाइल क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और छत्तीसगढ़ का हैंडलूम उद्योग नई ऊँचाइयों तक पहुँचेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगभग 1 लाख 20 हजार परिवार हथकरघा एवं इससे संबंधित गतिविधियों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री &lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; द्वारा राष्ट्रीय हथकरघा दिवस की शुरुआत किए जाने से इस क्षेत्र को नई पहचान और नई ऊर्जा मिली है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने सभी नागरिकों से प्रत्येक वर्ष कम से कम एक हथकरघा उत्पाद खरीदने का आग्रह करते हुए कहा कि बुनकरों की मेहनत, उनकी कला और हमारी समृद्ध परंपरा को जीवित रखना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रामोद्योग मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि 7 अगस्त 1905 को प्रारंभ हुए स्वदेशी आंदोलन ने देश में आत्मनिर्भरता की अलख जगाई थी. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की कोसा साड़ी का देशभर में विशिष्ट स्थान है और राज्य सरकार हथकरघा, हस्तशिल्प तथा ग्रामोद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बुनकरों, शिल्पकारों और स्थानीय उद्यमियों को नए अवसर उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों को व्यापक बाजार दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्वदेशी प्रदर्शनी का अवलोकन किया. उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ, बिलासा हैंडलूम, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, हस्तशिल्प विकास बोर्ड, सबरी एम्पोरियम तथा माटीकला बोर्ड सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने कोसा, खादी, हस्तशिल्प, मृद्शिल्प एवं अन्य पारंपरिक उत्पादों का अवलोकन करते हुए कारीगरों से संवाद किया तथा उत्पादों की गुणवत्ता, विपणन और रोजगार की संभावनाओं की जानकारी ली.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने स्थानीय उत्पादों को अधिकाधिक अपनाने और प्रोत्साहित करने का आह्वान किया. प्रदर्शनी के दौरान उन्होंने हथकरघा स्टॉल से स्वयं तत्काल भुगतान कर कोसा साड़ी खरीदी. उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद ही बुनकरों और शिल्पकारों के श्रम एवं कौशल का सबसे बड़ा सम्मान है. मुख्यमंत्री के इस आत्मीय कदम से कार्यक्रम में उपस्थित बुनकरों और महिला कारीगरों का उत्साह दोगुना हो गया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आत्मसमर्पित महिलाओं का रैंप वॉक बना आकर्षण का केंद्र&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम का सबसे प्रेरक और भावनात्मक क्षण वह रहा, जब बस्तर की आत्मसमर्पित नक्सली महिलाओं ने स्वदेशी फैशन शो में आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया. उन्होंने छत्तीसगढ़ के पारंपरिक कोसा सिल्क एवं अन्य हैंडलूम परिधानों का आकर्षक प्रदर्शन किया. यह प्रस्तुति मुख्यधारा से जुड़कर आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ती महिलाओं के आत्मविश्वास, सम्मानजनक पुनर्वास और बदलते बस्तर की सकारात्मक तस्वीर की सशक्त अभिव्यक्ति थी. उपस्थित लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आत्मसमर्पित महिलाओं से आत्मीय संवाद किया, उनका उत्साह बढ़ाया और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ दीं. उल्लेखनीय है कि इनमें से लगभग सभी महिलाएँ पहली बार रायपुर पहुँची थीं. यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों का हिस्सा बन गया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ के नए प्रीमियम हैंडलूम ब्रांड 'कोशल फैब' का शुभारंभ किया गया. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ब्रांड के लोगो एवं कैटलॉग का विमोचन भी किया. 'लूम टू लग्जरी' की अवधारणा पर आधारित यह प्रीमियम ब्रांड छत्तीसगढ़ के कोसा एवं पारंपरिक हथकरघा उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान दिलाने तथा उन्हें वैश्विक स्तर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर एवं अन्य नवाचारों का शुभारंभ&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा संघ द्वारा एनआईसी के सहयोग से विकसित इन्वेंट्री मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया गया. इस डिजिटल पहल से उत्पादों के भंडारण, प्रबंधन, विपणन तथा वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाया जा सकेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस अवसर पर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत बुनकरों की डायरेक्टरी तथा टाई-डाई एवं बाँधनी रंगाई विषयक पुस्तक का भी विमोचन किया गया. साथ ही जशपुर जिले के गोरिया में स्थापित होने वाली ग्लेजिंग यूनिट का शुभारंभ भी किया गया.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ग्रामोद्योग विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को अनुदान एवं पुरस्कार राशि वितरित की. उन्होंने कक्षा 10वीं एवं 12वीं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 935 छात्र-छात्राओं को 81.83 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की. साथ ही 17 वरिष्ठ बुनकरों को सम्मान राशि देकर उनके उत्कृष्ट योगदान का सम्मान किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि हथकरघा संचालनालय के माध्यम से 49 बुनकरों के लिए बुनकर शेड सह आवास निर्माण हेतु 1.22 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति प्रदान की गई है. इसके अतिरिक्त पाँच बुनकर सहकारी समितियों को भवन निर्माण के लिए 75 लाख रुपये की सहायता उपलब्ध कराई गई तथा 85 बुनकरों को उन्नत करघे एवं सहायक उपकरण वितरित किए गए. साइटसेवर्स इंडिया के सहयोग से नेत्र परीक्षण कराने वाले बुनकरों को चश्मों का भी वितरण किया गया. रेशम संचालनालय द्वारा सिल्क समग्र योजना के अंतर्गत 21 रेशम कृषकों को सहायता राशि प्रदान की गई. वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के हितग्राहियों को अनुदान राशि वितरित की गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसी प्रकार हस्तशिल्प विकास बोर्ड द्वारा 30 शिल्पकारों को आधुनिक टूल किट तथा माटीकला बोर्ड द्वारा 70 पंजीकृत माटी शिल्पियों को विद्युत चाक प्रदान किए गए, जिससे उनके उत्पादन और आजीविका को नई गति मिलेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ट बुनकरों को राज्य स्तरीय स्व. बिसाहूदास महंत सर्वश्रेष्ठ बुनकर पुरस्कार तथा राजराजेश्वरी करुणामाता हथकरघा प्रोत्साहन पुरस्कार से सम्मानित किया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'सेल्फी विद स्वदेशी' अभियान से जुड़ने की अपील&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से स्वदेशी उत्पादों को अपनाने तथा 'सेल्फी विद स्वदेशी' अभियान से जुड़ने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों की खरीद न केवल बुनकरों, शिल्पकारों और कारीगरों की आजीविका को सशक्त बनाती है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को भी मजबूती प्रदान करती है.