<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?><rss version="2.0" xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/" xmlns:wfw="http://wellformedweb.org/CommentAPI/" xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/" xmlns:atom="http://www.w3.org/2005/Atom" xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/" xmlns:slash="http://purl.org/rss/1.0/modules/slash/" xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/"><channel><title>chhattisgarh</title><atom:link href="https://www.abplive.com/chhattisgarh/feed" rel="self" type="application/rss+xml"/><link>https://www.abplive.com/</link><description/><lastBuildDate>Mon, 29 Jun 2026 06:42:55 +0530</lastBuildDate><language>en-US</language><sy:updatePeriod>hourly</sy:updatePeriod><sy:updateFrequency>1</sy:updateFrequency><generator>https://www.abplive.com</generator><item><title><![CDATA[CM साय बोले, 'आपातकाल को भुलाया नहीं जा सकता, विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल']]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/raipur-emergency-remembrance-day-cm-vishnu-deo-sai-honors-loktantra-senani-3152056</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/raipur-emergency-remembrance-day-cm-vishnu-deo-sai-honors-loktantra-senani-3152056#respond</comments><pubDate>Sun, 28 Jun 2026 19:56:46 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/raipur-emergency-remembrance-day-cm-vishnu-deo-sai-honors-loktantra-senani-3152056</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर स्थित डीडीयू ऑडिटोरियम में आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान समारोह में शामिल हुए. गरिमामयी समारोह में उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष पर आधारित स्मारिका &amp;ldquo;आपातकाल के योद्धा&amp;rdquo; का विमोचन किया तथा आपातकाल पर आधारित निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम के मुख्य वक्ता इंद्रेश कुमार ने अपने संबोधन में लोकतंत्र, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक जीवन मूल्य है, जिसे समझने और निभाने की जिम्मेदारी प्रत्येक नागरिक की है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;आपातकाल: भारतीय लोकतंत्र की कठिन परीक्षा&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने आपातकाल के दौर को याद करते हुए कहा कि यह समय भारतीय लोकतंत्र के लिए एक कठिन परीक्षा का काल था, जब अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और मौलिक अधिकारों पर गंभीर प्रभाव पड़ा. उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को स्मरण करते हुए कहा कि उन लोगों ने जेल, यातनाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद लोकतांत्रिक आदर्शों को जीवित रखा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;Chhattisgarh: हीरा खनन की तैयारी को मिली नई रफ्तार, बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में ड्रिलिंग को बोर्ड की मंजूरी&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-diamond-mining-project-baloda-belmundi-diamond-block-drilling-approved-commercial-mining-3151648&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;Chhattisgarh: हीरा खनन की तैयारी को मिली नई रफ्तार, बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में ड्रिलिंग को बोर्ड की मंजूरी&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;इतिहास से सीख और युवाओं से आह्वान&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्य वक्ता वक्ता इंद्रेश कुमार ने कहा कि इतिहास को याद रखना केवल अतीत को जानना नहीं है, बल्कि उससे सीख लेकर भविष्य को बेहतर बनाना है. उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश की एकता, अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करें तथा नशामुक्त और स्वच्छ समाज के निर्माण में योगदान दें. उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक विरासत और मूल्यों ने हमेशा समाज को जोड़ने का कार्य किया है और इन्हीं मूल्यों के आधार पर देश - दुनिया में अपनी पहचान को और मजबूत कर सकता है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने युवाओं से &amp;ldquo;राष्ट्र प्रथम&amp;rdquo; की भावना को जीवन में अपनाने की अपील करते हुए कहा कि राष्ट्र, ज्ञान और धर्म प्रथम की भावना ही भारत की वास्तविक शक्ति है. उन्होंने आगे कहा कि अयोध्या सृष्टि का वह स्थान है जो सदैव पूजनीय रहेगा और सत्य व धर्म के मार्ग पर चलते हुए हमें राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना होगा.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री का संबोधन: आने वाली पीढ़ी को सचेत करना उद्देश्य&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह कालखंड है जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता. उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग और जेल जीवन की कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए अभूतपूर्व योगदान दिया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सीएम साय ने कहा कि ऐसे आयोजनों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को सचेत करना है ताकि वे समझ सकें कि स्वतंत्रता और लोकतंत्र कितनी बड़ी कुर्बानियों के बाद प्राप्त हुए हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती हमेशा से संघर्ष, संस्कृति और परंपरा की भूमि रही है, जहां लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति गहरी आस्था रही है. उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ी को इतिहास से अवगत कराने के लिए इस विषय को पाठ्यक्रम में शामिल करना प्रशंसनीय पहल है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;मुख्यमंत्री ने साझा कीं आपातकाल के दौर की पारिवारिक स्मृतियां&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने पारिवारिक संदर्भ का उल्लेख करते हुए कहा कि उस दौर में अनेक परिवारों ने कठिन परिस्थितियों का सामना किया. उन्होंने कहा कि मेरे बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि साय 19 महीनों तक जेल में रहे और इन परिवारों की पीड़ा को करीब से देखा है. उस दौर में जब घर के मुखिया को जेल में डाल दिया जाता था, तब लोकतंत्र सेनानियों के परिवार पर जीवन निर्वाह का संकट आ गया था. साय ने कहा कि इस कठिन समय में स्वयंसेवक भेष बदलकर लोकतंत्र सेनानियों के परिवार को अनाज पहुंचाने का काम करते थे ताकि कोई भूखा न रहे. उन्होंने उस दौर से जुड़ी कई और स्मृतियां भी साझा की और सभी लोकतंत्र सेनानियों का पुण्य स्मरण किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि कहा कि 1975 का आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती था. उन्होंने प्रेस सेंसरशिप, मौलिक अधिकारों के निलंबन और संविधान संशोधनों का उल्लेख करते हुए कहा कि यह समय लोकतंत्र की मजबूती और जागरूकता का प्रतीक बनकर सामने आया. आपातकाल हमें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति सदैव सजग रहने की प्रेरणा देता है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य अतिथि&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू, राज्यसभा सांसद लक्ष्मी वर्मा, पूर्व राज्यसभा सदस्य एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष लोकतंत्र सेनानी संघ कैलाश सोनी, विधायक मोतीलाल साहू, विधायक गोमती साय, भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष संजय वास्तव, सीजीएमएससी के चेयरमैन दीपक म्हस्के, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, महामण्डलेश्वर अजय रामदास, अखिलेश सोनी, लोकतंत्र सेनानी संघ के प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर तिवारी, लोकतंत्र सेनानी संघ के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सच्चिदानंद उपासने समेत अनेक प्रबुद्धजन तथा लोकतंत्र सेनानी और उनके परिजन मौजूद रहे.