कानपुर: कानपुर में पिछले तीन दिनों से हो रही आफत की बारिश जानलेवा साबित हो रही है. शहर की सड़के तालाब बन गई हैं और रोड का पानी घरों के अन्दर तक घुस गया है. बीते सोमवार रात कमरे सो रहे बुजुर्ग के कमरे में बारिश का पानी घुस गया और बुजुर्ग की पानी में डूब कर मौत हो गई. जब परिजनों ने सुबह उठकर देखा तो उनका शव पानी में तैरता हुआ मिला. यह घटना देख कर सभी हैरान रह गए, परिजन बुजुर्ग को लेकर हैलट अस्पताल पहुंचे जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

बजरिया थाना क्षेत्र में रहने वाले हरिश्चंद्र (59) के परिवार में पत्नी दो बेटिया और एक बेटा है. बीते तीन दिनों से हो रही बारिश की वजह से उनके घर के बहार से निकलने वाली सड़क में भीषण जल भराव हो गया था. लेकिन सोमवार देर रात हुई बारिश का पानी उनके कमरे में जा घुसा. दरअसल पूरा परिवार मकान की दूसरी मंजिल पर सो रहा था और हरिश्चंद्र अकेले ही कमरे में सो रहे रहे थे.

मृतक की बेटी शीलू ने बताया कि पापा की तबियत कई दिनों से ख़राब थी. वो कमरे में नीचे सो रहे थे, जब हम लोग सुबह सोकर उठे तो देखा कमरे में पानी भरा हुआ था और पापा उसी पानी में पड़े हुए थे. उनकी पानी में डूबने से मौत हुई है. हो सकता है वो अंधेरे में उठे हों पानी में गिर गए हों.

मृतक के भाई राजेश का कहना है कि कमरे बरसात का पानी भरने से भाई की मौत हुई है. जब देखा कि पानी में शव तैर रहा है तो इसकी सूचना पुलिस को दी. मौके पर पहुंची पुलिस ने उनको निकाल कर हैलट अस्पताल ले गई जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. इसके बाद उनके शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था. उन्होंने कहा इसमें नगर निगम की लापरवाही है, जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र में पानी भर गया. हम लोग 50 साल से ज्यादा समय से यहां पर रह रहे हैं. कभी भी बरसात का पानी इस क्षेत्र में नहीं भरा है और पानी भरने की वजह से मेरे भाई की मौत हो गई.

स्थानीय निवासी प्रमोद पाण्डेय ने बताया कि इस क्षेत्र का बरसात का पानी सीसमाऊ नाले से होते हुए गंगा में जाता था. लेकिन उसकी टेपिंग कर दी गई है और बहुत ही छोटा से नाले का मुंह खोला गया है. जिसकी वजह से नाले का पानी ओवर फ्लो हो गया, जिसकी वजह से पूरे क्षेत्र में पानी भर गया. नमामि गंगे प्रोजेक्ट को सरकार की योजना है इसे सही ढंग से लागू किया जाना चाहिए ताकि किसी की जान तो ना जाए.