&lt;br /&gt;उन्होंने कहा कि स्वदेशी उत्पाद खरीदकर उसके साथ सोशल मीडिया पर सेल्फी साझा करने वाले प्रत्येक जिले के चयनित प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान में सहभागिता कर स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देने का आग्रह किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन, छत्तीसगढ़ राज्य हथकरघा बुनकर संघ के अध्यक्ष भोजराम देवांगन, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पांडेय, छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष मती शालिनी राजपूत, संस्कृत विद्या मंडलम के अध्यक्ष राजेश राजपूत, सचिव राजेश सिंह राणा, चुन्नीलाल साहू सहित जनप्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में बुनकर, शिल्पकार और कारीगर उपस्थित थे.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/25/cc281a8f248bf16c74c7d9b8ba18430d1782327317325129_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़: IPS डांगी केस में हाईकोर्ट का नोटिस, जांच पर भी उठे सवाल]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-news-ips-ratanlal-dangi-harassment-case-high-court-notice-to-home-secretary-ann-3174721</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-news-ips-ratanlal-dangi-harassment-case-high-court-notice-to-home-secretary-ann-3174721#respond</comments><pubDate>Thu, 13 Aug 2026 21:30:45 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-news-ips-ratanlal-dangi-harassment-case-high-court-notice-to-home-secretary-ann-3174721</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के सीनियर आईपीएस (IPS) अधिकारी रतनलाल डांगी से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. बुधवार को जस्टिस ए.के. प्रसाद की सिंगल बेंच में मामले की सुनवाई हुई, जिसके बाद अदालत ने राज्य के गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय (PHQ) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. इस मामले में अगली सुनवाई 31 अगस्त को तय की गई है. आरोप लगाने वाली महिला (जो एक सब-इंस्पेक्टर की पत्नी है) ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मौजूदा जांच अधिकारियों (IO) को बदलने और वरिष्ठ अधिकारियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;जांच अधिकारियों पर पीड़िता के गंभीर सवाल&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पीड़िता ने अपनी रिट याचिका में पुलिस विभाग द्वारा नियुक्त किए गए दोनों आईपीएस जांच अधिकारियों की अधिकारिता (Jurisdiction) और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;ul style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;
&lt;li&gt;आईजीपी आनंद छाबड़ा पर आपत्ति: याचिका में कहा गया है कि तत्कालीन IGP आनंद छाबड़ा को जांच अधिकारी बनाया गया है, जो आरोपी रतनलाल डांगी के समान रैंक के अधिकारी हैं. ऐसे में उन्हें इस मामले की जांच का अधिकार नहीं है. साथ ही, छाबड़ा के खिलाफ महादेव सट्टा ऐप मामले में आपराधिक प्रकरण भी विचाराधीन है, इसलिए पीड़िता उनसे जांच नहीं कराना चाहती.&lt;/li&gt;
&lt;li&gt;डीआईजीपी मिलना कुर्रे पर आपत्ति: मामले की दूसरी जांच अधिकारी तत्कालीन DIGP मिलना कुर्रे थीं. पीड़िता का तर्क है कि कुर्रे, आईपीएस रतनलाल डांगी से एक रैंक नीचे की अधिकारी हैं, इसलिए वह भी अपने से सीनियर अधिकारी के खिलाफ जांच के लिए अधिकृत नहीं हैं.&lt;/li&gt;
&lt;/ul&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;छत्तीसगढ़: कभी 500 रुपये रिश्वत देना लगा था बुरा, अब ट्रेनी IPS पर 1 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-trainee-ips-rahul-bansal-accused-of-1-crore-bribe-cbi-court-notice-ambikapur-ann-3174648&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;छत्तीसगढ़: कभी 500 रुपये रिश्वत देना लगा था बुरा, अब ट्रेनी IPS पर 1 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;IAS से जांच और डांगी को बर्खास्त करने की मांग&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पीड़िता ने अपनी याचिका के माध्यम से हाईकोर्ट से गुहार लगाई है कि इस संवेदनशील और गंभीर मामले की जांच किसी सीनियर और महिला आईएएस (IAS) अधिकारी को सौंपी जाए.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके साथ ही, पीड़िता ने आईपीएस रतनलाल डांगी द्वारा छत्तीसगढ़ और राजस्थान में बनाई गई कथित अवैध संपत्तियों की जांच कराने और सेवा से तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने की भी मांग की है. अब सभी की निगाहें 31 अगस्त को होने वाली अगली सुनवाई और सरकार के जवाब पर टिकी हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;छत्तीसगढ़: बालोद में मुंबई की महिला बाइक राइडर की मौत, सड़क हादसे में गई जान&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-balod-mumbai-female-bike-rider-riddhi-thakkar-died-in-road-accident-ann-3174374&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;छत्तीसगढ़: बालोद में मुंबई की महिला बाइक राइडर की मौत, सड़क हादसे में गई जान&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/13/a73c1b02268c1d1ce516e6da6b27c24b1786634327833694_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़: कभी 500 रुपये रिश्वत देना लगा था बुरा, अब ट्रेनी IPS पर 1 करोड़ की रिश्वत लेने का आरोप]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-trainee-ips-rahul-bansal-accused-of-1-crore-bribe-cbi-court-notice-ambikapur-ann-3174648</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-trainee-ips-rahul-bansal-accused-of-1-crore-bribe-cbi-court-notice-ambikapur-ann-3174648#respond</comments><pubDate>Thu, 