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;निबंध प्रतियोगिता (विद्यालय स्तर) के विजेताओं का सम्मान&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;कार्यक्रम के दौरान आपातकाल स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को भी सम्मानित किया गया. प्रतियोगिता में प्रदेशभर से 540 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया. विद्यालय स्तर पर &quot;आपातकाल कभी विस्मृत न हो&quot; विषय पर आयोजित प्रतियोगिता में जे.आर. दानी गर्ल्स स्कूल, रायपुर की जागृति जांगड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 31 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;निबंध प्रतियोगिता (महाविद्यालय स्तर) के विजेता और युवाओं की सराहना&lt;/strong&gt;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विवेकानंद विद्यापीठ, कोरबा के सूरज तांडिया को द्वितीय तथा अग्रसेन इंटरनेशनल स्कूल, दुर्ग के अंश देशमुख तृतीय स्थान पर रहे. वहीं महाविद्यालय स्तर पर &quot;25 जून : संविधान हत्या दिवस&quot; विषय पर आयोजित निबंध प्रतियोगिता में रायपुर की सुकल्याणी पटले प्रथम, रायगढ़ की सीमा साव द्वितीय तथा दुर्ग की सुखुशबू तृतीय स्थान पर रहीं. मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को स्मृति चिन्ह एवं प्रोत्साहन राशि प्रदान करते हुए लोकतंत्र और संविधान के प्रति जागरूकता बढ़ाने में युवाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;अवैध खनन पर साय सरकार का जीरो टॉलरेंस, जुर्माना बढ़ने के साथ और सख्त हुई कार्रवाई&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/illegal-mining-fines-increased-and-enforcement-tightened-in-chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-3150314&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;अवैध खनन पर साय सरकार का जीरो टॉलरेंस, जुर्माना बढ़ने के साथ और सख्त हुई कार्रवाई&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/28/53a3b5daa0e2f9a2445cd397dbff2b991782656326322694_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Chhattisgarh: हीरा खनन की तैयारी को मिली नई रफ्तार, बलौदा-बेलमुंडी ब्लॉक में ड्रिलिंग को बोर्ड की मंजूरी]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-diamond-mining-project-baloda-belmundi-diamond-block-drilling-approved-commercial-mining-3151648</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-diamond-mining-project-baloda-belmundi-diamond-block-drilling-approved-commercial-mining-3151648#respond</comments><pubDate>Sat, 27 Jun 2026 20:17:40 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-diamond-mining-project-baloda-belmundi-diamond-block-drilling-approved-commercial-mining-3151648</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में हीरा खनन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) के निदेशक मंडल की नई दिल्ली में हुई बैठक में महासमुंद जिले के बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में परियोजना के अगले चरण को मंजूरी दे दी गई. इसके तहत अब यहां लार्ज डायमीटर ड्रिलिंग शुरू की जाएगी. माना जा रहा है कि यह प्रक्रिया इलाके में हीरे के वास्तविक भंडार का वैज्ञानिक आकलन करने और भविष्य में व्यावसायिक हीरा खनन शुरू करने की दिशा में सबसे अहम चरण साबित होगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;समय पर पूरे होंगे सभी तकनीकी कार्य&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बैठक में निदेशक मंडल ने परियोजना की अब तक की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि प्रॉस्पेक्टिंग लाइसेंस की अवधि के भीतर सभी तकनीकी कार्य तय समय में पूरे किए जाएं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;अवैध खनन पर साय सरकार का जीरो टॉलरेंस, जुर्माना बढ़ने के साथ और सख्त हुई कार्रवाई&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/illegal-mining-fines-increased-and-enforcement-tightened-in-chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-3150314&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;अवैध खनन पर साय सरकार का जीरो टॉलरेंस, जुर्माना बढ़ने के साथ और सख्त हुई कार्रवाई&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बड़े व्यास की ड्रिलिंग से किम्बरलाइट पाइप में मौजूद हीरे के भंडार का सटीक आकलन किया जाएगा. इसके बाद विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार होगी, जिसके आधार पर व्यावसायिक हीरा खदान विकसित करने पर अंतिम फैसला लिया जाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बैठक में अमिताभ मुखर्जी, आशीष चटर्जी, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, खनिज विभाग के सचिव पी. दयानंद, छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के प्रबंध संचालक रजत बंसल, उपेंद्र कुमार और विनय कुमार मौजूद रहे.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;Chhattisgarh Hit and Run | Abp Report:ट्रक का 'मौत का तांडव'! 60 किमी तक पुलिस को रौंदता रहा आरोपी!&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/cYopkytcrkE&quot; width=&quot;838&quot; height=&quot;471&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;5 प्राकृतिक हीरों की हो चुकी है पुष्टि&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड (एनसीएल) भारत सरकार के उपक्रम एनएमडीसी लिमिटेड 51 प्रतिशत और छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन 49 प्रतिशत का संयुक्त उपक्रम है. कंपनी अब तक लौह अयस्क परियोजनाओं पर काम करती रही है, लेकिन बलौदा-बेलमुंडी में प्राकृतिक हीरों की पुष्टि के बाद अब बहु-खनिज विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एनसीएल ने स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय सर्वेक्षण और लक्षित ड्रिलिंग के जरिए किम्बरलाइट पाइप की पहचान की. इसके बाद करीब 200 टन बल्क सैंपल का परीक्षण एनएमडीसी के पन्ना डायमंड प्रोसेसिंग प्लांट में किया गया, जहां 1.22 कैरेट वजन के पांच प्राकृतिक हीरे मिले. इससे इस क्षेत्र में हीरा युक्त भू-संरचना की वैज्ञानिक पुष्टि हो चुकी है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;देश के लिए महत्वपूर्ण बन सकती है परियोजना&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बोत्सवाना, दक्षिण अफ्रीका, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे प्रमुख हीरा उत्पादक देशों के अनुभव बताते हैं कि शुरुआती चरण में इस तरह की सफलता भविष्य में बड़े व्यावसायिक भंडार मिलने का संकेत हो सकती है. यही वजह है कि बलौदा-बेलमुंडी परियोजना को सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज परियोजना माना जा रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बैठक में राज्य की दूसरी प्रमुख लौह अयस्क परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई. बैलाडीला डिपॉजिट-4 में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान 10 लाख टन उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है, जिसे आगे बढ़ाकर 70 लाख टन प्रतिवर्ष किया जाएगा. वहीं बैलाडीला डिपॉजिट-13 को एक करोड़ टन वार्षिक क्षमता के साथ विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पर्यावरण और स्थानीय विकास पर रहेगा जोर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बैठक में दोहराया गया कि सभी परियोजनाओं में पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक खनन, जल संरक्षण, अपशिष्ट प्रबंधन और स्थानीय समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;छत्तीसगढ़ में हीरे की बड़ी खोज: महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में 5 हीरे मिले, 1.22 कैरेट वजन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-mahasamund-diamond-discovery-balda-belmundi-cm-vishnu-dev-say-3149423&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में हीरे की बड़ी खोज: महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में 5 हीरे मिले, 1.22 कैरेट वजन&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष निदेशक श्री सौरभ सिंह ने कहा कि &quot;खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और उद्योगों का संतुलित विकास देश की आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है. बलौदा-बेलमुंडी की हीरा परियोजना छत्तीसगढ़ को देश के प्रमुख हीरा उत्पादक राज्यों की श्रेणी में स्थापित करने की दिशा में ऐतिहासिक साबित हो सकती है.