पटना: बिहार में राजनीतिक दलों के बीच छिड़ी पोस्टर वॉर थमने का नाम नहीं ले रही. राज्य में अगले साल यानि 2020 में चुनाव होना है लेकिन उससे पहले ही सियासी दलों ने एक-दूसरे पर हमला बोलना शुरू कर दिया है. इसी कड़ी में आरजेडी ने क़ानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कविता लिखी है. नए पोस्टर में 36 लाइन हैं जिसमें आरजेडी ने हत्या,चमकी बुखार,अपहरण,सृजन घोटाला जैसे मुद्दों का ज़िक्र करके नीतीश सरकार पर हमला बोला है.
इससे पहले जेडीयू ने कुछ दिन पहले ही पार्टी कार्यालय के पोस्टर ज़ारी किया जिसपर लिखा था, 'क्यों करें विचार, ठीके तो हैं नीतिश कुमार.' जिसके बाद आरजेडी ने बिहार का मैप अपने अन्दाज़ में एक़ पोस्टर पर बनाया और लूट,हत्या सभी का ज़िक्र किया.
जेडीयू ने बदला नारा
हालांकि जेडीयू अपने नारे में थोड़ा बदलाव भी किया है. जेडीयू ने अब कहा है, ''क्यों करें विचार, जब हैं ही नीतीश कुमार.'' पुराने नारे में से जेडीयू ने ठीके शब्द को हटाया है क्योंकि विपक्ष इसके जरिए जेडीयू पर निशाना साध रहा था. विपक्ष ने तंज कसते हुए ये कहा गया कि नीतीश कुमार जनता के लिए अच्छे नहीं है बस ठीक ठाक है.बिहारी अन्दाज़ में ठीके तो है मतलब कामचलाऊ समझा जाता है.
दोनों पार्टियों ने दी प्रतिक्रिया
आरजेडी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि नीतीश कुमार ने बिहार की जनता को लूटने का काम किया है.पोस्टर की शुरुआत आरजेडी ने नहीं की बल्कि नीतीश कुमार की पार्टी ने ही की, आरजेडी ने बस जवाब दिया है. वहीं JDU की तरफ़ संजय सिंह ने तेजस्वी यादव पर हमला बोलता हुआ कहा कि ट्विटर बबुआ अब पोस्टर बॉय हो गए हैं. उन्होंने कहा, ''जंगलराज में क्या हुआ और क्या गया जनता के साथ ये भूल गए हैं.चमकी बुखार के वक़्त ख़ुद बिहार से ग़ायब रहे और अब पोस्टर ज़ारी कर रहें हैं.''