13 Aug 2026 17:34:41 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-trainee-ips-rahul-bansal-accused-of-1-crore-bribe-cbi-court-notice-ambikapur-ann-3174648</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में तैनात एक ट्रेनी IPS अधिकारी राहुल बंसल पर ठगी के एक मामले की जांच के दौरान 1 करोड़ रुपए हवाला के जरिए रिश्वत लेने का गंभीर आरोप लगा है. हरियाणा के रहने वाले एक शिकायतकर्ता ने इस मामले में CBI की स्पेशल कोर्ट में इसकी शिकायत भी की है. जिसके बाद कोर्ट ने मामले में नोटिस भी जारी किया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;शिकायतकर्ता ने कहा कि रिश्वत की रकम हवाला के जरिए पहुंचाई गई और इसमें अंबिकापुर साइबर सेल के एक आरक्षक की भूमिका भी संदिग्ध है. मामले में CBI स्पेशल कोर्ट ने CBI, ट्रेनी IPS राहुल बंसल, ASI प्रवीण कुमार राठौर और आरक्षक अंशुल शर्मा को नोटिस जारी किया है. वहीं, कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के DGP से भी रिपोर्ट मांगी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;छत्तीसगढ़: बालोद में मुंबई की महिला बाइक राइडर की मौत, सड़क हादसे में गई जान&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-balod-mumbai-female-bike-rider-riddhi-thakkar-died-in-road-accident-ann-3174374&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़: बालोद में मुंबई की महिला बाइक राइडर की मौत, सड़क हादसे में गई जान&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;क्या है पूरा मामला ?&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कोर्ट में दायर परिवाद परिवाद के अनुसार हरियाणा निवासी आकाश कुमार के खिलाफ अंबिकापुर में दर्ज एक कथित साइबर ठगी मामले की जांच के दौरान उनसे एक करोड़ रुपए की रिश्वत मांगी गई थी. शिकायतकर्ता का आरोप है कि रिश्वत की रकम हवाला के जरिए पहुंचाई गई. सूत्रों की माने तो ये पूरा मामला अंबिकापुर साइबर थाना क्षेत्र में दर्ज एक कथित ऑनलाइन शेयर ट्रेडिंग धोखाधड़ी केस से जुड़ा है. इस मामले को ही शार्ट आउट करने के लिए रकम की लेनदेन के आरोप है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पुलिस अधिकारियों ने साधी चुप्पी&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस मामले में कोई भी पुलिस का अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है. यहां तक की csp राहुल बंसल तो फोन भी नहीं उठा रहे. जिसके बाद मामला और तूल पकड़ता जा रहा है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ऑडियो भी हो रहा वायरल&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;IPS राहुल बंसल रिश्वत मामले में वायरल ऑडियो भी सामने आया है. जिसमें IPS का आदमी और रिस्वत देने वाले के बीच बातचीत है. ऑडियो में हवाला के जरिये मुंबई के वाशी में 1 करोड़ रूपये पहुंचाने की बात की जा रही है. हालांकि ABP news इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;GeM अवॉर्ड से सम्मानित हुआ छत्तीसगढ़, खरीद में 113% की बढ़ोतरी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-honored-with-gem-award-113-percent-increase-in-procurement-3173595&quot; target=&quot;_blank&quot; rel=&quot;noopener&quot;&gt;यह भी पढ़ें: GeM अवॉर्ड से सम्मानित हुआ छत्तीसगढ़, खरीद में 113% की बढ़ोतरी&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/13/f360855257e8bb55c0019cddce2f484a17866221377931262_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़: बालोद में मुंबई की महिला बाइक राइडर की मौत, सड़क हादसे में गई जान]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-balod-mumbai-female-bike-rider-riddhi-thakkar-died-in-road-accident-ann-3174374</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-balod-mumbai-female-bike-rider-riddhi-thakkar-died-in-road-accident-ann-3174374#respond</comments><pubDate>Thu, 13 Aug 2026 09:55:35 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-balod-mumbai-female-bike-rider-riddhi-thakkar-died-in-road-accident-ann-3174374</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के पुरूर थाना क्षेत्रान्तर्गत NH-30 पर दर्दनाक सड़क हादसा में मुंबई की महिला बाइक राइडर की मौत हो गई. मृतक महिला का नाम रिद्धि ठक्कर बताया जा रहा है. मृतका रिद्धि ठक्कर रायपुर से कांकेर जा रहे बाइकर्स के समूह में शामिल थी. पुरूर थाना क्षेत्रान्तर्गत नेशनल हाईवे-30 पर मरकाटोला घाट के पास सामने से आए ट्रेलर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;टक्कर लगने के बाद मुंबई निवासी रिद्धि ठक्कर गंभीर रूप से घायल हो गई थीं. इसके तुरंत बाद उन्हें डायल-112 की मदद से चारामा अस्पताल पहुंचाया गया. वहां हालत गंभीर होने पर धमतरी रेफर किया गया. राम अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया. &amp;nbsp;बता दें कि करीब 20 बाइक राइडर्स का समूह रायपुर से कांकेर की ओर निकला था.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-electronics-manufacturing-cluster-emc-2-investment-jobs-cm-vishnu-dev-sai-3172206&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में आएगा 3,000 करोड़ का निवेश! राजनांदगांव में बनेगा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स हब&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आगे निकल गए थे 17 साथी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रिद्धि ठक्कर से धमतरी के बाद करीब 17 बाइकर्स आगे निकल गए थे, जबकि तीन राइडर्स उनके पीछे चल रहे थे. हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. साथी बाइकर्स ने तत्काल मदद पहुंचाई. मृतका की पहचान रिद्धि ठक्कर निवासी कांदिवली, मुंबई वेस्ट के रूप में हुई है. मृतका की बाइक का नंबर MH 12 SP 0835 है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल धमतरी भेजा गया है. हादसे के बाद पुरूर पुलिस ट्रेलर और चालक की तलाश में जुट गई है. मृतका के परिजनों को हादसे की सूचना दे दी गई है. वे मुंबई से रायपुर पहुंचेंगे. यह पूरा मामला पुरूर थाना क्षेत्र का है. पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कांकेर निकला था 20 बाइकर्स का ग्रुप&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बुधवार सुबह एक भारी वाहन की टक्कर से महाराष्ट्र की 24 वर्षीय एक महिला मोटरसाइकिल सवार की मौत हो गई. वह छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके के दौरे पर निकले मोटरसाइकिल सवारों के एक समूह का हिस्सा थी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यह हादसा सुबह करीब छह बजे राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर पुरूर थाना क्षेत्र के मरकाटोला घाट में हुआ.