&quot;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/27/ba00430f9e8938bc76173aa56d3490bc17825683051931278_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[अवैध खनन पर साय सरकार का जीरो टॉलरेंस, जुर्माना बढ़ने के साथ और सख्त हुई कार्रवाई]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/illegal-mining-fines-increased-and-enforcement-tightened-in-chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-3150314</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/illegal-mining-fines-increased-and-enforcement-tightened-in-chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-3150314#respond</comments><pubDate>Thu, 25 Jun 2026 00:26:06 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/illegal-mining-fines-increased-and-enforcement-tightened-in-chhattisgarh-vishnu-deo-sai-government-3150314</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन और भंडारण करने वालों के खिलाफ पहले से कहीं अधिक सख्त कार्रवाई होगी. मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की पहल और उनके सख्त प्रशासनिक रुख के तहत राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में व्यापक संशोधन किया है. मंत्रिपरिषद की मंजूरी के बाद नए नियम लागू हो गए हैं. इन बदलावों का उद्देश्य अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाना, राजस्व बढ़ाना और खनिज संसाधनों का वैज्ञानिक एवं पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित करना है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;समझौता राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सबसे बड़ा बदलाव अवैध खनिज परिवहन और उत्खनन पर लगने वाले जुर्माने में किया गया है. अब किसी भी मामले में समझौता राशि 25 हजार रुपये से कम नहीं होगी. अवैध परिवहन के मामलों में प्रति टन 2 हजार रुपये की दर से समझौता शुल्क देना होगा. इसके अलावा अवैध रूप से ले जाए जा रहे खनिज का पूरा मूल्य भी अलग से वसूला जाएगा. उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन 35 टन खनिज का अवैध परिवहन करता है, तो उसे केवल प्रशमन शुल्क के रूप में 70 हजार रुपये और खनिज का मूल्य अलग से देना होगा. वहीं ट्रैक्टर से अवैध रेत परिवहन करने पर भी न्यूनतम 25 हजार रुपये का प्रशमन शुल्क तथा रेत का मूल्य देना अनिवार्य होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अवैध खनन में पकड़े गए वाहन पर भी सख्ती&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवैध खनन में पकड़े गए वाहन आसानी से दोबारा अपराध में इस्तेमाल न हो सकें. अब जब्त वाहन, मशीन या अन्य सामग्री की सुपुर्दगी से पहले संबंधित न्यायालय में वाहन के प्रकार के अनुसार 50 हजार रुपये से लेकर 3 लाख रुपये तक की सुरक्षा राशि जमा करनी होगी. इसके बाद ही वाहन सुपुर्द किया जा सकेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार ने विकास कार्यों को गति देने के लिए उत्खनन अनुज्ञापत्र के नियम भी आसान बनाए हैं. शासकीय निर्माण कार्यों के लिए उत्खनन क्षेत्र की सीमा 1 हेक्टेयर से बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है, जबकि अनुज्ञापत्र की अवधि 2 वर्ष से बढ़ाकर 3 वर्ष कर दी गई है. इससे निर्माण कार्यों के लिए पर्याप्त खनिज उपलब्ध होगा और व्यवस्थित खनन को बढ़ावा मिलेगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना &lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;खनिजों के वैज्ञानिक अन्वेषण और आधारभूत संरचना के विकास के लिए छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025 की स्थापना भी की गई है. अब गौण खनिजों से प्राप्त रॉयल्टी का 2 प्रतिशत इस न्यास में जमा होगा, जिससे हर वर्ष लगभग 5.25 करोड़ रुपये अतिरिक्त प्राप्त होने का अनुमान है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सरकार ने खनन पट्टों के समामेलन की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है. इससे अलग-अलग प्रकार से स्वीकृत पट्टों के एकीकरण में आ रही व्यवहारिक कठिनाइयां दूर होंगी और शासन को प्रीमियम राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;निर्माण विभागों में खनिज रॉयल्टी कटौती की व्यवस्था को भी एक समान बनाया गया है. अब सभी विभाग खनिज की कीमत के साथ रॉयल्टी, डीएमएफ, पर्यावरण उपकर, अधोसंरचना उपकर और सुरक्षा के तौर पर अतिरिक्त राशि निर्धारित नियमों के अनुसार काटेंगे. खनिज विभाग से रॉयल्टी क्लीयरेंस मिलने पर यह राशि वापस कर दी जाएगी, अन्यथा विभाग इसे खनिज मद में जमा करेगा. इससे अवैध स्रोतों से खनिज के उपयोग पर भी प्रभावी रोक लगेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;जिला पंचायतों को भी हिस्सा मिलेगा&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के तहत गौण खनिज से मिलने वाले राजस्व का लाभ अब केवल नगरीय निकायों, ग्राम पंचायतों और जनपद पंचायतों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिला पंचायतों को भी इसका हिस्सा मिलेगा. करीब 30 वर्षों बाद खदानों के डेड रेंट (अनिवार्य भाटक) की दरों में भी बढ़ोतरी की गई है. राज्य में 1900 से अधिक गौण खनिज खदानें हैं, जिनमें बड़ी संख्या में खदानें वर्षों से बंद पड़ी हैं. सरकार का मानना है कि बढ़े हुए डेड रेंट से केवल गंभीर पट्टाधारी ही खदानों का संचालन करेंगे. जो खदानें संचालित नहीं होंगी, वे समर्पित होकर दोबारा नीलामी के लिए उपलब्ध हो सकेंगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की इस पहल को अवैध खनन के खिलाफ सरकार के जीरो टॉलरेंस और सख्त प्रशासनिक रुख का बड़ा सख्त कदम माना जा रहा है. नए नियमों से एक ओर अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगेगा, वहीं राज्य के राजस्व में वृद्धि, पारदर्शिता और खनिज संसाधनों के बेहतर प्रबंधन को भी मजबूती मिलेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;छत्तीसगढ़ में हीरे की बड़ी खोज: महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में 5 हीरे मिले, 1.22 कैरेट वजन&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-mahasamund-diamond-discovery-balda-belmundi-cm-vishnu-dev-say-3149423&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में हीरे की बड़ी खोज: महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में 5 हीरे मिले, 1.22 कैरेट वजन&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/25/cc281a8f248bf16c74c7d9b8ba18430d1782327317325129_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़ में हीरे की बड़ी खोज: महासमुंद के बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में 5 हीरे मिले, 1.22 कैरेट वजन]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-mahasamund-diamond-discovery-balda-belmundi-cm-vishnu-dev-say-3149423</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-mahasamund-diamond-discovery-balda-belmundi-cm-vishnu-dev-say-3149423#respond</comments><pubDate>Tue, 23 Jun 2026 14:32:53 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ पीटीआई- भाषा ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-mahasamund-diamond-discovery-balda-belmundi-cm-vishnu-dev-say-3149423</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में वैज्ञानिक अन्वेषण के दौरान हीरे मिलने की पुष्टि हो गई है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. महासमुंद जिले के सरायपाली क्षेत्र अंतर्गत बलौदा-बेलमुंडी डायमंड ब्लॉक में एनएमडीसी-सीएमडीसी लिमिटेड द्वारा किए गए खोज में पांच हीरे मिले हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अधिकारियों ने बताया कि 200 टन बल्क सैंपल के परीक्षण और प्रसंस्करण के बाद कुल 1.22 कैरेट वजन के पांच हीरे मिले हैं. इनमें दो जेम क्वालिटी (रत्न योग्य) व तीन अन्य श्रेणी के हीरे शामिल हैं. बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र में स्ट्रीम सेडिमेंट सैंपलिंग, भू-भौतिकीय अध्ययन और अन्वेषण ड्रिलिंग के आधार पर यह सफलता हासिल की गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-electricity-rate-hike-domestic-commercial-farmers-pump-per-unit-bill-increase-from-july-1-3145838&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी, घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर बढ़ा भार, 1 जुलाई से ये होंगी नई दरें&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;हीरों को कड़ी सुरक्षा के साथ एनएमडीसी के पन्ना स्थित स्ट्रांग रूम में रखा गया है. आगे की कार्यवाही वैज्ञानिक मानकों के अनुरूप की जाएगी.