इलाहाबाद: दशहरे के मौके पर संगम नगरी इलाहाबादय/प्रयागराज में भी जगह-जगह रावण के पुतले जलाए जा रहे हैं. शहर के मीरापुर इलाके में पजावा रामलीला कमेटी की तरफ से पैंतीस फिट ऊंचे रावण के पुतले को जलाया गया.

शाम करीब साढ़े सात बजे भगवान राम अपने अनुज लक्षमण और पवन पुत्र हनुमान के साथ रामलीला मैदान पहुंचे और यहाँ यमुना किनारे खड़े रावण के पुतले को तीर मारकर उसे जला दिया. पुतला दहन से पहले राम और रावण के बीच प्रतीकात्मक तौर पर युद्ध भी हुआ.

इस मौके पर हज़ारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे. श्रद्धालुओं ने इस दौरान भगवान राम के जयकारे भी लगाए. रावण का वध करने के लिए भगवान राम की सवारी शाही रथ पर आई. रास्ते भर लोगों ने उन पर फूल बरसाए और जगह- जगह आरती की गई.

मीरपुर के अलावा शहर और ग्रामीण इलाकों में दर्जनों जगहों पर रावण के पुतले जलाए जा रहे हैं. हालांकि यहां की कटरा रामलीला कमेटी द्वारा दशहरे पर भी रावण का पुतला नहीं जलाया और कमेटी द्वारा भगवान राम के बजाय लंकापति रावण की पूजा की जाती है.

रावण दहन के बाद इलाहाबाद/प्रयागराज में भव्य रामदल निकाले जाते हैं, जिसमे हाथी- घोड़े, ऊँट और दर्जनों बैंड पार्टियों के साथ तमाम झांकियां भी शामिल होती हैं.