&amp;nbsp;उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों के करीब 20 मोटरसाइकिल सवारों का एक समूह पहले रायपुर पहुंचा था और वहां से बस्तर क्षेत्र की ओर जा रहा था. इसी दौरान यह हादसा हुआ.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अधिकारी के अनुसार, रिद्धि ठक्कर बजाज एवेंजर मोटरसाइकिल चला रही थीं, तभी उनकी बाइक को किसी अज्ञात भारी वाहन ने टक्कर मार दी. हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनके पैरों में विशेष रूप से गंभीर चोटें आईं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पुलिस ने दी यह जानकारी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हादसे के बाद वाहन चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया. घटनास्थल राज्य की राजधानी रायपुर से करीब 90 किलोमीटर दूर है. पुलिस वाहन और उसके चालक का पता लगाने का प्रयास कर रही है. अधिकारी ने बताया कि रिद्धि के साथ यात्रा कर रहे अन्य मोटरसाइकिल सवारों ने पुलिस हेल्पलाइन डायल-112 पर संपर्क किया.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके बाद उन्हें आपातकालीन वाहन से पड़ोसी कांकेर जिले के चारामा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया. महिला की गंभीर हालत को देखते हुए बाद में उन्हें धमतरी जिले के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/sai-cabinet-decision-approval-granted-for-rupees-500-crore-ai-mission-3172005&quot;&gt;&lt;strong&gt;साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, 500 करोड़ के AI मिशन को दी मंजूरी&lt;br /&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/13/1219f2de5366a94ac0172e909473fe5d17865906887471174_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[GeM अवॉर्ड से सम्मानित हुआ छत्तीसगढ़, खरीद में 113% की बढ़ोतरी]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-honored-with-gem-award-113-percent-increase-in-procurement-3173595</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-honored-with-gem-award-113-percent-increase-in-procurement-3173595#respond</comments><pubDate>Tue, 11 Aug 2026 15:33:49 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-honored-with-gem-award-113-percent-increase-in-procurement-3173595</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ ने पारदर्शी और तकनीक आधारित शासन के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण राष्ट्रीय उपलब्धि हासिल की है. नई दिल्ली में आयोजित सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया. यह उपलब्धि मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन, तकनीक आधारित सुशासन और सार्वजनिक धन के प्रत्येक रुपये का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों को दर्शाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह पुरस्कार प्रीमियर अवॉर्ड्स की राज्य सरकार सम्मान श्रेणी में छत्तीसगढ़ को GeM के व्यापक इस्तेमाल और प्लेटफॉर्म के माध्यम से खरीद के मूल्य और मात्रा में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए दिया गया. यह समारोह 'GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities' थीम के तहत आयोजित किया गया. कार्यक्रम में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री &amp;nbsp;पीयूष गोयल तथा केंद्र और विभिन्न राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने टीम छत्तीसगढ़ को दी बधाई&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय सम्मान पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी शासन के प्रति छत्तीसगढ़ की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. मुख्यमंत्री ने कहा, 'पारदर्शिता और सार्वजनिक धन का विवेकपूर्ण उपयोग सुशासन के मूल आधार हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हमारा प्रयास है कि तकनीक के माध्यम से सरकारी खरीद को अधिक प्रतिस्पर्धी, प्रभावी और जवाबदेह बनाया जाए. साथ ही MSME, स्टार्टअप, महिला उद्यमियों और SC/ST समुदायों के उद्यमियों के लिए अधिक अवसर सुनिश्चित किए जाएं. GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवॉर्ड पारदर्शी और समावेशी खरीद व्यवस्था तैयार करने की दिशा में टीम छत्तीसगढ़ के सामूहिक प्रयासों की मान्यता है.' मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, जवाबदेही मजबूत करने और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए लगातार तकनीक का इस्तेमाल कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-electronics-manufacturing-cluster-emc-2-investment-jobs-cm-vishnu-dev-sai-3172206&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में आएगा 3,000 करोड़ का निवेश! राजनांदगांव में बनेगा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स हब&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;GeM के जरिए खरीद में 113% की हुई बढ़ोतरी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान छत्तीसगढ़ में सरकारी ई-मार्केटप्लेस के जरिए खरीद में उल्लेखनीय विस्तार हुआ. राज्य में GeM के माध्यम से कुल खरीद ₹3,935 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 113% की वृद्धि है. यह वृद्धि राज्य सरकार के उन लगातार प्रयासों का परिणाम है, जिनके तहत विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीद को एक साझा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया. इससे सरकारी खरीद में पारदर्शी मूल्य निर्धारण, खुली प्रतिस्पर्धा और ऑडिट योग्य प्रक्रिया को बढ़ावा मिला है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;GeM के बढ़ते इस्तेमाल से यह भी स्पष्ट होता है कि राज्य सरकार प्रक्रियागत अस्पष्टता को कम करने और ऐसी खरीद प्रणाली स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें गुणवत्ता, प्रतिस्पर्धा और सार्वजनिक धन का बेहतर उपयोग प्राथमिकता हो.