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का बयान&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि को छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत उत्साहजनक बताते हुए कहा कि यह प्रदेश की आर्थिक क्षमता और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक दोहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. साय ने कहा, &amp;ldquo;छत्तीसगढ़ पहले से ही लौह अयस्क, कोयला, बॉक्साइट और चूना पत्थर का प्रमुख उत्पादक राज्य है. अब हीरा संभावनाओं की पुष्टि से खनिज विविधता और अधिक समृद्ध होगी व खनिज अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी.&amp;rdquo;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;खनिज आधारित उद्योगों पर जोर&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने साफ किया कि राज्य सरकार की नीति केवल खनिज उत्खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि खनिज आधारित उद्योगों, मूल्य संवर्धन इकाइयों और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर केंद्रित है. उन्होंने विश्वास जताया कि बलौदा-बेलमुंडी क्षेत्र से प्राप्त यह सफलता प्रदेश की खनिज क्षमता को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएगी और निवेश, रोजगार तथा समावेशी विकास के नए द्वार खोलेगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रारंभिक सफलता भविष्य के विस्तृत खोज के लिए मजबूत आधार प्रदान करेगी. इस खोज से छत्तीसगढ़ अब हीरा उत्पादक राज्यों की सूची में शामिल होने की राह पर है. अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र की भूगर्भीय संरचना और संसाधन क्षमता का और गहन अध्ययन किया जाएगा. आने वाले समय में अन्य संभावित क्षेत्रों में भी खोज कार्य तेज किए जाएंगे. यह खोज छत्तीसगढ़ की खनिज संपदा को नई ऊंचाई देने वाली साबित हो सकती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-resort-young-woman-death-ann-3149095&quot;&gt;छत्तीसगढ़: राजनांदगांव के रिसॉर्ट में 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध मौत, पुलिस ने शुरू की जांच&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/23/7bd5f8e7026deaadc80d31b99cd0f0ad17822005518001443_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़: राजनांदगांव के रिसॉर्ट में 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध मौत, पुलिस ने शुरू की जांच]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-resort-young-woman-death-ann-3149095</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-resort-young-woman-death-ann-3149095#respond</comments><pubDate>Tue, 23 Jun 2026 00:02:30 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-rajnandgaon-resort-young-woman-death-ann-3149095</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजनांदगांव जिले के मनगटा स्थित व्हिसलिंग वुड्स रिसॉर्ट में एक 24 वर्षीय युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई है. मृतका की पहचान मुस्कान तिवारी के रूप में हुई है, जो भिलाई-3 की निवासी थी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पुलिस के अनुसार, बीती रात रिसॉर्ट में 6-7 युवक और 2 युवतियां ठहरी हुई थीं. इसी दौरान मुस्कान तिवारी की तबीयत बिगड़ गई और उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. घटना की सूचना मिलते ही रिसॉर्ट परिसर में हड़कंप मच गया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-cm-vishnu-deo-sai-yoga-day-ambikapur-medical-education-department-decision-ann-3148625&quot;&gt;अम्बिकापुर में CM साय ने किया योगाभ्यास, कहा- योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एएसपी की टीम ने शुरू की पूछताछ&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर ने बताया कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया है. मौके पर मौजूद सभी युवकों और युवतियों से पूछताछ की जा रही है. फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) और क्राइम ब्रांच की टीम ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/9cB_3aN-mv0?si=zpddTJuv_vRglcv7&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मौत के कारणों की जांच जारी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पुलिस ने प्रारंभिक जांच में कोई स्पष्ट संकेत नहीं पाए हैं. एएसपी राठौर ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा. फिलहाल सभी पहलुओं पर गहन जांच की जा रही है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस उच्चाधिकारियों ने निगरानी बढ़ा दी है. स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है. पुलिस का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-electricity-rate-hike-domestic-commercial-farmers-pump-per-unit-bill-increase-from-july-1-3145838&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी, घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर बढ़ा भार, 1 जुलाई से ये होंगी नई दरें&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/22/6d95285c81794b78232d8681bc5b7dd917821306565051443_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[अम्बिकापुर में CM साय ने किया योगाभ्यास, कहा- योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-cm-vishnu-deo-sai-yoga-day-ambikapur-medical-education-department-decision-ann-3148625</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-cm-vishnu-deo-sai-yoga-day-ambikapur-medical-education-department-decision-ann-3148625#respond</comments><pubDate>Sun, 21 Jun 2026 18:36:28 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/cg-cm-vishnu-deo-sai-yoga-day-ambikapur-medical-education-department-decision-ann-3148625</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम में हजारों नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ योगाभ्यास किया. इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि योग भारत की सनातन ऋषि परंपरा का अमूल्य उपहार है, जिसने आज संपूर्ण विश्व को स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का मार्ग दिखाया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है, जो व्यक्ति को आत्मबल, अनुशासन, सकारात्मक ऊर्जा और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण प्रदान करती है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने कहा कि इस वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम &amp;ldquo;स्वस्थ आयु के लिए योग&amp;rdquo; वर्तमान समय की आवश्यकता को प्रतिबिंबित करती है. तेजी से बदलती जीवनशैली, बढ़ते तनाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के बीच योग प्रत्येक आयु वर्ग के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का सबसे सरल और प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है. नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्रिय, मानसिक रूप से सजग और भावनात्मक रूप से संतुलित बनाए रखता है. उन्होंने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति ही स्वस्थ परिवार, स्वस्थ समाज और विकसित राष्ट्र की आधारशिला होता है, इसलिए योग को केवल एक आयोजन तक सीमित न रखकर जीवन का हिस्सा बनाना होगा.