बांदा: बांदा के काजिटोला गांव में मनरेगा की खुदाई के तहत मजदूरों को कच्चे बर्तन और धातु के सिक्के मिले हैं. सिक्कों की संख्या करीब 111 बताई जा रही है. यह मामला तब खुला जब सिक्कों के बंटवारे को लेकर मजदूरों के बीच विवाद हो गया. सूचना मिलने पर पुलिस ने सिक्के पाने वाले मजदूर रामभवन, हीरालाल और उसकी मां चन्द्रकली से पुरे सक्के अपने कब्जे में ले लिए.

ऐसा कहा जा रहा है कि ये सिक्के अष्टधातु या सोने के साथ बेसकीमती धातु के बने हो सकते हैं. सिक्के मिलने से आस-पास के इलाके में खजाने होने के खबर को भी हवा मिल गई है.

मामला बांदा जिले के मर्का थाने क्षेत्र के काजीटोला गांव के कबीरपुर मजरे का है, जहां बीते दिन गड़रा नदी किनारे बंधी निर्माण के लिए मनरेगा के तहत खुदाई चल रही थी. वहां एक टीले की खुदाई के समय मिट्टी के घड़े में मुगलकालीन अष्टधातु या सोने के सिक्के मिलने की चर्चा थी.

मामले को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों ने ग्राम प्रधान व अन्य ग्रामीणों के सामने पुलिस को सिक्कों की गिनती कराने के निर्देश दिए. दो दर्जन ग्रामीणों के सामने सिक्कों की गिनती कराई गई तो पूरे 111 सिक्के पाए गए. इस सबंध में चौकी इंचार्ज का कहना है कि यह सिक्के मुगलकालीन लगते हैं. जिनको घिसकर देखने में तांबे जैसे प्रतीत हो रहे हैं. जिला प्रशासन जल्द ही इन सिक्कों की पहचान करवाकर पुरातत्व विभाग को भेजने की तैयारी में है.