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक वित्त वर्ष में ₹130 करोड़ की बचत&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;प्रतिस्पर्धी डिजिटल खरीद व्यवस्था से राज्य के राजकोष को भी बड़ी बचत हुई है. वित्त वर्ष 2025-26 में GeM के जरिए प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया से ₹130 करोड़ की बचत हुई. यह बचत सरकारी विभागों द्वारा अनुमानित खरीद लागत और योग्य विक्रेताओं के बीच खुली प्रतिस्पर्धा के बाद सामने आई अंतिम कीमत के अंतर को दर्शाती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पिछले तीन वित्त वर्षों में राज्य ने GeM पर प्रतिस्पर्धी बोली के जरिए कुल ₹235 करोड़ की बचत हासिल की है. खुली बोली, मानकीकृत विनिर्देश और लेनदेन का एकल ऑडिट योग्य डिजिटल रिकॉर्ड होने से खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और बेहतर मूल्य निर्धारण मजबूत हुआ है. राज्य सरकार गुणवत्ता बनाए रखने और आपूर्तिकर्ताओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करने के लिए खरीद प्रक्रियाओं और टेंडर की शर्तों की लगातार समीक्षा भी कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सूक्ष्म और लघु उद्यमों से ₹1,800 करोड़ की खरीद&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय के स्थानीय उद्यमों को मजबूत करने और व्यापक आर्थिक अवसर पैदा करने पर जोर के अनुरूप GeM के बढ़ते इस्तेमाल से सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए सरकारी खरीद के अवसर भी बढ़े हैं. वित्त वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म और लघु उद्यमों से खरीद 61% बढ़कर ₹1,800 करोड़ हो गई. यह निर्धारित 25% MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है. सरकारी खरीद छोटे व्यवसायों को मजबूत करने, उनके बाजार का विस्तार करने और रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है. GeM के माध्यम से उद्यम सीधे सरकारी मांग तक पहुंच सकते हैं. इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम होती है और खरीद व्यवस्था अधिक पारदर्शी तथा प्रतिस्पर्धी बनती है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;महिला उद्यमियों, SC/ST उद्यमों और स्टार्टअप्स को बढ़े अवसर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राज्य में प्राथमिकता वाले और उभरते उद्यमी वर्गों से खरीद में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है. वित्त वर्ष 2025-26 में महिला उद्यमियों से खरीद में 97% की वृद्धि हुई, जबकि SC/ST उद्यमियों को दिए गए ऑर्डर में 108% की बढ़ोतरी हुई. वहीं, स्टार्टअप्स ने सभी श्रेणियों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की. स्टार्टअप्स से खरीद में 178% की वृद्धि हुई. ये आंकड़े बताते हैं कि पारदर्शी डिजिटल खरीद व्यवस्था न केवल सरकारी खर्च की दक्षता बढ़ा रही है, बल्कि उभरते उद्यमियों के लिए सरकारी बाजार तक पहुंच भी व्यापक कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव &amp;nbsp;रजत कुमार ने कहा कि GeM ने राज्य के उद्यमों के लिए सरकारी मांग तक सीधी पहुंच का रास्ता खोल दिया है. उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों, SC/ST स्वामित्व वाले उद्यमों और स्टार्टअप्स ने इस प्लेटफॉर्म पर अपना अब तक का सबसे मजबूत प्रदर्शन किया है. स्टार्टअप्स ने आपूर्तिकर्ता श्रेणियों में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;रजत कुमार ने कहा कि एक खुला बाजार ऐसा साझा प्रवेश बिंदु उपलब्ध कराता है, जहां किसी आपूर्तिकर्ता की सफलता उसकी क्षमता और प्रतिस्पर्धात्मकता पर निर्भर करती है, न कि किसी विभाग के नजदीक होने पर. उन्होंने कहा कि इस पहुंच को बनाए रखना और इसे और व्यापक बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता रहेगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सुशासन के मॉडल के रूप में छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय पहचान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवॉर्ड मुख्यमंत्री &amp;nbsp;विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शासन को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित और परिणामोन्मुख बनाने के प्रयासों को एक नई पहचान देता है. राज्य सरकार प्रक्रियाओं को सरल बनाने, जवाबदेही मजबूत करने, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और सार्वजनिक संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का लगातार विस्तार कर रही है. इसके परिणाम वित्तीय बचत के साथ-साथ आर्थिक भागीदारी के विस्तार में भी दिखाई दे रहे हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक वर्ष में ₹130 करोड़ की बचत, MSEs से ₹1,800 करोड़ की खरीद और महिला उद्यमियों, SC/ST उद्यमों तथा स्टार्टअप्स को सरकारी ऑर्डर में रिकॉर्ड वृद्धि इस दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं. राज्य सरकार आने वाले समय में विभागों और संस्थानों में GeM के इस्तेमाल का और विस्तार करेगी. साथ ही स्थानीय उद्यमों, MSMEs और स्टार्टअप्स को सरकारी खरीद में अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने जोर दिया है कि तकनीक का अंतिम उद्देश्य बेहतर शासन, अधिक पारदर्शिता और नागरिकों व उद्यमियों के लिए ज्यादा अवसर सुनिश्चित करना होना चाहिए. GeM के स्थापना दिवस समारोह में छत्तीसगढ़ को मिला यह राष्ट्रीय सम्मान इसी दृष्टिकोण की महत्वपूर्ण पुष्टि है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/sai-cabinet-decision-approval-granted-for-rupees-500-crore-ai-mission-3172005&quot;&gt;साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, 500 करोड़ के AI मिशन को दी मंजूरी&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/11/bbf13da68345b642923fa51928fc206c17864422373981301_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़ में आएगा 3,000 करोड़ का निवेश! राजनांदगांव में बनेगा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स हब]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-electronics-manufacturing-cluster-emc-2-investment-jobs-cm-vishnu-dev-sai-3172206</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-electronics-manufacturing-cluster-emc-2-investment-jobs-cm-vishnu-dev-sai-3172206#respond</comments><pubDate>Sat, 8 Aug 2026 