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री &amp;nbsp;नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सतत प्रयासों से योग को वैश्विक पहचान मिली है. वर्ष 2014 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारत द्वारा रखे गए प्रस्ताव को रिकॉर्ड समय में व्यापक समर्थन प्राप्त होना इस बात का प्रमाण है कि विश्व ने भारतीय ज्ञान परंपरा और योग की उपयोगिता को स्वीकार किया है. आज 21 जून को पूरी दुनिया जिस उत्साह से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है, वह भारत की सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक नेतृत्व का गौरवशाली उदाहरण है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री साय ने कहा कि योग स्वास्थ्य और आरोग्य की ऐसी विश्वसनीय साधना है, जो जीवन के हर चरण में व्यक्ति का मार्गदर्शन करती है. योग शरीर को निरोग, मन को शांत और विचारों को सकारात्मक बनाता है. मधुमेह, उच्च रक्तचाप, तनाव, अनिद्रा और मोटापे जैसी जीवनशैली जनित समस्याओं से बचाव में योग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रहा है. उन्होंने कहा कि आधुनिक चिकित्सा विज्ञान भी आज योग की उपयोगिता को स्वीकार कर रहा है और इसे बेहतर स्वास्थ्य के महत्वपूर्ण आधार के रूप में देख रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने भारतीय आध्यात्मिक परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि महर्षि पतंजलि ने योग को व्यवस्थित एवं वैज्ञानिक स्वरूप प्रदान किया. भगवान शिव को आदियोगी के रूप में स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक चेतना में योग सदियों से जीवन का अभिन्न अंग रहा है. भगवान कृष्ण ने भी मद्भगवद्गीता के माध्यम से कर्मयोग, ज्ञानयोग और भक्तियोग का संदेश देकर संतुलित और उद्देश्यपूर्ण जीवन का मार्ग प्रशस्त किया.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री &amp;nbsp;साय ने कहा कि राज्य सरकार योग के व्यापक विस्तार और संस्थागत विकास के लिए प्रतिबद्ध है. इसी उद्देश्य से योग विषय को समाज कल्याण विभाग से चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन लाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. उन्होंने कहा कि योग आयुष पद्धति का महत्वपूर्ण अंग है और इस निर्णय से योग शिक्षा, प्रशिक्षण, अनुसंधान तथा जनजागरूकता गतिविधियों को नई दिशा और गति मिलेगी. राज्य सरकार का लक्ष्य योग को गांव-गांव, स्कूलों, कॉलेजों और समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है ताकि स्वस्थ जीवनशैली को जनआंदोलन का स्वरूप दिया जा सके.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि वे योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं. विद्यालयों में योग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं, बल्कि एकाग्रता, आत्मविश्वास, अनुशासन और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है. उन्होंने कहा कि जो लोग अब तक योग से नहीं जुड़ पाए हैं, वे आज से इसकी शुरुआत करें, क्योंकि जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए कोई भी समय देर नहीं होता.&lt;/p&gt;
&lt;blockquote class=&quot;twitter-tweet&quot;&gt;
&lt;p dir=&quot;ltr&quot; lang=&quot;hi&quot;&gt;योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि संतुलित, अनुशासित और सकारात्मक जीवनशैली का आधार भी है।&lt;br /&gt;&lt;br /&gt;अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज प्रदेशवासियों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, समाज में जागरूकता बढ़ाने तथा युवाओं को नकारात्मक प्रवृत्तियों एवं व्यसनों से दूर रखने का संकल्प&amp;hellip; &lt;a href=&quot;https://t.co/UKCS6AXceP&quot;&gt;pic.twitter.com/UKCS6AXceP&lt;/a&gt;&lt;/p&gt;
&amp;mdash; Vishnu Deo Sai (@vishnudsai) &lt;a href=&quot;https://x.com/vishnudsai/status/2068585236305416223?ref_src=twsrc%5Etfw&quot;&gt;June 21, 2026&lt;/a&gt;&lt;/blockquote&gt;
&lt;p&gt;
&lt;script src=&quot;https://platform.x.com/widgets.js&quot; async=&quot;&quot; charset=&quot;utf-8&quot;&gt;&lt;/script&gt;
&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री साय ने छत्तीसगढ़ योग आयोग के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए कहा कि प्रदेश में योग के प्रचार-प्रसार में उनका योगदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा. उन्होंने कहा कि योग को घर-घर तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी. मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आयोग प्रदेश में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने जनजातीय युवाओं की शिक्षा और भविष्य को लेकर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया. उन्होंने बताया कि दिल्ली स्थित ट्राइबल यूथ हॉस्टल में सीटों की संख्या 50 से बढ़ाकर 200 की गई है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं. हाल ही में जनजातीय वर्ग के 13 युवाओं द्वारा यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण किया जाना पूरे प्रदेश के लिए गौरव का विषय है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराकर उन्हें देश और समाज के नेतृत्व के लिए तैयार कर रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व- श्याम बिहारी जायसवाल&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ब्रह्ममुहूर्त का विशेष महत्व है और इसी समय योगाभ्यास करना सबसे अधिक लाभकारी माना गया है. उन्होंने कहा कि योग भारत की प्राचीन धरोहर है, जिसे प्रधानमंत्री &amp;nbsp;नरेन्द्र मोदी के प्रयासों से वैश्विक प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस अवसर पर विधायक &amp;nbsp;प्रबोध मिंज, विधायक &amp;nbsp;रामकुमार टोप्पो, छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष &amp;nbsp;संजय अग्रवाल, गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष &amp;nbsp;अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष &amp;nbsp;विश्व विजय सिंह तोमर, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष &amp;nbsp;राम किशुन सिंह, सरगुजा संभाग के कमिश्नर &amp;nbsp;नरेंद्र दुग्गा, आईजी &amp;nbsp;दीपक झा, आयुष विभाग के संचालक &amp;nbsp;राजेंद्र कुमार कटारा सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और नागरिक उपस्थित थे.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/21/7081f32dc208227efebf0237cb8d7e0d1782046699033694_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[AI बेस्ड मॉनिटरिंग, CCTV और पुलिस का कड़ा पहरा, NEET एग्जाम को लेकर ऐसे हैं सुरक्षा के इंतजाम]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/neet-re-exam-nta-today-security-managements-ai-base-monitoring-cctv-police-force-deployed-at-centres-lucknow-jaipur-patna-bhopal-ann-3148436</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/neet-re-exam-nta-today-security-managements-ai-base-monitoring-cctv-police-force-deployed-at-centres-lucknow-jaipur-patna-bhopal-ann-3148436#respond</comments><pubDate>Sun, 21 Jun 2026 11:43:22 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/neet-re-exam-nta-today-security-managements-ai-base-monitoring-cctv-police-force-deployed-at-centres-lucknow-jaipur-patna-bhopal-ann-3148436</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पेपर लीक की घटना के बाद देशभर में रविवार (21 जून) को नीट 2026 की दोबारा परीक्षा होने जा रही है. इस परीक्षा में देशभर के 22 लाख छात्र बैठेंगे. यह परीक्षा दोपहर 2:00 बजे से शुरू होगी और शाम 5:15 बजे तक खत्म होगी. इसके लिए लगभग 3 घंटे 15 मिनट का समय निर्धारित किया गया है. छात्रों को परीक्षा केंद्र पर समय से रिपोर्ट करना होता है और परीक्षा केंद्रों के गेट 1:30 बजे सख्ती से बंद कर दिए जाते हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अब इस परीक्षा को लेकर एनटीए की तरफ से देश के अलग-अलग राज्यों में सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता की जा रही है. यूपी, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान में प्रशासन द्वारा कड़ी तैयारी की गई है. पेपर के लिए AI बेस्ड मॉनिटरिंग सिस्टम लगाया गया है. साथ ही CCTV और पुलिस का कड़ा पहरा रखा जा रहा है. NEET एग्जाम को लेकर सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;&lt;iframe title=&quot;YouTube video player&quot; src=&quot;https://www.youtube.com/embed/3E6d6-VJ35Y?si=ekU5WiyvZsuC9b5P&quot; width=&quot;560&quot; height=&quot;315&quot; frameborder=&quot;0&quot; allowfullscreen=&quot;allowfullscreen&quot;&gt;&lt;/iframe&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यूपी के &lt;a title=&quot;लखनऊ&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/lucknow&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;लखनऊ&lt;/a&gt; में कैसी है व्यवस्था&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;री नीट परीक्षा को लेकर परीक्षा केंद्रों के बाहर अभ्यर्थी जुटना शुरू हो गए हैं. अभ्यर्थियों का आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन, फेस पहचान और लाइव फोटो ली जाएगी. परीक्षा से पहले 4 स्तर पर जांच होगी. मोबाइल, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरणों पर बैन रहेगा. परीक्षा सेंटर पर सीसीटीवी, AI आधारित निगरानी उड़न दस्ते और सिगनल जैमर तैनात रहेंगे.