लखनऊ: चुनावी माहौल में बाहुबली नेता अतीक अहमद अब बरेली से प्रयागराज जेल आ गए हैं. अपराधियों को ठोंकने का दावा करने वाली योगी सरकार के इस फैसले से सब हैरान हैं. खबर है कि अतीक अहमद फूलपुर से निर्दलीय चुनाव लड सकते हैं. ऐसा होने पर बीजेपी को फ़ायदा मिल सकता है.
चुनाव में सब जायज़ है. बस जीत ही एक मात्र लक्ष्य है. बस इसी फ़ार्मूले में अतीक अहमद अपने घर वाले जेल में पहुँच गए. यूपी का ये बाहुबली नेता आज बरेली से प्रयागराज के नैनी जेल आ गया. आप सोच रहे होंगे कि योगी सरकार अचानक उन पर इतनी मेहरबान कैसे हो गई ?
राज्य के सीएम योगी आदित्यनाथ फूलपुर में बीजेपी की जीत पक्की करना चाहते हैं. आख़िर बीजेपी की जीत का अतीक अहमद से क्या लेना देना? हम आपको बताते हैं. फूलपुर से बीजेपी की किशोरी पटेल चुनाव लड़ रही है. समाजवादी पार्टी ने आज ही यहाँ से पंधारी यादव को टिकट देने का एलान किया है.
अब अगर अतीक अहमद यहाँ से चुनाव लड़ लेते हैं. तो मुस्लिम वोटों के बँटवारे से बीजेपी का काम आसान हो सकता है.
लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में इस बार बीएसपी और समाजवादी पार्टी का गठबंधन है. प्रयागराज की फूलपुर सीट पर चार बिरादरी का दबदबा है. पटेल, यादव, मुस्लिम और ठाकुर जाति के वोटर ही जीत हार तय करते हैं. बीजेपी यहां सिर्फ़ एक बार 2014 में चुनाव जीतने में कामयाब हो पाई.
यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के सीट छोड़ने के बाद पिछले बरस यहां उपचुनाव हुआ. बीएसपी के समर्थन से समाजवादी पार्टी ने बीजेपी के हरा दिया. अतीक अहमद निर्दलीय चुनाव लड़े और क़रीब पचास हज़ार वोट उन्हें मिले. 2004 से 2009 तक वे फूलपुर से लोकसभा के सांसद रह चुके हैं. उन दिनों वे समाजवादी पार्टी में थे.
अब अगर वे नैनी जेल में रह कर चुनाव लड़ते हैं. तो इससे फ़ायदा बीजेपी को ही होगा. बरेली जेल में रहने पर अतीत अहमद अपने लोगों से आसानी से नहीं मिल पाते. पिछले ही साल उन्हें देवरिया से बरेली जेल भेजा गया था. जेल में रहते हुए उन पर लखनऊ के एक व्यापारी को पीटने का आरोप है. पाँच बार के विधायक रहे अतीक अहमद पर बीएसपी विधायक राजू पाल की हत्या का आरोप है.