11:28:52 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी छत्तीसगढ़ डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-electronics-manufacturing-cluster-emc-2-investment-jobs-cm-vishnu-dev-sai-3172206</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को बड़ी रफ्तार मिलने जा रही है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने राजनांदगांव जिले के ग्राम पटेवा में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (EMC 2.0) स्थापित करने की मंजूरी दे दी है. इस परियोजना के जरिए राज्य में 3,000 करोड़ से अधिक के निवेश का रास्ता खुलेगा और करीब 9,000 रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने EMC 2.0 योजना के तहत इस परियोजना को मंजूरी दी है. करीब 432.08 करोड़ की कुल परियोजना लागत में केंद्र सरकार ने 210.56 करोड़ की केंद्रीय सहायता स्वीकृत की है. परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (CSIDC) करेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-will-build-toilets-for-female-students-in-village-school-3171576&quot;&gt;छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, गांवों के हर स्कूल में छात्राओं के लिए बनेंगे टॉयलेट&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;306 एकड़ जमीन पर बनेगा इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजनांदगांव के पटेवा में करीब 306.56 एकड़ भूमि पर यह क्लस्टर विकसित किया जाएगा. इसमें 150.56 एकड़ जमीन औद्योगिक भूखंडों के लिए आरक्षित रहेगी. यहां कंपनियों को आधुनिक औद्योगिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए रेडी-बिल्ट फैक्ट्री, बिजली और जल आपूर्ति, वेयरहाउस सहित जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार किया जाएगा. राज्य सरकार के मुताबिक परियोजना से जुड़ी आवश्यक वैधानिक स्वीकृतियां पहले ही हासिल की जा चुकी हैं. ऐसे में क्लस्टर के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सेमीकंडक्टर और EV कंपनियों की नजर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस क्लस्टर को इलेक्ट्रॉनिक्स के साथ-साथ भविष्य के प्रमुख तकनीकी क्षेत्रों के लिए तैयार किया जा रहा है. सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन और स्मार्ट इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की चार एंकर इकाइयों ने यहां निवेश में रुचि दिखाई है. इन कंपनियों की ओर से करीब 365 करोड़ के शुरुआती निवेश का प्रस्ताव दिया गया है. सरकार को उम्मीद है कि एंकर इकाइयों के आने के बाद क्लस्टर में अन्य कंपनियां और सहायक उद्योग भी आकर्षित होंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नवा रायपुर के बाद राज्य का दूसरा बड़ा क्लस्टर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजनांदगांव का EMC 2.0 छत्तीसगढ़ का दूसरा बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर होगा. इससे पहले नवा रायपुर में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर स्थापित किया जा चुका है. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मंजूरी के लिए प्रधानमंत्री &lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; और केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया. उन्होंने कहा कि यह परियोजना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय स्तर के विनिर्माण उद्योगों के लिए भरोसेमंद और सक्षम गंतव्य बन रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि क्लस्टर से युवाओं के लिए करीब 9,000 गुणवत्तापूर्ण और दीर्घकालिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे. सरकार तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर भी जोर देगी, ताकि स्थानीय युवाओं को कंपनियों में भर्ती के दौरान प्राथमिकता के साथ अवसर मिल सके.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;'वनक्लिक' व्यवस्था से निवेशकों को मिलेगी तेजी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में उद्योगों के लिए त्वरित और पारदर्शी व्यवस्था तैयार की गई है. &amp;lsquo;वनक्लिक&amp;rsquo; सिंगल विंडो प्रणाली के जरिए भूमि आवंटन और जरूरी स्वीकृतियां निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है. सरकार का दावा है कि नई परियोजना से छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, कंपोनेंट निर्माण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा मिलेगा. यह क्लस्टर मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे राष्ट्रीय अभियानों को भी गति दे सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/sai-cabinet-decision-approval-granted-for-rupees-500-crore-ai-mission-3172005&quot;&gt;साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, 500 करोड़ के AI मिशन को दी मंजूरी&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/08/64792798a55867cb67e01ab690aad41717861686177231443_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[साय कैबिनेट का बड़ा फैसला, 500 करोड़ के AI मिशन को दी मंजूरी]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/sai-cabinet-decision-approval-granted-for-rupees-500-crore-ai-mission-3172005</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/sai-cabinet-decision-approval-granted-for-rupees-500-crore-ai-mission-3172005#respond</comments><pubDate>Fri, 7 Aug 2026 19:27:50 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/sai-cabinet-decision-approval-granted-for-rupees-500-crore-ai-mission-3172005</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ₹500 करोड़ के छत्तीसगढ़ AI मिशन को मंजूरी दी गई. अगले पांच वर्षों में लागू होने वाला यह मिशन राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को बढ़ावा देगा और शिक्षा, प्रशासन, उद्योग तथा स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई दिशा देगा.