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस बार परीक्षा अवधि बढ़ाकर 195 मिनट की गई है. छात्र समय से पहले बाहर नहीं निकल सकेंगे. प्रश्न पत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को इंटरनेट और मोबाइल से अलग सुरक्षित कमरों में रखा गया है. प्रश्न पत्रों के परिवहन के समय सुरक्षाकर्मी शस्त्र के साथ तैनात रहेंगे. प्रश्न पत्रों की प्रिंटिंग सीसीटीवी की निगरानी में हुई है. साथ ही हर पेपर पर पहचान चिन्ह रहेगा. इसके अलावा ओएमआर शीट सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में मूल्यांकन केंद्र तक पहुंचाई जाएंगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;ग्रेटर &lt;a title=&quot;नोएडा&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/noida-news&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;नोएडा&lt;/a&gt; में कड़ी सुरक्षा के बीच 21 जून को गौतमबुद्ध नगर के 23 केंद्रों पर नीट परीक्षा होगी. नकल विहीन कराने के लिए जिला प्रशासन ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है. शासन के निर्देश पर इस बार परीक्षा केंद्रों पर पुलिस के साथ प्राइवेट सुरक्षा एजेंसी को भी तैनात किया गया है. जिले में करीब 400 पुलिसकर्मी की निगरानी में परीक्षा होगी. इसके अलावा हर जोन में डीसीपी, एडीसीपी, एसीपी और कोतवाली प्रभारी भी निगरानी करेंगे. वहीं 23-23 स्टेटिक मजिस्ट्रेट और सेक्टर मजिस्ट्रेट की टीम तैनात रहेगी.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बिहार में ऐसी हैं तैयारियां&amp;nbsp;&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;नीट परीक्षा के प्रश्न पत्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच बापू परीक्षा केंद्र लाया गया है. बापू परीक्षा परिसर देश का सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र है. जिस पर अभ्यर्थियों का पहुंचना शुरू हो गया है. बिहार के 35 शहरों में 331 परीक्षा केंद्र पर री नीट की परीक्षा आयोजित होगी. इसमें बापू परीक्षा परिसर में 1 लाख 56 हजार 61 परीक्षार्थी शामिल होंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पटना में 95 परीक्षा केंद्रों पर 46 हजार 29 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे. एग्जाम से पहले बापू परीक्षा केंद्र को हाई-सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया है. किसी भी धांधली को रोकने के लिए जैमर और सीसीटीवी लगाए गए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पेपर से पहले अभिभावकों, अभ्यर्थियों में आक्रोश है. वे सभी डरे हुए हैं. सवाल पूछ रहे हैं कि इस बार भी पेपर लीक नहीं होगा इसकी क्या गारंटी है. NTA इन सब के लिए जिम्मेदार है. यह भी कहना है कि फ्री बस सेवा, स्पेशल ट्रेनें बस नाम के लिए चल रही, अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए व्यवस्था नहीं है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में 45 हजार बच्चे देंगे परीक्षा&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में 45 हज़ार कैंडिडेट Neet-UG 2026 की दोबारा परीक्षा देंगे. जिसके लिए प्रदेश भर में 127 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. परीक्षा देने वाले कैंडिडेट्स में 28 हज़ार 100 छात्र छत्तीसगढ़ राज्य के हैं. इसके अलावा राजधानी रायपुर में करीब 25 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित होगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;परीक्षा केंद्रों पर रिपोर्टिंग टाइम सुबह 11:00 बजे निर्धारित किया गया है. बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और फ्रिस्किंग शुरू होगी. परीक्षा केंद्र पर छात्रों को दोपहर 1:30 बजे तक प्रवेश मिल सकेगा. दिव्यांग अभ्यर्थियों को 65 मिनट अतिरिक्त समय दिया जाएगा.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मध्य प्रदेश के भोपाल में इस तरह हैं इंतजाम&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मध्य प्रदेश के भोपाल में भी परीक्षा के मद्देनजर कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. &amp;lrm;अभ्यर्थियों को टाइम टेबल एवं निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है. &amp;lrm;परीक्षा केंद्र में प्रवेश का अंतिम समय दोपहर 1:30 बजे है. मोबाइल फोन सहित इलेक्ट्रॉनिक उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे. &amp;lrm;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/photo-gallery/states/maharashtra-international-yoga-day-2026-cm-bhajan-lal-sharma-devendra-fadnavis-samrat-choudhary-pushkar-singh-dhami-yogi-adityanath-3148405&quot;&gt;&lt;strong&gt;CM योगी से लेकर देवेंद्र फडणवीस तक, योग दिवस पर इन मुख्यमंत्रियों ने किया योगासन, देखें खास तस्वीरें&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अभ्यर्थियों को निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं. &amp;lrm;हल्के रंग के साधारण वस्त्र पहनने तथा मोटे कपड़ों, बड़े बटन, अधिक जेबों वाले परिधानों, आभूषणों, घड़ियों, बेल्ट एवं अन्य प्रतिबंधित वस्तुओं से परहेज करने के निर्देश दिए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;री नीट को लेकर दिल्ली में तैयारियां पूरी&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दिल्ली में नीट री एग्जाम को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. दिल्ली में कुल 97 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं. एग्जाम सेंटर के बाहर पैरेंट्स के लिए कूलिंग जोन बनाया गया है, ताकि गर्मी में पैरेंट्स एसी कूलिंग जोन में बैठकर अपने बच्चे का इंतजार कर सकें.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;एग्जाम सेंटर के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्ध सैनिक बलों को लगाया है. वहीं एग्जाम सेंटर में परीक्षार्थी को क्या लेकर जाना है क्या नहीं, इसका भी नोटिस एग्जाम सेंटर के बाहर लगाया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;राजस्थान में भी सुरक्षा चाक-चौबंद&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;पिंक सिटी जयपुर में रविवार को होने वाली री नीट परीक्षा के लिए 103 सेंटर्स बनाए गए हैं. दोपहर 2:00 बजे से होने वाली परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों का सेंटर पहुंचना शुरू हो गया है. सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं. सभी केंद्रों पर पुलिस का सख्त पहरा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बिना सघन तलाशी के स्कूल स्टाफ को भी अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है. किसी को भी मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं है. सीसीटीवी कैमरों के साथ ही जैमर भी लगाया गया है. बड़े अधिकारी लगातार सेंटर्स का निरीक्षण कर रहे हैं. पेरेंट्स का कहना है कि इस बार व्यवस्थाएं बेहतर हैं. पुलिस का दावा है कि पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;जोधपुर राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) को लेकर जोधपुर शहर में सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं. परीक्षा के निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण संचालन के लिए सभी परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है तथा विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की गई है.&lt;/p&gt;
