इलाहाबाद: पूर्वांचल के बाहुबली नेता और पूर्व सांसद धनंजय सिंह को आज बड़ा झटका लगा है. केंद्र सरकार ने धनंजय सिंह को मुहैया कराई गई सीआईएसएफ के ब्लैक कैट कमांडो वाली वाई कैटेगरी की सुरक्षा वापस ले ली है. इतना ही नहीं यूपी सरकार ने भी धनंजय सिंह को तमाम मामलों में मिली जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू कराने का एलान किया है.

धनंजय सिंह को तीन गनर और तीन शैडो समेत ग्यारह सुरक्षाकर्मी मिले थे केंद्र और यूपी सरकार ने इस बारे में आज इलाहाबाद हाईकोर्ट में हलफनामा भी दाखिल कर दिया है. धनंजय सिंह को केंद्र सरकार ने सीआईएसएफ के तीन गनर और तीन शैडो समेत ग्यारह सुरक्षाकर्मी मुहैया कराए थे. हाईकोर्ट के सख्त रुख के चलते धनंजय सिंह का एक बार फिर जेल जाना तकरीबन तय हो गया है. धनंजय सिंह के खिलाफ 31 आपराधिक मुक़दमे दर्ज हैं और उनकी हिस्ट्रीशीट भी खुली हुई है. हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीबी भोंसले और जस्टिस सुनीत कुमार की डिवीजन बेंच में हुई.

प्रह्लाद गुप्ता ने पीआईएल दाखिल कर उठाए थे सवाल बता दें कि जौनपुर के सामाजिक कार्यकर्ता प्रह्लाद गुप्ता ने पिछले दिनों इलाहाबाद हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल कर पूर्व बाहुबली सांसद धनंजय सिंह को मिली वाई कैटेगरी की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए उसे ख़त्म किए जाने की अपील की थी. अदालत में कहा गया था कि धनंजय सिंह आपराधिक छवि के बाहुबली नेता हैं. उनके खिलाफ इकतीस आपराधिक मुक़दमे दर्ज हैं. केंद्र सरकार से सुरक्षा मिलने के बाद भी उनके खिलाफ चार मामले दर्ज हुए हैं. इस अर्जी पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने केंद्र और यूपी सरकार को नोटिस जारी कर उससे अपना जवाब दाखिल करने को कहा था.

वापस ले ली गई सुरक्षा अदालत ने पूछा था कि अपराधी किस्म के नेता को सरकारी सुरक्षा वह भी बिना किसी फीस के क्यों मुहैया कराई गई है.हाईकोर्ट के सख्त रुख को देखकर केंद्र सरकार ने आज हलफनामा पेश कर बताया कि धनंजय सिंह की सुरक्षा चौबीस मई की रात को वापस ले ली गई और आज सुबह सभी सुरक्षाकर्मियों को वापस बुला लिया गया है. यूपी सरकार ने भी बताया कि वह धनंजय सिंह के उन मामलों में जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू करेगी, जिसमे उन्हें बेल मिली हुई है. अदालत ने इन हलफनामों को देखने के बाद याचिका निस्तारित कर दी है.