&lt;br /&gt;सरकार का लक्ष्य AI तकनीक को केवल बड़े शहरों तक सीमित न रखकर जिलों और कस्बों तक पहुंचाना है, ताकि आम नागरिक भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;100 AI डेटा लैब और 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेंगे&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मिशन के तहत पूरे राज्य में 100 AI डेटा लैब स्थापित की जाएंगी. इसके अलावा 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग और डेटा एनालिटिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों पर शोध और प्रशिक्षण होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सरकार AI आधारित कौशल विकास पर विशेष जोर दे रही है. मिशन के तहत 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे युवाओं को भविष्य की तकनीकों में रोजगार के अवसर मिलेंगे, वहीं सरकारी कर्मचारियों की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी. राज्य में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए 300 से अधिक AI स्टार्टअप को वित्तीय और तकनीकी सहायता प्रदान की जाएगी. इससे छत्तीसगढ़ में AI आधारित उद्योगों और रोजगार के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-irregularities-in-cgpsc-exam-candidates-names-like-button-and-news-in-result-list-raipur-ann-3171571&quot;&gt;छत्तीसगढ़: CGPSC परीक्षा में गड़बड़ी, 'बटन' और 'NEWS' ने भी पास किया एग्जाम!&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सरकारी सेवाएं होंगी स्मार्ट और तेज&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कैबिनेट ने सरकारी कामकाज को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित डिजिटल सेवाएं विकसित करने का निर्णय लिया है. इन सेवाओं के जरिए प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेज होंगी और नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ पहले से अधिक आसानी से मिलेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ का AI मिशन केंद्र सरकार के IndiaAI Mission से प्रेरित है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें तकनीक को गांवों और छोटे शहरों तक पहुंचाने पर विशेष फोकस किया गया है. इससे राज्य के छात्रों, युवाओं, स्टार्टअप और उद्योगों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिलेगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;AI मिशन के साथ छत्तीसगढ़ में पहली बार बनेगा BEML&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;AI मिशन को मंजूरी देने के साथ ही साय कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की दिशा में भी बड़ा फैसला लिया. राज्य में पहली बार भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) का हैवी अर्थ मूविंग इक्विपमेंट मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया जाएगा. इसके लिए मुंगेली जिले की पथरिया तहसील में करीब 80 एकड़ भूमि रियायती दर पर उपलब्ध कराई जाएगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;BEML केंद्र सरकार का मिनी रत्न सार्वजनिक उपक्रम है, जो रक्षा, रेलवे, खनन और निर्माण क्षेत्रों के लिए भारी मशीनों का निर्माण करता है. छत्तीसगढ़ में बनने वाला यह संयंत्र मध्य भारत का पहला बड़ा BEML हैवी मशीनरी निर्माण केंद्र होगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;खनन राज्यों को मिलेगा सीधा फायदा&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और मध्य प्रदेश देश के प्रमुख खनिज उत्पादक राज्यों में शामिल हैं. ऐसे में यहां बनने वाले प्लांट से खनन उद्योग के लिए आवश्यक बुलडोजर, डंपर, हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर और अन्य भारी मशीनों के निर्माण और आपूर्ति को नई गति मिलेगी.&lt;br /&gt;हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सरकार के अनुसार इस परियोजना से 1,500 से 2,500 लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है, जबकि 8,000 से 10,000 लोगों के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बन सकते हैं. इसके अलावा प्लांट के आसपास 50 से अधिक MSME (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) विकसित होने की संभावना है, जिससे स्थानीय उद्योगों और व्यवसायों को भी बड़ा लाभ मिलेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अब तक BEML के प्रमुख निर्माण संयंत्र कर्नाटक और केरल में संचालित हैं. छत्तीसगढ़ में स्थापित होने वाला यह नया प्लांट राज्य को AI और हैवी इंजीनियरिंग दोनों क्षेत्रों में नई औद्योगिक पहचान देगा. सरकार का मानना है कि AI मिशन और BEML परियोजना मिलकर छत्तीसगढ़ को भविष्य की तकनीक और आधुनिक विनिर्माण का प्रमुख केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/07/4aa8ffbd37517398efab8005cdb077a117861059525731301_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा फैसला, गांवों के हर स्कूल में छात्राओं के लिए बनेंगे टॉयलेट]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-will-build-toilets-for-female-students-in-village-school-3171576</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-will-build-toilets-for-female-students-in-village-school-3171576#respond</comments><pubDate>Thu, 6 Aug 2026 21:14:22 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-will-build-toilets-for-female-students-in-village-school-3171576</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ की विष्णु देव साय सरकार ने बालिकाओं की स्वच्छता, स्वास्थ्य (हाइजीन) और सम्मान को प्राथमिकता देते हुए बड़ा फैसला लिया है. प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के 6,671 शासकीय स्कूलों में बालिकाओं के लिए नए शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गुरुवार को मंत्रालय में विकसित भारत - रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) - वीबी-जी राम जी के तहत आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी घोषणा की.