&lt;p&gt;जोधपुर पुलिस आयुक्त शरद कविराज ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और राज्य सरकार से प्राप्त सभी दिशा-निर्देशों की पूर्ण पालना की जा रही है. परीक्षा प्रक्रिया की निगरानी के लिए विशेष उड़न दस्तों (फ्लाइंग स्क्वॉड) का गठन किया गया है, जो विभिन्न केंद्रों पर लगातार नजर रखेंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/delhi-ncr/neet-ug-2026-re-exam-delhi-exam-centers-security-and-other-arrangements-ann-3148397&quot;&gt;&lt;strong&gt;NEET UG 2026 Re-Exam Timing: दिल्ली में नीट एग्जाम को लेकर सख्त निगरानी, सेंटर्स के बाहर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम&lt;/strong&gt;&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/21/38fcb4e6858b093b357bcde12119a1e017820219476861174_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[बस्तर में 8241 परिवारों को मिला जमीन पर मालिकाना हक, प्रशासन खुद लोगों तक पहुंचा]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/bastar-fauti-namantaran-special-campaign-land-records-updated-cm-vishnu-deo-sai-ann-3148256</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/bastar-fauti-namantaran-special-campaign-land-records-updated-cm-vishnu-deo-sai-ann-3148256#respond</comments><pubDate>Sat, 20 Jun 2026 19:32:36 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ एबीपी स्टेट डेस्क ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/bastar-fauti-namantaran-special-campaign-land-records-updated-cm-vishnu-deo-sai-ann-3148256</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सोचिए, किसी परिवार के मुखिया की मृत्यु हो जाए और वर्षों बाद भी जमीन के सरकारी कागजों में उनका ही नाम दर्ज रहे. ऐसे में परिवार को हर छोटे-बड़े काम के लिए परेशानी उठानी पड़ती है. बस्तर में हजारों परिवारों की यही समस्या थी. अब प्रशासन ने खुद आगे बढ़कर इस परेशानी को दूर करने का काम किया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर जिले में पिछले चार वर्षों के लंबित फौती नामांतरण मामलों को निपटाने के लिए विशेष अभियान चलाया गया. इस अभियान का उद्देश्य था कि जिन लोगों की मृत्यु हो चुकी है, उनकी जमीन के रिकॉर्ड में उनके परिवार के सही वारिसों का नाम दर्ज किया जाए.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस काम की शुरुआत गांवों से हुई. ग्राम सचिवों ने पिछले चार वर्षों में मृत्यु को प्राप्त लोगों की सूची तैयार की. इसके बाद पटवारियों ने उन लोगों की पहचान की जिनके नाम पर जमीन दर्ज थी और जिनके मामलों में फौती नामांतरण की जरूरत थी. कोटवारों ने गांव स्तर पर जानकारी का सत्यापन किया और तहसीलदारों ने पूरे अभियान की निगरानी की.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;अभियान के दौरान बस्तर जिले के 611 गांवों से जानकारी जुटाई गई. ग्राम सचिवों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिछले चार वर्षों में 17,405 लोगों की मृत्यु दर्ज हुई थी. इनमें से 8,651 ऐसे मामले मिले जिनमें फौती नामांतरण की आवश्यकता थी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इसके बाद ग्राम सचिव, पटवारी और कोटवार की संयुक्त टीम ने घर-घर जाकर ,जिन परिवारों के पास मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं था, उनके लिए प्रमाण पत्र बनवाए गए. वारिसों की जानकारी और वंशवृक्ष तैयार किए गए. सभी दस्तावेज पूरे होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस विशेष अभियान के परिणाम बेहद उत्साहजनक रहे. अब तक 8,241 मामलों में फौती नामांतरण पूरा कर दिया गया है. इसका मतलब है कि हजारों परिवारों की जमीन के सरकारी रिकॉर्ड अब सही हो गए हैं. केवल 410 मामले ही शेष हैं, जिन पर कार्य जारी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह अभियान बस्तर जिले की सभी प्रमुख तहसीलों में चलाया गया. इनमें तोकापाल, करपावंड, बस्तर, बास्तानार, बकावंड, भानपुरी, नानगुर, जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा और दरभा शामिल हैं.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;सबसे अधिक प्रगति बकावंड, करपावंड, नानगुर और बास्तानार जैसे क्षेत्रों में देखने को मिली, जबकि जगदलपुर और लोहंडीगुड़ा में लगभग सभी पात्र मामलों का निराकरण कर दिया गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है. बस्तर में चलाया गया यह विशेष फौती नामांतरण अभियान इसी सोच का परिणाम है. जिन परिवारों के सदस्य अब इस दुनिया में नहीं हैं, उनके वारिसों को उनके अधिकार समय पर मिलें, यह हमारी प्राथमिकता है. हजारों परिवारों के जमीन संबंधी रिकॉर्ड अपडेट होने से उन्हें भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा. यह अभियान सुशासन, संवेदनशील प्रशासन और जनसेवा का एक अच्छा उदाहरण है, जिसमें प्रशासन स्वयं लोगों के घर तक पहुंचकर उनकी समस्या का समाधान कर रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर जिले की सभी तहसीलों में इस अभियान को अच्छी सफलता मिली. तोकापाल में 1,454, करपावंड में 504, बस्तर में 1,019, बास्तानार में 337 और बकावंड में 1,142 मामलों का निराकरण किया गया. वहीं भानपुरी में 959, नानगुर में 518, जगदलपुर में 1,057, लोहंडीगुड़ा में 799 और दरभा में 452 परिवारों के जमीन संबंधी रिकॉर्ड अपडेट किए गए. सबसे अच्छी प्रगति जगदलपुर, लोहंडीगुड़ा और बकावंड क्षेत्रों में देखने को मिली.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;इस अभियान की खास बात यह रही कि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े. प्रशासन खुद गांवों तक पहुंचा, रिकॉर्ड खंगाले, दस्तावेज तैयार कराए और पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया. तहसीलदार और नायब तहसीलदार स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग की गई, जिससे कार्य में तेजी आई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बस्तर कलेक्टर ने कहा कि जिले के कई दूरस्थ और पूर्व में नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जमीन संबंधी कार्यों के लिए लंबे समय तक सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे. कई परिवारों को केवल इसलिए परेशानी होती थी क्योंकि जमीन के रिकॉर्ड में मृत व्यक्ति का नाम दर्ज था. विशेष अभियान चलाकर प्रशासन ने स्वयं गांवों तक पहुंचकर इस समस्या का समाधान किया. अब हजारों परिवारों के जमीन संबंधी रिकॉर्ड सही हो गए हैं, जिससे उन्हें अपने अधिकार प्राप्त करने, बैंकिंग सुविधाओं का लाभ लेने और शासकीय योजनाओं से जुड़ने में आसानी होगी. इससे न केवल लोगों का प्रशासन पर विश्वास मजबूत होगा, बल्कि जमीन संबंधी विवादों में भी कमी आएगी और ग्रामीणों का जीवन अधिक सरल बनेगा.&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/20/3438e85282d006a24faa12d8cfc70e401781962454443694_original.jpg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[Koriya News: फॉर्च्यूनर में जिंदा जले BJP नेता भरत सिंह गहरवार, दरवाजे लॉक कर उतारा मौत के घाट]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/koriya-bjp-leader-bharat-singh-gaharwar-burned-fortuner-doorslocked-fire-set-ann-3147189</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/koriya-bjp-leader-bharat-singh-gaharwar-burned-fortuner-doorslocked-fire-set-ann-3147189#respond</comments><pubDate>Thu, 18 Jun 2026 16:02:44 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/koriya-bjp-leader-bharat-singh-gaharwar-burned-fortuner-doorslocked-fire-set-ann-3147189</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सोनहत क्षेत्र के कटगोड़ी गांव में एक फॉर्च्यूनर वाहन को आग के हवाले किए जाने की सनसनीखेज घटना सामने आई है. इस घटना में बीजेपी नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका इलाज अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में चल रहा है.&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;30 आरोपियों ने गाड़ी के दरवाजे जामकर लगाई आग&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;बताया जा रहा है कि 30 आरोपियों ने पहले टिपर से फॉर्च्यूनर को टक्कर मारकर उसके दरवाजे जाम कर दिए, फिर वाहन में आग लगा दी. मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है. फॉर्च्यूनर में सवार बीजेपी नेता भरत सिंह गहरवार उर्फ लल्ला सिंह की जलकर मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हैं और उनका उपचार अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में जारी है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;घटना मंगलवार (16 जून) रात 11 बजे की है, जैसे ही दो वाहनों में भरत सिंह अपने साथियों के साथ नवगई गांव के अंदर पहुंचे आरोपियों ने पहले वाहन के दरवाजे जाम कर दिए, जिससे अंदर बैठे लोग बाहर नहीं निकल सके. इसके बाद वाहन पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगा दी गई. बताया जा रहा है कि जो लोग शीशा तोड़कर बाहर निकलने का प्रयास कर रहे थे, उनके साथ भी मारपीट की गई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी, घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर बढ़ा भार, 1 जुलाई से ये होंगी नई दरें&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-electricity-rate-hike-domestic-commercial-farmers-pump-per-unit-bill-increase-from-july-1-3145838&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी, घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर बढ़ा भार, 1 जुलाई से ये होंगी नई दरें&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;h3 style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;मामले पर कांग्रेस के आरोपों को स्वास्थय मंत्री ने बताया बेबुनियाद&lt;/h3&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा रेंज के आईजी रात में ही मौके पर पहुंचे. पुलिस ने इस जघन्य हत्याकांड में अब तक चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है. 40 से 60 प्रतिशत तक झुलसे घायलों को पहले बैकुंठपुर जिला अस्पताल और बाद में अंबिकापुर रेफर किया गया, जहां उनका उपचार जारी है. फोरेंसिक की टीम अम्बिकापुर से पहुंची है, पुलिस के साथ मामले की जांच में जुटी हुई.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;वहीं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि पूरे मामले की जांच पुलिस कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. कांग्रेस के सवालों पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस बेबुनियाद आरोप लगा रही है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;&lt;span style=&quot;color: #e03e2d;&quot;&gt;&lt;a style=&quot;color: #e03e2d;&quot; title=&quot;अयोध्या राम मंदिर दान राशि मामले में SIT जांच शुरू, VHP अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान बोले- 'सच सामने आएगा'&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/vhp-alok-kumar-reaction-on-ayodhya-ram-mandir-donation-amount-controversy-sit-investigation-3145243&quot; target=&quot;_self&quot;&gt;अयोध्या राम मंदिर दान राशि मामले में SIT जांच शुरू, VHP अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान बोले- 'सच सामने आएगा'&lt;/a&gt;&lt;/span&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/18/4ffff2f95bf5e6941a6be9c1e9bc3c1d17817785078561301_original.jpeg" width="220"/></item><item><title><![CDATA[छत्तीसगढ़ में बिजली हुई महंगी, घरेलू और कमर्शियल उपभोक्ताओं पर बढ़ा भार, 1 जुलाई से ये होंगी नई दरें]]></title><link>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-electricity-rate-hike-domestic-commercial-farmers-pump-per-unit-bill-increase-from-july-1-3145838</link><comments>https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-electricity-rate-hike-domestic-commercial-farmers-pump-per-unit-bill-increase-from-july-1-3145838#respond</comments><pubDate>Tue, 16 Jun 2026 08:29:38 +0530 </pubDate><dc:creator><![CDATA[ विनीत पाठक ]]></dc:creator><category><![CDATA[ छत्तीसगढ़ ]]></category><guid isPermaLink="true">https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-electricity-rate-hike-domestic-commercial-farmers-pump-per-unit-bill-increase-from-july-1-3145838</guid><description><![CDATA[&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;छत्तीसगढ़ के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर है. अब राज्य में बिजली का इस्तेमाल करने वाले सभी उपभोक्ताओं की जेब पर बड़ा असर पड़ने वाला है. दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (CSERC) ने बिजली की नई दरें जारी की हैं जिसके तहत घरेलू उपभोक्ताओं पर भार बढ़ने वाला है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;CSERC द्वारा जारी नई दरों के तहत घरेलू बिजली दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक बढ़ोतरी की गई है. वहीं, &amp;nbsp;कमर्शियल बिजली 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट महंगी होने वाली है. इसके अलावा, कृषि पंपों की बिजली दर में 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;बिजली की नई दरें 1 जुलाई से होंगी लागू&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दूसरी ओर, गैर-सब्सिडी कृषि पंपों को बड़ी राहत मिली है. विद्युत नियामक आयोग ने ऊर्जा प्रभार पर छूट 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी कर दी है. बिजली की ये नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;अस्पतालों और आदिवासी इलाकों में मिलेगी रियायत&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;दरअसल, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सोमवार (15 जून) को राज्य में सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में औसतन 6.23 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है. साथ ही, महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों, अस्पतालों और आदिवासी इलाकों के लिए कई रियायतें बरकरार रखी गई हैं.&amp;nbsp;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;आयोग ने कहा कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों, बस्तर और दक्षिण क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण तथा सरगुजा एवं उत्तर क्षेत्र विकास प्राधिकरण में संचालित अस्पताल, नर्सिंग होम तथा डायग्नोस्टिक सेंटर के लिए प्रचलित विद्युत दरों के ऊर्जा प्रभार में दी जा रही 10 प्रतिशत की छूट को जारी रखा गया है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;24 प्रतिशत बढ़ोतरी की थी मांग&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;यह बढ़ोतरी राज्य की बिजली वितरण कंपनी द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मांगी गई 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी की तुलना में काफी कम है. आयोग ने कहा कि संशोधित दरों को मंजूरी वित्तीय वर्ष के लिए अनुमानित राजस्व की जरूरत को पूरा करने के लिए दी गई है. साल 2026-27 के लिए वितरण कंपनी ने 8.40 रुपये प्रति यूनिट औसत विद्युत प्रदाय दर का प्रस्ताव प्रस्तुत किया था. विश्लेषण के बाद आयोग ने औसत विद्युत प्रदाय दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट स्वीकृत की है.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;a title=&quot;साल 2026&quot; href=&quot;https://www.abplive.com/topic/new-year-2026&quot; data-type=&quot;interlinkingkeywords&quot;&gt;साल 2026&lt;/a&gt;-27 के लिए वर्तमान शुल्क (टैरिफ) के आधार पर औसत बिलिंग दर 6.71 रुपये प्रति यूनिट अनुमानित की है, जो कि औसत लागत दर 7.13 रुपये प्रति यूनिट से 42 पैसे कम है. घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरों में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी की गई है, जिससे राज्य के लगभग 60 लाख उपभोक्ता प्रभावित होंगे.&lt;/p&gt;
&lt;p style=&quot;text-align: justify;&quot;&gt;&lt;strong&gt;यह भी पढ़ें: &lt;a href=&quot;https://www.abplive.com/states/chhattisgarh/chhattisgarh-school-prayer-order-controversy-congress-attack-on-bjp-ann-3145052&quot;&gt;Chhattisgarh News: शिक्षा विभाग के आदेश से बवाल, कांग्रेस बोली- स्कूलों में चलाया जा रहा RSS का एजेंडा&lt;/a&gt;&lt;/strong&gt;&lt;/p&gt;]]></description><slash:comments>0</slash:comments><media:thumbnail url="https://feeds.abplive.com/onecms/images/uploaded-images/2026/06/16/703e14385bdaf73724c4d20b41bc95721781578648744584_original.jpg" width="220"/></item></channel></rss>