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस दौरान उन्होंने राज्यव्यापी 'मेरी बेटी- मेरा अभिमान' अभियान का भी शुभारंभ किया. मुख्यमंत्री साय ने जानकारी देते हुए कहा कि 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के प्रत्येक गांव में बालिकाओं के शौचालय के साथ मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण सुनिश्चित किया जाएगा. सीएम ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और आधारभूत सुविधाओं को सशक्त बनाने की दिशा में राज्य सरकार का ऐतिहासिक कदम है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय विद्यालयों में 286.85 करोड़ रुपए की लागत से 6,671 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा. प्रत्येक शौचालय की लागत 4.30 लाख रुपए निर्धारित की गई है. इसी प्रकार प्रदेश के 6,524 गांवों में 391.44 करोड़ रुपए की लागत से प्रतीक्षालय सहित मुक्तिधाम बनाए जाएंगे, जिनकी प्रति इकाई लागत 6 लाख रुपए होगी. इसके अतिरिक्त 18.22 करोड़ रुपए की लागत से 549 मुक्तिधामों का भी निर्माण किया जाएगा, जिनकी प्रति इकाई लागत 3.32 लाख रुपए निर्धारित की गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य के 10,027 बंद अथवा डिफंक्ट बोरवेलों में 52.14 करोड़ रुपए की लागत से सैंड फिल्टर एवं रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण कराया जाएगा. प्रति इकाई लागत लगभग 52 हजार रुपए निर्धारित की गई है. इससे भू-जल स्तर में वृद्धि होगी, वर्षा जल का बेहतर संरक्षण होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट कम करने में मदद मिलेगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल स्वीकृत कर शीघ्र प्रारंभ कराया जाए.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रामीण विकास और रोजगार का सबसे बड़ा अभियान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना पूरे देश में 1 जुलाई 2026 से लागू हुई है. योजना के अंतर्गत सभी विकास कार्यों का चयन ग्राम सभा की स्वीकृति से किया जाएगा तथा मजदूरी की दर बढ़ाकर 300 रुपए प्रतिदिन कर दी गई है. उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री &lt;a title=&quot;नरेंद्र मोदी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/narendra-modi&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नरेंद्र मोदी&lt;/a&gt; के 'विकसित भारत&amp;ndash;2047' के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में मनरेगा और वीबी-जी राम जी के माध्यम से राज्य को लगभग 6,855 करोड़ रुपए प्राप्त होंगे, जो ग्रामीण रोजगार और विकास कार्यों के लिए राज्य में अब तक का सबसे बड़ा वित्तीय निवेश है. भारत सरकार से योजना की प्रथम किस्त के रूप में 1,538 करोड़ रुपए से अधिक की वित्तीय स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का रखा गया विशेष ध्यान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का संतुलित ध्यान रखा गया है. कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में 60 दिनों तक योजना के कार्य बंद रखने का प्रावधान किया गया है, जिससे खेती और रोजगार दोनों प्रभावित न हों.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;318 प्रकार के विकास कार्यों से बदलेगी गांवों की तस्वीर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि योजना में 318 प्रकार के कार्यों को चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किया गया है. इनमें 107 प्रकार के जल संरक्षण एवं जल संवर्धन कार्य, 90 प्रकार के ग्रामीण अधोसंरचना विकास कार्य, 86 प्रकार के आजीविका संवर्धन कार्य तथा 35 प्रकार के जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन संबंधी कार्य शामिल हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि जल संरक्षण के अंतर्गत तालाब, चेकडैम, रिचार्ज संरचनाएं, सिंचाई विस्तार, भू-जल संरक्षण, मृदा संरक्षण और वृक्षारोपण को प्राथमिकता मिलेगी. वहीं ग्रामीण अधोसंरचना के अंतर्गत सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, ग्रामीण पुस्तकालय, प्रयोगशाला, किचन शेड, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, मुक्तिधाम और पशु चिकित्सालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि आजीविका संवर्धन के अंतर्गत ग्रामीण हाट-बाजार, कृषि उपज भंडारण, कोल्ड स्टोरेज, डेयरी, मत्स्य पालन तथा पशुपालन से संबंधित अधोसंरचना विकसित की जाएगी. वहीं जलवायु परिवर्तन एवं आपदा प्रबंधन के अंतर्गत बाढ़ एवं चक्रवात आश्रय, ड्रेनेज, तटबंध, जंगलों में आग की रोकथाम तथा प्राकृतिक आपदाओं के बाद पुनर्निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;युक्तधारा द्वारा ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अव्वल&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वीबी-जी राम जी के क्रियान्वयन की तैयारियों में छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. श्रमिकों की 98 प्रतिशत ई-केवाईसी पूर्ण कर राज्य देश में प्रथम स्थान पर है, जबकि परिसंपत्तियों की 99 प्रतिशत जियो टैगिंग के साथ दूसरा स्थान प्राप्त किया है. इसके साथ ही युक्तधारा पोर्टल के माध्यम से जीआईएस आधारित ग्राम पंचायत कार्ययोजना तैयार करने में भी राज्य अव्वल रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;जल संरक्षण और 'मोर गांव&amp;ndash;मोर पानी' अभियान को मिलेगी नई गति&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है. विभिन्न विकासखंडों में जल उपलब्धता के आधार पर जल संरक्षण कार्यों पर न्यूनतम निर्धारित व्यय सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही राज्य सरकार के 'मोर गांव&amp;ndash;मोर पानी' महाअभियान को भी इस योजना से नई गति मिलेगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;5,591.42 करोड़ रुपए का बजट, पहली तिमाही में 1,264 करोड़ रुपए खर्च&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2026-27 में वीबी-जी राम जी के लिए 5,591.42 करोड़ रुपए का प्रस्तावित बजट रखा गया है. वहीं अप्रैल से जून 2026 की पहली तिमाही में ही 1,264 करोड़ रुपए व्यय किए जा चुके हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों में उल्लेखनीय तेजी आई है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध होगा क्रियान्वयन&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि जल संरक्षण, स्वच्छता, शिक्षा, सामाजिक अधोसंरचना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाते हुए आत्मनिर्भर एवं विकसित गांवों का निर्माण करना है. प्रत्येक कार्य का अनुमोदन ग्राम सभा से कराया जाएगा. डिजिटल मॉनिटरिंग, समय पर मजदूरी भुगतान, गुणवत्ता नियंत्रण तथा सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से योजना का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पत्रकार वार्ता में उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, वीबी-जी राम जी के आयुक्त तारन प्रकाश सिन्हा सहित वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/08/06/b0205d2aad58ce7bb6f61286e8fb94081786031016624304_original.jpg" width="220"/></item></channel></rss>